Saturday, January 07, 2017

माँ से ही मिला हिम्मत के साथ लक्ष्य पाने का हौंसला: मौलाना हबीब उर रहमान

शाही इमाम पंजाब की माता के निधन पर विभिन्न संगठनों द्धारा शोक व्यक्त
जामा मस्जिद में संबोधित करते हुए शाही इमाम और उपस्थित नमाजी
लुधियाना: 6 जनवरी 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो): 
पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी की माता जी (जाहिदा रहमानी) के निधन पर विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक नेताओं की ओर से जामा मस्जिद पहुंच कर लगातार शोक व्यक्त किया जा रहा है। आज यहाँ नमाज ए जुम्मा से पहले अपने संबोधन में शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी ने नामाजियों से अम्मी जान के लिए दुआ ए मगफिरत की विनती करते हुए बताया कि आज देश भर में उनकी इस्लामिक संस्था मजलिस अहरार इस्लाम हिंद का विस्तार माँ की ही दुआओ का असर है। शाही इमाम ने कहा कि माँ ने ही दिया हिम्मत के साथ लक्ष्य पाने का सबक। उन्होंने बताया कि अम्मी जान ने हमेशा ही पंजाब भर में बंद पड़ी मस्जिदों को खुलवाने के लिए हमें प्रेरित किया और हमेशा जरूरतमंदो की मदद करने के लिए तत्पर रहती थी। शाही इमाम ने कहा कि हम सबको यह याद रखना कि चाहिए मां की दुआओ से अल्लाह की मदद आती है और सारे बिगड़े काम बन जाते हैं। वर्णनयोग है कि आज यहाँ लुधियाना पुलिस कमिशनर जतिंदर सिंह औलख, राज्यमंत्री मदन लाल बग्गा, मेयर हरचरण सिंह गोहलवडिय़ा, पूर्व मंत्री हीरा सिंह गाबडिय़ा, विधायक बलविंदर सिंह बैंस, विधायक भारत भूषण आशु, पूर्व डिप्टी कमिश्नर कुलदीप सिंह वैद, पूर्व डीजीपी इजहार आलम, मुफ्ती मालेरकोटला, हरदयाल सिंह, पार्षद खरबंदा, खलीफा सैय्यद सादिक सरहिंद शरीफ, बी सी कमिशन के चैयरमैन निर्मल सिंह, चैयरमैन विजय दानव, सुशील पराशर, डा. अवतार सिंह, गुलाम हसन कैसर आदि ने शोक व्यक्त किया।

Wednesday, January 04, 2017

शाही इमाम पंजाब की अम्मी जान जाहिदा रहमानी का निधन


Wed, Jan 4, 2017 at 3:33 PM
जामा मस्जिद के सामने हजारों मुसलमानों ने जनाजे की नमाज अदा की
लुधियाना: 4 जनवरी 2016:(पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):


आज यहां सीएमसी अस्पताल में शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी की अम्मी जान जाहिदा रहमानी (8०) का निधन हो गया। स्वर्गीय जाहिदा रहमानी स्वतंत्रता सेनानी मौलाना याहिया लुधियानवी की बेटी थी व पंजाब के मुफ्ती ए आजम मरहूम मौलाना मुहम्मद अहमद रहमानी लुधियानवी की पत्नी थी। वर्णनयोग है कि 1947 के बाद जब पंजाब में आपके पति रहमानी साहिब ने पुन: मस्जिदें खुलवाने का काम शुरू किया तो आप ने बड़ी ही हिम्मत और सबर के साथ अपने पति का साथ निभाया। कभी भी संगीन हालात में नहीं घबराईं। हमेशा अपने बच्चों को यही शिक्षा दी कि सच्चाई के संग्राम में कभी भी दुश्मन से डरना नहीं है। स्वर्गीय जाहिदा रहमानी की जनाजे की नमाज फील्डगंज चौंक स्थित जामा मस्जिद के बाहर नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उसमान रहमानी ने अदा करवाई। शाही इमाम के प्रिंसीपल सचिव मुहम्मद मुस्तकीम ने बताया कि इस्लामी शिक्षाओं के अनुसार तीन दिन तक शोक व्यक्त किया जाएगा और उसके बाद किसी भी कोई प्रकार की सभा आयोजित नहीं की जाएगी। इस मौके अतीक उर रहमान, उबैद उर रहमान, अल्ताफ उर रहमान, मौलाना उवैस उर रहमान, मुहम्मद अतहर, विधायक रणजीत सिंह ढिल्लों, भारत भूषण आशु, राकेश पांडे, सुरिंदर डाबर, बलविन्द्र सिंह बैंस, हीरा सिंह गाबडिय़ा, मेयर हरचरण सिंह गोहलवडिय़ा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुरप्रीत गोगी, पार्षद संजय तलवाड़, सुशील पराशर, ज्ञान स्थल मंदिर से जगदीश बजाज, गुरूद्वारा दुख निवारण से स. प्रितपाल सिंह, पार्षद परमिन्द्र मेहता, जत्थेदार कुलवंत सिंह दुखिया, डा. शरणजीत सिंह मिड्डा, डा. रमेश छाबड़ा, मालेरकोटला से नदीम अनवार खान, गुलाम हसन कैसर, भाजपा नेता संजय कपूर, राजिन्द्र सिंह बसंत, पार्षद नरिन्द्र शर्मा उपस्थित थे। 
फोटो कैप्शन : स्व. जाहिदा रहमानी की नमाज ए जनाजा अदा करवाते हुए उनके पौत्र मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवी।

