Friday, October 28, 2016

दीपावली पर भारी पड़ सकता है चॉकलेट गिफ्ट

Fri, Oct 28, 2016 at 9:12 AM
इन्हें खाने से हो सकते हैं पिंपल्स
लुधियाना: 28 अक्टूबर 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
मिलावटी मिठाइयों के डर की वजह से दीपावली के मौके पर गिफ्ट के तौर पर चॉकलेट देने का क्रेज बढ़ता जा रहा है। टीन एजर्स में यह ज्यादा पापुलर हो रहा है। लेकिन हाल ही में स्किन प्रॉबल्म के फील्ड में हुई स्टडी में यह बात सामने आई है कि चॉकलेट और दूध से बने प्रोडक्ट खाने से पिंपल्स होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।
एसपीएस हॉस्पिटल की एसोसिएट कंसल्टेंट डर्मोटोलॉजिस्ट डॉ. अल्पना ठाकुर के मुताबिक 80 प्रतिशत टीन एजर्स में पिंपल्स की समस्या देखी गई है। एडल्ट भी इस समस्या को झेलते हैं। हर किसी के जीवन में एक बार यह समस्या जरूर आती है और किशोर अवस्था में बने पिंपल्स कई बार दाग के रूप में स्किन पर रह जाते हैं। सभी जानते हैं कि हार्मोन्स बढऩे या उनमें बदलाव आने के कारण किशोर-किशोरियों पिंपल्स (मुंहांसे) की शिकायत करती हैं। लेकिन आजकल जितने भी मरीज आ रहे हैं, उनसे पता चलता है कि जो लोग मिल्क या मिल्क प्रोडक्ट्स का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, उनमें पिंपल्स की समस्या ज्यादा देखी गई है। इसी कारण इन मरीजों को दूध का सेवन कम करने की सलाह दी जाती है। क्योंकि इससे तेल की ग्रंथियां ज्यादा एक्टिव हो जाती हैं।
उन्होंने बताया कि हाल ही में हुई स्टडी में यह बात सामने आई है कि जो किशोर-किशोरियां चॉकलेट, ड्राई फ्रूट्स, कार्बोनेटेड ड्रिंक और मिल्क प्रोडक्ट का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, उनमें पिंपल्स की समस्या दूसरों से ज्यादा होती है। क्योंकि चॉकलेट में दूध होता है और दूध में हार्मोन्स काफी मात्रा में होते हैं। हार्मोन्स बढऩे से ही पिंपल की समस्या जन्म लेती है। इसी तरह आयोडीन वाले नमक और आयोडीन युक्त दवाइयों के कारण भी हार्मोन्स में बदलाव होते हैं। पिंपल की समस्या से बचने के लिए बिस्कुट, मैदे से बनी चीजें और कोल्ड ड्रिंक व मीठा लिक्विड पीने से बचना चाहिए। इनकी बजाय सीजनल व ताजे फल, सब्जियों खाने के साथ-साथ पानी पर्याप्त मात्रा में पीना चाहिए। टेंशन फ्री और पॉजीटिव सोच के साथ जीवन जीकर भी पिंपल से बचा जा सकता है। एक-दूसरे की मेकअप किट का इस्तेमाल करने से भी यह समस्या बढ़ती है।

