Saturday, July 27, 2013

बड़े लोग भी कभी नहीं भूलते श्री हरिमंदिर साहिब में आ कर सजदा करना

पौंडीचेरी के राज्यपाल हुए सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में नतमस्तक
अमृतसर (गजिंदर सिंह किंग/पंजाब स्क्रीन) पौंडीचेरी के नवनियुक्त राज्यपाल वरिंदर कटियार आज सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में नतमस्तक होने पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने जहां देश और दुनिया के भले की अरदास की, वहीं लंगर हाल में बर्तन साफ करने की सेवा भी बहुत ही श्रद्धा से निभाई। इस मौके पर उन्होंने कहा, कि पदभार ग्रहण करने के बाद उनकी इच्छा सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में नतमस्तक होने की थी। उन्होंने बताया, कि वह जल्द ही अमृतसर से पौंडीचेरी तक की ट्रेन सेवा में भी सुधार कराएंगे। इसके अलावा उन्होंने बताया, कि पौंडीचेरी में वह गुरुद्वारा साहिबान के निर्माण कार्य का शुभारंभ करके आए हैं और परमात्मा की इच्छा से वह इसे चार जनवरी से पहले-पहले पूरा करने की कोशिश करेंगे।

Friday, July 26, 2013

सरना बन्धु श्री अकाल तख्त साहिब के सामने नतमस्तक

Fri, Jul 26, 2013 at 8:51 PM
दायर केस को वापस लें सरना बंधु-जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब 
कहा-अपनी भूलों की क्षमा याचना के लिए गुरुद्वारा रकाबगंज में करवाए श्री अखंड पाठ 
यथा शक्ति मुताबिक लंगर लगाने का भी आदेश 
श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों का इन-बिन करेंगे पालन-सरना बंधु
अमृतसर (गजिंदर सिंह किंग) नवंबर 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों की यादगार के खिलाफ हाईकोर्ट में पटिशन दायर करने के बाद श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब किए गए सरना बंधुओं को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने श्री अकाल तख्त साहिब से आदेश दिया है, कि वह उक्त केस को तुरंत वापस लें। इसके अलावा सरना बंधुओं को यह भी आदेश दिया गया है कि वे क्षमा याचना के लिए गुरुद्वारा रकाबगंज में श्री अखंड पाठ के साथ-साथ यथा शक्ति मुताबिक लंर लगाए। उधर, इस मौके पर सरना बंधुओं ने कहा, कि हम श्री अकाल तख्त साहिब के फैसले को मंजूर करते हैं। 
         नवंबर 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों की यादगार को गुरुद्वारा रकाब गंज में बनाए जाने के विरोध में हाईकोर्ट में याचिका दायर करने पर श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब किए गए परमजीत सिंह सरना अपने भाई के साथ आज पांच सिंह साहिबानों के समक्ष पेश हुए। इस दौरान उन्होंने पांच सिंह साहिबानों को अपना लिखित स्पष्टीकरण पेश किया। पांच सिंह साहिबानों ने विचार करने के बाद परमजीत सिंह सरना और उनके भाई मंजीत सिंह सरना पर अपना फैसला ले लिया। पांच सिंह साहिबानों के इस फैसले को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने श्री अकाल तख्त साहिब से सुनाया। जिसमें आदेश दिया गया कि सरना बंधु तुरंत कोर्ट में दायर किए गए केस को वापस लें। इसके साथ वे दोनों सिख दंगों के पीड़ित परिवारों के साथ गुरुद्वारा रकाबगंज में श्री अखंड पाठ रखवाएं और यथा शक्ति मुताबिक लंगर भी लगाएं और अपनी भूलों की क्षमा याचना करें।
      इससे पूर्व सिंह साहिबानों से मिलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए परमजीत सिंह सरना और हरविंदर सिंह सरना ने स्पष्ट किया, कि वे श्री अकाल तख्त साहिब को समर्पित हैं और श्री अकाल तख्त साहिब के प्रत्येक आदेश की इन-बिन पालना करेंगे। उन्होंने कहा, कि सिंह साहिबानों ने उनसे यही वादा लिखित में भी लिया है। परमजीत सिंह सरना ने यहां फिर स्पष्ट किया, कि वह सिख विरोधी दंगों में मारे गए लोगों की यादगार के खिलाफ नहीं है। बल्कि वह यह नहीं चाहते हैं, कि गुरुओं के शहीदी स्थल में किसी अन्य की शहीदी यादगार की स्थापना हो। सजा सुनने के बाद भावुक हुए परमजीत सिंह सरना ने कहा, कि वह हमेशा से ही श्री अकाल तख्त साहिब को समर्पित रहें हैं। उन्होंने कहा, कि उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब से जो भी हुकुम हुआ है, वह उन्हें मंजूर है।  

