Showing posts with label SMS. Show all posts
Showing posts with label SMS. Show all posts

Tuesday, September 10, 2013

आकाशवाणी निःशुल्‍क एसएमएस सेवा शुरु

09-सितम्बर-2013 20:01 IST
सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने दिखाया एक और कमाल 
भारत निर्माण वेब पोर्टल का भी किया शुभारम्भ 
सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री मनीष तिवारी ने आज भारत निर्माण अभियान की ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत की। इस ऑनलाइन पोर्टल द्वारा भारत निर्माण अभियान की विभिन्‍न परियोजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी डिजिटल प्‍लेटफॉर्म पर उपलब्‍ध होगी। यह डिजिटल प्‍लेटफॉर्म अंग्रेजी, हिन्‍दी और 11 क्षेत्रीय भाषाओं में प्रदान की जाएगी। इस सुविधा के शुरू हो जाने से उपयोगकर्ता को सभी जानकारियां एक ही स्‍थान पर उपलब्‍ध होंगी। इसके जरिये फेसबुक, ट्विटर और यू-ट्यूब को भी जोड़ गया है। इसके अलावा मोबाइल फोनों और टैब्‍लेट के लिये भी पोर्टल से संबंधित एप्‍लीकेशन्‍स दिये गए हैं।

     समग्र मल्‍टी मीडिया अभियान 2013 के दूसरे चरण की शुरुआत सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 14 अगस्‍त, 2013 को की थी। इस मल्‍टी मीडिया अभियान को आठ जन सूचना अभियानों के जरिये मजबूत मीडिया तंत्र का समर्थन प्राप्‍त है। ग्रामीण इलाकों में यह काम पत्र सूचना कार्यालय कर रहा है, जिसे डीएवीपी, डीएफपी और गीत एवं नाटक डीविजन का समर्थन प्राप्‍त है। अब तक चार जन सूचना अभियानों को ‘जमुनिया’ ध्‍वनि एवं प्रकाश शो का समर्थन प्राप्‍त है।

     मंत्री महोदय ने आज ही आकाशवाणी का ‘आकाशवाणी समाचार निःशुल्‍क एसएमएस सेवा’ की भी शुरुआत की। उपभोक्‍ताओं को मोबाइल टेलीफोन पर आकाशवाणी समाचार निशुल्‍क एसएमएस द्वारा प्रदान की जाएगी। जो लोग इस सेवा को प्राप्‍त करना चाहते हैं, वे 08082080820 पर ‘AIRNEWS their name’ एसएमएस कर सकते हैं। वे चाहें तो इसी नंबर पर मिस-कॉल भी दे सकते हैं। अब तक दो लाख लोग इस सेवा से जुड़ चुके हैं।

भारत निर्माण अभियान के तथ्‍य एवं आंकड़े
मीडिया
श्रेणी
प्रथम चरण
द्वितीय चरण(अद्यतन)


(विज्ञापन/स्‍पॉट की संख्‍या)
टेलीविजन
केबल व उपग्रह चैनल
31,042
34,789

दूरदर्शन
1570
2090

योग
32,612
36,879
रेडियो
आकाशवाणी

12,600 (92 स्‍टेशनों पर)

निजी एफएम

94,932 ( 216 स्‍टेशनों पर)

योग

1,07,532 (1.07 लाख)
सामुदायिक रेडियो


6,048स्‍पॉट(36स्‍टेशनों पर)
डिजिटल सिनेमा
स्‍क्रीन
11,200 प्रतिदिन,2.24 लाख पूर्ण अवधि के दौरान(1400 अनुबंधि‍त स्‍क्रीनों पर)
27,324प्रतिदिन,6.46 लाखपूर्ण अवधि के दौरान (6,831अनुबंधि‍त स्‍क्रीनों पर)
प्रिंट
एडवर्टोरियल्‍स
5 X 750 = 3750


स्‍ट्रीप विज्ञापन
12 X 750 = 9000


योग
12,750 (लगभग750 समाचार पत्रों में)
15,120 (लगभग 700समाचार पत्रों में)
बाहरी प्रसार
प्रदर्शित स्‍थलों की संख्‍या
3,550
4,225
अगस्‍त और सितंबर, 2013 में किए गये जन सूचना अभियानों का ब्‍योरा इस प्रकार है:-

