Saturday, August 20, 2011

शिरोमणि कमेटी चुनावों के लिए पंथक एजेंडा जारी


शिरोमणि कमेटी धार्मिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र के साथ साथ सामाजिक बुराईयों के खिलाफ भी आरम्भ करेगी अभियान-मुख्यमंत्री बादल
लोंगोवाल/चंडीगढ़, 20 अगस्त:

शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक और पंजाब के मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल ने समस्त खालसा पंथ को पुरजोर अपील की कि जुगो-जुग अटल साहिब श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता बनाये रखने, सिक्ख गुरू धामों की बेहतर सेवा संभाल, सिक्ख शैक्षणिक और अन्य संस्थानों को विश्व स्तरीय बनाने और पंथ विरोधियों को करारी हार देने के लिए शिरोमणि गुरूद्वारा पंथक कमेटी के चुनावों में शिरोमणि अकाली दल और संत समाज के सांझे उम्मीदवारों को शान से जिताया जाए। 
महान शहीद संत हरचन्द सिंह लोंगोवाल की 26 वीं बरसी के अवसर पर लोंगोवाल में हुई एक महान शहीद समागम में शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी की गौरवमयी कारगुजारी और भविष्य के कार्यक्रमों को दर्शाता किताबचा ‘‘पंथक एजेंडा ’’ जारी करते हुए स. बादल ने कहा कि सिक्ख गुरूधामों को महंतों के कब्जे से छुड़ाने और संगती प्रबंध लागू करने के लिए खालसा पंथ को बहुत बड़ी कुर्बानियां करनी पड़ी और बड़ी शहादतें भी देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि ननकाना साहिब का साका, पंजा साहिब का साका, जैतों का मोर्चा, गुरू के बाग का मोर्चा और चाबियों का मोर्चा ऐसे ऐतिहासिक साके हैं जिनमें सैंकड़ों सिंह शहीद हुए, हजारो सिक्ख जेलों में गये और बेहिसाब सिंहों ने बेतहाशा जुल्म सहा। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल को इस बात का गर्व है कि सन् 1920, जब यह कमेटी अस्तित्व में आई थी, से लेकर आज तक संगत ने सिक्खों की इस संसद की जिम्मेवारी इस पार्टी को दी है। 
यह एजेंडा जारी करते हुए स. बादल ने कहा कि यह बात जग जाहिर है कि शिरोमणि अकाली दल के अस्तित्व में आने से लेकर आजतक क ांग्रेस पार्टी ने हमेशा सिक्ख संस्थाओं और गुरूधामों पर कब्जा करने मेें असफल प्रयास किये हैं। 20 पृष्ठों के इस रंगदार किताबचे में शिरोमणि कमेटी की गत् 7 वर्ष और इससे पहले की मुख्य उपलब्धियों का जिक्र किया गया है। पंथक कमेटी के आरम्भ में प्रधान शिरोमणि अकाली दल स. सुखबीर सिंह बादल के तीन पृष्ठों के संदेश में जहां 21वीं सदी में सिक्ख कौम को पेश चुनौतियों का विस्तार में जिक्र किया गया है वहां मुगलों, अंग्रेज समा्रज्य और समय की कांग्रेस सरकारों द्वारा गुरूधामों पर हमले करने, प्रबंध को अपने कब्जे में लेने आदि ऐतिहासिक घटनाओं का विस्तार में वर्णन किया गया है। अपनी अपील में जहां स. सुखबीर सिंह बादल ने नशों विरूद्ध आवाज उठाने पर बल दिया, वहां उन्होंने प्रत्येक गुरूद्वारे के साथ एक अच्छा स्कूल, अच्छा अस्पताल और एक अच्छा खेल का मैदान बनाने के लिए भी कहा। उन्होंने भ्रूण हत्या रोकने के लिए और वातावरण को संभाल कर रखने की महत्तता का भी विस्तार में जिक्र किया। 
किताबचे में अन्य विस्तार में जाते हुए स. प्रकाश सिंह बादल ने बताया कि इस पंथक एजेंडे में संगतों की जानकारी के लिए शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा चलाये जा रहे 110 शैक्षणिक संस्थानों की तस्वीरों सहित प्रमाणिक विवरण दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज 74745 बच्चे इन संस्थानों में विद्या हासिल कर रहें हैं जोकि समाज की बहुत बड़ी सेवा है। उन्होंने बताया कि सिक्ख कौम के लिए सबसे बड़ी सौभाग्य की बात श्री गुरू ग्र्रंथ साहिब विश्व यूनीवर्सिटी की स्थापना है जिसके लिए शिरोमणि कमेटी बधाई की पात्र है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी द्वारा चलाये जा रहे सभी चिकित्सा कालेज, डैंटल कालेज, इंजीनियरिंग कालेज, पॉलीटैकनीक कालेज, नर्सिंग कालेज और इसके अतिरिक्त 31 डिग्री कालेजों एवं 71 स्कूलों और कालजीएट स्कूलों के चित्र सहित प्रमाणिक ब्यौरा इस किताबचे में दिया गया है। उन्होंने कहा कि सिक्ख संगत की सुविधा के लिए शिरोमणि कमेटी द्वारा विभिन्न गुरूद्वारा साहिबानों में बनाई गई खूबसूरत एवं आरामदेह सरांओं का भी इसमें विशेष ब्यौरा उपलब्ध करवाया गया है। स. बादल ने कहा कि श्री दरबार साहिब से गुरूवाणी कीर्तन का सीधा प्रसारण आरम्भ करके कमेटी ने सिक्ख कौम की लम्बे समय की मांग को पूरा किया है। 

