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Wednesday, November 27, 2013

डिजिटल पुस्‍तकालयों पर अंतर्राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन

27-नवंबर-2013 19:31 IST
‘आईसीडीएल’ का शुभारंभ किया उपराष्‍ट्रपति ने 
उपराष्‍ट्रपति मोहम्‍मद हामिद अंसारी ने कहा है कि इस विषय पर आम सहमति है कि ज्ञान 21वीं सदी में एक प्रमुख प्रबल शक्ति होगा। उन्‍होंने कहा कि मानव क्षमताओं में वृद्धि के लिए देश के नागरिकों को सशक्‍त और समर्थ बनाने में ज्ञान निर्माण और उपयोग की कुशलता सहायक साबित होगी। श्री अंसारी ने कहा कि वैश्विक प्रतिस्‍पर्धा के अलावा राष्‍ट्रों के सामाजिक आर्थिक विकास को गति और स्‍थायित्‍व प्रदान करने में भी ज्ञान की प्रमुख भूमिका होगी। 
ऊर्जा और संसाधन संस्‍थान (टेरी) द्वारा विजन 2020 ‘पूर्व अनुभवों के आधार पर नए लक्ष्‍यों का निर्धारण’ नामक विषय पर डिजिटल पुस्‍तकालयों पर अंतर्राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन (आईसीडीएल) का शुभारंभ करते हुए श्री अंसारी ने कहा कि इन उद्देश्‍यों को समाज के विभिन्‍न तबकों के बीच ज्ञान प्रदान करने और व्‍यापक रूप से प्रसारित करने की आवश्‍यकता है। इस मामले में डिजिटल पुस्‍तकालय एक महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ये पुस्‍तकालय लोगों को अधिक उपयुक्‍त और प्रभावी ढंग से ज्ञान प्रदान करने और ज्ञान बांटने के अलावा उनकी बौद्धिक क्षमता को भी बढ़ाने में उपयोगी साबित होंगे। 

श्री अंसारी ने कहा कि मानव समाज में पुस्‍तकालयों की महत्‍ता को रोमन नागरिक सिसिरोव के इस कथन से बेहतर ढंग से समझा जा सकता है कि ‘एक घर में पुस्‍तकालय का निर्माण उस घर को आत्‍मा प्रदान करना है’। बौद्धिक क्षमता के माध्‍यम से न सिर्फ एक राष्‍ट्र बल्कि मानवता को भी आसानी से समृद्ध बनाया जा सकता है। इतिहास के हर दौर में सभ्‍यताओं ने पुस्‍तकों में निहित जानकारी, पांडुलिपियों और दुर्लभ दस्‍तावेजों को सहेजने के लिए पुस्‍तकालयों का निर्माण किया। आधुनिक युग में पुस्‍तकालय अत्‍यधिक व्‍यापक संस्‍थान बन चुके हैं और पुस्‍तकालयों ने मानव सभ्‍यता के उच्‍चतम मूल्‍यांकन में बेहद महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है। 

उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों के विकास ने दुनिया के हर क्षेत्र में पुस्‍तकालयों की प्रणालियों में भी परिवर्तन किया है। उभरती हुई तकनीकों ने मौजूदा आंकड़ों को उपयोगी डिजि‍टल प्रारूप में परिवर्तित करने की सुविधा भी प्रदान की है। सूचना के निरंतर विकास से डिजिटल पुस्‍तकालय विभिन्‍न डिजिटल प्रारूपों में सूचनाओं को प्रदान करने के प्रमुख माध्‍यम बन चुके हैं। उन्‍होंने कहा कि सभी जानते हैं कि एक डिजिटल पुस्‍तकालय एक कम्‍प्‍यूटरीकृत प्रणाली है, जिसके माध्‍यम से उपयोगकर्ताओं को इलेक्‍ट्रॉनिक प्रारूप में एक संगठित तरीके से और व्‍यापक रूप में सूचनाओं का विस्‍तृत प्रवाह प्राप्‍त करने में मदद मिलती है। श्री अंसारी ने कहा कि इसके माध्‍यम से 24 घंटे सूचनाओं को आसानी से प्राप्‍त भी किया जा सकता है। अपने संबोधन के समापन पर उन्‍होंने सम्‍मेलन की सफलता की कामना करते हुए डॉ. पचौरी को भी धन्‍यवाद दिया। 
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वि‍.कासोटि‍या/एसएस/आरके-7165

