Sun, Sep 25, 2016 at 5:54 PM
सुभाष कैटी की पहल से आगे आये लोग
लुधियाना: 25 सितम्बर 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
बहुत बरस पहले एक फिल्म आई थी अँधा क़ानून। शायद 1983 में। वास्तव में यह वर्ष 1981 में बनी एक तमिल फिल्म Sattam Oru Iruttarai का हिंदी रूपांतरण था। हिंदी रूप में मुख्य कलाकार थे रजनीकांत, अमिताभ बच्चन, हेमामालिनी डैनी डेंजोगप्पा, अमरीश पूरी, मदन पूरी, प्रेम चोपड़ा, पॉर्न, धर्मेंद्र, माधवी, गौतमी, असरानी और ओम शिवपुरी। फिल्म की कहानी कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली को तर्कपूर्ण ढंग से प्रस्तुत करते हुए एकआईना दिखाती है पर जल्द ही लोकप्रिय होने के बावजूद भूल जाती है। दाल रोटी के साज़िशी चक्कर में उलझाया गया आम आदमी अपनी उलझनों में उलझ जाता है। सिस्टम कुछ सबक नहीं सीखता। न्याय दिन-ब-दिन असर रसूख और पैसे वालों का गुलाम होता चला गया। उस आईने को दोबारा उठाया है लुधियाना के एक संघर्षशील व्यक्ति सुभाष कैटी ने। उन्होंने न्याय का श्राद्ध आयोजित किया।
एक प्रेस विज्ञप्ति में उन्हीने बताया कि आज लुधियाना में लुधियाना सोसाइटी फॉर फ़ास्ट जस्टिस के अध्यक्ष सुभाष कैटी ने अपने घर में न्याय का श्राद्ध किया। जिसमे उनके घर में कई व्यक्ति न्याय के श्राद्ध में आये। जिसमे अमनदीप सिंह बाज़, बरनाला से नरिंदर कुमार बिटटा, रविंदर कुमार, शेर के अध्यक्ष, मुकेश ठाकुर, अरुण क्रांतिवीर, राजेश कुमार क्रांतिवीर, डार्क साइड ऑफ़ इंडियन जुडिशरी के हरमीत सिंह टिंकू व् अन्य जिले से कई लोगो ने श्राद्ध कर्म में हिस्सा लिया। वहाँ भोजन ग्रहण किया। उसके बाद सभी सदस्यों ने वर्धमान मिल के पास फुटपाथ पर बिना ट्रैफिक को रोकते हुए शांतमय ढंग से न्याय का श्राद्ध का मनाया। जिसमें पब्लिक को न्याय व्यवस्था में सुधार के बारे में जागरूक किया गया। बिस्कुट बांटे गए। लोगो में आज इस नए किस्म के श्राद्ध को देखकर लोगो में बड़ा उत्साह देखा गया। उनमे कई लोगो ने सहमति भी जाहिर की। इस अवसर पर याद आती है जाने माने पंजाबी शायर सुरजीत पात्र की पंक्तियाँ:
इस अदालत 'च बन्दे बिरख हो गए,
फैसले सुणदियां सुणदियां सुक्क गए।
आखो इहनां नूं उजड़े घरीं जाण हुण;
एह कदों ठीक एथे खड़े रहिणगे।
इस श्राद्ध का आयोजन उस समय किया गया है जब काफी समय गुज़र जाने के बावजूद अभी तक नामधारी गुरु माता चन्द कौर, आर एस एस नेता जगदीश गगनेजा जैसे प्रमुख शख्सियतों के हत्यारों का कुछ पता नहीं चल स्का। श्री गुरु ग्रन्थ साहिब की बेअदबी के ज़िम्मेदारों का भी पता नहीं लगाया जा सका। आम लोगों का इस सिस्टम में क्या हाल होगा-यह श्राद्ध इस बात की खबर देता है। आप इस आंदोलन से जुड़ना चाहें तो इस सब की मुख्य प्रेरणा स्रोत सोनिका क्रांतिवीर से मुम्बई में सीधे भी सम्पर्क कर सकते हैं+91 99209 13965 और पंजाब में सुभाष कैटी का नम्बर है-+91 98729 09200