Thursday, October 27, 2016

लेखकों ने सर्वसम्मति से चुनाव करके पेश की मिसाल


ताजपोशी होगी 6 नवम्बर को पंजाबी भवन में 
लुधियाना: 26 अक्टूबर 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
अब जबकि कुर्सी का किस्सा आम होता जा रहा है और इस कुर्सी के लिए गुरुद्धारों मन्दिरों में की कमेटियों में तनातनी की हालत बन जाती है उस नाज़ुक दौर में एक शानदार मिसाल कायम की है लेखकों ने। आदर्श लिखने और प्रचारने के सर्च सर्च लेखकों ने खुद भी आदर्श बन कर दिखाया। केंद्रीय पंजाबी लेखक सभा की 6 नवम्बर को होने वाले चुनाव के लिए अधिकतर पदों का फैसला चुनाव से पूर्व ही सर्वसम्मति से हो गया है। 
संगठन की तरफ से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक केंद्रीय पंजाबी लेखक सभा के 6 नवंबर को होने वाले चुनाव के संबंध में नामांकन वापस लेने के बाद कई पदों पर सर्वसम्मति से चुनाव संपन्न हो गए। इसके बाद डॉ. सरबजीत सिंह को प्रधान, सुशील दुसांझ को जनरल सेक्रेटरी और डॉ. जोगा सिंह को सीनियर मीत प्रधान घोषित कर दिया गया। 
प्रधानगी पद से अतरजीत, प्रो. सुरजीत जज, सुशील दुसांझ, डॉ. कर्मजीत सिंह दर्शन बुट्टर ने अपने नामांकन वापस ले लिए। इसके बाद पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के डॉ. सरबजीत सिंह को सर्वसम्मति से प्रधान घोषित कर दिया गया। जनरल सेक्रेटरी के पद से डॉ. सरबजीत सिंह, डॉ. कर्मजीत सिंह मक्खन कोहाड़ ने अपने कागज वापस ले लिए। जिसके चलते सुशील दुसांझ को जनरल सेक्रेटरी की जिम्मेदारी सौंप दी गई। सीनियर मीत प्रधान के लिए सुलक्खन सरहद्दी, डॉ. गुरमेल सिंह मक्खन कोहाड़ भी मैदान में थे। लेकिन इन तीनों ने अपने नामांकन वापस ले लिए। जिसके चलते पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के डॉ. जोगा सिंह को सीनियर मीत प्रधान के तौर पर घोषित कर दिया गया। इसी तरह सूबा सुरिंदर कौर खरल, सुरिंदरप्रीत घणियां, जसपाल मानखेड़ा, जसबीर झज दीप दपिंदर सिंह को मीत प्रधान बना दिया गयाअब केवल सेक्रेटरी के 3 पदों के लिए 6 नवंबर को शाम 3 से 6 बजे तक चुनाव होगा। कर्म सिंह वकील, डॉ. हरविंदर सिंह सिरसा, वरगिस सलामत दीप जगदीप इस पदों के उम्मीदवार हैं। अकेली महिला लेखक होने के कारण अरतिंदर कौर संधू को सेक्रेटरी के तौर पर चुन लिया गया। मीत प्रधान के तौर पर अमरजीत कौर हिरदे, डॉ. सुरजीत बराड़, सुखविंदर आही, प्रो. हरजिंदर सिंह अटवाल, जसपाल मानखेड़ा, तरसेम, तरलोचन झांडे, मनजीत कौर मीत डॉ. राम मूर्ति ने अपने नामांकन वापस ले लिए। सेक्रेटरी पद से अश्वनी बागडिय़ां, सुरिंदर कौर, सूबा सुरिंदर कौर खरल, सरदारा सिंह चीमा, डॉ. हरविंदर सिंह, तरलोचन झांडे, दीप देविंदर सिंह मनजीत कौर ने अपनी नामजदगी वापस ले ली है। चुनाव अधिकारी डॉ. गुलजार सिंह पंधेर ने बताया कि तीनों बड़े पदों पर सर्वसम्मति से चुनाव होने की तरह तरफ प्रशंसा हो रही है 

Wednesday, October 26, 2016

कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय 100 केवीके पर समेकित खेती आरंभ करेगा


25-अक्टूबर-2016 20:25 IST
देश भर में स्‍थापित केवीके कर रहे हैं ऐतिहासिक काम 


किसानों की आय को बढ़ाने तथा कृषि को बढ़ावा देने में बहुत महत्‍वपूर्ण भूमिका
श्री राधा मोहन सिंह ने की वीडियो कांफ्रेंसिंग से सीधी बात 
केन्‍द्रीय कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्री श्री राधा मोहन सिंह ने कहा है कि देश भर में स्‍थापित केवीके (कृषि विज्ञान केन्‍द्रों) की किसानों की आय को बढ़ाने तथा कृषि को बढ़ावा देने में बहुत महत्‍वपूर्ण भूमिका है। केन्‍द्रीय कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्री ने केवीके तथा राज्‍य स्‍तरीय कृषि अधिकारियों से अपील कि की उन्‍हें किसानों के साथ बेहद आत्‍मीयतापूर्ण तरीके से काम करना चाहिए। केवीके तथा राज्‍य स्‍तरीय कृषि अधिकारियों से किसानों की आय बढ़ाने में सहयोग देने की अपील की गई। श्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय बहुत जल्‍द 100 केवीके पर समेकित खेती आरंभ करेगा।