सरना बन्धु श्री अकाल तख्त साहिब के सामने नतमस्तक

Thursday, July 25, 2013

रोज़ जब रात को बारह का गजर होता है- दुष्यंत कुमार

यातनाओं के अँधेरे में सफ़र होता है----- दुष्यंत कुमार


रोज़ जब रात को बारह का गजर होता है
यातनाओं के अँधेरे में सफ़र होता है

कोई रहने की जगह है मेरे सपनों के लिए
वो घरौंदा ही सही, मिट्टी का भी घर होता है

सिर से सीने में कभी पेट से पाओं में कभी
इक जगह हो तो कहें दर्द इधर होता है

ऐसा लगता है कि उड़कर भी कहाँ पहुँचेंगे
हाथ में जब कोई टूटा हुआ पर होता है

सैर के वास्ते सड़कों पे निकल आते थे

अब तो आकाश से पथराव का डर होता है!
                                                                 --------- दुष्यंत कुमार

Wednesday, July 24, 2013

सावन: जब फूलों से पछड जाता है सोना

Wed, Jul 24, 2013 at 8:10 PM
सावन में सोने के स्थान पर नवविवाहिता करती है फूलों का श्रृंगार
                                                                                                                                                                        तस्वीरें:किंग/पंजाब स्क्रीन 
अमृतसर (गजिंदर सिंह किंग/पंजाब स्क्रीन) सावन के महीने का यूं तो पूरी दुनिया को इंतजार रहता है, लेकिन भारत और खास तौर पर अमृतसर में रहने वाले नवविवाहित जोड़ों को इसका खासतौर पर इंतजार रहता है, दरअसल इस महीने के दौरान नवविवाहित जोड़े सोने के जेवरों के स्थान पर फूलों का श्रृंगार कर श्री दुर्ग्याणा तीर्थ स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में नतमस्तक होने के लिए विशेष तौर पर पहुंचते हैं। मंदिर के पुजारी के मुताबिक सावन महीना खुशहाली का महीना है और हर ओर हरियाली इसी तथ्य का ही प्रतीक है, भगवान राम ने सीता माता का और भगवान श्री कृष्ण ने राधा जी का इसी महीने में फूलों का श्रृंगार किया था, यही कारण है, कि मंदिर में भी भगवान की मूर्तियों का फूलों से श्रृंगार किया जाता है, वेद व्यास पुजारी के मुताबिक इस महीने के दौरान नवविवाहित जोड़े विशेष रूप से फूलों का श्रृंगार कर मंदिर में आते हैं और अपनी, अपने परिवार की खुशहाली के अलावा भगवान से पुत्र प्राप्ति की मांग करते हैं, ताकि उनका वंश आगे बढ़ सके और नवविवाहित जोड़ों में प्रेम बना रहे।
          सदियों पुराना यह सिलसिला यहाँ इस सावन में भी दिखाई दे रहा है इस बार भी नवविवाहित जोड़ों में सावन के महीने को लेकर काफी खुशी दिखाई दी, उनके साथ माथा टेकने के लिए पहुंचे उनके परिजनों का कहना है कि उन्होंने भी अपने वैवाहिक जीवन के पहले सावन में इसी तरह श्रृंगार कर माथा टेका था और इसके फलस्वरूप जो मांगा वह उन्हें मिला और उन्हें उम्मीद है कि उनकी बहू की भी मुराद पूरी होगी और उनका वंश आगे बढ़ेगा।
         श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में फूलों का श्रृंगार कर श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में पहुंचे इन जोड़ों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था, सोने के जेवरों के स्थान पर फूलों का श्रृंगार कर पहुंची नवविवाहिताओं के चेहरे भी फूलों की ही तरह खिले हुए थे, इन नवविवाहित जोड़ों का कहना है, कि उनके मां-बाप की भी मुराद यहीं से पूरी हुई थी और उन्हें भी पूरा विश्वास है, कि उनकी मुराद भी पूरी होगी और भगवान उन्हें आशीर्वाद देंगे।

