Friday, September 09, 2016

इस बार पीएयू ने बल्लोवाल सौंखड़ी से दी किसान मेलों की दस्तक

यहां महसूस होता है जल, जंगल और ज़मीन का महत्व  
बल्लोवाल सौंखड़ी से लौट कर रेक्टर कथूरिया 09 सितम्बर 2016:
बल्लोवाल सौंखड़ी यूं तो नवांशहर में है लेकिन यहाँ पहुँचने के लिए काफी आगे जाना पड़ता है। प्राकृतिक सौंदर्य से परिचय कराता यह गाँव बलाचौर से भी काफी आगे जा कर है। यहाँ पहुँच कर महसूस होता है कि माल्स की बड़ी बड़ी इमारतों के मुँह में जा रहे जल, जंगल और ज़मीन की अहमियत क्या होती है। लुप्त हो रहे इस सौंदर्य को बचने के लिए क्या क्या करना आवश्यक है यह प्रश्न निश्चय ही मन में उठने लगता है। प्रकृति से दूर होते जा रहे इंसान को कृषि के ज़रिये फिर प्रकृति के नज़दीक लाना कितना आवश्यक है। प्रसन्नता की बात है कि पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी इस काम को बहुत ही कुशलता से कर रही है। इसकी झलक देखने को मिली यहाँ आयोजित किसान मेले में।
बल्लोवाल सौंखड़ी, नवांशहर पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी में आयोजित होने वाले किसान मेलों में पहला क्षेत्रीय किसान मेला शुक्रवार को क्षेत्रीय खोज केंद्र, बल्लोवाल सौखड़ी, जिला शहीद भगत सिंह नगर में लगाया गया। मेले का उद्घाटन पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक बोर्ड के मैंबर डा. सतबीर सिंह गोसल ने किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. बलदेव सिंह ढिल्लों, उप कुलपति, पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी ने की। इस मौके पर शहीद भगत सिंह नगर के एडीशनल डिप्टी कमिश्नर परमजीत सिंह विशेष मेहमान के तौर पर शामिल हुए। कार्यक्रम में जिले के मुख्य कृषि अफसर डा. जसवंत सिंह भी उपस्थित थे।