·        झाबुआ, मध्‍यप्रदेश (11-13 अगस्‍त, 2013)
·        मारवाड़, पाली, राजस्‍थान (17-19 अगस्‍त, 2013)
·        साहिया, मिजोरम (21-23 अगस्‍त, 2013)
·        धारियाबाद, प्रतापगढ़, राजस्‍‍थान (24-26 अगस्‍त, 2013) (जमुनिया 24 अगस्‍त से 27 अगस्‍त, 2013 तक)
·        बैतूल, मध्‍यप्रदेश (25-27 अगस्‍त, 2013) (जमुनिया 24 अगस्‍त से 28 अगस्‍त, 2013 तक)
·        छिंदवाड़ा, मध्‍यप्रदेश (पांच से सात सितंबर, 2013) (जमुनिया आठ सितंबर से 11 सितंबर, 2013 तक)
·        गरियाबंद, छत्‍तीसगढ़ (छह-आठ सितंबर, 2013)
·        बाओली, सवाई माधोपुर, राजस्‍थान (सात-नौ सितंबर, 2013) (जमुनिया तीन सितंबर से सात सितंबर, 2013 तक)

****
वि कासोटिया/अरुण/अंबुज-6086

Saturday, February 04, 2012

अब रेल आरक्षण हुआ और आसान

आईआरसीटीसी द्वारा भेजे गए एसएमएस को समझा जाएगा 
इलैक्‍ट्रोनिक आरक्षण पर्ची के समान 
रेल टिकट आरक्षण प्रणाली को यात्रियों के लिए और अनुकूल बनाने के वास्‍ते रेल मंत्रालय ने शार्ट मेसेजिंग सेवा (एसएमएस) को अनुमति देने का निर्णय लिया है। यह एसएमएस रेल मंत्रालय के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम इंडियन रेलवे कैटरिंग तथा टूरिज़म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) द्वारा भेजा जाएगा जो कि इलैक्‍ट्रोनिक आरक्षण पर्ची के समान होगा। यह सेवा 1 फरवरी, 2012 से प्रभावी हो गई है। 
अधिकृत एसएमएस की मुख्‍य विशेषताएं इस प्रकार है: 
क) एसएमएस, आईआरसीटीसी/रेलवे द्वारा भेजा जाएगा। ख) एसएमएस में पीएनआर, ट्रेन नंबर, यात्रा की तिथि, श्रेणी, नाम और यात्रियों की संख्‍या, कोच तथा सीट नंबर तथा किराए के भुगतान संबंधी महत्‍वपूर्ण जानकारी होगी। ग) यदि मुमकिन हो तो ,एसएमएस में ई-टिकट के जरिए आरक्षित सभी यात्रियों के नाम होंगे अन्‍यथा अधिकतम यात्रियों के नाम होंगे।

इससे पहले वैध पहचान-पत्र (मेल) के साथ लेपटॉप/पॉमटॉप/मोबाईफोन के जरिए दिखाई गई ई-टिकट को वर्च्‍युल मेसेज (वीआरएम) तथा मोबाइल फोन पर आरक्षित टिकटों को मोबाईल रिजर्वेशन मेसेज (एमआरएम) के रूप में इलैक्‍ट्रोनिक आरक्षण पर्ची (ईआरएस) के समान समझने का निर्णय लिया गया था। आईआरटीसी वेबसाईट के जरिए आरक्षित टिकटों के लिए भी ऐसा ही था । अब आईआरसीटीसी द्वारा भेजे गए एसएमएस को भी स्‍वीकार किया जाएगा।

ऊपर दी गई सभी जानकारी सहित अधिकृत एसएमएस को जब लैपटॉप/पॉमटॉप मोबाईफोन तथा पहचान पत्र (मूल) के साथ दिखाया जाएगा तो उसे इलैक्‍ट्रोनिक आरक्षण पर्ची के समान समझा जाएगा। {पी.आई.बी
03-फरवरी-2012 20:13 IST