Friday, September 30, 2016

भारत का कोई भी इमाम आतंकियों के जनाजे की नमाज न पढ़ाए: उमैर इलियासी

Fri, Sep 30, 2016 at 4:27 PM

कश्मीर का ख्वाब देखना भूल जाए पाकिस्तान : शाही इमाम पंजाब
जामा मस्जिद में पत्रकारों को संबोधत करते हुए चीफ इमाम मौलाना उमैर इलियासी, शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी, नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवीं 
लुधियाना: 30 सितंबर 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
आज यहां पंजाब के दीनी मरकज जामा मस्जिद लुधियाना में एक ऐतिहासिक बैठक हुई जिसमें आतंकियों के खिलाफ स्पष्ट और आरपार वाला बयान जारी किया गया। चीफ इमाम मौलाना उमैर इलियासी राष्ट्रीय अध्यक्ष आल इंडिया इमाम कौंसिल दिल्ली का जामा मस्जिद लुधियाना पहुंचने पर पंजाब के शाही इमाम ने ज़ोरदार स्वागत किया। जामा मस्जिद पहुंचने पर इमाम उमैर इलियासी व पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने जुमे की नमाज के पश्चात पत्रकार सम्मेलन को संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय फौजियों की ओर से पीओके में किए गए सर्जीकल स्ट्राइक को सही ठहराते हुए इस राष्ट्रीय सुरक्षा की ओर एक बड़ा कदम बताया। पत्रकारों को संबोधित करते हुए मौलाना उमैर इलियासी ने कहा कि ऐसे समय में सभी भारतीय एकजुट है और पाकिस्तान की ओछी हरकतों का मुंह तोड़़ जवाब देने के लिए तैयार है। 
चीफ इमाम मौलाना उमैर इलियासी को सम्मानित करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी, नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवीं व अन्य।
मौलाना इलियासी ने कहा कि हम भारत के सभी इमामों से अपील करते है कि वह किसी भी आंतकवादी के जनाजे की नमाज न पढ़ाए और न ही उनको दफनाने के लिए कब्रिस्तान में जगह दी जाए। उन्होनें कहा कि भारत का मुसलमान अपने देश के प्रति सदैव वफादार रहा है और हमेशा वफादार रहेगा। चीफ इमाम उमैर इलियासी ने कहा कि मुझे गर्व महसूस हो रहा है कि मैं आज उस मस्जिद में बैठा हूँ जहां से शाही इमाम पंजाब के पूर्वजों ने स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के खिलाफ फतवा जारी किया था। उन्होनें कहा कि शाही इमाम का परिवार आज भी देश के लिए बलिदान का प्रतीक है। इस मौके पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि हमें गर्व है कि हमारे सैनिकों ने पाकिस्तान के घर में घुस कर उनको मुंह तोड़ जवाब दिया है। उन्होनें कहा कि पाकिस्तान एक बात अच्छी तरह से समझ लें कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और पाकिस्तान कश्मीर का ख्वाब देखना छोड़ दें। शाही इमाम ने कहा कि केन्द्र सरकार को चाहिए कि जिस किसी भी आंतकवादी को जिंदा पकड़ा जाता है उस पर मुकदमा चलाने की बजाय उसको चोराहे पर फांसी लगा दी जाए। शाही इमाम ने राष्ट्रपति से मांग की कि जिन सैनिकों ने पीओके में जाकर सर्जीकल स्ट्राइक को अंजाम दिया है उनको राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जाए।  इस अवसर पर शाही इमाम पंजाब की ओर से चीफ इमाम मौलाना उमैर इलियासी को तलवार भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवी, गुलाम हसन कैसर, शाहनवाज अहमद, अकरम ढंडारी, बाबुल खान, मास्टर ईदकरीम, कारी मोहतरम, बबलू खान और शाही इमाम पंजाब के मुख्य सचिव मुहम्मद मुस्तकीम अहरारी आदि भी मौजूद थे।

Tuesday, September 27, 2016

लुधियाना फूड पार्क पंजाब को प्रधानमंत्री का उपहार--हरसिमरत कौर बादल

26-सितम्बर-2016 18:15 IST
कहा:पंजाब के कई जिले के किसान एवं प्रोसेसर लाभान्वित होंगे
लुधियाना: 26 सितम्बर 2016: (पीआईबी//पीआरडी//पंजाब स्क्रीन):
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्रीमती हरसिमरत कौर बादल ने सोमवार अर्थात 26 सितंबर, 2016 को लुधियाना मेगा फूड पार्क की आधारशिला रखी, जिसे पंजाब एग्रो द्वारा प्रमोट किया जा रहा है। श्रीमती बादल ने संवाददाताओं को बताया, ‘लुधियाना फूड पार्क पंजाब को प्रधानमंत्री का उपहार है और इससे पंजाब के लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, एस.बी.एस. नगर, जालंधर, मोगा, संगरूर और बरनाला जिले के किसान एवं प्रोसेसर लाभान्वित होंगे।’ 
पंजाब में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के विकास को प्रोत्साहन देने के लिए मंत्रालय ने पंजाब राज्य में तीन मेगा फूड पार्क को मंजूरी दी है। इन तीन मेगा फूड पार्कों में शामिल प्रथम मेगा फूड पार्क पहले ही चालू हो गया है, जो फाजिल्का में अवस्थित है। राज्य में एक अन्‍य मेगा फूड पार्क का शिलान्यास केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्रीमती हरसिमरत कौर बादल द्वारा आज लुधियाना में किया गया, जिसे मेसर्स पंजाब एग्रो इंडस्‍ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएआईसी) द्वारा प्रमोट किया गया है। एक तीसरे मेगा फूड पार्क (मेसर्स सुखजीत मेगा फूड पार्क) को पंजाब के कपूरथला जिले में मंत्रालय द्वारा अनुमोदित किया गया है। 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है, ताकि कृषि क्षेत्र का तेजी से विकास हो सके और यह प्रधानमंत्री की ‘मेक इन इंडिया’ पहल को तेज गति प्रदान करने में विकास का इंजन बन सके। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने एक फोकस क्षेत्र के रूप में खाद्य प्रसंस्करण के लिए आधुनिक बुनियादी सुविधाओं के सृजन की पहचान की है और वह निजी निवेश को प्रोत्साहित कर रहा है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए देश में मेगा फूड पार्क स्कीम को लागू करता रहा है। इस मेगा फूड पार्क के तहत लुधियाना में एक सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर (सीपीसी) है और चार प्राथमिक प्रसंस्करण केन्द्र (पीपीसी) होशियारपुर, अमृतसर, फाजिल्का एवं बठिंडा में स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि सुदृढ़ विपणन सुविधाएं प्रदान की जा सकें। मेगा फूड पार्क से 6000 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध होने और जलग्रहण क्षेत्र में लगभग 25,000-30,000 किसानों के लाभान्वित होने की उम्मीद है। 

इस अवसर पर श्रीमती बादल ने बताया कि यह मेगा फूड पार्क 117.61 करोड़ रुपये की परियोजना लागत के साथ 100.20 एकड़ क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। 

पंजाब के उप मुख्यमंत्री श्री सुखबीर सिंह बादल के अलावा केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति भी इस अवसर पर उपस्थित थीं। 

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आरआरएस – 4474

Monday, September 26, 2016

जनता ने किया न्याय व्यवस्था का श्राद्ध

Sun, Sep 25, 2016 at 5:54 PM
सुभाष कैटी की पहल से आगे आये लोग 
लुधियाना: 25 सितम्बर 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):  

बहुत बरस पहले एक फिल्म आई थी अँधा क़ानून। शायद 1983 में। वास्तव में यह वर्ष 1981 में बनी एक तमिल फिल्म Sattam Oru Iruttarai का हिंदी रूपांतरण था। हिंदी रूप में मुख्य कलाकार थे रजनीकांत, अमिताभ बच्चन, हेमामालिनी डैनी डेंजोगप्पा, अमरीश पूरी, मदन पूरी, प्रेम चोपड़ा, पॉर्न, धर्मेंद्र, माधवी,  गौतमी, असरानी और ओम शिवपुरी। फिल्म की कहानी कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली को तर्कपूर्ण ढंग से प्रस्तुत करते हुए एकआईना दिखाती है पर जल्द ही लोकप्रिय होने के बावजूद भूल जाती है। दाल रोटी के साज़िशी चक्कर में उलझाया गया आम आदमी अपनी उलझनों में उलझ जाता है। सिस्टम कुछ सबक नहीं सीखता। न्याय दिन-ब-दिन असर रसूख और पैसे वालों का गुलाम होता चला गया। उस आईने को दोबारा उठाया है लुधियाना के एक संघर्षशील व्यक्ति सुभाष कैटी ने। उन्होंने न्याय का श्राद्ध आयोजित किया। 