स. बादल ने आगे बताया कि यह बहुत गर्व वाली बात है कि शिरोमणि कमेटी द्वारा सिक्ख धर्म के प्रचार एवं प्रसार के लिए 11 सिक्ख मीशनों और 13 गुरमत विद्यालयों सहित पांच अन्य सिक्ख मिशनरी के ंद्रो की स्थापना की गई है। उन्होंने बताया कि कमेटी द्वारा सिक्ख धर्म के प्रचार एवं प्रसार के लिए इंटरनैट एवं अन्य आधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल आरम्भ किया जाना भी अच्छा उद्यम है। शिरोमणि कमेटी के भविष्य के  एजेंडे की बात करते हुए स. बादल ने कहा कि शिरोमणि कमेटी द्वारा भविष्य में शैक्षणिक लहर को और मज़बूत करने के साथ साथ सामाजिक समस्याएं जैैसे की भ्रूण हत्या, नशों के खिलाफ अभियान आरम्भ करने की योजनाएं भी समाज सुधार की दिशा में अह्म कदम साबित होंगी। उन्होंने कहा कि जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहरा के नाम पर इंस्टीच्यूट ऑफ एैडवांस स्टडीज इन सिक्खीज्म के निर्माण और श्री गुरू ग्रंथ साहिब का प्रवानित टीका तैयार करने के कार्यो से सिक्ख धर्म परपक्वता की लहर और मज़बूत होगी। उन्होंने बताया कि शिरोमणि कमेटी द्वारा आने वाले समय में शिरोमणि मार्किट, श्री अमृतसर में सौ करोड़ की लागत से सिक्ख इतिहास को दर्शाता लामिसाल म्यूज्यिम का निर्माण किया जाएगा और भाई गुरदास हाल के समीप 25 करोड़ रुपये की लागत से सारागढ़ी की सराह का निर्माण करने का कार्य आरंभ किए जा रहें हैं। श्री हरमंदिर साहिब में लंगर क ी ईमारत के नवीणीकरण का जिक्र करते हुए स. बादल ने बताया कि इस कार्य पर 20 करोड़ रुपये खर्च किए जांएगें। खालसाई खेलों के सफल आयोजन का जिक्र करते हुए स. बादल ने कहा कि खालसाई खेलों गुरू साहिबानों द्वारा बख्शीश की विलक्षण देन है और नवयुवा पीढ़ी को नशों से मोडक़र इन खेलों क ी सिखलाई हासिल करने के लिए प्रेरणा समय की मुख्य आवश्यकता है। 

डाक्टर जगमोहन उप्पल की तरफ से आया एक मेल


जालंधर में बहुत ही गहरे मित्र हैं डाक्टर जगमोहन उप्पल.उनके पास बैठना एक बहुत ही ज्ञानवर्धक व सुखद अनुभव है. उनकी तरफ से एक मेल आया है जो फारवर्ड होता हुआ एक आन्दोलन बनता जा रहा है. देखिये की इसमें क्या है ? 
दर्द होता रहा छटपटाते रहे, 
आईने॒ से सदा चोट खाते रहे, 
वो वतन बेच कर मुस्कुराते रहे 
हम वतन के लिए॒ सिर कटाते रहे
” 