केन्‍द्रीय कृषि मंत्री ने आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्‍यम से 12 कृषि विज्ञान केन्‍द्रों के वैज्ञानिकों, राज्‍य स्‍तरीय कृषि अधिकारियों, पशुधन, मात्स्यिकी एवं बागवानी अधिकारियों तथा लाभार्थी किसानों को संबोधित किया। ऐसा पहली बार हुआ कि केन्‍द्रीय कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्‍यम से केवीके अधिकारियों तथा लाभार्थी किसानों के साथ सीधी बातचीत की।

मंत्री महोदय ने आंध्र प्रदेश, दादर एवं नागर हवेली, दमन एवं दियू, गोवा, कर्नाटक, केरल, लक्ष्‍यद्वीप, महाराष्‍ट्र, ओडिशा, पुद्दुचेरी, तमिलनाडु एवं तेलंगाना में स्थित किसान विज्ञान केन्‍द्र के विशेषज्ञों एवं राज्‍य तथा जिला स्‍तरीय कृषि विकास अधिकारियों और प्रगतिशील किसानों को संबोधित किया।

श्री राधा मोहन सिंह ने केवीके अधिकारियों को कहा कि किसानों को उनकी फसलों की उत्‍पादकता को बढ़ाने के लिए गुणवत्तापूर्ण बीजों, पौध रोपण सामग्रियों एवं उर्वरकों की आवश्‍यकता होती है। इसलिए अधिकारियों को उन्‍हें हर हाल में आवश्‍यक मदद करनी चाहिए। कृषि मंत्री ने इस अवसर पर पशुओं की बीमारियों एवं उनके टीकाकरण का भी जिक्र किया। श्री सिंह ने कहा कि अधिकारियों को अनिवार्य रूप से पशुओं की बीमारियों की जांच करनी चाहिए। उन्‍होंने यह भी कहा कि पशुओं की बीमारियों पर नियंत्रण से किसानों की आय बढ़ेगी। केन्‍द्रीय कृषि मंत्री ने किसानों को कृषि परियोजनाओं एवं कृषि कार्य नीतियों के बारे में जानकारी दी।

इस अवसर पर केन्‍द्रीय कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्री ने किसानों से मछली पालन अपनाने की भी अपील की जिससे की उनकी आय दोगुनी हो सके। श्री राधा मोहन सिंह ने किसानों को बताया कि उनके कल्‍याण के लिए देश भर में 645 कृषि विज्ञान केन्द्रों का गठन किया गया है।

वीडियो कांफ्रेंसिंग का आयोजन तीन चरणों में किया जाना है जिसमें से पहले चरण की वीडियो कांफ्रेंसिंग 19 अक्‍टूबर, 2016 को संपन्‍न हुई। कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्री ने उत्तर भारत के 12 राज्‍यों के कृषि विज्ञान केन्‍द्रों के अधिकारियों एवं किसानों को संबोधित किया। वीडियो कांफ्रेंसिंग का तीसरा और अंतिम चरण 28 अक्‍टूबर को आयोजित किया जायेगा। जिसमें पहाडी राज्‍यों के केवीके अधिकारी एवं किसानों की केन्‍द्रीय कृषि मंत्री के साथ परस्‍पर बातचीत होगी।   (PIB)***