एक प्रेस विज्ञप्ति में उन्हीने बताया कि आज लुधियाना में लुधियाना सोसाइटी फॉर फ़ास्ट जस्टिस के अध्यक्ष सुभाष कैटी ने अपने घर में न्याय का श्राद्ध किया। जिसमे उनके घर में कई व्यक्ति न्याय के श्राद्ध में आये। जिसमे अमनदीप सिंह बाज़, बरनाला से नरिंदर कुमार बिटटा, रविंदर कुमार, शेर के अध्यक्ष, मुकेश ठाकुर, अरुण क्रांतिवीर, राजेश कुमार क्रांतिवीर, डार्क साइड ऑफ़ इंडियन जुडिशरी के हरमीत सिंह टिंकू व् अन्य जिले से कई लोगो ने श्राद्ध कर्म में हिस्सा लिया। वहाँ भोजन ग्रहण किया। उसके बाद सभी सदस्यों ने वर्धमान मिल के पास फुटपाथ पर बिना ट्रैफिक को रोकते हुए शांतमय ढंग से न्याय का श्राद्ध का मनाया। जिसमें पब्लिक को न्याय व्यवस्था में सुधार के बारे में जागरूक किया गया। बिस्कुट बांटे गए। लोगो में आज इस नए किस्म के श्राद्ध को देखकर लोगो में बड़ा उत्साह देखा गया। उनमे कई लोगो ने सहमति भी जाहिर की। इस अवसर पर याद आती है जाने माने पंजाबी शायर सुरजीत पात्र की पंक्तियाँ:

इस अदालत 'च बन्दे बिरख हो गए,
फैसले सुणदियां सुणदियां सुक्क गए।
आखो इहनां नूं उजड़े घरीं जाण हुण;
एह कदों ठीक एथे खड़े रहिणगे। 
इस श्राद्ध का आयोजन उस समय किया गया है जब काफी समय गुज़र जाने के बावजूद अभी तक नामधारी गुरु माता चन्द कौर,  आर एस एस नेता जगदीश गगनेजा जैसे प्रमुख शख्सियतों के हत्यारों का कुछ पता नहीं चल स्का। श्री गुरु ग्रन्थ साहिब की बेअदबी के ज़िम्मेदारों का भी पता नहीं लगाया जा सका। आम लोगों का इस सिस्टम में क्या हाल होगा-यह श्राद्ध इस बात की खबर देता है। आप इस आंदोलन से जुड़ना चाहें तो इस सब की मुख्य प्रेरणा स्रोत सोनिका क्रांतिवीर से मुम्बई में सीधे भी सम्पर्क कर सकते हैं+91 99209 13965 और पंजाब में सुभाष कैटी का नम्बर है-+91 98729  09200 

Tuesday, September 20, 2016

श्री दुर्गा माता मंदिर ट्रस्ट द्वारा नवरात्रि महोत्सव 1 से 9 अक्टूबर तक

23वीं शोभायात्रा सात अक्टूबर को निकाली जाएगी
लुधियाना: 19 सितम्बर 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
नवरात्रि आने को हैं। फिर से तैयारियां ज़ोरों पर हैं। हर गली मौहल्ले और प्रमुख मन्दिरों में सभी आवश्यक प्रबन्धों की शुरुआत हो गई है। श्री दुर्गा माता मंदिर ट्रस्ट द्वारा नवरात्रि महोत्सव 1 से 9 अक्टूबर तक सिविल लाइन स्थित श्री दुर्गा माता मंदिर में धूमधाम से मनाया जाएगा। नवरात्रि महोत्सव के उपलक्ष्य में ट्रस्ट की ओर से 23वीं शोभायात्रा सात अक्टूबर को निकाली जाएगी। शोभायात्रा की तैयारियों को लेकर श्री दुर्गा माता मंदिर प्रांगण में बैठक की गई। बैठक में महानगर की विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। गौरतलब है कि यह मन्दिर यहाँ के उन प्रमुख मन्दिरों में से एक है जिनमें अक्सर आस्था का सैलाब देखा जा सकता है।
केसी गुप्ता ने बताया कि शोभायात्रा में महानगर की विभिन्न धार्मिक, सामाजिक तथा राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि विशेष रूप से शामिल होंगे। बलबीर गुप्ता ने बताया कि शोभायात्रा श्री दुर्गा माता मंदिर से शुरू होकर भारत नगर चौक, माल रोड, फव्वारा चौक से होती हुई सिविल लाइन स्थित श्री सिद्धपीठ दंडी स्वामी मंदिर में संपन्न होगी। इस दौरान पंजाब भाजपा के नवनियुक्त महामंत्री जीवन गुप्ता विशेष रूप से शामिल हुए। ट्रस्ट के सदस्यों ने पंजाब भाजपा महासचिव बने जीवन गुप्ता को सम्मानित किया। इस अवसर पर वरिंदर मित्तल, अश्विनी जैन, जगदीश राज शर्मा, अश्विनी बहल, विकास शर्मा, ओम प्रकाश मलिक, केके अरोड़ा, विमल महेंद्रू, सुनील शर्मा, रवि शर्मा, पूर्ण भगत, मनजीत, गुरिंदर, अनिल शर्मा, राजीव रिखी आदि उपस्थित थे।  आयोजन पहले से भी अधिक भव्य होंगें। 

Monday, September 19, 2016

शहीद सैनिकों के लिए एक-एक करोड़ रूपये की मांग

Mon, Sep 19, 2016 at 12:40 PM
मजलिस अहरार इस्लाम हिंद ने की केंद्र सरकार से मांग 
पाकिस्तान से संबध खत्म कर मुंह तोड़ जवाब दिया जाए
ऊड़ी में आंतकी हमला निंदनीय: शाही इमाम पंजाब
लुधियाना:19 सितंबर 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमानी सानी लुधियानवी
जम्मू-कश्मीर के ऊड़ी सैक्टर में पाकिस्तानी आंतकवादियों की तरफ से किए गए आंतकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि भारत सरकार को चाहिए कि पाकिस्तान से सभी राजनीतिक व कूटनीतिक संबध खत्म करके उसे मुंह तोड़ जवाब दिया जाए। आज यहां फील्डगंज चौंक स्थित लुधियाना जामा मस्जिद में एक सभा का आयोजन किया गया। जिसमें आंतकवाद के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धाजंलि भी दी गई। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि भारत के साथ समय-समय पर पाकिस्तान की हकूमतें धोखा करती आई है जिसे अब और सहन नहीं किया जा सकता। उन्होनें कहा कि पाकिस्तान के शासक आंतक के सूत्रधार है। ऐसे पड़ौसी के साथ जुबान से नहीं बात की जा सकती। शाही इमाम ने कहा कि छुप कर हमारे देश में आंतकी हमले करना कायरता की निशानी है। उन्होनें कहा कि आंतकवाद का कोई धर्म नहीं होता। जो भी व्यक्ति या संस्था आंतक फैलाती है उसका खात्मा किया जाना चाहिए। पंजाब के शाही इमाम ने कहा कि पाकिस्तान इस बात को अच्छी तरह समझ ले कि भारत के हिन्दू,सिख, मुस्लिम व दलित अपने देश की रक्षा के लिए एकजुट है। कोई भी विदेशी ताकत हमारी ऐकता को नहीं तोड़ सकती। इस अवसर पर मजलिस अहरार इस्लाम हिंद की ओर से केन्द्र सरकार से मांग की गई कि शहीद सैनिकों के परिवार वालों को एक-एक करोड़ रूपये सहायता राशि दी जाए।

Thursday, September 15, 2016

हिन्दी के विकास में गैर हिन्दी क्षेत्र के विद्वानों का बहुत बड़ा योगदान


हिन्दी को हमें आत्म सम्मान के साथ जोड़ना होगा-राधे श्याम शर्मा
कमला  लोहटिया कालेज लुधियाना में भी हिंदी दिवस 
पंचकूला/चंडीगढ़/पिंजौर/लुधियाना14 सितंबर 2016: (पुष्पिंदर कौर//पंजाब स्क्रीन):
विवाद करने वाले विवाद करते रहे लेकिन हिंदी के चाहने वाले लगातार बढ़ रहे हैं। हिंदी में बात करना और हिंदी में लिखना अब धीरे धीर गर्व की बात महसूस करने जैसा हो रहा है। हिंदी दिवस के अवसर पर चंडीगढ़ और आसपास ले इलाकों में विशेष कार्यक्रम हुए। 

