Saturday, January 14, 2017

श्री हिन्दू तख्त के अमित शर्मा की लुधियाना में हत्या

Saturday 14 January 2017 at 22:45 PM (M)    Updated on Sunday 15 January 2017 at 09:23 AM
चुनावी दौर में हिंसा की दस्तक से छायी सनसनी 
लुधियाना: 14 जनवरी 2017:  (वी.के. बत्तरा//पंजाब स्क्रीन); 
श्री हिन्दू तख्त के ज़िला प्रचारक अमित शर्मा की आज देर शाम लुधियाना में गोलियां मार कर हत्या कर दी गयी। चुनावी दौर में आतंक की इस दस्तक ने सनसनी सी पैदा कर दी है। यह हत्या उस समय हुई जब अमित अपनी कार पार्क करके अपने एक दोस्त की दुकान की तरफ जा रहे थे। अमित के दोस्त की वहां फूलों की दूकान है। गौरतलब है कि श्री दुर्गा माता मन्दिर के एन  नज़दीक होने के कारण वहां फूलों का कारोबार बहुत बड़े पैमाने पर होता है। ज्यों ही अमित उस दूकान की तरफ चले तो वहां अचानक आये हमलावरों ने उन पर गोलियां चलायीं। अमित शर्मा को चार गोलियां लगीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गयी। वहां बैठे किसी भिखारी ने बताया कि हमलावर मोटरसाइकल पर थे। अपुष्ट खबरों के मुताबिक हमलावरों की संख्या चार भी सुनी गयी है जो दो बाइक्स पर सवार। 
जहां हत्या हुई वह जगह थाने के एन नज़दीक है और वहां करीब सारी रात ट्रैफिक गुज़रता है। वहां से जाती सड़कों के रास्ते में पुलस की सख्त नाकाबन्दी भी अक्सर होती है। इस घटना से हिंदू समाज में रोष है, वहीं शहर की सुरक्षा व्यवस्था की भी पोल खुल गई है। भगवान चौक निवासी अमित का सिलाई मशीन का कारोबार है। वह दोराहा में निजी काम से गया था। वापसी में वह अपने दोस्त चंद्र कालरा से मिलने गया। जब वह अपनी कार से नीचे उतरा तो बुलेट पर सवार दो युवकों ने उस पर चार गोलियां चला दी और मौके से फरार हो गए। दो गोली अमित के  लगी। अमित वहीं गिर गया। घटना के तुरन्त बाद वहां भीड़ जुट गयी और हिन्दू नेता भी वहां पहुंचे। पूरे इलाके में तनाव सा छा गया। गौरतलब है कि  हिन्दू तख्त का ज़िला प्रचारक होने के साथ साथ अमित शर्मा ज़िला कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष भी थे। इसका उल्लेख उन्होंने बाकायदा अपने फेसबुक प्रोफ़ाइल में भी किया है। कुछ ही दिन बाद अमित का जन्मदिन भी आने वाला था।
उनके एक निकट साथी रोहित साहनी ने फोन पर बताया कि पार्किंग के वक़्त दो व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठा कर अमित को गोलियां मार गए। रोहित के मुताबिक अमित की रिहायश लुधियाना के ढोलेवाल इलाके  में थी और वह गत एक वर्ष से हिन्दू तख्त के साथ जुड़े हुए थे। नामधारी गुरुमाता चंद कौर, आर एस एस नेता जगदीश चन्द्र गगनेजा की जघन्य हत्यायों के बाद अमित शर्मा का कत्ल राज्य की  सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है।
अमित के नज़दीकी रिश्तेदार प्रशांत जोशी ने भी बताया कि अमित के पिता का कुछ समय पहले देहांत हो चुका है। परिवार में उसकी तीन बहने हैं और वो अकेला भाई था। उसका आठ साल का बेटा भी है। पिता के जाने के बाद सारी जिम्मेदारी उसी पर थी। अमित शर्मा सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय था। अमित ने घटना के एक दिन पहले यानी लोहड़ी के दिन फेसबुक पर एक पोस्ट डाली थी, जिसमें किसी अन्य समुदाय के सम्बन्ध में अपनी सोच के मुताबिक कुछ विचार भी लिखे गए थे। इन विचारों पर विवाद बहुत देर से कायम है और इस पर अक्सर कई बार बहस होती रही है। शायद कटटरपन्थियों को ये विचार नागवार गुज़रे। उन्होंने जून-2016 में भी एक पोस्ट डाल कर जून-1984 के सभी शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी थी। 
उल्लेखनीय है कि उन्होंने कई बार अपनी जान को खतरा बताया था और पुलिस से सुरक्षा की गुहार भी लगाई थी लेकिन उनको सुरक्षा नहीं मिली। दो-तीन दिन पहले भी वह इसी सिलसिले में उच्च अधिकारियों से मिले थे। हत्या के बाद हमलावर फरार होने में सफल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर जेएस औलख, एडीसीपी, एसीपी समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची, जिन्होंने अपनी गाड़ी में अमित को सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उधर, घटना की जानकारी मिलते ही हिंदु संगठनों के नेता घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने विरोध जताया। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अब देखना है कि चुनावी दौर में नाज़ुक हुए हालात किस करवट बैठते हैं।