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280 लाख करोड़ का सवाल है ...भारतीय गरीब है लेकिन भारत देश कभी गरीब नहीं रहा"* ये कहना है स्विस बैंकके डाइरेक्टर कास्विस बैंक के डाइरेक्टर ने यह भी कहा है कि भारत का लगभग280 लाख करोड़ रुपये उनके स्विस बैंक में जमा हैये रकम इतनी है कि भारतका आने वाले 30 सालों का बजट बिना टैक्स के बनाया जा सकता है. 
या यूँ कहें कि 60 करोड़ रोजगार के अवसर दिए जा सकते हैया यूँ भी कह सकतेहै कि भारत के किसी भी गाँव से दिल्ली तक 4 लेन रोड बनाया जा सकता है.
ऐसा भी कह सकते है कि 500 से ज्यादा सामाजिक प्रोजेक्ट पूर्ण किये जा सकतेहैये रकम इतनी ज्यादा है कि अगर हर भारतीय को 2000 रुपये हर महीने भीदिए जाये तो 60 साल तक ख़त्म ना होयानी भारत को किसी वर्ल्ड बैंक से लोनलेने कि कोई जरुरत नहीं हैजरा सोचिये ... हमारे भ्रष्ट राजनेताओं औरनोकरशाहों ने कैसे देश को लूटा है और ये लूट का सिलसिला अभी तक 2011 तकजारी हैइस सिलसिले को अब रोकना बहुत ज्यादा जरूरी हो गया हैअंग्रेजो ने हमारेभारत पर करीब 200 सालो तक राज करके करीब 1 लाख करोड़ रुपये लूटामगर आजादी के केवल 64 सालों में हमारे Hkz’Vkpkfj;ksa  ने 280 लाख करोड़लूटा हैएक तरफ 200 साल में 1 लाख करोड़ है और दूसरी तरफ केवल 64 सालोंमें 280 लाख करोड़ हैयानि हर साल लगभग 4.37 लाख करोड़या हर महीनेकरीब 36 हजार करोड़ भारतीय मुद्रा स्विस बैंक में इन भ्रष्ट लोगों द्वारा जमाकरवाई गई है
भारत को किसी वर्ल्ड बैंक के लोन की कोई दरकार नहीं हैसोचो की कितना पैसाहमारे भ्रष्ट राजनेताओं और उच्च अधिकारीयों ने ब्लाक करके रखा हुआ है
हमे भ्रस्ट राजनेताओं और भ्रष्ट अधिकारीयों के खिलाफ जाने का पूर्ण अधिकारहै.हाल ही में हुवे घोटालों का आप सभी को पता ही है - CWG घोटाला जीस्पेक्ट्रुम घोटाला , आदर्श होउसिंग घोटाला ... और ना जाने कौन कौन से घोटालेअभी उजागर होने वाले है ........
Summary of All scams of India : Rs. 910603234300000/-
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  See how Lokpal Bill can curb the politicians, Circulate it to create awareness
      Existing System
System Proposed by civil society
No politician or senior officer ever goes to jail despite huge evidence because Anti Corruption Branch (ACB) and CBI directly come under the government. Before starting investigation or prosecution in any case, they have to take permission from the same bosses, against whom the case has to be investigated.
Lokpal at centre and Lokayukta at state level will be independent bodies. ACB and CBI will be merged into these bodies. They will have power to initiate investigations and prosecution against any officer or politician without needing anyone’s permission. Investigation should be completed within 1 year and trial to get over in next 1 year. Within two years, the corrupt should go to jail.
No corrupt officer is dismissed from the job because Central Vigilance Commission, which is supposed to dismiss corrupt officers, is only an advisory body. Whenever it advises government to dismiss any senior corrupt officer, its advice is never implemented.
Lokpal and Lokayukta will have complete powers to order dismissal of a corrupt officer. CVC and all departmental vigilance will be merged into Lokpal and state vigilance will be merged into Lokayukta.
No action is taken against corrupt judges because permission is required from the Chief Justice of India to even register an FIR against corrupt judges.
Lokpal & Lokayukta shall have powers to investigate and prosecute any judge without needing anyone’s permission.
Nowhere to go - People expose corruption but no action is taken on their complaints.
Lokpal & Lokayukta will have to enquire into and hear every complaint.
There is so much corruption within CBI and vigilance departments. Their functioning is so secret that it encourages corruption within these agencies.  
All investigations in Lokpal & Lokayukta shall be transparent. After completion of investigation, all case records shall be open to public.  Complaint against any staff of Lokpal & Lokayukta shall be enquired and punishment announced within two months.
Weak and corrupt people are appointed as heads of anti-corruption agencies.
Politicians will have absolutely no say in selections of Chairperson and members of Lokpal & Lokayukta. Selections will take place through a transparent and public participatory process.
Citizens face harassment in government offices. Sometimes they are forced to pay bribes. One can only complaint to senior officers. No action is taken on complaints because senior officers also get their cut.
Lokpal & Lokayukta will get public grievances resolved in time bound manner, impose a penalty of Rs 250 per day of delay to be deducted from the salary of guilty officer and award that amount as compensation to the aggrieved citizen.
Nothing in law to recover ill gotten wealth. A corrupt person can come out of jail and enjoy that money.
Loss caused to the government due to corruption will be recovered from all accused.
Small punishment for corruption- Punishment for corruption is minimum 6 months and maximum 7 years.
Enhanced punishment - The punishment would be minimum 5 years and maximum of life imprisonment.
Dear All,   Please go through the details carefully & try to be part of this mission against corruption. Things to know about Anna Hazare and Lok pal Bill-:     1.Who is Anna Hazare?                                                                               An ex-army man(Unmarried). Fought 1965 Indo-Pak War.                                                                                                                                                             2.What's so special about him?                                                                       He built a village Ralegaon Siddhi in Ahamad Nagar district, Maharashtra                                                                                                                                 3.This village is a self-sustained model village. Energy is produced in the village itself from     solar power, biofuel and wind mills. In 1975, it used to be a poverty clad village. Now it is one   of the richest village in India. It has become a model for self-sustained, eco-friendly &           harmonic village.                                                                                                                                                                                       4.This guy, Anna Hazare was awarded Padma Bhushan and is a known figure for his social               activities.                                                                                           5.He is supporting a cause, the amendment of a law to curb corruption in India.                                                                                                                         6. How that can be possible?                                                                         He is advocating for a Bill, The Lok Pal Bill (The Citizen Ombudsman Bill), that will form an       autonomous authority who will make politicians (ministers), bureaucrats (IAS/IPS) accountable for   their deeds.                                                                                          7. It's an entirely new thing right..?                                                               In 1972, the bill was proposed by then Law minister Mr. Shanti Bhushan. Since then it has been       neglected by the politicians and some are trying to change the bill to suit their theft             (corruption).                                                                                       8. Oh.. He is going on a hunger strike for that whole thing of passing a Bill ! How can that be     possible in such a short span of time?                                                               The first thing he is asking for is: the govt should come forward and announce that the bill is     going to be passed.                                                                                 Next, they make a joint committee to DRAFT the LOK PAL BILL. 50% government participation and 50%   public participation. Bcoz u can't trust the govt entirely for making such a bill which does not       suit them.                                                                                           9.What will happen when this bill is passed?                                                         A LokPal will be appointed at the centre. He will have an autonomous charge, say like the Election   Commission of India. In each and every state, Lokayukta will be appointed. The job is to bring all     alleged party to trial in case of corruptions within 1 year. Within 2 years, the guilty will be     punished.                                                                                           Pass this on n show ur support..                                                                   Spread it like   fire;Our Nation needs us... Please Contribute... This is not just a forward, it’s the future of our Nation. ...
आप लोग जोक्स फॉरवर्ड करते ही होइसे भी इतना फॉरवर्ड करो की पूरा भारत इसे पढ़े ... और एक आन्दोलन बन जाये