Monday, September 16, 2013

'अखिल भारतीय ध्‍वज दिवस'

16-सितम्बर-2013 13:42 IST
राष्‍ट्रीय नेत्रहीन संघ का प्रतिनिधिमंडल उपराष्‍ट्रपति से मिला
राष्‍ट्रीय नेत्रहीन संघ के प्रतिनिधिमंडल ने आज यहां उप राष्ट्रपति श्री एम.हामिद अंसारी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल के साथ मंद दृष्टि वाले कुछ स्‍कूली बच्‍चे भी उप राष्‍ट्रपति से मिलें। श्री अंसारी ने बच्‍चों से बातचीत की और उन्‍हें भावी जीवन में सफलता की शुभकामनाएं दी। 

यह संघ नेत्रहीनों और मंद दृष्टि वाले लोगों के सामने आने वाली समस्‍याओं के प्रति जागरूकता फैलाने और उनके लिए धन संग्रह करने के मकसद से 'अखिल भारतीय ध्‍वज दिवस' मना रहा है। नेत्रहीनों के लिए संघ कई कल्‍याणकारी गतिविधियां कर रहा है। इसका मुख्‍यालय महाराष्‍ट्र के मुंबई में है और देश के 23 राज्‍यों में इसकी शाखाएं हैं। (PIB)
वी.के./वार्इएस/एसकेएल-6212

Thursday, September 12, 2013

उपराष्‍ट्रपति द्धारा पुस्‍तक ‘हिस्‍ट्री एज़ ए साइट ऑफ स्‍ट्रगल’ का विमोचन

11-सितम्बर-2013 16:33 IST
तिरूअनंतपुरम में हुआ प्रो. के.एन.पानिकर की पुस्तक का विमोचन
भारत के उपराष्‍ट्रपति श्री एम. हामिद अंसारी ने आज केरल के तिरूअनंतपुरम में आायेजित एक समारोह में प्रो. के.एन. पानिकर की पुस्‍तक ‘हिस्‍ट्री एज़ ए साइट ऑफ स्‍ट्रगल’ का विमोचन किया। इस अवसर पर उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि प्रो. पानिकर का झुकाव बौद्धिक इतिहास की तरफ रहा है, जिसे उन्‍होंने सामाजिक तथा सांस्‍कृतिक इतिहास के साथ जोड़ने का प्रयास किया है। श्री अंसारी ने कहा कि उन्‍होंने चेतना के रूपांतरण में संस्‍कृति के महत्‍व पर विशेष ध्‍यान दिया है। 

श्री अंसारी ने कहा कि इस पुस्‍तक को लिखने में प्रो. पानिकर को अनेक वर्ष लगे हैं। उन्‍होंने कहा कि 650 से अधिक पृष्‍ठों की इस पुस्‍तक को एक बार में नहीं पढ़ा जाना चाहिए बल्कि इस पुस्‍तक के एक-एक पन्‍ने को और उसके हर एक भाग को ध्‍यानपूर्वक समझा भी जाना चाहिए। (PIB)
वि.कासोटिया/ प्रि.अ./य- 6125

Wednesday, August 14, 2013

सब संकल्‍प करें कि हम एकजुट रहेंगे--एम. हामिद अंसारी

14-अगस्त-2013 15:09 IST
स्‍वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में उप-राष्‍ट्रपति का अभिनन्‍दन संदेश
उप-राष्‍ट्रपति श्री एम. हामिद अंसारी ने 67वें स्‍वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में नागरिकों का अभिनन्‍दन किया है। इस अवसर पर अपने संदेश में उन्‍होंने कहा कि इस मौके पर हम अपनी उपलब्धियों पर खुशी मनाते हैं। हम कृतज्ञता के साथ उन उप‍लब्धियों को सादर याद करते हैं, जो हमारे पूर्वजों ने बेशकीमत आज़ादी पाने में प्राप्‍त की हैं। साथ ही, उन लोगों को भी याद करते हैं, जिन्‍होंने आज़ादी की लड़ाई में और बाद में उसे बनाए रखने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उप-राष्‍ट्रपति के संदेश का पूरा पाठ नीचे दिया जा रहा है :- 
''67वें स्‍वतंत्रता दिवस के खुशगवार मौके पर मैं अपने सभी नागरिकों को शुभकामनाएं देता हूं और उनका अभिनन्‍दन करता हूं। 