हिन्दी केवल अभिव्यक्ति की भाषा नहीं है। हिन्दी एक राष्ट्र, एक सभ्यता, एक संस्कृति है। यह विचार दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रो.कुमुद शर्मा ने हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित हिन्दी दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रकट किए। उनके विचारों को सभी ने बहुत प्रेम से सुना। 
उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य की स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य में इस वर्ष अकादमी द्वारा प्रदेश के सभी सरकारी तथा गैर सरकारी सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में हिन्दी दिवस पर विशेष आयोजनों की व्यवस्था की गई है। अकादमी के उपाध्यक्ष राधे श्याम शर्मा ने कहा कि हिन्दी भाषा के विकास में गैर हिन्दी क्षेत्र के विद्वानों का बहुत बड़ा योगदान है। हिन्दी के विकास को हमें आत्म सम्मान और अस्मिता के साथ जोड़ना होगा तब शायद हिन्दी दिवस मनाने की आवश्यकता ही न रहे। गोष्ठी में सतनाम सिंह, अरुण जौहर, गणेश दत्त, निखा खोलिया, सुनीता नैन, एसएल धवन, चन्द्र भार्गव, संगीता बैनीवाल, उर्मिल सखी, सुशील हसरत, नरेन्द्र आहुजा विवेक, राजेश पंकज, शशि प्रभा, मीरा गौतम, अमर जीत ‘अमर’ तथा सुभाष रस्तोगी ने कविता पाठ किया। मंच संचालन डॉ. विजेन्द्र कुमार ने किया जिसे बहुत पसन्द किया गया।
पिंजौर/कालका: इसी तरह बुधवार को हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में पिंजौर, कालका के विभिन्न स्कूलों में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सीआरपी केन्द्र पिंजौर के केन्द्रीय विद्यालय में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। सेंट विवेकानंद स्कूल पिंजौर में वॉइस प्रिंसिपल पल्लवी भारद्वाज, बाल भारती स्कूल कालका की प्रिंसिपल पूनम गौतम ने बच्चों को हिंदी का महत्व बताया। इन  ही हिंदी का प्रभाव क्षेत्र बढ़ेगा। 
लुधियाना: अन्य स्थानों की तरह लुधियाना में भी बहुत से संस्थानों की ओर  से विशेष आयोजन हुए। गवर्नमेंट कॉलेज फॉर ब्वॉयज में पंजाब हिंदी परिषद नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति द्वारा संयुक्त रुप से राष्ट्रीय हिंदी दिवस के मौके पर समारोह का आयोजन किया गया। इस शानदार कार्यक्रम में हायर एजुकेशन मिनिस्टर सुरजीत सिंह रखड़ा मुख्यातिथि के तौर पर शामिल हुए। वहीं, मेयर हरचरण सिंह गोहलवड़िया, राजेंद्र भंडारी, अजय सिंह, मदन बस्सी, अंगरुप सोनम, आर के मल्होत्रा ने विशेषातिथि के तौर पर शिरकत की। कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. धर्म सिंह संधू ने सभी मेहमानों का स्वागत किया। हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार भाषा आयोग के सदस्य हरमिंदर सिंह बेदी ने मुख्य प्रवक्ता के तौर पर हिस्सा लिया। यशपाल बांगिया ने पंजाब हिंदी परिषद के प्रयासों पर प्रकाश डाला। डॉ. बबीता जैन और डॉ. निरत्तोमा मोदगिल शर्मा ने पंजाब में हिंदी के उपयोग उत्थान पर जोर दिया। एससीडी गवर्नमेंट कॉलेज, मालवा सेंट्रल कॉलेज के स्टूडेंट्स ने कल्चरल कार्यक्रम पेश कर सभी का मनोरंजन किया। इस मौके पर किरन साहनी, रणधीर शर्मा ने भी खासतौर पर शिरकत की। पंजाब हिंदी परिषद के प्रधान नरेंद्र बांगिया ने समारोह के सफल आयोजन के लिए ओम प्रकाश शर्मा, यश पाल छाबड़ा, महेश शर्मा अन्य कार्यकारी सदस्यों का धन्यवाद किया। लुधियाना का यह आयोजन भी बेहद सफल रहा। 

Wednesday, September 14, 2016

रिलांयस जिओ ने कुछ बताया लेकिन बहुत कुछ छिपाया

महंगे और सस्ते/अच्छे और बुरे का फैसला उपभोक्ता खुद कर
कारोबारी दुनिया में अगर पारदर्शिता आ जाये तो सम्भव है बहुत से वो कारोबार बन्द हो जाएं जो लोगों को असली बात की जगह नकली तस्वीर दिखा कर लुभाते हैं और आखिर उनकी जेब काटने में सफल हो जाते हैं। कोई न कोई चीज़ बाजार में बहुत चलती है और बाद में कहा जाता है वो तो बहुत खतरनाक थी।  शोर बढ़ता है तो उस पर पाबन्दी लगा दी जाती है। पहले यह सब खान पान में चलता था, प्रापर्टी में चलता था और शायद कुछ और क्षेत्रों में भी।  

अब सोशल मीडिया पर चर्चा है रिलांयस जिओ के की। लम्बी लम्बी लाईनों  के बावजूद अभी किसी ने अपना पुराण नम्बर बन्द नहीं कराया औरन ही किसी अन्य ऑपरेटर ने रिलायंस जिओ की घोषणा से घबरा कर अपने टैरिफ बदले हैं।  इस तरह के आंकड़ों और इनकी हक़्क़ीक़त पर नज़र रखने वालों ने कुछ आशंकाएं अवश्य व्यक्त की हैं। 

चर्चा के मुताबिक रिलांयस जिओ का सिम खरीदने से पहले और अपना पुराना कनेक्शन बंद कराने से पहले मुकेश अंबानी जी का गणित समझ लीजिए। दरअसल रिलायंस जीओ की लांचिंग के दौरान अंबानी ने बड़े-बड़े दावे तो किए लेकिन असल बात छिपा गए। रिलांयस का दावा है कि एक जीबी डाटा 50 रुपये में मिलेगा, लेकिन अंबानी ने यह नहीं बताया कि 50 रुपये में एक जीबी डाटा पाने के लिए पहले आपको कम से कम 499 रुपये खर्चने होंगे। अलग-अलग वेबसाइटों पर मौजूद कंपनी के ट्रैरिफ प्लान को पढ़ने के बाद तो यही बात समझ आ रही है। अंबानी सब बता गए, लेकिन इस बात को छिपा गए। अहम बात यह है कि 50 रुपये में मिलने वाला एक जीबी डाटा मोबाइल डाटा नहीं, बल्कि वाईफाई डाटा है। इसका प्रयोग आप रिलायंस हॉटस्पाट आसपास होने पर ही कर पाएंगे। टैरिफ प्लान के अनुसार पूरे महीने डाटा यूज करने के लिए आपको कम से कम 499 रुपये खर्च करने होंगे। रिलांयस के प्लान उन लोगों के अच्छे हैं जो डाटा पर हर महीने 500 या इससे ज्यादा रुपये खर्च करते हैं। मुझे लगता है एक जीबी डाटा में पूरा महीना काट देने वाले लोगों की तादाद ज्यादा है। और 28 दिन की वैलिडिटी के साथ एक जीबी 3जी डाटा की कीमत फिलहाल 156 रुपये है।
यह है गणित
जिओ ने कुल 10 ट्रैरिफ प्लान लांच किए हैं। इनकी कीमत 19 से लेकर 4999 रुपये है। सभी प्लान्स में वायस काल्स और रोमिंग पूरी तरह मुफ्त है।
हालांकि, मुफ्त कालिंग के लिए सिम की वैलिडिटी के लिए कितना खर्च करना होगा यह अभी स्पष्ट नहीं है।

19 रुपये- इसमें 1 दिन के लिए 100 एमबी डाटा मिलेगा। साथ में 200 एमबी वाईफाई डाटा मिलेगा। वाईफाई डाटा खत्म होने के बाद हर एक जीबी
डाटा के लिए 50 रुपये देने होंगे
129 रुपये- 750 एमबी डाटा सात दिन के लिए। 1.5 जीबी वाईफाई डाटा और इसके बाद हर एक जीबी वाईफाई डाटा के लिए 50 रुपये देने होंगे।
149 रुपये-300 एमबी डाटा 28 दिन की वैलिडिटी के साथ। इसमें आपको कोई वाईफाई डाटा नहीं मिलेगा। यानि 50 रुपये में एक जीबी डाटा का वादा इस प्लान में झूठा है।
299 रुपये- 21 दिन की वैलिडिटी के साथ 2 जीबी डाटा। 4 जीबी वाईफाई डाटा और इससे अधिक प्रयोग पर 50 रुपये में 1 जीबी डाटा।
499 रुपये- 28 दिन की वैलिडिटी के साथ 4 जीबी डाटा। 8 जीबी वाईफाई डाटा और इससे अधिक प्रयोग पर 50 रुपये में 1 जीबी डाटा। यानी 2दिन की वैलिडिटी के लिए आपको कम से कम 499 (टैक्स अलग) रुपये खर्चने होंगे। जिन लोगों का काम एक जीबी के चार्ज में चल जाता है उनके लिए यह महंगा पड़ेगा।
इसके अलावा 999, 1499, 2499, 3999, 4999 के प्लान्स भी हैं, जो सिर्फ हैवी यूजर्स के लिए ही फायदेमंद हो सकते हैं।