इस मौके पर डा. गोसल ने कहा कि यह मेले ज्ञान विज्ञान के मेले होते हैं। हमें इनसे अधिक से अधिक लाभ लेना चाहिए। इस के साथ हम अपनी खेती को तकनीकी दिशा प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बागवानी, दवा और जड़ी -बूटी के पौधों की खेती को और उत्साहित किया जा सकता है। किसानों को सब्जियां भी उगानी चाहिए, जिससे वे घर की रसोई के लिए पौष्टिक खुराक प्राप्त कर सकते हैं। किसानों को अनावश्यक खर्च न करने की अपील करते हुए खेती को और लाभपरक बनाने की अपील भी उन्होंने की। उन्हीने इस जगह प्राकृतिक महत्व को भी विस्तार से बताया और लोगों से कहा कि यहाँ के पावन जल, शुद्ध हवा और महत्वपूर्ण तत्वों से भरी इस भूमि का फायदा उठाएं।  उन्हने वो सब चीज़ें गिनवाईं जिन्हें ऊगा कर किसान अपनी आर्थिकता सुधार सकते हैं।
अध्यक्षीय भाषण में डा. बलदेव सिंह ढिल्लों, वाइस चांसलर, पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी ने कहा कि खादों का प्रयोग मिटटी और पत्ता परख आधार पर करने के से खादों की बचत होती है और झाड़ में भी वृद्धि होती है। डा. ढिल्लों ने कहा कि यूनिवर्सिटी अपनी खेती खोजों और नई तकनीकें को किसानों तक पहुंचाने के लिए कई तरीके इस्तेमाल करती है, उन में से किसान मेले किसानों तक पहुँच बनाने का सब से सफल ढंग है। यूनिवर्सिटी की तरफ से लगाए जाते यह किसान मेले सिर्फ किसानों को नयी तकनीकें तो बताते ही हैं, साथ ही वैज्ञानिकों को किसानों की मुश्किलों बारे भी जानकारी होती है और वे खेती खोज को नई दिशा प्रदान करने में भी अहम हिस्सा डालते हैं। उन्होंने नरमा कपास पट्टी में सफेद मक्खी के हमले को काबू करने के लिए सभी से मिले सहयोग के लिए बधाई दी। डा. ढिल्लों ने किसानों का इस लिए भी धन्यवाद किया कि उन के साथ मिल कर ही हम पानी के गिरते स्तर को काबू करने में, रासायनिक खादों का प्रयोग कम करने में सफल हुए हूँ। उन्होंने गुरु सेवा संस्था के बच्चों की तरफ से पेश किए नाटक की भरपूर प्रशंसा की और ऐसे साधनों को खेती प्रसार शिक्षा का हिस्सा भी बनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में एडीसी (विकास) परमजीत सिंह ने यूनिवर्सिटी की तरफ से इस पिछड़े क्षेत्र में किए जा रहे अनुसंधानों की प्रंशसा की। इसके साथ ही उन्हने सवाल भी किया कि पड़ोसी राज्य राजस्थान की हालत भी कोई ज़्यादा अच्छी नहीं लेकिन वहां से कभी आत्महत्या की खबर नहीं आई। उन्होंने संकेतों ही संकेतों में बहुत कुछ कहा जिसे समझना बेहद ज़रूरी है क्योंकि इसे समझ कर ही हालत सुधर सकती है। उन्होंने इस बात पर दुःख व्यक्त किया कि तेज़ी से बढ़ रहा मोबाईल का चाव घरों के धन को बर्बाद कर रहा है। परिवार के हर सदस्य ने पांच पांच मोबाईल रखे हुए हैं जिनकी ज़रूरत नहीं होती। हर मोबाईल पर कम से कम पांच सौ रूपये महीना खर्च भी आता है। सब्ज़ी मौल लेनी पद्धति है, दूध भी खरीदना पड़ता है, पढ़ाई पहले ही महंगी है इस हालात में गरीबी नहीं बढ़ेगी तो क्या होगा? उन्होंने इस बात पर कटाक्ष भी किया कि हमारे गाँवों की पंचायतें हमारे फ़ंडज़ का आयद उठाने के लिए गलियां नालियां पक्की करने की मांग से ऊपर ही नहीं उठती। उन्होंने विकास के कामों में बढ़ रही सियासत की सोच पर चिंता ज़ाहिर की। उन्होंने बहुत ही कम शब्दों में नशे से खोखले हो रहे जिस्मों को बचने और खुशहाली के पथ पर आगे बढ़ने का आह्वान भी किया। गौरतलब है कि एडीसी (विकास) परमजीत सिंह का पीएयू के साथ बहुत ही पुराना और भावुक रिश्ता भी है। उन्होंने यहीं से शिक्षा भी ली। जब वह अपनी बातें कह कर अपनी सीट पर लौटने लगे तो मंच पर मौजूद सभी वीआईपीज ने उनका अभिवादन किया। 
पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी के निदेशक खोज, डा. आरके गुम्बर ने यूनिवर्सिटी की खोज गतिविधियों के साथ जान-पहचान करवाते हुए कहा कि इस बार गेंहू की नई किस्मों पीबीडब्ल्यू 725 और 677 किसान वीरों के लिए सिफारिश की हैं, जो झाड़ देने साथ-साथ कई बीमारियों का मुकाबला भी करती हैं।