चन्द काव्य ख्याल // बोधिसत्व कस्तूरिया

कुछ तो मौसम की रवानगी थी,
कुछ आपकी बातों की दीवानगी थी!
वरना हम यूं ही शायर न बन जाते,
वो तो जोशे-जवानी की मर्दानगी थी!! 
हम तो राहे गर्दिश मे अकेले ही चले थे,
पता नही कौन-किस मोड पर साथ हो लिया?
और धीरे धीरे कारर्वाँ बनता चला गया!

मौहब्बत के मानिंद कोई शै नही ,
काश एक बार करके तो देखी होती! 
नफ़रत से भी ज़्यादा दीवानगी है इसमे,
दिलो-जाँ निसार कर भी आँख नम नही होती!
  
तेरे हुस्न की रानाईयाँ
मेरे इश्क की रुस्वाईयाँ,
गर कभी थम भी जायें तो,
किसी ज़लज़ले का अह्सास होता है !

--बोधिसत्व कस्तूरिया 


सम्पर्क: २०२ नीरव निकुन्ज सिकन्दरा, 
आगरा २८००७

Friday, August 19, 2011

अन्ना हजारे के समर्थन में एकमत हो कर उठा पूरा पंजाब


 सत्ताधारी  पार्टी शिरोमणि अकाली दल भी मैदान में 
 अमृतसर से गजिंदर सिंह  
अन्ना हजारे के समर्थन में अब पंजाब की सत्ताधारी  पार्टी शिरोमणि अकाली दल भी पूरे जोशो खरोश के साथ खुल कर उतर आयी है. भ्रष्टाचार के खिलाफ उमड़ कर कर आ रहे जन सैलाब का साथ देते हुए आज पंजाब के लोगों ने भी जोर शोर से आवाज़ बुलंद की, जिस के चलते आज शिरोमणि अकाली दल ने पूरे पंजाब में दो  घंटे का धरना प्रदर्शन किया और केंद्र की सरकार पर खुल कर निशाना साधा और कहा कि अन्ना के खिलाफ कार्यवाही गलत है और भ्रष्टाचार के विरुध  जब जेल भरो आन्दोलन हुआ तो उसमें सब से पहला जत्था अमृतसर से जाएगा. गौरतलब है की आपातकाल में भी अमृतसर की पावन भूमी पर नए रिकार्ड कायम हुए थे. 
अन्ना हजारे जहाँ आज राम लीला मैदान में अनशन करने जा रहे है और देश में उन को आपना समर्थन देने वालों की संख्या भी दिन प्रति दिन बढती जा रही है, जिस के चलते आज पंजाब की सताधारी पार्टी शरोमानी अकाली दल ने पूरे पंजाब में दो घंटे का विशाल धरना प्रदर्शन देकर अन्ना हजारे को आपना समर्थन दिया और केंद्र सरकार द्वारा की जा रही ज्याद्तीयों की नींदा की, गुरु नगरी अमृतसर में एक विशाल धरना प्रदर्शन यूथ अकाली दल के प्रधान सरदार बिक्रम जीत सिंह मजीठिया की अध्यक्षा में अमृतसर के डी, सी दफ्तर क्र बाहर दिया गया, इस मौके पर उन्होंने यहाँ पर अन्ना हजारे के समर्थन में नारे-बाज़ी की और साथ ही केंद्र की सरकार के खिलाफ आपना रोष ज़ाहिर किया, इस मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए यूथ अकाली दल के प्रधान सरदार बिक्रम जीत सिंह मजीठिया ने अन्ना हजारे बारे जानकारी देते हुए बताया, कि आज देश में मौलिक अधिकारों का खंडन हो रहा है और जहाँ एक  व्यक्ति शांति के साथ जनता के हित के लिए लोक पाल बिल की बात कह रहा है, सरकार उस पर अत्याचार कर रही है, आज विदेशी बैंक में 300  लाख करोड़ रूपए पड़े है और वह सारे पैसे राजनेताओं के है और अन्ना हजारे लोगों की भावनाओं को ले कर अनशन   पर है, लेकिन सरकार आज मौलिक अधिकारों का खंडन कर रही है, वहीँ पंजाब कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा,
कि आज कैप्टेन अमरेंदर सिंह अन्ना हजारे को गलत कह रहे है, इस से साफ़ साबित होता है, कि वह भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे है, वहीँ उन्होंने कहा, कि अगर प्रधान मंत्री साहिब को कोई मुश्किल  आ रही है, उस पर विचार करना चाहिए, जिससे कि उस को हल किया जा सके और जिन राजनेताओं के ऊपर  मामले दर्ज हुए है, उस पर किसी तरह का कोई भी सजा नहीं हो सकी, जिस के चलते आज जनता में रोष है और आज जिस कारण सारा देश कांग्रेस के खिलाफ एक जुट हो गया है
     वहीँ अब अन्ना के समर्थन में राज्य सरकार के आने से अन्ना हजारे के अनशन को कितनी मजबूती मिलती है. जिस से की देश की केंद्र की सरकार लोक पाल बिल ला कर देश के लोगों को भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाती है  