Monday, October 24, 2016

हजरत मुहम्मद साहिब की जीवनी पूरी दुनियां के लिए एक सबक:मौलाना उसमान

Mon, Oct 24, 2016 at 4:27 PM
अजीमुशान जलसा सीरतउन नबी सल्लललाहु अलैहीवसलम का आयोजन
खादी बोर्ड के डायरेक्टर हरप्रीत बेदी को सम्मानित करते हुए नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी, हाजी डा. मुहम्मद इदरीस व समूह प्रबंधक कमेटी मस्जिद अबूबकर
लुधियाना: 24 अक्तूबर 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो): 
मस्जिद हजऱत अबु बकर एल ब्लाक भाई रणधीर सिंह नगर फिरोजपुर रोड़ की ओर से बीती रात एक अजीमुशान जलसा सीरतउन नबी सल्लललाहु अलैहीवसलम का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता अमरोहा से मुफ्ती अफ्फान साहिब मंसूरपुरी ने की और मुख्य मेहमान के रुप में नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी लुधियनवी व खादी बोर्ड के डायरेक्टर हरप्रीत सिंह बेदी उपस्थित हुए। इस मौके पर कुरान पाक की तिलावत कारी मुहम्मद मुख्तार ने की और समागम का संचालन मौलाना अय्यूब ने किया। समारोह को सम्बोधित करते हुए मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि प्यारे नबी हजरत मुहम्मद सल्लललाहु अलैहीवसलम की जीवनी पूरी दुनियां के इन्सानों के लिए एक सबक है। उन्होंने कहा कि हजरत मुहम्मद सल्लललाहु अलैहीवसलम ने एक ऐसा निजाम दुनियां को दिया है कि आज भी यह निजाम बहुत तेजी के साथ दुनियां की अलग कौमों में प्रसिद्व होता जा रहा है। उन्होनें कहा कि इस्लाम पर इस समय अलग अलग ताकतें हमला कर रही है, लेकिन यह दीन किसी की साजि़श से रुकने वाला नही है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों याद रखो, हमारा मकसद सिर्फ दीन पर अमल करना ही नही है बल्कि इस निजाम से दुनियां को वाकिफ करवाना भी है ताकि सिसक रही इन्सानियत सकून हासिल कर सके। नायब शाही इमाम ने कहा कि आज के दिन हमें हजरत इमाम हुसैन (रजि.) की उस अजीम कुर्बानी को भी याद रखना है जो कि आपने सारी इन्सानियत को ताकयामत सुरक्षित रखने के लिए दी थी। उन्होनें कहा कि याद रखो जो कौमें अपने शहीदों को भूल जाती है उनका वजूद खत्म हो जाया करता है। हमें इन कुर्बानियों को ना सिर्फ याद रखना है बल्कि समय आने पर कुर्बानी भी देनी है। इस मौके पर आये हुए मेहमानों का स्वागत डा. मुहम्मद इदरीस, हाजी मुहम्मद फुरकान, हाजी मुहम्मद कासिम, आफताब आलम, मुहम्मद मोहसीन, मुहम्मद ताहिर ठेकेदार मुहम्मद यूनस ठेकेदार व मुहम्मद शहजाद ने किया।