आयकर सेवा केंद्र का उद्घाटन

Wed, Jul 24, 2013 at 7:49 PM
सिंगल विंडो से हर समस्या का हल निकालने का नया प्रयास 
                                                                                                                                                         तस्वीरें:किंग/पंजाब स्क्रीन 
अमृतसर (गजिंदर सिंह किंग/पंजाब स्क्रीन) आधे पंजाब व जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए यह समाचार एक नई खुशखबरी है। अब लोगों को किसी भी मामले में आयकर विभाग के चक्कर काटने नहीं पड़ेंगे। चार मंजिलों के इस भवन में अधिकारियों के आफिस के नंबर ढूंढने की जरूरत भी अब नहीं पड़ेगी क्योंकि हरेक समस्या का समाधान के लिए पंजाब में पहला आयकर सेवा केन्द्र (एएसके) बुधवार को आयकर विभाग (अमृतसर हेडक्वार्टर) में खोला गया है। यह एक ऐसा केंद्र है जहाँ सिंगल विंडो सिस्टम में इस हेडक्वार्टर से जुड़े पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन, फिरोजपुर, बठिंडा, फिरोजपुर, अमृतसर के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के लाखों आयकरदाता ऑनलाइन सिस्टम के तहत जुड़ जाएंगे। जुड़ने वाले आयकरदाता जहां अपने फाइल का स्टेटस जान सकेंगे वहीं ऑनलाइन सिस्टम से एएसके से जुड़ने के साथ ही अपनी कोई भी समस्या व शिकायत भी नोट करवा सकते हैं।1आयकर दाता अपने रिटर्न, रिफंड की जानकारी दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर ले सकता है। इसके लिए हरेक आयकर दाता को स्पेशल पासवर्ड नंबर दिया जाएगा, जिस तरह से ई-रिटर्न दाखिल की जाती है उसी तरह से वेबसाइट पर आयकर दाता अपना खाता खोल सकता है। एएसके में टोकन सिस्टम खुद को लेना होगा, जिसके लिए एएसके में लगे कंप्यूटर में अपना नाम, मोबाइल नंबर फीड करना होगा और उसके बाद ही आयकरदाता को टोकन नंबर मिलेगा। इसी के साथ ही अगर कोई व्यक्ति अपने पैन कार्ड का नंबर जानना चाहता है या फिर बनना वाले पैनकार्ड के स्टेटस के बारे में जानना चाहता है तो एएसके में इंटरनेट से जुड़ी कंप्यूटर स्क्रीन लगाई गई है, जहां उपभोक्ता ऐसी जानकारी हासिल कर सकते हैं। एएसके में एक हेल्प काउंटर भी है जहां किसी प्रकार की हेल्प (जो उनके अधिकार क्षेत्र में सीमित है) वह दी जाएंगी। इसके अतिरिक्त रिटर्न फाइल से लेकर रिफंड या अन्य मामलों में किसी भी जानकारी के लिए काउंसलिंग टीम भी मौजूद होगी। एएसके में आने वाली फाइलों की सारी जानकारी विभाग के आला अधिकारियों को होगी। ऐसे में उस फाइल को लेकर सभी जवाबदेह होंगे। एएसके को सीधे हेड आफिस (दिल्ली) से जोड़ा गया है। एएसके का शुभारंभ इंकम टैक्स चीफ कमिश्नर गुरप्रीत सिंह  ने किया।  चीफ कमिश्नर ने इसके पहले एएसके शिमला में खोला था। उन्होंने बताया, कि आयकर सेवा केंद्र की स्थापना के बाद अब लोगों को इंकम टैक्स से संबंधित हर प्रकार की जानकारी और उनकी दुविधा का हल सिंगल विंडो से किया जाएगा।

फिरोजपुर: चोरी की 11 गाड़ियों सहित काबू

थमने का नाम नहीं ले रहे जुर्म 
फिरोजपुर, 23 जुलाई: सुरक्षा बलों की संख्या और सुरक्षा तकनीक में लगातार आ रही आधुनिकता के बावजूद जुर्म थमने का नाम ही नहीं ले रहा। वाहनों की चोरी शायद मुजरिमों का सबसे ज्यादा पसंद का जुर्म है। पहले वाहन चोरी करो फिर उसी की सहायता से डकैती डालो या कोई और जुर्म करो और उसे कहीं भी छोड़ कर फरार हो जाओ। या फिर चोरी के वाहन को आगे किसी और गिरोह या असमाजिक कारवाई में सलिंप्त व्यक्ति को बेच दो आम तौर पर मध्यवर्गीय लोग भी सस्ता वाहन खरीदने के चक्कर में इस तरह के वाहन बेचने वालों के जाल में फंस जाते हैं इस लिए जुर्म की दुनिया में वाहनों की चोरी लगातार बढ़ रही है अब जिला फिरोजपुर की पुलिस ने एक युवक से चोरी की 11 गाड़ियां पकड़ने का दावा किया है। एस.एस.पी. वरिंदरपाल सिंह ने मीडिया को बताया कि जिला पुलिस ने एस.पी. (डी) रघबीर सिंह संधू की अध्यक्षता तथा इंस्पैक्टर गुरभेज सिंह इंचार्ज नारकोटिक कंट्रोल सैल फिरोजपुर के ए.एस.आई. बलविंदर सिंह ने पुलिस पार्टी के साथ तलवंडी चौक पर नाके के दौरान एक इनोवा गाड़ी को रोक कर पूछताछ की तो उसमें बैठे व्यक्ति ने अपना नाम गपरदीप सिंह उर्फ काका पुत्र जरनैल सिंह वासी घोलिया कलां जिला मोगा बताया। गाड़ी के कागजात मांगने पर वे गाड़ी के कागजात नहीं दिखा पाया, पुलिस द्वारा गहराई से पूछताछ करने पर पता चला कि उसकी सिरसा में डैंटिग पेंटिंग की दुकान है  जहां इमरान वासी मेरठ, अली वासी करनाल तथा गुप्ता वासी दिल्ली जो सभी नामी गाड़ी चोर है। इसके पास गाड़ियां चोरी कर लाते हैं यह उन गाड़ियों के चैसी नंबर बदल देता हैं। पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी के पास से 11 गाड़ियां बरामद हुई है। एस.एस.पी. ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी सिरसा में गाड़ी चोरी का मामला चल रहा है। आरोपी के खिलाफ थाना घल्लकुर्द में मामला दर्ज कर लिया गया है। अब देखना है की इससे मिले सुरागों के बल पर पुलिस और किस किस बात का पता लगती है?