जलियांवाला बाग़ से भी उठी अन्ना के हक में आवाज़


अब जला देंगे अँधेरे को जो जलना होगा
मोमबतियां जला कर लोगो ने किया क्रांती का समर्थन   
अमृतसर से गजिंदर सिंह:  
अमृतसर में शहीदों के सब से बड़े शहीदी स्थान जलियांवाला बाग़ में भी गुरूवार को देर शाम अन्ना हजारे के समर्थन की आग अपने पूरे जलवे से उठीहुई नज़र आयी,  अमृतसर के जलियांवाला बाग़ में अमर ज्योति के सामने लोगों ने मोमबतियां जला कर आपना  समर्थन अन्ना हजारे को दिया, जिस की प्रधानगी संसंद सदस्य नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने की. 
भ्रष्टाचार के गहन अँधेरे को चीरती हुयी यह रौशनी कह रही थी कि अब जला देंगे अँधेरे को जो जलना होगा. यह शहीदी स्थल से लिया गया संकल्प था कि अब हम देश और देश की आजादी पर लगे भ्रष्टाचार के कलंक को मिटा कर ही दम लेंगें. क्रांती की इस आवाज़ को बुलंद करने के लिए महिला शक्ती भी बढ़ चढ़ कर आगे आई.
अमृतसर के हाल गेट के बाहर हाथों में मोमबातिया  लिए खड़े यह वह लोग है, जो आज यहाँ अन्ना हजारे के समर्थन में एकत्रित हुए है, दरअसल आज यहाँ भी बी, जे, पी के कार्यकर्ताओं ने एक विशाल मोमबती रैली हाल गेट से शुरू कर बाजारों से होती हुई अमृतसर के प्रसिद्ध शहीदी स्थान जालिया वाला बाग़ के स्मारक पर जा कर खत्म हुई. हर तरफ जोश और उत्साह था, ऊर्जा थी. 
इस मौके रैली की प्रधानगी करती हुई सांसद नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने अन्ना हजारे के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जब  तक सरकार अन्ना हजारे जी को लोक पाल बिल नहीं देती वह सड़कों पर रहेंगे जिस के चलते आज वह देश के सब से बड़े शहीदी स्मारक पर 
आपना समर्थन अन्ना हजारे जी को दे रहे है, वहीँ जलियावाले बाग़ में जा कर इन लोगो ने वन्दे मातरम् के नारे लगाये और अन्ना हजारे जी आगे बढ़ो, हम तुम्हारे साथ है, के नारे लगा कर अपना समर्थन अन्ना हजारे को दिया, वहीँ इस मौके पर लोगों की भारी भीड़-उमड़ कर इस शहीदी स्मारक में पहुँची. 