Sunday, October 23, 2016

कन्हैया ने दी जाह्नवी को शुभकामनाएं और विरोध करने वालों को धन्यवाद

पंजाब का वाम छात्र आंदोलन अब फिर छू  सकता है नई शिखरें 
लुधियाना: 23 अक्टूबर 2016: (रेक्टर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):
कन्हैया कुमार को खुली बहस की चुनौती देने वाली जाह्नवी को कन्हैया कुमार ने शुभ कामनाएं दी हैं। इसके साथ ही उन्होंने विरोध करने वाले वकीलों को भी धन्यवाद किया और कहा कि यह सांस्कृतिक लोग हैं और कानून के दायरे में रहते हुए अपने अधिकार का प्रयोग क्र रहे हैं। यहाँ मीडिया से एक भेंट वार्ता के दौरान उस छात्रा  के सलाह भी दी कि अगर उसे डिबेट करनी है तो इस देश के नेतायों से डिबेट करनी चाहिए, इस देश के राष्ट्र अध्यक्षों से डिबेट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डिबेट के लिए डिबेट अच्छी बात है लेकिन अगर यह राजनीतिक स्टंटबाजी हो तो गलत है। गौरतलब है कि यह छात्रा कई  बार कन्हैया को खुली बहस की चुनौती दे चुकी है। 
अब जबकि देश पर बहुत सी स्वदेशी और विदेशी ईस्ट इंडिया कम्पनियां जोर पकड़ रही है उस समय कन्हैया कुमार का यह कहना कि  ले के रहेंगे आज़ादी एक ऐसा नारा बन के उभरा है जिसके साथ हाल के अधिकतर युवा साथ साथ गाने लगे थे ले के रहेंगे आज़ादी। जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्य्क्ष कन्हैया कुमार ने यहां एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश में शिक्षा का निजीकरण करने पर तुली हुई है। इसी कारण वह सरकारी शिक्षण संस्थानों को नुकसान पहुंचा रही है। इससे पहले कन्हैया के यहां पहुंचने पर उनका विरोध किया गया। वकीलों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया अौर उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने से रोकने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उनको हटा दिया। कन्हैया की एक झलक पाने को लोग यहाँ बेकरार थे। कन्हैया एक क्रांति का प्रतीक बन कर यहाँ पहुंचे। 
यहां पंजाब साहित्य अकादमी परिसर में 'शिक्षा और रोजगार' विषय पर आयोजित सेमीनार में कन्हैया कुमार ने मोदी सरकार की शिक्षा नीति पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश के सरकारी व पब्लिक सेक्टर के शिक्षण संस्थानों का निजीकरण करने की साजिश की जा रही है। यह देश के लिए खतरनाक है और शिक्षा का व्यावसायिक करण का प्रयास है। उन्होंने विमान से 2500  सेरुपयों में सफर की बात उठाते हुए भी कहा कि जो गरीब लोग 25 रुपयों में रेल से सफर करते हैं उनके लिए मोदी जी के पास क्या योजना है? अच्छे दिनों की चर्चा करते हुए कन्हैया ने कहा कि मोदी जी का मित्र 30 रूपये किलो दाल खरीद कर महंगे भाव बेच दे क्या यही हैं अच्छे दिन?
छात्र-छात्राओं के बीच आये कन्हैया कुमार की मौजूदगी एक जादू की तरह असर कर रही थी। उनके साथ सेल्फी लेने वालों की एक होड़ लगी थी। पंजाब में आतंकवाद से संघर्ष के दौरान दम तोड़ चुकी वाम छात्र लहर में एक नया जोश नज़र आया। मुद्दत के बाद भाकपा समर्थक छात्र संगठन आल इंडिया स्टूडेंटस फेडरेशन (ए आई एस एफ) के झंडे पंजाब में नज़र आए। कन्हैया के लुधियाना आने से इस ऐतिहासिक संगठन की मौजूदगी का अहसास तीव्रता से सामने आया है जो इस चुनावी मौसम में वाम विरोधियों के लिए खतरे की घण्टी है। करीब एक वर्ष के अंदर अंदर तैयार किया गया यह छात्र केडर पूरी तरह से अनुशासित और सक्रिय। इसकी सक्रियता उन लोगों को कड़ा जवाब है जो मीडिया के सामने भी यह कहते नहीं थकते कि कमरेडटॉ अब खत्म हो चुके हैं।
सेमिनार में लोगों की संख्या किसी रैली की तरह थी। मौजूदगी रजिस्टर पर हस्ताक्षर कराये जा रहे थे। एक नज़र देखा तो संख्या 700 के करीब थी। हाल के अंदर भी भीड़ थी और बाहर भी। शायद पहली बार इस हाल को कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही पूरा भरा देखा।  
सेमिनार में कन्हैया कुमार ने कहा कि मोदी सरकार युवाओं को रोज़गार देने में अक्षम रही है। नरेंद्र मोदी ने इस बारे मे बढ़चढ़ कर बातें की थीं और दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन 1.35 लाख लोगों को ही रोजगार मिले हैं। सरकार युवाआें और जनता को भ्रमित करने में ही लगी रहती है।
कन्हैया ने कहा कि मोदी सरकार का मुख्य उद्देश्य शिक्षा से पैसा कमाना है, न कि लोगों को शिक्षित करना। यह हालत घातक है और गरीब युवाओं के साथ अन्याया है। कन्हैया ने कहा कि देश में भगत सिंह को पिस्तौल और बम चलाने वाले के रूप में प्रदर्शित किया गया है, जबकि वह एक विचारक थे। लेकिन उनके इस पहलू को नहीं उभारा गया। कन्हैया कुमार ने सामंतवाद और पूंजीवाद से आज़ादी पर जोर दिया। उन्होेंने इसके लिए लाेगों खासकर युवाओं और बुद्धिजीवियों से आगे आने की अपील की।
सेमीनार का आयोजन पंजाबी साहित्य अकादमी में सोशल थिंकर फोरम के सहयोग से किया गया। इससे पहले वकीलों ने कन्हैया का पुतला फूंका ओर उनको कार्यक्रम में शामिल नहीं होने देने का एलान किया। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे वकीलों को गिरफ्तार कर लिया।
इसी बीच पंजाबी साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉक्टर सुखदे सिंह सिरसा, महासचिव सुरजीत सिंह और मुख्य वक्ता प्रिंसिपल तरसेम बाहिया ने कहा कि साहित्य अकादमी कीतरफ से इस आयोजन का प्रयास बहुत आवश्यक था क्योंकि पंजाब के शैक्षणिक, बौद्धिक और नैतिक क्षेत्रों में गरावट आ रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया की पंजाबी भवन में पहले भी इस तरह के आवश्यक जन मुद्दों पर आयोजन होते रहे हैं।