इससे पहले किसानों व अतिथियों का स्वागत करते पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी के निदेशक प्रसार शिक्षा डा. राजिन्दर सिंह सिद्धु ने कहा खेती के साथ जुड़ी समस्याएं लगातार गंभीर हो रहीं है, जिनके प्रति जागरूक होना लाभदायक मी है इस लिए इन मसलों को सही दिशा में यूनिवर्सिटी की सिफारिशों की ओर ध्यान देने की जरूरत है, किसानों को इस मेले में से नए विकसित ज्ञान के लिए खेती साहित्य, शहद और अन्य उपयोगी चीज़ों को भी ले कर जाना चाहिए।
इस अवसर पर संगीतमय सांस्कृतिक कार्यक्रम के ज़रिये जहाँ पंजाब की संस्कृति और टप्पे-बोलियों को याद किया गया वह समाज में व्याप्त कुरीतियों को भी एक लघु नाटिका के मंचन से कॉमेडी के रंग में बेनकाब किया गया। 

Sunday, September 04, 2016

तीन महीने बाद भी रमन की हत्या सबंधी पुलिस नें नहीं की कार्यवाही

Sun, Sep 4, 2016 at 6:00 PM
लापता होने के दो दिन बाद रजवाहा से मिली थी रमन की लाश
*रमन की हत्या तीन महीने बाद भी पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप 
*परिवार ने एसएसपी को पत्र देकर इंसाफ की लगाई गुहार
बरनाला: 4 सितम्बर 2016: (विजय जिंदल//पंजाब स्क्रीन)
भदौड़ निवासी जीवन राम पुत्र वेद प्रकास के नौजवान लडक़े रमन के लापता होने से दो दिन बाद राजवाहा में से लाश मिलने के बाद रमन के परिवार नें उपरोक्त लाश की शनाखत करते हुए लडक़े के कत्ल की बात करते हुए पुलिस थाना भदौड़ में अपने लडक़े रमन की प्रेमिका के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई थी परंतु उपरोक्त मामला दर्ज हुए करीब तीन महीने बीत चुके हैं पुलिस ने अब कोई कार्यवाही नहीं की पुलिस द्वारा कार्यवाही न किये जाने से दुखी परिवारिक सदस्यों ने आज एसएसपी बरनाला गुरप्रीत सिंह तूर को एक पत्र देके इंसाफ प्राप्प्ति के लिए गुहार लगाई है।   
पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए लडक़े पिता जीवन राम नें कहा कि मेरा लडक़ा रमन कुमार उम्र करीब 19 वर्ष दिनांक 08 जून 2016 को करीब शांम 8.30 बजे केस करीब घर के पास से गायब हो गया था। हम सारी रात तालाश करते रहे परंतु उसका कोई पता नहीं लगा। अगली सुबह 09 जून 2016 को हम रमन के ग़ुम हो जाने सबंधी शिकायत भदौड़ पुलिस को दे दी भदौड़ पुलिस  मेरे लडक़े के गायब होने सबंधी कोई सुराग नहीं लगा सकी और हम अपने तौर पर ही पड़ताल करते रहे। दिनांक 10 जून 2016 रात 10 बजे के करीब हमें किसी व्यक्ति नें फोन कर बताया कि द्यालपुरा भाईका के राजवाहे के पुल के पास तैरती एक नौजवान की लाश निकाली गई है उपरोक्त लाश की जेब में से मिले कागजातों के अनुसार मृत्क का नाम रमन कुमार पुत्र जीवन कुमार निवासी भदौड़ है। उसके बाद हमनें भदौड़ पुलिस को सूचित करते हुए उपरोक्त पुल के पास पहुँचे और लाश की बतौर रमन कुमार शनाखत कर ली मौके परंतु लाश को देखकर साफ पता लग रहा था कि मेरे लडक़े रमन नें आत्म हत्या नहीं की उसका का कत्ल हुआ है। उसके बाद 11 जून 2016 को भदौड़ पुलिस ने मृत्क लडक़े के चाचा अशोक कुमार के बयान लिख कर मुकदमा नं. 0032 आईपीसी 1860 एक्ट की धारा 306 के तहत मृत्क रमन कुमार की प्रेमिका रणजीत कौर उर्फ रज्जी पुत्री राम सिंह निवासी तलवंडी रोड भदौड़ के खिलाफ मामला दर्ज कर रमन की लाश का पोस्ट मार्टम करवाया। परंतु मामला दर्ज होने के करीब 3 महीने बाद आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की। और न ही उपरोक्त लडकी से कोई पूछ-ताश की है। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही न किये जाने से दुखी हम आज एसएसपी साहिब बरनाला को पत्र देकर रमन के कत्ल की गुत्थी सुलझा कर उसके कत्ल करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की माँग की है।
-एसएसपी - 
उपरोक्त रमन कत्ल कांड सबंधी जब एसएसपी बरनाला गुरप्रीत सिंह तूर के साथ बात की गई तो उन्होंने बताया कि रमन कुमार के वारिसों की ओर से मुझे शिकायत पत्र देकर इंसाफ की मांग की गई है जल्द ही उच्च अधिकारी से जांच करा कर ठोस से ठोस कार्यवाही की जायेगी।