इस दिन हम नाज के साथ पिछले स्‍वतंत्रता दिवस के बाद मिली अपनी राष्‍ट्रीय उपलब्धियों पर खुशी मनाते हैं, हम कृतज्ञता के साथ उस योगदान को याद करते हैं, जो हमारे पूर्वजों ने बेशकीमत आज़ादी पाने के लिए संघर्ष करते हुए दिया और उन्‍हें श्रद्धांजलि देते हैं, जिन्‍होंने इसको बरकरार रखने में अपना योगदान किया। 

इस मुबारक मौके पर आईए, हम सब संकल्‍प करें कि हम एकजुट रहेंगे और एक आधुनिक, विकसित और प्रगतिशील राष्‍ट्र निर्माण के लिए काम करेंगे।'' 

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इ. अहमद/शुक्‍ला/शौकत—5609

Saturday, March 02, 2013

श्री के. नटवर सिंह की पुस्‍तक का विमोचन

01-मार्च-2013 19:20 IST
उप-राष्‍ट्रपति द्वारा पुस्‍तक का विमोचन 
'वाकिंग विद लॉयन्‍स: टेल्‍स फ्रॉम ए डिप्‍लोमेटिक पास्‍ट' का विमोचन

उपराष्‍ट्रपति श्री एम. हामिद अंसारी ने आज एक कार्यक्रम में भूतपूर्व केन्‍द्रीय विदेश मंत्री श्री के.नटवर सिंह द्वारा लिखित पुस्‍तक 'वाकिंग विद लॉयन्‍स: टेल्‍स फ्रॉम ए डिप्‍लोमेटिक पास्‍ट' का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्‍होंने कहा कि श्री नटवर सिंह ने अपने सभी अनुभवों को दिलचस्‍प तरीके से लिखा है और मुझे आशा है कि लोग इस पुस्‍तक को पढ़कर आनंद का अनुभव करेंगे। इस पुस्‍तक में लेखक ने अपने 50 प्रसंगों को एक सूत्र में पि‍रोया है। इस संग्रह में अनुभूति और मनोभाव का मनोरंजक वर्णन किया गया है। (PIB)***
वि.कासोटिया/इन्‍द्रपाल/रामकिशन-788

Friday, February 15, 2013

स्‍वर्गीय बी.डी. जत्‍ती की जन्‍मशताब्‍दी मनाई

14-फरवरी-2013 18:13 IST
उपराष्‍ट्रपति ने जारी किए बसावेश्‍वर-वचनों के अनुवादों के 10 भाग 

उपराष्‍ट्रपति मोहम्‍मद हामिद अंसारी ने कहा है कि स्‍वर्गीय बी.डी. जत्‍ती की लोक सेवा के लिए प्रतिबद्धता उनकी गहरी आध्‍यात्मिक अनुभव पर आधारित थी। वे सामाजिक-धार्मिक संगठन बासव समिति के संस्‍थापक अध्‍यक्ष थे। यह संस्‍था 12वीं सदी के संत, दार्शनिक और समाज सुधारक बसावेश्‍वर के दर्शन, जीवन और उपदेशों के प्रचार-प्रसार में अग्रणी रही है। बसावेश्‍वर के ‘वाचनाज’ के अनुवादों के 10 भाग जारी करने के बाद बंगलूरू में इस पर आयोजित कार्यक्रम में उन्‍होंने कहा कि बसावेश्‍वर ने समाज में अन्‍याय और गैर-बराबरी खासकर अमानवीय जाति-व्‍यवस्‍था के खिलाफ कठिन संघर्ष किया। उन्‍होंने समाज में जागरूकता फैलाई और सभी मानव जीवों में बराबरी का उपदेश दिया। उन्‍होंने समाज से छुआछूत को मिटाने के लिए गंभीर प्रयास किए। उनके उपदेश प्रगतिशील सामाजिक विचारों पर आधारित थे। उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि बसावेश्‍वर ने मानवता में एकता, बराबरी, भाईचारा और आपसी लगाव का संदेश दिया जो आज 21वीं सदी में भी आधुनिक और प्रगतिशील समाज के निर्माण में समसामयिक ही नहीं बल्कि ज्‍यादा जरूरी है। 

