Saturday, December 24, 2011

भारतीय दलित साहित्य अकादमी द्वारा अलका सैनी सम्मानित

दिल्ली के पंचशील आश्रम ,झड़ोदा (बुराड़ी) में आयोजित 27वें राष्ट्रीय दलित साहित्यकार सम्मेलन के पहले सम्मान दिवस के अवसर पर चंडीगढ़ की जानी-मानी लेखिका,पत्रकार तथा समाज-सेवी अलका सैनी को उनके दलित साहित्य क्षेत्र में ब्लॉग तथा कहानियों के माध्यम से उत्कृष्ट सेवा हेतु भारतीय दलित साहित्य अकादमी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ॰ सोहनपाल सुमनाक्षर के कर कमलों द्वारा पदक तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर “वीरांगना सावित्री बाई फुले सम्मान”  से सम्मानित किया गया । ज्ञात हो,अलका सैनी मुंबई से प्रकाशित होने वाली पत्रिका ‘‘माली –दर्शन” में कई सालों से लगातार छपती आ रही है तथा लंबे समय से दलितोत्थान ,दलित साहित्य एवं दलित पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय है ।  
इस सम्मेलन में देश के सभी राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया । नेपाल ,अमेरिका ,ब्रिटेन,मारिशस,श्रीलंका आदि विदेशों के प्रतिनिधियों ने भी शिरकत की ।
लोकसभा के उपाध्यक्ष श्री करिया मुंडा,शेरे –जम्मू-काश्मीर एवं केंद्रीय मंत्री डॉ॰ फारुख अब्दुला एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महामंत्री चौधरी वीरेंद्र सिंह बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे । इस सम्मेलन को सुशोभित करने वाले अन्य मुख्य अतिथियों में अरुणाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल डॉ माता प्रसाद ,दिल्ली की मुख्य मंत्री श्रीमति शीला दीक्षित ,राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री पी॰ एल॰ पुनीया,केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ॰ सत्य नारायण जटिया ,पूरवा केन्द्रीय मंत्री-राज्य सभा सांसद श्री रामविलास पासवान ,दिल्ली विधान सभा उपाध्यक्ष श्री अमरीश सिंह गौतम ,त्रिपुरा के शिक्षा मंत्री श्री अनिल सरकार ,महाराष्ट्र के पूर्व समाज कल्याण मंत्री विधायक श्री बबनराव घोलप, आर॰ पी॰ आई॰ के अध्यक्ष व पूर्व सांसद श्री रामदास अठावले ,गोवा के पूर्व डिप्टी स्पीकर श्री शंभुभाऊ बांडेकर ,गुरु जम्भेश्वर तकनीकी यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ॰ एम॰ एल॰ रंगा ,झांसी यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रो॰ रमेश चन्द्र ,दिल्ली महापौर प्रो॰ रजवी अब्बी तथा लखनऊ के पूर्व महापौर डॉ दाऊजी गुप्ता उपस्थित थे ।
इस सम्मेलन में आसाम ,मणिपुर ,ओड़ीशा ,महाराष्ट्र ,झारखंड ,हिमाचल प्रदेश ,तमिलनाडू ,केरल तथा आंध्र-प्रदेश के कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्र्म की शानदार प्रस्तुति की ।
साहित्यकारों ,मित्रों ,परिजनो ,सगे संबंधियों तथा समस्त भारतीय माली –सैनी समाज की ओर से लेखिका अलका सैनी की इस विशिष्ट उपलब्धि पर ढेर सारी बधाइयाँ प्रेषित की गई है । 