रिलांयस के बाजार में उतरने से उपभोक्ताओं का फायदा होगा, इसमें कोई शक नहीं है। मेरा कहना सिर्फ इतना है कि दावों में स्पष्टता होनी चाहिए और उपभोक्ताओं का भरोसा जीतने के लिए यही एक बात जरूरी है। बाकी महंगे और सस्ते/अच्छे और बुरे का फैसला उपभोक्ता खुद कर लेगा।

Tuesday, September 13, 2016

पंजाब एक ऐसी जगह है जहाँ के बच्चो में खूब टैलेन्ट है-दीपक रॉय

Date: 2016-09-13 19:07 GMT+05:30
फैशन शो सीजन-2 के ऑडिशन के करीब बच्चो ने ने भाग लिया
लुधियाना: 13 सितम्बर 2016: (पुष्पिंदर कौर//पंजाब स्क्रीन):
आज की व्यापारिक दुनिया में क्या सही है और क्या गलत इसका पता वक़्त के साथ ही चलता है लेकिन दुनिया इस सब के बावजूद चलती रहती है। अब एक न्य आयोजन चर्चा में है। गोल्डन क्राउन के प्रबन्धकों का कहना है कि यह एक ऐसा प्लेटफार्म जो आपके सपनोँ को हक़ीक़त में बदल सकता है। गोल्डन क्राउन फैशन शो सीजन -2 के ऑडिशन फ़्रंगी फैशन,सराभा नागर में आयोजित किए गए। इसी तरह इवेंट को आयोजित किया शो के ओनर दीपक रॉय और हैरी जस्सल ने। दीपक रॉय ने बताया कि पंजाब एक ऐसी जगह है जहाँ के बच्चो में खूब टैलेन्ट है। बराबरी के इस युग में वे हर एक लड़के और लड़कियों को कैरियर की इस फील्ड में मौका देना चाहते है। हैरी जस्सल ने बताया कि ऑडिशन में सौ के करीब बच्चो ने भाग लिया जिन में लड़के ,लड़किया और छोटे बच्चे शामिल थे। इस ऑडिशन को जजों ने जज किया जिसमें सना चंदोक,मीतू खोसला,दीपक रॉय और हैरी जस्सल शामिल थे।शो करवाने का मकसद ये है कि बच्चो के अंदर छुपे टैलेंट को आगे लेके आया जा सके और डिज़ाइनर और मॉडल्स के लिए अच्छा मौका है कि वो लुधियाना को अपने अंदर छिपा टैलेंट दिखा सके। इस मौके पर वनीत लाहर, करण जुनेजा,जपनीत चावला, र.डी. सिंह,जसलीन भल्ला आदि शामिल थे इन्होंने ऑडिशन को सफ़ल बनाने में मदद की। अब देखना है कि  इसका फायदा कितने बच्चों  तक पहुंचता है। 

Monday, September 12, 2016

सारे हिन्दोस्तान का पेट भरना हमारी डयूटी-वीसी डा. ढिल्लों

मेले में बताये गए किसानों को आर्थिकता सुधारने के गुर 
नाग कलां-जहांगीर  (अमृतसर) से लौट कर रेक्टर कथूरिया :
खुद दर्द सह कर भी दूसरों को मुस्कराहट देना यह हिम्मत और गौरव पंजाबियों के हिस्सा ही आया है। जब किसान खुदकुशियां कर रहा है उस कठिन समय भी पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी ने देश के प्रति लगाव और स्पिरिट में कमी नहीं आने दी। पीएयू के उपकुलपति डॉक्टर बलदेव सिंह ढिल्लों ने यहाँ आयोजित किसान मेले में याद दिलाया कि पूरे हिन्दोस्तान का पेट भरना हमारा कर्तव्य बनता है। यहाँ सितम्बर महीने में आयोजित किसान मेलों में से दूसरा मेला आज सोमवार 12 सितम्बर 2016 को आयोजित हुआ। 
पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र नाग कला में किसान मेला लगाया गया। मेले के समारोह में डॉ. बलदेव सिंह ढिल्लों वीसी पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी मुख्य मेहमान के तौर पर शामिल हुए। मेले के दौरान कृषि से संबंधित मुकाबले भी करवाए गए। इनमें घरेलू काम को कारोबार तक लेजाने के लिए घरेलू उत्पडन्न की प्रतियोगिता भी शामिल थी। सेवियां बनाने के मुकाबले में इलाके की 15 महिलायों ने भाग लिया। जिनमें चार को सम्मानित भी किया गया। महिला सशक्तिकरण का यह प्रयास बेहद कामयाब भी हो रहा है।  पीएयू के बनाये सेल्फ हैल्प ग्रुप बहुत ही कामयाबी से चल रहे हैं। इनका सामान तरोताज़ा, पौष्टिक और सस्ता भी होता है। कोई बड़ी कम्पनी खराब सामान बेच क्र भी कई बहाने लगा सकती है लेकिन इन कल्बों की सदस्य महिलाएं जानती हैं कि इनको यहां रहना है अपने लोगों के बीच इसलिए इनके साथ व्यवहार शुद्ध रखना आवश्यक है। इन महिलायों के चेहरे पर एक आत्म विश्वास और आंखों में सफलता की चमक होती है। अपने परिवार की आर्थिकता को मज़बूत बनाने में सक्रिय यह साधारण सी महिलाएं बहुत ही असाधारण कार्य कर रही है जिसकी अहमियत अभी तक पूरी तरह लोगों के सामने नहीं आई है। इन मेलों में इन महिलायों की सफलता आसानी से देखी जा सकती है। कर्ज़ लेकर काम शुरू करने वाली ये महिलाएं आज अछि खासी कमाई कर रही हैं वो भी बिना किसी नौकरी के। इस मेले में भी ऐसा एलोवेरा जूस बेचा जा रहा था और केवल एक दिन पूर्व ही पैक किया गया था। बाजार के ब्रांडेड जूस से कुछ महंगा होने के बावजूद हाथो हाथ बिक रहा था। शहद के साथ साथ आंवला का आचार और मुरब्बा भी ग्राहकों को लुभा रहा था। इन महिलायों और कुछ पुरुषों ने भी बताया कि अब अगर वे अपने पैरों पर खड़े हैं तो केवल पीएयू से मिली ट्रेनिंग और प्रोत्साहन की बदौलत। 
इस अवसर पर डॉ. आरके गुब्बर, डॉ. राजिंदर सिंह, डॉ. गुरमीत सिंह, महिंद्र सिंह ग्रेवाल, डॉ. तरसेम सिंह, डा. हरवंत सिंह औलख डिप्टी डायरेक्टर कृषि विभाग तथा डॉ. रंजीत सिंह आदि मौजूद थे। इसके साथ ही आत्म हत्या कर रहे किसान की हालत सुधरने के लिए पीएयू ख़ामोशी से सक्रिय है। इस दुसरे किसान मेले में भी इस बात पर ज़ोर दिया गया कि किसान को पूरा वर्ष मेहनत करने और केवल दो दिन आमदन लेने की जगह अब खुद को बदलना होगा और हर रोज़ आमदन लेनी होगी। इस मकसद के लिए किसान को दूध के साथ साथ सब्ज़ियों की तरफ भी विशेष ध्यान देने को कहा जा रहा है। दूध और सब्ज़ियां ही ऐसी चीज़ हैं जो हर रोज़ बिक सकती हैं। 
मेला कोई सरकारी या अकादमिक आयोजन न होकर एक पारिवारिक मिलन की तरह लग रहा था जिसमें सभी अपना सुख दुःख साँझा कर रहे थे। मेले में तरह तरह जे स्टाल लगे थे और जितने लोग पंडाल में थे उससे कहीं अधिक इन स्टालों पर थे। फूल और शाखाएं काटने वाली कैंची से लेकर ट्रेक्टर तक बेचे जा रहे थे। सब्ज़ियों के बीजों की मांग यहाँ बहुत ज़्यादा थी। शायद ही कोई हो जिसने सब्ज़ी के बीजों की किट न खरीदी हो। केवल 100/- रूपये की इस किट में दस तरह की सब्ज़ियों के बीज थे जिन्हें घर में भी उगाया जा सकता है। 
वाइस चांसलर डॉक्टर ढिल्लों ने इन कृषि केंद्रों की स्थापना और मेलों के आयोजन का संक्षिप्त सा इतिहास बताते हुए कहा कि इनसे फायदा लेना अब हर किसान का फ़र्ज़ है। 