Tuesday, January 03, 2017

जनचेतना व क्रान्तिकारी-जनवादी विचारों पर हमले के खिलाफ तीखा विरोध

समर्थकों ने किया थाने का घेराव व जोरदार प्रदर्शन
लुधियाना:3 जनवरी 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):  For more Pics Click here Please 
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आज लुधियाना के विभिन्न क्रान्तिकारी-जनवादी संगठनों के आह्वान पर सैंकड़ों मज़दूरों, नौजवानों, छात्रों, जनवादी कार्यकर्ताओं ने पुलीस थाना डिवीयन नम्बर 5 का घेराव करके ज़ोरदार प्रदर्शन किया और माँग की कि बीती 2 जनवरी को क्रान्तिकारी, प्रगतिशील, जनवादी विचारों के संस्थान जनचेतना के पंजाबी भवन, लुधियाना स्थित बिक्री केन्द्र पर हमला करने वाले हिन्दुत्वी कट्टरपंथी संगठनों के हमलावरों को गिरफ्तार किया जाए। क्रान्तिकारी-जनवादी संगठनों ने माँग की है कि हमलावरों का साथ देने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की जाए। हिन्दुत्वी कट्टरपंथी संगठनों द्वारा शहर का माहौल खराब करने का सख्त नोटिस लेते हुए माँग की गई है कि धर्म के आधार पर लोगों को बाँटने-लड़ाने वाले संगठनों पर पाबन्दी लगाई जाए और दोषी व्यक्तियों को सख्त सजाएँ दी जाएँ। मौके पर पहुँचे ए.सी.पी. द्वारा दोषियों के खिलाफ़ कार्रवाई के लिए 24 घण्टे का समय माँगे जाने के बाद धरना उठाया गया। ऐसा न होने की सूरत में संघर्ष तीव्र करने की चेतावनी दी गई। 
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कल पुलिस ने हिन्दुत्वी कट्टरपंथियों के दबाव में पंजाबी भवन, लुधियाना पर जनचेतना के बिक्री केन्द्र की सील कर दिया था। आज ज़ोरदार प्रदर्शन के दबाव में पुलीस ने जनचेतना की चाबियाँ प्रबन्धकों को सौंप दी हैं। पुलीस ने शहीद भगत सिंह और राधा मोहन गोकुल की किताबों के जरिए नास्तिकता फैलाने के दोष में जनचेतना, लुधियाना की प्रबन्धक बिन्नी, टेक्सटाईल हौज़री कामगार यूनियन के अध्यक्ष लखविन्दर, कारखाना मज़दूर यूनीयन के नेता गुरजीत (समर) और नौजवान भारत सभा के कार्याकर्ता सतबीर को नाजायज तौर पर गिरफ्तार कर लिया था। हिन्दुत्वी कट्टरपंथियों ने जनचेतना बिक्री केन्द्र को आग लगाने और तोड़फोड़ की भी कोशिश की थी। प्रबन्धक बिन्नी के साथ छेड़खानी और बदसलूकी की गई। उसके बचाव में आए अन्या कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की की गई। पुलीस दो घण्टे तक मूक दर्शक बनकर देखती रही। हिन्दुत्वी गुण्डों को गिरफ्तार करने की बजाए जनचेतना व अन्य कार्यकर्ताओं को ही गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि जनदबाव के चलते इन्हें शाम को रिहा कर दिया गया था लेकिन मामला अभी टला नहीं था। पुलीस हिन्दुत्वी कट्टरपंथियों के दबाव में क्रान्तिकारी-जनवादी कार्यकर्ताओं पर धारा 295 (ए) के तहत पर्चा दर्ज करना चाहती थी। आज ज़ोरदार प्रदर्शन के कारण पुलीस को पीछे हटना पड़ा है और भरोसा दिया गाया है ऐसी कोई भी नाजायज कार्रवाई नहीं की जाएगी। 
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वक्ताओं ने कहा कि शहीद भगत सिंह और राधामोहन गोकुल की किताबें वर्षें से देश भर में छप रही हैं। जनचेतना पर हमला समूचे क्रान्तिकारी-जनवादी आन्दोलन पर हमला है। इन किताबों और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना विचारों की अभिव्यक्ति की आज़ादी और जनवादी अधिकारों पर हमला है।
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प्रदर्शन को जनचेतना, लुधियाना की प्रबन्धक बिन्नी, टेक्सटाइल-हौज़री कामगार यूनियन के अध्यक्ष लखविन्दर, नौजवान भारत सभा के संयोजक कुलविन्दर और नेता अजयपाल, इंकलाबी केन्द्र पंजाब के राज्य समिति सदस्य सुखदेव भूंदड़ी, पंजाब स्टूडेंटस यूनियन के नेता कर्मजीत, कारखाना मज़दूर यूनियन के नेता राजविन्दर, डैमोक्रेटिक लायर्ज ऐसोसिएशन के नेता हरप्रीत जीरख, डैमोक्रेटिक इम्पलाइज फ्रण्ट के नेता रमनजीत संधु, तर्कशील सोसाईटी पंजाब के नेता सतीष सचदेवा, मोल्डर एण्ड स्टील वर्कर्ज यूनीयन के अध्यक्ष विजय नारायण, लोक एकता संगठन के अध्यक्ष गल्लर चौहान, आदि ने सम्बोधित किया।
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इस आंदोलन से जुड़ने के लिए सम्पर्क कर सकते हैं टेक्सटाइल-हौज़री कामगार यूनियन, पंजाब के अध्यक्ष कामरेड लखविन्दर से उनका मोबाईल नम्बर है- 9646150249
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छोटेपुर के आने से गुरदासपुर बना हॉट सीट