ईद-उल-जुहा 13 सितम्बर को: शाही इमाम

Sun, Sep 4, 2016 at 3:29 PM
इस दिन दुनिया भर में मुसलमान ईद की नमाज पढक़र कुर्बानी करते हैं
लुधियाना: 4 सितम्बर 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):ईद-उल-जुहा (बकरीद) की नमाज 13 सितम्बर दिन मंगलवार को पंजाब भर में अदा की जायेगी। यह ऐलान आज यहां प्रदेश के मुस्लिम धार्मिक केंद्र से पंजाब के शाही इमाम व रूअते हिलाल कमेटी पंजाब के अध्यक्ष मौलाना हबीब-उर-रहमान सानी लुधियानवी ने किया। शाही इमाम ने बताया 13 सितम्बर को इस्लामी महीना जिलहिज्जा की 1० तारीख है और इस दिन दुनिया भर में मुसलमान ईद की नमाज पढक़र कुर्बानी करते हैं। उन्होंने बताया कि इस ईद के मौके पर अल्लाह के नबी हजरत इब्राहीम (अल.) की सुन्नत अदा करते हुए मुसलमान कुर्बानी करते हैं। मौलाना हबीब-उर-रहमान सानी लुधियानवी ने सभी पंजाब वासियों को ईद की मुबारकबाद दी। 