इस समय माता जी को ही निर्विवाद हो कर माथा टेका जा सकता है

उनको सद्गुरु रूप में स्वीकार कर पंथ को टूटने से बचा सकते हैं
नामधारी पंथ के पूजनीय श्री सतगुरु जगजीत सिंह जी की धर्मपत्नी श्री माता चंद कौर जी का नाम उसी श्रेणी में आता है,जिन माताओं की देवियों के रूप में पूजा की जाती है तथा गुरबाणी में भी उन्हें धन्यता योग्य स्थान प्राप्त है जैसे 
धन्नु सु वंसु  धन्नु सु पिता धन्नु सु माता जिनि जन जणे।। (११३५ )  

धनु जननी जिनि जाइिआ धन्नु पिता परधानु।।  (३२ )  आदि। 
           श्री माता चंद कौर जी द्धारा पंथ व गरीबों और दुखियों की सेवा व सहायता की। श्री सतगुरु जी के पावन चरणों में रहते हुए देश की आज़ादी के बाद बेघर हुए लोगों के इलाकों में बसाने, आबाद करने तथा उन्हें उन्नति के शिखर तक पहुँचाने में आप जी ने सतगुरु जी के साथ मुख्य भूमिका निभाई। आप दिन रात पंथ की सेवा में लगे रहते। माता जी सर्वगुण सम्पन्न थीं।  

       आप जी की  महानता का परिचय श्री ठाकुर दलीप सिंह जी के बचनों तथा उन तस्वीरों से मिलता है जो स्वयं आप जी ने अपनी अलौकिक फोटोग्राफी से तैयार कर उन्हें सेवा के प्रत्यक्ष स्वरुपशांत मूरत तथा जगत माता आदि उपनामों से सम्बोधित कर सभी  नामधारी परिवारों में सप्रेम भेंट स्वरुप दी। इसके साथ ही ऐसे पूजनीक माता जी की निन्दा करने से भी वर्जित किया था। संभव है कि उस समय भी कुछ मनमुख लोग माता जी की निंदा करते होंगे।
   
            उसके बाद दिसंबर 2012 में नामधारी पंथ के मुखी  श्री सतगुरु जगजीत सिंह जी के ब्रह्मलीन हो जाने के बाद नामधारी पंथ में कुछ दरारें आती देख पंथ को एकजुट करने के लिए श्री ठाकुर दलीप सिंह जी ने यह निर्णय लिया कि इस समय माता जी ही केवल पंथ की सर्वोच्च हस्ती हैं जहाँ बिना किसी विवाद के माथा टेका जा सकता है और पंथ इकट्ठा हो सकता है। हम उनको सद्गुरु रूप में स्वीकार कर पंथ को टूटने से बचा सकते हैं और केवल कहा ही नहीं बल्कि श्री सतगुरु जगजीत सिंह जी के गुरुद्धारा साहिब श्री जीवन नगर में हो रहे श्रद्धांजली समारोह के दौरान श्री माता  चंद  कौर जी की तस्वीर को सतगुरु जगजीत सिंह जी की तस्वीर के साथ सुशोभित कर पहले आप नमस्कार की फिर सारी संगत को नमस्कार  करने तथा अरदास में उनका नाम शामिल कर के अरदास करने का हुक्म किया। ऐसे समय में श्री ठाकुर दलीप सिंह जी  ने सद्गुरु जगजीत सिंह जी की ओर से उनके सेवक डॉ. इक़बाल सिंह जी द्धारा भेजे गए गद्दी के उत्तराधिकारी होने के हक़ को त्याग कर दूर दृष्टि  से ये सोचा कि इस परिस्थिति में केवल माता जी के चरणों में सीस झुका कर ही सारा पंथ इक्कठा हो सकता है। और ऐसा ऐलान आप जी ने कोई निजी स्वार्थ के लिए नहीं अपितु  पंथ की भलाई के लिए किया।  

        संगत के लिए यह कोई मुश्किल काम नहीं था क्योंकि माता जी तो पहले से ही महान हस्ती श्री सतगुरु जगजीत सिंह जी की धर्मपत्नी होने के नाते सभी की पूजनीय थीं। पर पता नहीं संगत क्यों दुविधा में पड़ गई और संगत ने उनके आदेश का पूरी तरह से पालन नहीं किया। और कई लोग आप जी से वाद-विवाद करने लग गये क्योंकि कई मतलब परस्त तथा स्वार्थी लोगों को शायद यह खतरा पैदा हो गया कि यदि माता जी गुरुगद्दी पर बिराजमान हो गये तो वे गुरुघर की सम्पति पर कब्ज़ा कैसे करेंगे और भैणी साहिब में रहने वाले कुछ कब्जाधारी लोगों ने तो बहुत टीका टिप्पणी की। वे कहने लगे कि ये कौनसा नया काम है? एक स्त्री कैसे गुरु बन सकती है?जबकि गुरबाणी में सतगुरु के अनेक लक्षण लिखे हैं पर ऐसा कहीं नहीं लिखा कि एक स्त्री गुरु नहीं बन सकती। और इस तरह माता जी को गुरु रूप में स्वीकार नहीं किया। पर उनकी इस मनमत से पंथ का कई तरह से नुकसान हुआ। पंथ का सबसे बड़ा नुकसान यह हुआ कि पंजाब की धरती पर माता जी की हत्या का कलंक लग गया और हमने अपने पूज्य माता जी को खो दिया।
काश! समूह नामधारी संगत ने श्री ठाकुर दलीप सिंह जी का आदेश मान कर माता चंद कौर जी को गुरु रूप में स्वीकार कर लिया होता। यदि माता जी सतगुरु रूप में बिराजमान होते तो नामधारी पंथ को ऐसी संकट की घड़ी ना देखनी पड़ती। हम उनके पावन सानिध्य का आनंद ले रहे होते और समाज व देश के लिए महान मिसालें कायम करने वाला नामधारी पंथ आज इस कगार पर असमंजस में ना खड़ा होता।  
 पर इस समय दौरान ही सिक्ख पंथ के निरंकारी समुदाय में ऐसा ही उदाहरण देखने को मिला जिसने पंथक हितैषी नामधारी समुदाय को यह सोचने के लिए मजबूर कर दिया कि नामधारियों ने माता जी को गुरु मानने का ऐलान कर शुरुआत तो की पर इसका लाभ नही उठा सके। इसका लाभ उनके निरंकारी भाइयों ने प्राप्त कर लिया। क्योंकि निरंकारी समुदाय ने  नामधारी पंथ के मुखी श्री ठाकुर दलीप सिंह जी द्वारा सर्वप्रथम शुरू की जाने वाली परंपरा को अपना कर इतिहास में एक नई मिशाल कायम की है। उन्होंने मई 2016 में अपने पंथ के मुखी बाबा हरदेव सिंह जी के ब्रह्मलीन हो जाने के पश्चात् ज्यादा दुविधा में न पड़ कर उनकी धर्मपत्नी माता सविंदर कौर जी को गुरु रूप में स्वीकार कर सराहनीय कार्य किया है। माता सविंदर कौर जी ने पंथ को उसी तरह सहेज लिया तथा सारा पंथ उनके समक्ष नतमस्तक है। इसके अलावा पंथ में किसी प्रकार का विवाद नहीं उठा और पंथ उन्नति की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सभी के समक्ष एक ऐसा उदाहरण प्रस्तुत कर दिया उन लोगों को भी प्रेरणा दी है जो कहते थे कि एक स्त्री कैसे गुरु बन सकती है ? अतः आज भी उन लोगों को नारी शक्ति के अस्तित्व को पहचानने की जरूरत है जिन्हें पूजनीय स्थान देने पर हमेशा लाभ ही होता है नुकसान नहीं। महर्षि मनु जी ने संस्कृत के एक श्लोक में ठीक ही कहा है......         "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता।यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्र फ़ला: क्रिया: ।।"   

अर्थात जहाँ स्त्रियों की पूजा की जाती है वहां देवता निवास करते हैं। जहाँ ये नहीं पूजी जाती वहां सभी कार्य निष्फल हो जाते हैं। 