Thursday, August 18, 2011

दैनिक जागरण के पत्रकार समेत दो पर हमला


जागरण टीम, बठिंडा : पुलिस की मौजूदगी में बुधवार को फायरिंग व पथराव की कवरेज कर रहे दैनिक जागरण के फोटो जर्नलिस्ट रणधीर बॉबी व एक न्यूज चैनल के कैमरामैन गुरदास सिंह पर आरोपी प्राइवेट ठेकेदार अमरजीत सिंह हैप्पी ने साथियों संग मिलकर कातिलाना हमला कर दिया। ठेकेदार ने पिस्टल की बट से रणधीर बॉबी के चेहरे पर वार किया। घायल अवस्था में दोनों पत्रकारों को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। घटना से नाराज पत्रकार बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जा पहुंचे। इसके बाद हुई बैठक के बाद दबाव में आई जिला पुलिस ने आरोपी ठेकेदार व उसके साथियों पर कातिलाना हमले का मामला दर्ज कर लिया, लेकिन पत्रकार हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं। इससे पहले, पत्रकारों का आक्रोश फूटता देख वहां मौजूद अधिकारियों ने मामला शांत करने की कोशिश की, लेकिन दिनदहाड़े पुलिस के समक्ष हुई गुंडागर्दी को देखते हुए उन्होंने अफसरों से कोई बात नहीं की। इसके बाद पत्रकारों ने तुरंत सर्किट हाउस में बैठक की, जिसमें मीडियाकर्मियों से मारपीट की घोर निंदा करते हुए पांच सदस्यीय एक्शन कमेटी गठित की गई। एक्शन कमेटी के सदस्यों गुरदीप मान, अरविंद श्रीवास्तव, हुक्मचंद शर्मा, किरनजीत रोमाणा, बख्तौर ढिल्लों की अगुवाई में मीडिया कर्मी सिविल अस्पताल पहुंचे तथा वहां भर्ती घायल साथियों का हालचाल पूछा। मामला भड़कते देख पुलिस विभाग हरकत में आ गया। एसएसपी डा. एसएस गिल ने कैंप आफिस में एक्शन कमेटी से बैठक की और हमले की निंदा करते हुए कहा कि पुलिस अफसरों के मौके पर होने के बावजूद इस तरह की घटना बिल्कुल गलत है। ऐसी लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि जिन पुलिस अफसरों ने मौके पर चुप्पी साधकर ठेकेदार को छोड़ा है, उन्हें ही आरोपी ठेकेदार व उसके साथियों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे। उधर, एक्शन कमेटी ने चेतावनी दी कि अगर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार न किया गया तो आगे कड़ा संघर्ष किया जाएगा। हमले का पता चलते ही अस्पताल पहुंचे विधायक हरमिंदर जस्सी ने घायलों का हालचाल पूछा और हमले की निंदा की। इस घटना का पता चलते ही प्रदेश भर के पत्रकारों में रोष व्याप्त हो गया। श्री मुक्तसर साहिब में पत्रकार एसोसिएशन के मंडी लक्खेवाली, मंडी बरीवाला, दोदा, रूपाणा, लंबी आदि सहित जिला देहाती पत्रकार एसोसिएशन के प्रधान जसवीर भुल्लर ने उक्त घटना की तीव्र शब्दों में आलोचना की है। इसी तरह मुक्तसर प्रेस क्लब के प्रधान सुखपाल सिंह ढिल्लो सहित अन्य पत्रकारों ने घटना के लिए जिम्मेदार ठेकेदार को तुरंत गिरफ्तार कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रेस क्लब पटियाला के प्रधान प्रवीन कोमल ने कहा कि हमलावर को पुलिस तुरंत गिरफ्तार करे। इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स आर्गेनाइजेशन फार पुलिस पब्लिक प्रेस के वुमेन इंपावरमेंट विंग की राज्य अध्यक्ष सुनीता सिंह व अखिल भारतीय मानवाधिकार निगरानी समिति के प्रदेश अध्यक्ष अनिल दत्त ने भी इस घटना की निंदा की है। उधर जालंधर में पंजाब प्रेस क्लब ने फोटो जर्नलिस्ट रणधीर बॉबी पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। क्लब के प्रधान आरएन सिंह ने कहा कि मीडियाकर्मी पर हमला लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता पर आघात है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।  

Wednesday, August 17, 2011

अन्ना हजारे के समर्थन में निकाला गया कैडल मार्च

 भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना की आंधी का जोर जारी 
अमृतसरसे गजिंदर सिंह
गुरु की नगरी अमृतसर में आज अन्ना हजारे के समर्थन में शहर की समाज सेवी, विधार्थी, दूकानदार संस्थाओं  ने अलग-अलग स्थानों की सडको में विशाल कैंडल  मार्च निकाला, यह कैंडल  मार्च अमृतसर के प्रसिद्ध लारेंस रोड, जालिया वाला बाग़ और कई स्थानों की सडको में अन्ना हजारे के समर्थन में बच्चे से लेकर बूढ़े तक हर वर्ग के लोगो ने अन्ना हजारे को समर्थन देने के लिए आपने हाथो में मोमबतिया जला कर अन्ना हजारे के हक में नारे लगते नजर आए.
गुरु की नगरी अमृतसर की सड़कों पर मोमबती लिए यह है, वह लोग जो आज देश के नायक अन्ना हजारे के समर्थन में उतरे है, दरअसल अन्ना हजारे के अनशन को आपना समर्थन देने के लिए अमृतसर के समाज सेवी, विधार्थी, दूकानदार संस्थाओं  ने अलग-अलग स्थानों की सडको में हर वर्ग के लोग एकत्रित होकर
अन्ना हजारे को समर्थन देने के लिए हाथों में मोमबतियां ले कर अन्ना हजारे के हक में नारे लगते हुए शहर में विशाल कैंडल  मार्च निकाला, उन्होंने लोगों को अन्ना हजारे के साथ आपना समर्थन देने की अपील करते हुए कहा कि आज अन्ना हजारे देश की आवाज़ है और वह देश से भ्रष्टाचार के कलंक को दूर करना चाहते है,
लेकिन कांग्रेस की सरकार उन को ऐसा नहीं करने दे रही, इस के साथ लोगों का कहना है, कि यह देश की आजादी की दुसरी लड़ाई है और जिस तरह अंग्रेजों को इस देश से भगाया गया था, उसी तरह अब भ्रष्टाचार को भी देश से भगाना है और एक नए भारत की स्थापना करनी है,  साथ ही लोगों का कहना है, कि इस कैंडल लाइट से वह देश की केंद्र सरकार को यह सन्देश देना चाहते है, कि देश की केंद्र सरकार इस से जागृत हो और लोक पाल बिल को ले कर देश का कल्याण करे.