लुधियाना में सिखाया गया स्वच्छ भारत अभियान का मन्त्र

प्रशिक्षण में किया गया अभियान को जनून बनाने का आवाहन 
लुधियाना: 3 सितम्बर 2016: (पंजाब स्क्रीन टीम):
इस समय सबसे बड़ी चुनौती बन कर उभरा है स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने का मकसद। इसकी सफलता के लिए जहाँ एक ओर बहुत से लोग दो चार मिन्ट्स के लिए झाडू पकड़ कर मीडिया के सामने तस्वीरें खिंचवाते हैं वहीँ कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें केवल इस अभियान को सफल बनाने का जनून है।  वे अपनी कारगुज़ारी का ढिंडोरा पीटने की बजाये केवल काम और केवल काम में यकीन रखते हैं। तीन सितम्बर 2016 को लुधियाना के गुरुनानक भवन के मिनी ऑडिटोरियम में हमने एक ऐसा ही आयोजन देखा जो शायद मीडिया की नज़र से ओझल था। 
इस कार्यक्रम में केवल दिन रात काम करने और स्वच्छता अभियान को एक जनून बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही थी। इस ट्रेनिन्गको प्रभावी बनाने के लिए कुछ अछि फिल्मों के क्लिप्स और डायलॉग भी दिखाए और सुनाये गए। यहाँ स्वच्छता में भगवान को पाने का अभ्यास सिखाया जा रहा था तान की लोग कथनी और करनी में एक हो सकें। 
स्वच्छता में ही भगवान है इस बात को तो सभी मानते भी हैं और प्रचार भी करते हैं लेकिन वास्तव में उनकी ज़िन्दगी में यह हकीकत ढल नहीं पाती। बेहद दुखद सत्य है कि गन्दगी फ़ैलाने वालों में उन लोगों की संख्या अधिक है जो खुद को पढे लिखे और बहुत ही सांस्कृतिक समझते हैं।  हर तरह के इंसान को स्वच्छता की तरफ लाने के लिए आज एक कार्यक्रम हुआ लुधियाना के गुरु नानक भवन में जहाँ स्वच्छता का अभियान चलाने और इस अभियान को एक जनून बनाने पर ज़ोर दिया गया। बात भी सही है कि जब तक स्वच्छता एक जनून बन कर हमारे दिलो दिमाग पर नहीं छाएगी तब तक स्वच्छ भारत का मिशन पूरी तरह से कामयाब नहीं होगा। इस मकसद के लिए वाटर सप्लाई एन्ड सेनिटेशन विभाग की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम में एस डी ओ-प्रेम कुमार, एग्ज़िक्युटिव इंजीनियर-जे एस चाहल, एस डी ई-पवित्र सिंह, के साथ साथ हर्षविंदर सिंह, मुखविंदर सिंह, कर्मजीत सिंह, अमोलक सिंह, नवजोत कौर, नीलम शर्मा, जगनदीप कौर, सुनीता गौतम, शवेता शर्मा, नरेंद्र घावरी, हरप्रीत सिंह और अन्य कई सक्रिय लोग शामिल हुए। अब देखना है कि इस अभियान के अंतर्गत कितने लोग कितनी जल्दी कितनी स्वच्छता ला पाते हैं। 

मधुबनी में इप्टा का विशेष आयोजन 5 सितम्बर को

कला है जीवन का संग्राम--जन शक्ति को  लाल सलाम लाल सलाम
आम इन्सान के लिए  ज़िन्दगी हमेशां एक नई चुनौती बन कर सामने आई किसी न किसी नई मुसीबत की तरह। बहुत से लोग हिम्मत हार जाते।  हालात के सामने घुटने टेक देते। मौत से भी भयंकर हालात की आंख में आँख डाल कर मुस्कराना सिखाने वालों इप्टा का नाम गर्व से लिया जाता है। वह 25 मई 1943 का एक यादगारी दिन था जब मुंबई के मारवाड़ी हाल में प्रो. हीरेन मुखर्जी ने इप्टा की स्थापना के अवसर की अध्यक्षता की और आह्वान किया, “लेखक और कलाकार आओ, अभिनेता और नाटककार आओ, हाथ से और दिमाग़ से काम करने वाले आओ और स्वंय को आज़ादी और सामाजिक न्याय की नयी दुनिया के निर्माण के लिये समर्पित कर दो”। 
 जिन की अंतरात्मा अभी भी ज़िंदा है और जाग रही है उनको प्रो. हीरेन मुखर्जी की आवाज़ आज भी सुनाई दे रही है। उनको साहिर लुधियानवी और कैफ़ी आज़मी साहिब की नज़्में बार बार बुलाती हैं। उनको बलराज साहनी आज भी प्रेरणा देते हैं। 
भारतीय जननाट्य संघ (ईप्टा) मधुबनी … दिनांक 05-09-2016 को…
सभागार आर० के० कॉलेज मधुबनी में
समय 10 बजे पूर्वाहन से दिन के 03 बजे तक
शिक्षक दिवस समारोह सह मधुबनी नगर सम्मेलन करेगी…
आप सभी जो समाज के प्रति वैज्ञानिक नजरिया रखतें हैं सादर आमंत्रित है…
आप चाहें तो निमन्त्रण पत्रों पर दर्ज फोन नम्बरों पर सम्पर्क कर सकते हैं। 
निमंत्रण पत्र को बड़ा करके देखने के लिए इस तस्वीर पर क्लिक करें।