Tue, Jan 3, 2017 at 1:09 PM
छोटेपुर के मैदान में आने से गुरदासपुर के चुनावी मैदान में आई गर्माहट 
गुरदासपुर: 3 जनवरी 2017: (विजय शर्मा//पंजाब स्क्रीन):

अपना पंजाब पार्टी के प्रधान सुच्चा छोटेपुर ने आज विधानसभा हलका गुरदासपुर से खुद की उमीदवार को ऐलान कर दिया हैं। "आप" पंजाब के कनवीनर के पद से हटाए गए छोटेपुर ने गुरदासपुर से चुनाव लड़ने का ऐलान उस समय किया,जब आम आदमी पार्टी के कनवीनर अरविंद केजरीवाल उनके पैतृक हलका जिला गुरदासपुर में रैलियां करने आए हुए थे।
छोटेपुर के आने से इस सीट पर बेहद दिलचस्प मुकाबला होने के आसार हैं। इसी तरह इस हलके से अकाली दल और कांग्रेस के उमीदवारों के बीच सीधे तौर पर टक्कर होती नजर आई है,वही इस बार मुकाबला और दिलचस्प होने की उमीद हैं।

गुरदासपुर हलके से अकाली भाजपा के उमीदवार गुरबचन सिंह बब्बेहाली हैट्रिक लगाने के इरादे के साथ मैदान में डटे हुए है,जबकि उनको चुनौती देने के लिए कांग्रेस की ओर से युवा उम्मीदवार बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा चुनाव मैदान में उतरे है। पूर्व विधायक करतार सिंह पाहड़ा के पोतरे बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा की तरफ से कुछ दिन पहले निकाले गए रोड शो से उन्होंने ने यह संकेत दे दिया है वह अपने विरोधियों को पराजित करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। इसके अतिरिक्त्त आम आदमी पार्टी के अमरजीत सिंह चाहल भी पिछले कुछ दिनों से चुनाव प्रचार कर रहे है। गुरदासपुर से दिलचस्प चुनाव समीकरण मे उस समय एक अहम मोड़ आ गया हैं। जब 2016 के राजनितिक कलेंडर मे सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरने वाले सुच्चा सिंह छोटेपुर ने भी इस हलके से चुनाव लड़ने का एलाने कऱ दिया है। छोटेपुर करीब 48 वर्ष के लंबे राजनितिक सफर के गवाह हैं।उन्होंने ने अपना राजनितिक कैरियर 1968 मे बतौर कालेज स्टूडेंट शूरु किया था। इस दौरान उन्होंने ने अनेक उतार चड़ाव देखे। सन 1985-1988 मे वह पुराने धारीवाल हलके से विधायक चुने गए और बरनाला सरकार में सैर सपाटा मंत्री बने। सन 2002 मे वह धारीवाल हलके से बतौर आजाद उम्मीदवार चुनाव जीते। इसके बाद सन 2007 मे वह कादियां हलके से आजाद उम्मीदवार के तौर पर मुकाबले मे आए लेकिन हार के बाबजूद वह 40 हजार वोट लेने में कामयाब रहे। सियासी जंग लड़ते लड़ते वह 2009 मे कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस मे शामिल हो गए। दिल्ली मे आप की चढ़ाई के बाद वह आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए,और 2014 की लोक सभा चुनाव गुरदासपुर से लड़ी। इसमें वह जीत हासिल नही कर सके लेकिन पौने 2 लाख वोट ले गए थे। इस वर्ष अगस्त महीने मे उन्हें आप के कनवीनर के पद से हटा दिया गया। जिसके बाद उन्होंने ने अपना पंजाब पार्टी का गठन किया।