दो तस्करी ने एक किलो हेरोइन काबू


अमृतसर स्टेट स्पेशल ओपरेशन सेल की एक और कामयाबी  
अमृतसर से गजिंदर सिंह:  
अमृतसर के स्टेट स्पेशल ओपरेशन सेल को उस समय बड़ी सफलता मिली, जब उस ने नशे की तस्करी के दो धंधे-बाजों को एक किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है, यह दोनों शातिर काफी पुराने तस्कर है और यह थोड़ी देर पहले ही जेल से छुट कर आये थे.
       अमृतसर के स्टेट स्पेशल ओपरेशन सेल पुलिस ने एक गुप्त सुचना के आधार पर काले मोटर साइकिल पर सवार दो नौजवानों को चभाल के बस स्टैंड से गिरफ्तार किया और इन के पास से एक  किलो हेरोइन बरामद की गई, इतना ही नहीं इन दोनों की उम्र 25  साल से कम है, वह दो शातिर नौजवान जो पंजाब की नौजवान पीडी को मौत के मुह में धकेल रहे थे, यह दोनों नौजवान जिनका नाम गुरबिंदर और गुरबचन सिंह hai,  यह दोनों पकिस्तान से आये एक नशे की खेप को पंजाब में किसी बड़े तस्कर को देने  जा रहे थे, दरअसल इन दोनों का जुर्म का ग्राफ नया नहीं है, यह दोनों शातिर तस्कर इस से पहले राजस्थान के इलाके हिन्दू मलकोट से 9  जुलाई 2011  
को एक पकिस्तान निर्मित पिस्तौल के साथ पकडे गए थे और राजस्थान पुलिस ने इन को वहां से गिरफ्तार किया था और  अब यह कुछ दिन पहले ही जमानत से छुट कर आये थे और आते ही इन्होने यह तस्करी का धंधा शुरू कर दिया, जिस के चलते   पुलिस  ने एक गुप्त सुचना के आधार पर इन को चभाल के बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया और इन के पास से एक किलो हेरोइन बरामद की , वहीँ ऐ,आई,जी स्टेट स्पेशल ओपरेशन सेल के डाक्टर कौस्तुब शर्मा ने इन दोनों तस्करों बारे जानकारी देते हुए बताया,कि पंजाब में सीमावर्ती इलाकों में नशे के सौदागर दिन प्रति दिन बढ़ते जा रहे है और खासकर युवा वर्ग इस नशे की दल-दल में फसता जा रहा है, जिस का परिणाम है, कि आज कल युवा पैसा कमाने की चाहत में इस नशे की तस्करी के धंधे में लिप्त हो रहे है और पुलिस  अब प्रयास कर रही है, कि इन नौजवानों को एक सही दिशा दी जाये, ताकि यह नशे की दल-दल से बाहर आ सके
       फिलहाल अब पुलिस यह पता लागने में जुटी है, कि नशे की यह खेप पंजाब में किस को देने के लिए आये थे और वह कौन से तस्कर है, जो इन को नशे देते थे, जिस कारण यह लोग नशे का काला कारोबार करते थे 

