Friday, December 09, 2016

नशे के खिलाफ जंग में बेलन ब्रिगेड फिर सरगर्म

Fri, Dec 9, 2016 at 1:50 PM
आगामी विधानसभा चुनावों में नशों के खिलाफ ज़ोरदार अभियान  
लुधियाना: :9 दिसम्बर 2016: :(पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
चुनाव सिर पर हैं। कभी भी हो सकती है औपचारिक घोषणा। इसी बीच नोटबन्दी के बाद पैदा हुए हालात भी नाज़ुक हैं। ऐसी हालत में करेंसी नोटों की बजाये दारु की बोतलों, अफीम की डिब्बियों और भुक्की के वितरण का सिलसिला तेज़ हो सकता है। इस सब की देखते हुए बेलन ब्रिगेड फिर मैदान में है। गौरतलब है कि जब बेलन ब्रिगेड नशे के खिलाफ चलाये गए तूफानी अभियान में से उभर कर सब के सामने आया था तो उस समय भी चुनावी दौर ही चल रहा था। अब फिर चुनावी माहौल है। इस हालात में हालात में बेलन ब्रिगेड की तरफ से जवाहर नगर कैम्प में नशों के खिलाफ एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें इलाके की महिलाओं ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। इस बार नोटबन्दी के खिलाफ  आक्रोश और गुस्सा भी शामिल हो सकता है। 
इस अवसर पर बेलन ब्रिगेड की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीता शर्मा ने दोहराया कि आज पंजाब नशे की दल दल में धंस चुका है। नौजवान नशे का शिकार होकर बर्बाद हो रहे हैं। उनके घर परिवार नशे की बदौलत उजड़ रहे है। अनीता शर्मा ने कहा कि बेलन ब्रिगेड आगामी पंजाब में विधान सभा चुनावों में नशे के खिलाफ जोर शोर से अभियान चलाएगी और चुनावों में नशा बाँटने वाले नेताओं का विरोध किया जाएगा।
बैठक में बिमला, ज्योति, सकीना, रमेश, राज, रीता, भोली, दीपा, सिमरन, नीतू, बेबी, पूजा, कमला व सुनीता ने भाग लिया और अपने विचार रखे।  समाज को बुरी तरह खोखला कर रहे इस अभियान के साथ जुड़ने के इच्छुक मैडम अनीता शर्मा के साथ इस मोबाईल नम्बर पर सम्पर्क कर सकते हैं ;9417423238

Tuesday, December 06, 2016

सांबर घुसा रिहायशी इलाके में और तमाशबीन लोगो ने ली उसकी जान

Tue, Dec 6, 2016 at 3:21 PM
वन विभाग के अधिकारियों ने किया बचने के कई प्रयासों का दावा 
गुरदासपुर: 6 दिसम्बर 2016: (विजय शर्मा//पंजाब स्क्रीन):
जानवरों के साथ मानव की अमानवीयता को लेकर कई फिल्में बनी, कई गीत लिखे गए, बहुत से संगठन भी बने लेकिन इस में कमी नहीं आई। जान लेना, तड़पाना और फिर तमाशा देखना मानव की आदत बनती चली गयी। कई तरह के बुत और पुतले जलाते जलाते यह लोग ज़िंदा इंसानों को भी जलाने लगे। इनके अंदर की दबी छुपी हिंसा ज़रा ज़रा सी बात पर बाहर आने लगी। अब इस तरह की बर्बरता का नया मामला सामने आया है गुरदासपुर में। 

गुरदासपुर के बाहरी इलाके में एक भटका हुआ सांबर रिहाईशी इलाके में आ घुसा जहां पर लोगों को देखकर सांबर अचानक घबराकर इधर उधर भागने लगा और लोगो की भीड़ भी सांबर को भगा भगा कर तमाशा देखने लगी और आखिर थक हार कर सांबर गिर गया। गिरने के बाद लोगो ने सांबर को घेरकर पकड़ लिया और फारेस्ट के अधिकारियो को मौके पर बुलाया गया परंतु अधिकारी भी सांबर को बचा ना सके आखिरकार सांबर घबराहट से भागते भागते मौत की आगोश में चला गया और लोगो की भीड़ सांबर को घेरकर तमाशा देखती रही।  
इक जानवर की जान आज इंसानो ने ली है--गीत के बोल आज फिर महसूस किये गए। यह वाक्य आज सामने आया गुरदासपुर के बबरी इलाके में जहां पर भटके हुए सांबर को लोगो ने इतना भगाया की तमाशबीन  लोगो की वजह से सांबर की किसी चीज से टकराने से गिर कर मौत हो गई हालांकि फारेस्ट की टीम मोके पर पहुँच चुकी थी  परंतु फिर भी घायल सांबर को बचा ना सकी, भीड़ से घबराकर भागता हुआ सांबर इतना घबराया हुआ था की भीड़  से बचने के लिए भागते हुए किसी चीज से टकरा गया जिससे मौके पर उसकी मौत हो गई वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक़ उन्होंने घायल सांबर को बचाने की बहुत कोशिश की परंतु बचा ना सके सांबर की मौत की असली वजह तो  पोस्टमॉर्टम के बाद ही पता चलेगी परंतु इस वाक़्य से तो ज़रूर साबित हो गया की मेनिका गांधी द्वारा चलाया गया अभियान और सरकार द्वारा बनाये गए वन संरक्षण मंत्रालय अभी तक लोगो को यह बताने में नाकाम रहे हैं कि ऐसी स्थिति में आखिरकार लोगो को करना क्या चाहिए लोग आज भी ऐसे मौके पर तमाशबीनों की भूमिका निभाते है और एक जानवर को अपनी जान गवानी पड़ती है। अगर यही सिलसिला जारी रहा तो  अमानवीयता और तमाशबीनी का शिकार इंसान भी बन सकते हैं। यह एक खतरनाक इशारा है खतरनाक भविष्य की तरफ।