    प्रिंसीपल राजपाल कौर , 90231-50008 , Email : rajpal16773@gmail.com 

Friday, September 09, 2016

इस बार पीएयू ने बल्लोवाल सौंखड़ी से दी किसान मेलों की दस्तक

यहां महसूस होता है जल, जंगल और ज़मीन का महत्व  
बल्लोवाल सौंखड़ी से लौट कर रेक्टर कथूरिया 09 सितम्बर 2016:
बल्लोवाल सौंखड़ी यूं तो नवांशहर में है लेकिन यहाँ पहुँचने के लिए काफी आगे जाना पड़ता है। प्राकृतिक सौंदर्य से परिचय कराता यह गाँव बलाचौर से भी काफी आगे जा कर है। यहाँ पहुँच कर महसूस होता है कि माल्स की बड़ी बड़ी इमारतों के मुँह में जा रहे जल, जंगल और ज़मीन की अहमियत क्या होती है। लुप्त हो रहे इस सौंदर्य को बचने के लिए क्या क्या करना आवश्यक है यह प्रश्न निश्चय ही मन में उठने लगता है। प्रकृति से दूर होते जा रहे इंसान को कृषि के ज़रिये फिर प्रकृति के नज़दीक लाना कितना आवश्यक है। प्रसन्नता की बात है कि पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी इस काम को बहुत ही कुशलता से कर रही है। इसकी झलक देखने को मिली यहाँ आयोजित किसान मेले में।
बल्लोवाल सौंखड़ी, नवांशहर पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी में आयोजित होने वाले किसान मेलों में पहला क्षेत्रीय किसान मेला शुक्रवार को क्षेत्रीय खोज केंद्र, बल्लोवाल सौखड़ी, जिला शहीद भगत सिंह नगर में लगाया गया। मेले का उद्घाटन पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक बोर्ड के मैंबर डा. सतबीर सिंह गोसल ने किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. बलदेव सिंह ढिल्लों, उप कुलपति, पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी ने की। इस मौके पर शहीद भगत सिंह नगर के एडीशनल डिप्टी कमिश्नर परमजीत सिंह विशेष मेहमान के तौर पर शामिल हुए। कार्यक्रम में जिले के मुख्य कृषि अफसर डा. जसवंत सिंह भी उपस्थित थे।

इस मौके पर डा. गोसल ने कहा कि यह मेले ज्ञान विज्ञान के मेले होते हैं। हमें इनसे अधिक से अधिक लाभ लेना चाहिए। इस के साथ हम अपनी खेती को तकनीकी दिशा प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बागवानी, दवा और जड़ी -बूटी के पौधों की खेती को और उत्साहित किया जा सकता है। किसानों को सब्जियां भी उगानी चाहिए, जिससे वे घर की रसोई के लिए पौष्टिक खुराक प्राप्त कर सकते हैं। किसानों को अनावश्यक खर्च न करने की अपील करते हुए खेती को और लाभपरक बनाने की अपील भी उन्होंने की। उन्हीने इस जगह प्राकृतिक महत्व को भी विस्तार से बताया और लोगों से कहा कि यहाँ के पावन जल, शुद्ध हवा और महत्वपूर्ण तत्वों से भरी इस भूमि का फायदा उठाएं।  उन्हने वो सब चीज़ें गिनवाईं जिन्हें ऊगा कर किसान अपनी आर्थिकता सुधार सकते हैं।
अध्यक्षीय भाषण में डा. बलदेव सिंह ढिल्लों, वाइस चांसलर, पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी ने कहा कि खादों का प्रयोग मिटटी और पत्ता परख आधार पर करने के से खादों की बचत होती है और झाड़ में भी वृद्धि होती है। डा. ढिल्लों ने कहा कि यूनिवर्सिटी अपनी खेती खोजों और नई तकनीकें को किसानों तक पहुंचाने के लिए कई तरीके इस्तेमाल करती है, उन में से किसान मेले किसानों तक पहुँच बनाने का सब से सफल ढंग है। यूनिवर्सिटी की तरफ से लगाए जाते यह किसान मेले सिर्फ किसानों को नयी तकनीकें तो बताते ही हैं, साथ ही वैज्ञानिकों को किसानों की मुश्किलों बारे भी जानकारी होती है और वे खेती खोज को नई दिशा प्रदान करने में भी अहम हिस्सा डालते हैं। उन्होंने नरमा कपास पट्टी में सफेद मक्खी के हमले को काबू करने के लिए सभी से मिले सहयोग के लिए बधाई दी। डा. ढिल्लों ने किसानों का इस लिए भी धन्यवाद किया कि उन के साथ मिल कर ही हम पानी के गिरते स्तर को काबू करने में, रासायनिक खादों का प्रयोग कम करने में सफल हुए हूँ। उन्होंने गुरु सेवा संस्था के बच्चों की तरफ से पेश किए नाटक की भरपूर प्रशंसा की और ऐसे साधनों को खेती प्रसार शिक्षा का हिस्सा भी बनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में एडीसी (विकास) परमजीत सिंह ने यूनिवर्सिटी की तरफ से इस पिछड़े क्षेत्र में किए जा रहे अनुसंधानों की प्रंशसा की। इसके साथ ही उन्हने सवाल भी किया कि पड़ोसी राज्य राजस्थान की हालत भी कोई ज़्यादा अच्छी नहीं लेकिन वहां से कभी आत्महत्या की खबर नहीं आई। उन्होंने संकेतों ही संकेतों में बहुत कुछ कहा जिसे समझना बेहद ज़रूरी है क्योंकि इसे समझ कर ही हालत सुधर सकती है। उन्होंने इस बात पर दुःख व्यक्त किया कि तेज़ी से बढ़ रहा मोबाईल का चाव घरों के धन को बर्बाद कर रहा है। परिवार के हर सदस्य ने पांच पांच मोबाईल रखे हुए हैं जिनकी ज़रूरत नहीं होती। हर मोबाईल पर कम से कम पांच सौ रूपये महीना खर्च भी आता है। सब्ज़ी मौल लेनी पद्धति है, दूध भी खरीदना पड़ता है, पढ़ाई पहले ही महंगी है इस हालात में गरीबी नहीं बढ़ेगी तो क्या होगा? उन्होंने इस बात पर कटाक्ष भी किया कि हमारे गाँवों की पंचायतें हमारे फ़ंडज़ का आयद उठाने के लिए गलियां नालियां पक्की करने की मांग से ऊपर ही नहीं उठती। उन्होंने विकास के कामों में बढ़ रही सियासत की सोच पर चिंता ज़ाहिर की। उन्होंने बहुत ही कम शब्दों में नशे से खोखले हो रहे जिस्मों को बचने और खुशहाली के पथ पर आगे बढ़ने का आह्वान भी किया। गौरतलब है कि एडीसी (विकास) परमजीत सिंह का पीएयू के साथ बहुत ही पुराना और भावुक रिश्ता भी है। उन्होंने यहीं से शिक्षा भी ली। जब वह अपनी बातें कह कर अपनी सीट पर लौटने लगे तो मंच पर मौजूद सभी वीआईपीज ने उनका अभिवादन किया। 
पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी के निदेशक खोज, डा. आरके गुम्बर ने यूनिवर्सिटी की खोज गतिविधियों के साथ जान-पहचान करवाते हुए कहा कि इस बार गेंहू की नई किस्मों पीबीडब्ल्यू 725 और 677 किसान वीरों के लिए सिफारिश की हैं, जो झाड़ देने साथ-साथ कई बीमारियों का मुकाबला भी करती हैं।

इससे पहले किसानों व अतिथियों का स्वागत करते पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी के निदेशक प्रसार शिक्षा डा. राजिन्दर सिंह सिद्धु ने कहा खेती के साथ जुड़ी समस्याएं लगातार गंभीर हो रहीं है, जिनके प्रति जागरूक होना लाभदायक मी है इस लिए इन मसलों को सही दिशा में यूनिवर्सिटी की सिफारिशों की ओर ध्यान देने की जरूरत है, किसानों को इस मेले में से नए विकसित ज्ञान के लिए खेती साहित्य, शहद और अन्य उपयोगी चीज़ों को भी ले कर जाना चाहिए।
इस अवसर पर संगीतमय सांस्कृतिक कार्यक्रम के ज़रिये जहाँ पंजाब की संस्कृति और टप्पे-बोलियों को याद किया गया वह समाज में व्याप्त कुरीतियों को भी एक लघु नाटिका के मंचन से कॉमेडी के रंग में बेनकाब किया गया। 