Monday, January 09, 2017

नोटबंदी से बिगड़ी अर्थव्यवस्था का विरोध जारी

2017-01-09 17:22 GMT+05:30
महिला कांग्रेस व यूथ कांग्रेस ने DC  के ज़रिये राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
लुधियाना: 9 जनवरी 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो): 
महिला कांग्रेस व यूथ कांग्रेस के सदस्यों ने मोदी सरकार की तरफ से की गई नोटबंदी के दो माह बाद भी बैंको के बाहर लगी कतारों व एटीएम बंद होने से लगातार बिगड़ते जा रहे अर्थव्यव्सथा के स्वास्थय व तबाह होते कारोबार की संभाल के लिए देश के राष्ट्रपति को जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन भेजकर नोटबंदी के फैसले को वापिस लेने की मांग की। महिला कांग्रेस अध्यक्ष लीना टपारिया व यूथ कांग्रेस अध्यक्ष राजीव राजा ने मोदी सरकार की तरफ से देश में लागू की गई आर्थिक एमरजैंसी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने काला धन निकालने के नाम पर देश की गरीब जनता की जीवन भर की खून पसीने की कमाई बैंको में जमा करवा कर गरीब के मुंह से दो वक्त की रोटी का निवाला छीनकर अमीर घरानों की तिजौरियां में पड़ा काला धन सफेद करके देश को बर्बादी की कगार पर पंहुचा दिया है। सरकार के कैश लैस इंडिया के ख्वाब धाराशाही होते दिखाई दे रहें हैं। बैंक डैबिट व क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं से सर्विस चार्ज वसूलकर चोर रास्ते से उनकी जेब पर बोझ डाल रहा है। भाजपा व केंद्र सरकार के रणनितिकार बैंको में कैश की कमी को पूरा करने की बजाए कैश लैस इंडिया के प्रचार के नाम पर करोड़ो रुपये इश्तिहारों पर बर्बाद कर रहें है। गरीब,मजदूर, किसान व मेहनतकश लोग काम छोड़ कर दिन भर बैंकों की कतारों में और रात चिंता में व्यतीत कर रहें है। दूसरी तरफ मोदी सरकार के मंत्री से लेकर संतरी तक नोटबंदी के फैसले पर पुर्नविचार की बजाए महिमा मंडन कर खुद की पीठ थपथपा कर अपने फैसले की खुद ही प्रंशसा कर रहें है।  इस अवसर पर महिला कांग्रेस अध्यक्ष लीना टपारिया, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बलबीर झमट, गुरविन्द्र सिंह टिवंक्ल,साबी तूर, अरुणा टपारिया, गुरप्रीत कौर सिद्धू, अल्का मल्हौत्रा, हरदीप कौर, ज्योति मेहता, अनिता भल्ला, राज कुमारी, मनीषा कपूर, दलजीत कौर, रेनू बाला, इंदू शर्मा, संगीता रानी, नृंदना शर्मा, सुनीता वर्मा, नीलम ढींगड़ा, श्वेता बांसल, राज रानी, चंदा रानी, रेनू सिंह सहित अन्य भी उपस्थित थे। निखिल छाबड़ा, सुशील भट्टी, विशाल गोल्डी, मीनू मल्हौत्रा, इंद्रजीत सोढी, राहुल, कशिश मेहरा, अरुण चौधरी, खामिद अली, लाली मान, जसविन्द्र सिंह, जतिन्द्र सिंह, गगनदीप टिंकू, मनप्रीत सिंह, गुरचरण सिंह सैनी, राजेश वालिया, वरिन्द्र घुम्मण सहित अन्य भी उपस्थित थे।