उन्‍होंने कहा कि बसावेश्‍वर के उपदेशों का पहले चरण में अनुवाद हिन्‍दी, उर्दू, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु, मराठी, पंजाबी, बंगाली, कन्‍नड़ और संस्‍कृत में किया गया है। इससे मानवता की इस विरासत की पहुंच अधिक लोगों तक बढ़ेगी। उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि स्‍वर्गीय बी.डी. जत्‍ती अपनी कथनी और करनी से बासव के सच्‍चे अनुयायी और भक्‍त थे। (PIB)

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वि. कासोटिया/अनिल/दयाशंकर – 589

Thursday, January 31, 2013

महात्‍मा गांधी:शहादत की वर्षगांठ


31-जनवरी-2013 15:11 IST
''फेथ एंड फ्रीडम: गांधी इन हिस्‍ट्री''  का विमोचन
हमेशा ही विशेषज्ञों और सामान्‍य पाठकों के बीच रुचिकर और उपयुक्‍त रहा है-उपराष्‍ट्रपति
उपराष्‍ट्रपति श्री एम. हामिद अंसारी ने 30 जनवरी 2013 को प्रो. मुशीरूल हसन द्वारा लिखी गई पुस्‍तक ''फेथ एंड फ्रीडम: गांधी इन हिस्‍ट्री'' का विमोचन नई दिल्ली में किया। इस अवसर अपने विचार व्यक्त करते हुए उपराष्ट्रपति। पत्र सूचना कार्यालय के छायाकार ने उन यादगारी पलों को हमेशां के लिए अपने कैमरे से संजो लिया। (PIB photo)

उपराष्‍ट्रपति श्री एम. हामिद अंसारी ने 30 जनवरी 2013 को प्रो. मुशीरूल हसन द्वारा लिखी गई पुस्‍तक ''फेथ एंड फ्रीडम: गांधी इन हिस्‍ट्री'' का विमोचन नई दिल्ली में किया। पत्र सूचना कार्यालय के छायाकार ने उन यादगारी पलों को हमेशां के लिए अपने कैमरे से संजो कर रख लिया। (PIB photo)
उपराष्‍ट्रपति श्री एम. हामिद अंसारी ने कहा कि गांधी जी पर शैक्षणिक कार्य हमेशा ही विशेषज्ञों और सामान्‍य पाठकों के बीच रुचिकर और उपयुक्‍त रहा है। उनकी शहादत की वर्षगांठ पर इस कार्य का विमोचन अपने आप में गौरव प्रदान करता है। उन्‍होंने प्रो. मुशीरूल हसन द्वारा लिखी गई पुस्‍तक ''फेद एंड फ्रीडम: गांधी इन हिस्‍ट्री'' का विमोचन करने के बाद संबोधन में कहा कि गांधी जी पर लिखे सभी लेख इंसान, शिक्षक, समाज सुधारक, जन-नेता, सांप्रदायिक सद्भाव के उपदेशक, शक्तिशाली साम्राज्य के प्रतिवादी, नए तरह के राजनीतिक सक्रियतावाद के निर्माता अपने देश तथा नागरिकों की महान आत्‍माओं के कुछ पहलुओं पर आधारित है। प्रो. मुशीरूल हसन की पुस्‍तक पारंपरिक जीवनी और मानक इतिहास से परे है। यह पुस्‍तक विषयों के माध्‍यम से इतिहास के अनुसार चलती है। यह पुस्‍तक महात्‍मा गांधी के जीवन के उन पहलुओं तथा उनके द्वारा किए गए कार्य पर प्रकाश डालती है, जो हमें पता है परंतु उनका पर्याप्‍त विश्‍लेषण नहीं हो पाया है। 
उन्‍होंने बताया कि प्रो. मुशीरूल हसन का ध्‍यान गांधी जी के विचार तथा कार्य के दो विशिष्‍ट पहलुओं के विश्‍लेषण पर केंद्रित है। पहला उनकी ''काँग्रेसी मुसलमानों के साथ जटिल तथा अस्थिर संबंध जोकि एक अपेक्षाकृत अज्ञात प्रजाति और जिन कारणों से उन्‍होंने लीग के दावे यानी पाकिस्‍तान का चयन किया'' और दूसरा ''गांधी जी का दक्षिण एशिया में स्‍पष्‍टता और समझदारी से इस्‍लाम और मुस्लिम समुदाय की समझ की व्‍याख्‍या करना' (PIB)
***गांधी जी पर शैक्षणिक कार्य