Friday, December 23, 2011

डॉ अ कीर्तिवर्धन को डी लिट) की मानद उपाधि

150 से अधिक साहित्यकारों ऩे लिया भाग
मुज़फ्फरनगर के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ अ कीर्तिवर्धन को उनके साहित्यक योगदान एवं हिंदी की सेवा के लिए 'विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ,भागलपुर,बिहार' के १६वे राष्ट्रीय अधिवेशन मे 'विद्यासागर'(डी लिट) की मानद उपाधि से अलंकृत किया गया|
श्री राम नाम सेवा आश्रम,मौन तीर्थ,गंगा घाट,उज्जैन (मध्य प्रदेश) मे आयोजित विद्यापीठ के १६वे महाधिवेशन मे स्थानीय नागरिकों,पत्रकारों,समाजसेवियों,गुरुकुल के विद्यार्थियों के अलावा देश के कोने कोने से आये 150 से अधिक साहित्यकारों ऩे भाग लिया|दो दिन तक चले इस महाधिवेशन मे मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश के खनन मंत्री श्री मालू जी रहे,अध्यक्षता जाने माने साहित्यकार डॉ रामनिवास मानव ऩे की,मंचासीन रहे डॉ तेज नारायण कुशवाहा,कुलपति,डॉ अमर सिंह वधान,सरदार जोबन सिंह ,डॉ देवेंदर नाथ साह तथा सञ्चालन किया डॉ प्रेम चंद पाण्डेय ऩे|
विदित हो कि डॉ अ कीर्तिवर्धन को (मध्य प्रदेश)की साहित्यिक -सांस्कृतिक संस्था 'कादंबरी द्वारा उनकी श्रेष्ठ निबंध कृति 'चिंतन बिंदु' के लिए स्वर्गीय ब्रहम कुमार प्रफुल्ल सम्मान से अलंकृत किया गया जिसके अंतर्गत अंगवस्त्रम,प्रशस्ति पत्र के साथ २१००/ कि सम्मान राशी भी प्रदान कि गयी थी|
डॉ अ कीर्तिवर्धन कि अब तक ७ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं|जतन से ओढ़ी चदरिया' बहुचर्चित रही जो कि बुजुर्गों कि समस्याओं पर केन्द्रित है|डॉ अ कीर्तिवर्धन पर 'कल्पान्त' पत्रिका ऩे अपना विशेषांक 'साहित्य का कीर्तिवर्धन' प्रकाशित कर उनके कृतित्व व व्यक्तित्व पर व्यापक प्रकाश डाला है|कीर्ति वर्धन जी कि अनेक रचनाओं का उर्दू,तमिल,नेपाली ,अंगिका,अंग्रेजी मैथिली मे अनुवाद व प्रकाशन भी हो चुका है|डॉ कीर्तिवर्धन को अब तक देश कि अनेक संस्थाओं से ५० से अधिक सम्मान मिल चुके हैं|
आप बहुप्रकषित एवं बहु पठनीय लेखक के रूप मे देश विदेश मे जाने जाते हैं तथा इन्टरनेट पर भी चर्चित हैं|हम आपके सुखद भविष्य कि मंगलकामना करते हैं|
रमेश चंद गह्तोरी,
नैनीताल बैंक
जाग्रति एन्क्लेव,विकास मार्ग
दिल्ली-92