तेजिंदर सिंह नामधारी को विहिप का धर्म प्रसार अध्यक्ष बनाया

Date: 2017-01-09 17:37 GMT+05:30
विश्व हिन्दू परिषद चंडीगढ़ ने किया संगठन विस्तार
लुधियाना: 9 जनवरी 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो): 
आज चंडीगढ़ में एक अजब नज़ारा था। विश्व हिन्दू परिषद के सदस्यों के गले में नामधारी सम्प्रदाय की माला थी और नामधारी सिंह को वी एच  पी का धर्म प्रसार अध्यक्ष बनाया गया था। इंसान को इंसान से लड़ाने वालों की साज़िशों को नाकाम करता हुआ यह आयोजन मानव एकता का एक नया इतिहास लिख रहा था। 
आज शिव मानस मंदिर इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में विश्व हिन्दू परिषद चंडीगढ़ की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई जिसकी अध्यक्षता विहिप पंजाब प्रांत के उपाध्यक्ष कर्नल धर्मवीर ने की।
बैठक में नामधारी संप्रदाय के भी अनेक लोगो ने भाग लिया। बैठक में हिन्दू सिख एकता तथा
संगठन के द्वारा चलाये जा रहे सेवा कार्यो पर चर्चा की गयी।
संगठन विस्तार के क्रम में तेजिंदर सिंह नामधारी को विश्व हिन्दू परिषद का धर्म प्रसार अध्यक्ष, गिरिवर जी को धर्माचार्य अध्यक्ष, अनुज सहगल को गौ रक्षा अध्यक्ष तथा प्रगट सिंह व संदीप सिंह को प्रखण्ड अध्यक्ष का दायित्व दिया गया।
बैठक में मुख रूप से सुरेश राणा, गिरीश कालड़ा, नरेश अरोड़ा, डॉ हरवंत सिंह, दविंदर सिद्धू, द्विजेंद्र डोगरा, राकेश चौधरी, मंगेश कुमार, सुमित शर्मा,जयशंकर जोशी, हरविंदर सिंह, हरभान सिंह, मरियाँ सिंह तथा तरण सिंह उपस्थित थे। 

तेज़ी से जारी है गुरमीत सिंह कुलार का चुनावी अभियान

होटल द मैरीलैंड में गिनाये विकास के दावे
लुधियाना: 8 जनवरी 2017: (वी के बत्तरा//पंजाब स्क्रीन):
अकाली प्रत्याशी गुरमीत सिंह कुलार  की तरफ से अपना तूफानी चुनावी अभियान जोर शोर से जारी है। रविवार को दुगरी रोड पर स्थित जानेमाने होटल द  मैरीलैंड में उद्दोगपतियों का एक विशेष आयोजन किया गया जिसमें श्री कुलार अपने दल बल सहित पहुंचे। उनका स्वागत वहां पूरी गर्मजोशी से हुआ। अकाली कार्यकर्ता वहां दूर दूर से आकर जुटे थे। 
इंडस्ट्रियलिस्टों की इस सभा को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मैं कोई सियासी व्यक्ति नहीं हूँ।  मैं आप जैसा हूँ, आपका ही हूँ। आप में से ही हूँ।  आपने मुझे नहीं बल्कि खुद अपने आपको जिताना है। इसके साथ ही उन्होंने अकाली भाजपा सरकार के दौरान बहुत से विकास होने का भी दावा किया। 
मंच पर उन्होंने रेलवे से लेकर सस्ती बिजली और अन्य क्षेत्रों में भी विकास के दावे किये। गुरमीत सिंह कुलार ने मंच पर बोलते हुए कहा कि  वह 30 करोड़ रूपये दीप्ती सीएम सुखबीर बादल से लाये थे जिन्हें सभी पार्षदों में बराबर बराबर बाँट दिया गया। 
अब देखना है कि श्री कुलार के दावे उन्हें जीत के तरफ लेजाने में कामयाब होते हैं या नहीं। लुधियाना के चुनावी दंगल में उनका चुनावी युद्ध अभी और ज़ोर पकड़ेगा।     