अन्ना की आंधी से लोगों में जोश: जगह जगह प्रदर्शन


अमृतसर में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने फूंका केंद्र सरकार का पुतला 
अमृतसर से गजिंदर सिंह  
अन्ना हजारे के अनशन पर दिल्ली पुलिस के द्वारा अन्ना हजारे को गिरफ्तार करने पर अब विपक्षी पार्टी भी अन्ना हजारे को समर्थन देने के लिए खुल कर सामने आयी है, जिस के चलते बी,जे,पी के कार्यकर्ताओं ने अमृतसर में हाल गेट के बाहर एक विशाल धरना प्रदर्शन किया, जिस के तहत उन्होंने केंद्र सरकार का पुतला फूंका और जम कर नारेबाज़ी भी की. 
अमृतसर की सडको पर प्रदर्शन कर रहे यह है, बी,जे,पी के कार्यकर्त्ता दरअसल   दिल्ली  में अन्ना हजारे को गिरफ्तार कर के उन को जेल भेजने के विरोध में यह लोग आज सड़कों पर उतरे है उनका कहना है,  कि आज अन्ना हजारे जो लड़ाई लड़ रहा है, वह पूरे देश की है और अन्ना हजारे चाहते है, की आज देश में भ्रष्टाचार का खात्मा हो और साथ ही लोक पाल बिल को लाया जाये, ताकि देश में जो भी व्यक्ति भ्रष्टाचार करे उस को सख्त से सख्त सजा दी जाये, लेकिन आज केंद्र की सरकार इस बिल को लाना नहीं चाहती, क्योंकि वह एक भ्रष्ट सरकार है, जिस के चलते वह आज यहाँ पर प्रदर्शन कर रहे है साथ ही उन का कहना है,  कि वह चाहते है, की अन्ना हजारे जो लोक पाल बिल लाना चाहते है उस को जल्द से जल्द लाना चाहिए और जो विदेशों में काला धन पड़ा हुआ है, वह कांग्रेस का है और उस पैसे को सार्वजनिक किया जाना चाहिए,  जिस से की वह धन आपने देश में आये और देश खुशहाल हो, वहीँ उन का कहना है,  कि लोकतन्त्र में हर किसी को आपना विरोध करने का अधिकार है, लेकिन आज भारत में कांग्रेस की सरकार ने लोकतन्त्र की हत्या की है और साथ ही कांग्रेस इस के लिए जिम्मेदार  है,  वहीँ आज वह यह प्रदर्शन आपने पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी जी के निर्देशों पर कर रहे है साथ ही उन का कहना है, की अगर उन की मांगे न मानी गयी, तो वह आपना प्रदर्शन और तेज करेंगे.
फिलहाल आज बी,जे,पी के कार्यकर्ताओं ने पूरे देश में प्रदर्शन किया है, अब देखना यह होगा की आने वाले दिनों में अन्ना की यह मुहीम कितनी तेज होती है और देश की केंद्र सरकार इस का कोई हल निकालने में कोई प्रयास कर पाती है या नहीं.

Tuesday, August 16, 2011

जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब का आदेश


एसजीपीसी चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार 25 अगस्त तक परिवार समेत अमृतपान करें:नशे का सबूत मिलने पर सख्त एक्शन
अमृतसर - (गजिंदर सिंह):   श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने श्री अकाल तख्त साहिब से आदेश जारी किया है, कि एसजीपीसी के धार्मिक चुनाव लड़ रहे सभी उम्मीदवार 25 अगस्त तक श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर अपने परिवार समेत अमृतपान करें, यदि कोई अमृतपान नहीं करता है, तो उसे पंथक तालमेल कमेटी की ओर से श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश किया गया प्रण पत्र पढ़ाया जाएगा, इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील की ओर से पंथक तालमेल कमेटी के साथ मिल कर उम्मीदवारों को सात प्रण करने के लिए दिया गया प्रण पत्र सौंपा था, जिसे पढ़ने के बाद श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने यह निर्णय लिया है
      एसजीपीसी के धार्मिक चुनाव में नशे के वितरण का विरोध करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील एच,एस फूल्का की ओर से किए जा रहे प्रयासों को अब श्री अकाल तख्त साहिब का आशीर्वाद प्राप्त हो गया है, आज श्री फूलका पंथक तालमेल कमेटी के चालीस संगठनों के साथ श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से मिले और उन्हें तालमेल कमेटी की ओर से एक प्रण पत्र सौंपा, जिसमें मांग की गई है, कि एस,जी,पी,सी चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को एक प्रण पत्र पढ़ाया जाए, जिसकी मुख्य शर्ते हैं, कि उम्मीदवार नितनेम करने वाला, अमृतधारी गुरसिख हो, उम्मीदवार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के बिना वह किसी भी अन्य देहधारी को अपना गुरू न मानता हो, उम्मीदवार पंथ प्रमाणित सिख रहित मर्यादा के साथ पूरी तरह से सहमत हो, उम्मीदवार श्री अकाल तख्त साहिब की स्वतंत्रता का पक्षधर हो, उम्मीदवार खुद और उसका पूरा परिवार साबत सूरत हो और वह शराब या अन्य नशे न करता हो, उम्मीदवार चुनाव के दौरान वोटरों को लुभाने के लिए नशे या धन का प्रयोग न करें और अपनी संपति का पूरा ब्यौरा लिखती रूप में संगत के सामने पेश करे और किसी भी ऐसे कारोबार में शामिल न हो, जो गुरमति के खिलाफ हो
     श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने पंथक तालमेल कमेटी की ओर से पेश किए गए इस प्रण पत्र को पढ़ने के बाद यह फरमान जारी कर दिया कि एस,जी,पी,सी चुनाव के लिए मैदान में उतरे सभी उम्मीदवार 25 अगस्त तक परिवार समेत श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर अमृत पान करें, यदि कोई उम्मीदवार अमृतपान नहीं करता है, तो उसे श्री अकाल तख्त साहिब पर यह प्रण पत्र पढ़ाया जाएगा
     जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब ने एच.एस फूलका की ओर से उठाए जा रहे इस कदम की प्रशंसा की और कहा. कि श्री फूलका की ओर से धार्मिक चुनाव में नशे का वितरण रोकने के लिए जो टीमें गठित की है, यदि किसी टीम को उम्मीदवार के खिलाफ नशे का वितरण करने का कोई सुराग या पुख्ता सबूत मिलता है, तो ऐसे उम्मीदवार को धार्मिक सजा तो सुनाई ही जाएगी, उसके साथ उम्मीदवार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.