Monday, December 19, 2011

पत्रकार पर कातिलाना हमले का मामला गरमाया

हमलावरों को पकड़ने की मांग ने पकड़ा जोर 
प्रशासन को दिया 72 घंटे का अल्टीमेटम   
     गजिंदर सिंह किंग की ख़ास  रिपोर्ट  
अमृतसर// 18  दिसम्बर, 2011// 
दैनिक जागरण के पत्रकार महिंदर पाल सिंह पर हुए कातिलाना हमले के विरोध में आज अमृतसर के पत्रकार सड़कों पर उतरे और पत्रकार मोहिंदर पाल सिंह पर हमला करने वालों के लोगों की गिरफ्तारी की मांग की और साथ ही उन्होंने अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर को एक मांग-पत्र भी दिया
     अमृतसर में दैनिक जागरण अखबार के पत्रकार महिंदर पाल सिंह पर बीती रात कुछ अज्ञात लोगों ने जान लेवा हमला कर दिया, पत्रकार महिंदर पाल सिंह जब आपने घर वापस जा रहां था, तब कोर्ट रोड पर कुछ अज्ञात लोगों ने उन के सिर पर तेज धार हथियार से वार किया, उस के बाद महिंदर पाल सिंह पर गोलियां चला दी, जिस के चलते एक गोली मोहिंदर पाल सिंह के पैर पर लगी, महिंदर पाल सिंह दैनिक जागरण अखबार में बतौर चीफ क्राइम रिपोटर के पद काम करता है, वहीँ गोली लगने के बाद मोहिंदर पाल सिंह को अमृतसर के ई, एम, सी हस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहाँ उन की हालत नाज़ुक बनी है, वहीँ इस मौके पर घटना स्थल पर पहुंचे अमृतसर पंजाब पुलिस के ए, डी, सी, पी बलजीत सिंह रंधावा का कहना है, कि यह मामला उन के सामने आया है, कि आज रात को 9 बजे के करीब जब वह आपने घर जा रहा था, तब उन पर कुछ अज्ञात लोगों ने हमला किया है और आज सुबह से ही उन को धमकी भरे फ़ोन भी आ रहे थे, जिस की जांच की जा रही है, उन्होंने कहा, कि  पुलिस ने एक विशेष टीम बना कर छापे-मारी शुरू कर दी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जायेगा
     लोक तन्त्र का चौथा स्तम्भ कहे जाने वाले पत्रकारो ने सडको पर उतार कर पत्रकार महिंदर पाल सिंह पर हुए कातिलाना हमले के की पत्रकार समुदाय ने इस की घोर निंदा की और पत्रकारों ने काले रिबन लगा कर पैदल रोष मार्च प्रोटेस्ट सर्कट हाउस से निकाल कर अमृतसर के डिप्टी कमिश्र्नर के घर तक निकाल कर पत्रकार मोहिंदर पाल सिंह के गुनहगारों को गिरफ्तार करने की मांग की और पत्रकार महिंदर पाल सिंह को सरकारी सहायता देना, पत्रकारों की सुरक्षा को यकीनी बनाना और 72 घंटे के अन्दर सरकार अपराधियों को गिरफ्तार करने का मांग-पत्र दिया, इस दौरान सीनियर पत्रकारों ने पत्रकार महिंदर पाल सिंह पर हुए कातिलाना हमले की निंदा करते हुए कहा, कि पुलिस प्रशासन ने अभी तक उन हमलावरों को गिरफ्तार नहीं किया है, जिन्होंने यह हमला करवाया और किया है उन्होंने कहा, कि प्रशासन को चाहिए वह जल्द से जल्द उन हमलावारो को गिरफ्तार करे और जिस तरह से अपराधी बे-लगाम हो रहे है, वह चिंता की विषय बना हुआ है, उन्हीने मांग की, कि किसी तरह से पत्रकारों की सुरक्षा को यकीनी बनाया जाये और जिस के चलते वह प्रशासन को 72 घंटे का समय देते है
     वहीँ इस मौके पर पत्रकारों ने अमृतसर के डिप्टी कमिश्र्नर को एक मांग-पत्र दिया,  साथ ही इस मौके पर डिप्टी कमिश्नर ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा, कि यह एक बुरी घटना है और इस के चलते एक विशेष एस,आई,टी (Speacial Investigation Team) का गठन किया गया है और इस मांग-पत्र को सरकार तक पहुंचा दिया जाएगा, ताकि उन अपराधियों को गिरफ्तार किया जा सके
    फिलहाल अब देखना यह होगा, कि आने वाले 72 घंटो में प्रशासन क्या भूमिका अदा करता है और पत्रकार मोहिंदर पाल सिंह के गुनहगारों को पकड़ने में कितना कारगर साबित होता है