Sunday, January 08, 2017

शाही इमाम पंजाब ने दी अल्पसंख्यकों के दर्द,गम और गुस्से को आवाज़

Sun, Jan 8, 2017 at 5:33 PM
सियासी पार्टियां चुनाव मेनिफेस्टो में अल्पसंख्यकों को दें विशेष स्थान
सिर्फ कब्रिस्तान ही नहीं शिक्षित संस्थान व रोजगार भी चाहिए
लुधियाना: 8 जनवरी 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो): 
मतदान जैसे अनमोल अवसर को स्वार्थ, लालच और केवल सत्ता प्राप्ति का साधन बना देने वाले लोगों ने पिछले कुछ दशकों के दौरान जिस तरह से इस सुनहरी प्रक्रिया को अपने पांवों तले रोल कर रख दिया है उन लोगों को सीना तान कर चुनौती दी है पंजाब के शाही इमाम ने। पंजाब में 4 फरवरी को होने जा रहे चुनाव को लेकर आज यहाँ मजलिस अहरार इस्लाम हिन्द पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा है कि पंजाब में अल्पसंख्यक समुदाय की समस्यायों को कभी भी किसी सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया और सिर्फ खोखले वायदे ही किए। उन्होंने राष्ट्रीय दलों के साथ साथ रीजनल पार्टियों को भी आड़े हाथों लिया। शाही इमाम ने कहा कि राज्य में चुनाव लड़ रही राष्ट्रीय व क्षेत्रीय पार्टियो ने कभी भी अल्पसंख्यको के लिए चुनाव मेनिफेस्टो में कब्रिस्तानों की जगह से आगे कोई बात नहीं की। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों को सिर्फ कब्रिस्तान ही नहीं चाहिए बल्कि शिक्षित संस्थान और रोजगार के अवसर मिलने चाहिए। शाही इमाम ने अपील की है कि शिरोमणी अकाली दल बादल, कांग्रेस पार्टी और आम आदमी सहित अन्य राजनीतिक दलों से जुड़े हुए अल्पसंख्यक नेताओं को चाहिए कि वह अपनी-अपनी पार्टी के चुनाव मेनिफेस्टों में अल्पसंख्यकों के लिए पंजाब के सभी शहरों में हाई स्कूल, डिग्री कॉलेज बनवाने के साथ-साथ युवाओं के लिए नौकरियां दिए जाने का वादा करवाएं। शाही इमाम ने कहा कि यह बहुत दु:ख की बात है कि सिर्फ कब्रिस्तानों के लिए जगह दिए जाने की बात कर के प्रदेश के लगभग 35 लाख अल्पसंख्यकों की मूल समस्याओं को नजर अंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अल्पसंख्यक समुदाय की कुर्बानियां किसी से कम नहीं है लेकिन बीते दिनों बनाई गई स्वतंत्रता संग्राम की यादगार में पंजाब सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के योगदान को नजर अंदाज कर दिया जोकि बहुत ही दु:खदायी है। शाही इमाम ने कहा कि मरने के बाद दो गज जमीन हासिल करना आसान हो गया लेकिन जीने के लिए कोई सहारा देने को तैयार नहीं। चुनावों के इस महत्वपूर्ण मौके पर शाही इमाम पंजाब का बयान वास्तव में अल्पसंख्यकों के दर्द, गम और गुस्से की आवाज़ के रूप में सामने आया है। 