Sunday, September 04, 2016

तीन महीने बाद भी रमन की हत्या सबंधी पुलिस नें नहीं की कार्यवाही

Sun, Sep 4, 2016 at 6:00 PM
लापता होने के दो दिन बाद रजवाहा से मिली थी रमन की लाश
*रमन की हत्या तीन महीने बाद भी पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप 
*परिवार ने एसएसपी को पत्र देकर इंसाफ की लगाई गुहार
बरनाला: 4 सितम्बर 2016: (विजय जिंदल//पंजाब स्क्रीन)
भदौड़ निवासी जीवन राम पुत्र वेद प्रकास के नौजवान लडक़े रमन के लापता होने से दो दिन बाद राजवाहा में से लाश मिलने के बाद रमन के परिवार नें उपरोक्त लाश की शनाखत करते हुए लडक़े के कत्ल की बात करते हुए पुलिस थाना भदौड़ में अपने लडक़े रमन की प्रेमिका के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई थी परंतु उपरोक्त मामला दर्ज हुए करीब तीन महीने बीत चुके हैं पुलिस ने अब कोई कार्यवाही नहीं की पुलिस द्वारा कार्यवाही न किये जाने से दुखी परिवारिक सदस्यों ने आज एसएसपी बरनाला गुरप्रीत सिंह तूर को एक पत्र देके इंसाफ प्राप्प्ति के लिए गुहार लगाई है।   
पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए लडक़े पिता जीवन राम नें कहा कि मेरा लडक़ा रमन कुमार उम्र करीब 19 वर्ष दिनांक 08 जून 2016 को करीब शांम 8.30 बजे केस करीब घर के पास से गायब हो गया था। हम सारी रात तालाश करते रहे परंतु उसका कोई पता नहीं लगा। अगली सुबह 09 जून 2016 को हम रमन के ग़ुम हो जाने सबंधी शिकायत भदौड़ पुलिस को दे दी भदौड़ पुलिस  मेरे लडक़े के गायब होने सबंधी कोई सुराग नहीं लगा सकी और हम अपने तौर पर ही पड़ताल करते रहे। दिनांक 10 जून 2016 रात 10 बजे के करीब हमें किसी व्यक्ति नें फोन कर बताया कि द्यालपुरा भाईका के राजवाहे के पुल के पास तैरती एक नौजवान की लाश निकाली गई है उपरोक्त लाश की जेब में से मिले कागजातों के अनुसार मृत्क का नाम रमन कुमार पुत्र जीवन कुमार निवासी भदौड़ है। उसके बाद हमनें भदौड़ पुलिस को सूचित करते हुए उपरोक्त पुल के पास पहुँचे और लाश की बतौर रमन कुमार शनाखत कर ली मौके परंतु लाश को देखकर साफ पता लग रहा था कि मेरे लडक़े रमन नें आत्म हत्या नहीं की उसका का कत्ल हुआ है। उसके बाद 11 जून 2016 को भदौड़ पुलिस ने मृत्क लडक़े के चाचा अशोक कुमार के बयान लिख कर मुकदमा नं. 0032 आईपीसी 1860 एक्ट की धारा 306 के तहत मृत्क रमन कुमार की प्रेमिका रणजीत कौर उर्फ रज्जी पुत्री राम सिंह निवासी तलवंडी रोड भदौड़ के खिलाफ मामला दर्ज कर रमन की लाश का पोस्ट मार्टम करवाया। परंतु मामला दर्ज होने के करीब 3 महीने बाद आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की। और न ही उपरोक्त लडकी से कोई पूछ-ताश की है। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही न किये जाने से दुखी हम आज एसएसपी साहिब बरनाला को पत्र देकर रमन के कत्ल की गुत्थी सुलझा कर उसके कत्ल करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की माँग की है।
-एसएसपी - 
उपरोक्त रमन कत्ल कांड सबंधी जब एसएसपी बरनाला गुरप्रीत सिंह तूर के साथ बात की गई तो उन्होंने बताया कि रमन कुमार के वारिसों की ओर से मुझे शिकायत पत्र देकर इंसाफ की मांग की गई है जल्द ही उच्च अधिकारी से जांच करा कर ठोस से ठोस कार्यवाही की जायेगी।

ईद-उल-जुहा 13 सितम्बर को: शाही इमाम

Sun, Sep 4, 2016 at 3:29 PM
इस दिन दुनिया भर में मुसलमान ईद की नमाज पढक़र कुर्बानी करते हैं
लुधियाना: 4 सितम्बर 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):ईद-उल-जुहा (बकरीद) की नमाज 13 सितम्बर दिन मंगलवार को पंजाब भर में अदा की जायेगी। यह ऐलान आज यहां प्रदेश के मुस्लिम धार्मिक केंद्र से पंजाब के शाही इमाम व रूअते हिलाल कमेटी पंजाब के अध्यक्ष मौलाना हबीब-उर-रहमान सानी लुधियानवी ने किया। शाही इमाम ने बताया 13 सितम्बर को इस्लामी महीना जिलहिज्जा की 1० तारीख है और इस दिन दुनिया भर में मुसलमान ईद की नमाज पढक़र कुर्बानी करते हैं। उन्होंने बताया कि इस ईद के मौके पर अल्लाह के नबी हजरत इब्राहीम (अल.) की सुन्नत अदा करते हुए मुसलमान कुर्बानी करते हैं। मौलाना हबीब-उर-रहमान सानी लुधियानवी ने सभी पंजाब वासियों को ईद की मुबारकबाद दी। 

लुधियाना में सिखाया गया स्वच्छ भारत अभियान का मन्त्र

प्रशिक्षण में किया गया अभियान को जनून बनाने का आवाहन 
लुधियाना: 3 सितम्बर 2016: (पंजाब स्क्रीन टीम):
इस समय सबसे बड़ी चुनौती बन कर उभरा है स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने का मकसद। इसकी सफलता के लिए जहाँ एक ओर बहुत से लोग दो चार मिन्ट्स के लिए झाडू पकड़ कर मीडिया के सामने तस्वीरें खिंचवाते हैं वहीँ कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें केवल इस अभियान को सफल बनाने का जनून है।  वे अपनी कारगुज़ारी का ढिंडोरा पीटने की बजाये केवल काम और केवल काम में यकीन रखते हैं। तीन सितम्बर 2016 को लुधियाना के गुरुनानक भवन के मिनी ऑडिटोरियम में हमने एक ऐसा ही आयोजन देखा जो शायद मीडिया की नज़र से ओझल था। 
इस कार्यक्रम में केवल दिन रात काम करने और स्वच्छता अभियान को एक जनून बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही थी। इस ट्रेनिन्गको प्रभावी बनाने के लिए कुछ अछि फिल्मों के क्लिप्स और डायलॉग भी दिखाए और सुनाये गए। यहाँ स्वच्छता में भगवान को पाने का अभ्यास सिखाया जा रहा था तान की लोग कथनी और करनी में एक हो सकें। 
स्वच्छता में ही भगवान है इस बात को तो सभी मानते भी हैं और प्रचार भी करते हैं लेकिन वास्तव में उनकी ज़िन्दगी में यह हकीकत ढल नहीं पाती। बेहद दुखद सत्य है कि गन्दगी फ़ैलाने वालों में उन लोगों की संख्या अधिक है जो खुद को पढे लिखे और बहुत ही सांस्कृतिक समझते हैं।  हर तरह के इंसान को स्वच्छता की तरफ लाने के लिए आज एक कार्यक्रम हुआ लुधियाना के गुरु नानक भवन में जहाँ स्वच्छता का अभियान चलाने और इस अभियान को एक जनून बनाने पर ज़ोर दिया गया। बात भी सही है कि जब तक स्वच्छता एक जनून बन कर हमारे दिलो दिमाग पर नहीं छाएगी तब तक स्वच्छ भारत का मिशन पूरी तरह से कामयाब नहीं होगा। इस मकसद के लिए वाटर सप्लाई एन्ड सेनिटेशन विभाग की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम में एस डी ओ-प्रेम कुमार, एग्ज़िक्युटिव इंजीनियर-जे एस चाहल, एस डी ई-पवित्र सिंह, के साथ साथ हर्षविंदर सिंह, मुखविंदर सिंह, कर्मजीत सिंह, अमोलक सिंह, नवजोत कौर, नीलम शर्मा, जगनदीप कौर, सुनीता गौतम, शवेता शर्मा, नरेंद्र घावरी, हरप्रीत सिंह और अन्य कई सक्रिय लोग शामिल हुए। अब देखना है कि इस अभियान के अंतर्गत कितने लोग कितनी जल्दी कितनी स्वच्छता ला पाते हैं। 

मधुबनी में इप्टा का विशेष आयोजन 5 सितम्बर को

कला है जीवन का संग्राम--जन शक्ति को  लाल सलाम लाल सलाम
आम इन्सान के लिए  ज़िन्दगी हमेशां एक नई चुनौती बन कर सामने आई किसी न किसी नई मुसीबत की तरह। बहुत से लोग हिम्मत हार जाते।  हालात के सामने घुटने टेक देते। मौत से भी भयंकर हालात की आंख में आँख डाल कर मुस्कराना सिखाने वालों इप्टा का नाम गर्व से लिया जाता है। वह 25 मई 1943 का एक यादगारी दिन था जब मुंबई के मारवाड़ी हाल में प्रो. हीरेन मुखर्जी ने इप्टा की स्थापना के अवसर की अध्यक्षता की और आह्वान किया, “लेखक और कलाकार आओ, अभिनेता और नाटककार आओ, हाथ से और दिमाग़ से काम करने वाले आओ और स्वंय को आज़ादी और सामाजिक न्याय की नयी दुनिया के निर्माण के लिये समर्पित कर दो”। 
 जिन की अंतरात्मा अभी भी ज़िंदा है और जाग रही है उनको प्रो. हीरेन मुखर्जी की आवाज़ आज भी सुनाई दे रही है। उनको साहिर लुधियानवी और कैफ़ी आज़मी साहिब की नज़्में बार बार बुलाती हैं। उनको बलराज साहनी आज भी प्रेरणा देते हैं। 
भारतीय जननाट्य संघ (ईप्टा) मधुबनी … दिनांक 05-09-2016 को…
सभागार आर० के० कॉलेज मधुबनी में
समय 10 बजे पूर्वाहन से दिन के 03 बजे तक
शिक्षक दिवस समारोह सह मधुबनी नगर सम्मेलन करेगी…
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Thursday, September 01, 2016