कोकलियर इंप्लांट से बोलने लगेंगे गूंगे बच्चे

Sun, Jan 8, 2017 at 10:37 AM
जन्म से ही नहीं सुनता हो तो दो साल की उम्र तक करा लें इंप्लांट

जागरूकता ही बच्चे को जीवन भर गूंगा-बहरा रहने से बचा सकती है
लुधियाना: 8 जनवरी 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
आपका  बच्चा अगर जन्म से ही कोई आवाज सुनकर रिस्पांस नहीं देता हो तो यह उसके गूंगा-बहरा होने के संकेत हो सकते हैं। पहले छह महीने तक अगर बच्चा किसी तेज आवाज के होने पर उस तरफ देखता नहीं है तो समझ लेना चाहिए कि उसका समय रहते इलाज कराने की जरूरत है। ऐसे बच्चों के लिए कोकलियर इंप्लांट ट्रीटमेंट किसी चमत्कार से कम नहीं है। लेकिन यह दो साल की उम्र तक हो जाना चाहिए। इसके बाद बच्चा सुनने और बोलने लग जाता है। इस उम्र के बाद यह ट्रीटमेंट कराने पर बच्चा सुनने तो लग जाता है, लेकिन उसे बोलने में काफी समय लग सकता है। इसका इलाज काफी महंगा होने के कारण केंद्र सरकार ने एडीआईपी योजना के तहत इस ट्रीटमेंट को कवर कर रखा है। यानि अगर आपकी सालाना आमदनी 15 हजार रुपये तक है तो इलाज का सारा खर्च सरकार उठाती है और अगर आपकी आमदनी 20 हजार रुपये सालाना है तो इलाज का 50 प्रतिशत खर्च सरकार उठाएगी।
एसपीएस हॉस्पिटल के ईएनटी सर्जन डॉ. राजीव कपिला ने बताया कि आम तौर पर बच्चे के गूंगा होने पर लोग उसे किस्मत में लिखा होना मान लेते हैं। लेकिन साइंस ने इतनी तरक्की कर ली है कि अब बच्चों को जीवन भर गूंगा-बहरा रहने से बचाया जा सकता है। आम तौर पर प्री-मेच्योर पैदा होने वाले बच्चों, जन्म के समय ज्यादा पीलिया से ग्रस्त रहने वाले बच्चे, जन्म के बाद ज्यादा दिनों तक नर्सरी में वेंटिलेटर पर रहने वाले बच्चे और पारिवारिक हिस्ट्री वाले बच्चों में यह समस्या आती है। पंजाब में 1000 बच्चों में से एक बच्चा इस तरह की समस्या के साथ पैदा होता है। उन्होंने बताया कि मां-बाप को अपने बच्चों पर नजर रखनी चाहिए। अगर बच्चा कोई तेज आवाज होने पर उस तरफ घूमकर नहीं देखता, पटाखा जैसी तेज आवाज से नहीं डरता या आपके बुलाने पर रिस्पांस नहीं देता तो यह उसके गूंगा-बहरा होने के संकेत हैं। ऐसे बच्चों का पहले साल के भीतर की कोकलियर इंप्लांट करा लेना चाहिए। इस समय की अवधि में 100 प्रतिशत सफलता की गारंटी रहती है। अगर इलाज दो साल के बाद कराया जाता है तो बच्चा सुनने तो सही समय पर लग जाता है, लेकिन उसे बोलने में काफी समय लग सकता है। डॉ. कपिला ने बताया कि इसका इलाज महंगा होने के कारण केंद्र सरकार ने इसे एडीआईपी स्कीम में कवर कर रखा है। पंजाब में केवल दो ही सेंटरों पर कोकलियर इंप्लांट होता है, जिनमें एसपीएस हॉस्पिटल भी शामिल है।