LIC: राष्ट्र की सेवा में, गौरवपूर्ण 60 वर्ष पूरे कर लिए

Date: 2016-09-01 15:14 GMT+05:30
बहुत से स्थानों पर हुए हर्षोउल्लास पूर्वक विशेष आयोजन 
चंडीगढ़//मोहाली//लुधियाना: (पुष्पिंदर कौर//पंजाब स्क्रीन):

भारतीय जीवन बीमा निगम ने 01.09.2016 को राष्ट्र की सेवा में, गौरवपूर्ण 60 वर्ष पूरे कर लिए हैं। भारतीय जीवन बीमा निगम ने जीवन बीमा का संदेश देश के हर कोने में पहुचाने तथा लोगों का पैसा लोगों के भलाई में लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

पिछले 16 वर्षो से जीवन बीमा के क्षेत्र मे प्राईवेट कंपनियों के आने के बावजूद भी भारतीय जीवन बीमा निगम का मार्केट शेयर पहले स्थान पर है। आज भारतीय जीवन बीमा निगम के पास 41 करोड़ से ज्यादा पॉलिसी धारक होने के साथ साथ 20,57,628.38 करोड़ का लाइफ फ़ंड हैं जब कि  भारतीय जीवन बीमा निगम के पास 22 लाख करोड़ से ज्यादा की सम्पत्ति है। वित वर्ष 2015-16  में 205.71 लाख पॉलिसियाँ बेच कर भारतीय जीवन बीमा निगम ने नई पॉलिसियाँ में 76.84% मार्केट शेयर अपने नाम किया जब के कुल प्रीमियम  आमदन 97,674.32 करोड़ दर्ज़ कर 70.44% मार्केट शेयर अपने नाम कर के बीमा क्षेत्र मे पहले स्थान कायम रखा । पेंशन तथा समूह बीमा योजना मे क्न्वेंशनल व्यवसाय के अंतर्गत 400.16 लाख नई पॉलिसियाँ जारी की गई।

वित्तीय वर्ष 2015-16 में भारतीय जीवन बीमा निगम ने 1,01,041-65 करोड़ रुपये के 215.71 लाख दावों का भुगतान कर के एक इतिहास बनाया है। जब के 99.75% मृत्यु दावों का भुगतान सूचना मिलने के 15 दिनों के अंदर किया गया है।

भारतीय जीवन बीमा निगम ने अपने पॉलिसी धारकों को बेहतर सेवा प्रदान करने हेतु सूचना प्रोधौयोगिकी का अधिकतम उपयोग किया है। भारत में सब से बड़ा बीमा उधयोग  होने के कारण भारतीय जीवन बीमा निगम ने हमेशा उच्च तकनीक को अपनाया है ताकि  वह अपने पॉलिसी धारकों को बेहतर सेवा प्रदान कर सके।

भारतीय जीवन बीमा निगम हमेशा अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेवारी को निभाने में तत्पर रहा है । भारतीय जीवन बीमा निगम ने 20.06.2006 को एलआईसी गोल्डन जुबली ट्रस्ट की स्थापना की है । जिसे एलआईसी अपनी सामाजिक जिम्मेवारी का हिस्सा मानते हुए, इसे बॉम्बे पब्लिक ट्रस्ट अधिनियम 1950 के अंतर्गत चैरिटेबल  कमिश्नर के पास रजिस्टर कराया गया है। इस का मुख्य उद्देश्य आम जनता  को गरीबी से राहत दिलाना और शिक्षा को बढ़ावा देने तथा मेडिकल सुविधा दिलाना है ।

एलआईसी गोल्डन जुबली फ़ाउंडेशन ने हमेशा सामाजिक सुविधा से जुड़े प्रोजेक्ट, जैसे हॉस्पिटल, विधालय भवन तथा कक्षा के कमरे, पुस्तकालय, कम्प्युटर सेंटर, वृद्ध आश्रम, पिछड़े इलाकों में बच्चों के लिए होस्टल बनाना, विकलांग बच्चों के लिए वोकेशनल परिशिक्षण केंद्र बनवाने में वित्तीय सहयोग दिया है ताकि देश के विभिन्न भागों में रह रहे जरूरत मंद लोगों को अधिक से अधिक सुविधा प्रदान की जा सके। एलआईसी गोल्डन जुबली फ़ाउंडेशन की स्थापना से लेकर अब तक एलआईसी फ़ाउंडेशन ने एन. जी. ओ. द्वारा चलाये विभिन्न 296 प्रोजेक्टों में वित्तीय सहायता दी जा रही है ।

अपने पॉलिसी धारकों को बेहतर सेवा प्रदान करते हुए 31.03.2016 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के दौरान 43 पुरस्कारों से सनमानित किया गया है जैसे कि notable ones being Readers Digest Trusted Brand, ET Best Brands 2014, Outlook Money Award, Annual Greentech CSR Awards,   Money Today awards-2014 LIC has also been ranked Second In The Most Valuable Indian Brands of 2014 by Brand Finance LIC was also among the Top Three Meaningful Brands of 2013, in a study done by Havas Media Group’ LIC has also been selected as “Brand of the Year 2015-16”by World Branding Forum.

प्रैस कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए लुधियाना मण्डल के वरिष्ठ मण्डल प्रबन्धक श्री डी.सी. ठाकुर ने बताया कि लुधियाना मण्डल ने 31.03.2016 के समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के दौरान 1,05,649 नई पॉलिसियाँ जारी करके 136.64 करोड़ रुपये की प्रथम प्रीमियम आय अर्जित करके नव-व्यवसाय में नया कीर्तिमान स्थापित किया है । लुधियाना मण्डल के दावा भुगतान के संबंध मे बोलते हुए श्री डी. सी. ठाकुर ने बताया कि 31.03.2016 तक कुल 1,05,433 परिपक्वता एवं विधमानता हित लाभ  के साथ हुए 428.86 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसी तरह से कुल 3049 मृत्यु दावों का भुगतान करते हुए कुल 49.70 करोड़ रुपये का भुगतान करते हुए अपने पॉलिसी धारकों को वेहतर सेवा की मिसाल लुधियाना मण्डल द्वारा की जा चुकी है।

लुधियाना मण्डल ने चालू वित्तीय (01.04.2016 to as on date) वर्ष में, अब तक कुल 26417 परिपक्वता एवं विधिमानता हित लाभ  के साथ हुए 138.96 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसी तरह से कुल 1087 मृत्यु दावों का भुगतान करते हुए कुल 17.65 करोड़ रुपये का भुगतान करके अपनी बेहतर सेवा का प्रदर्शन कर चुका है।

इस अवसर पर श्री डी. सी. ठाकुर ने बताया पूरे देश में अपने पॉलिसी धारकों को सेवा प्रदान करने के लिए एलआईसी के 8 क्षेत्रीय कार्यालय, 113 मण्डल कार्यालय, 2048 शाखा कार्यालय, 1401 सेटेलाईट कार्यालय, 1240, मिनी कार्यालय, 73 कस्टमर ज़ोन कार्यालय का प्रावधान किया गया है जो कि अपने बहुमूल्य पॉलिसी धारकों को उन के घर तक सेवा प्रदान कर रहा है। कस्टमर ज़ोन कार्यालय के बारे में श्री डी. सी. ठाकुर ने बताया के कोई भी पॉलिसी धारक आई. वी. आर. एस। सेंटर के 1251 नंबर पर अपनी पॉलिसी के बारे में  कोई भी जानकारी ले सकता है । 73 कस्टमर ज़ोन कार्यालय पूरे देश में अपने पॉलिसी धारकों को 24x7 पॉलिसी संबंधी सेवा उपलब्ध करा रहा है। एलआईसी ने अपने पॉलिसी धारकों के लिए एक पोर्टल का विकास कर रखा है जिस से कोई भी पॉलिसी धारक अपनी पॉलिसी को रजिस्टर करने के बाद, पॉलिसी से संबन्धित जानकारी किसी भी शाखा से ले सकता है ।


(डी. सी. ठाकुर)
वरिष्ठ मण्डल प्रबन्धक,
भारतीय जीवन बीमा निगम,
लुधियाना।