Friday, October 31, 2014

स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी की पुण्य तिथि पर आयोजित प्रार्थना सभा

याद किया गया स्वर्गीय प्रधानमंत्री सुश्री इंदिरा गांधी को 
राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी, उप राष्ट्रपति श्री मो. हामिद अंसारी, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति 31 अक्टूबर, 2014 को नई दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी की पुण्य तिथि पर आयोजित प्रार्थना सभा में । (पसूका-हिंदी इकाई)
The President, Shri Pranab Mukherjee, the Vice President, Shri Mohd. Hamid Ansari, the former Prime Minister, Dr. Manmohan Singh and other dignitaries attending a prayer meeting, at the memorial of former Prime Minister, Late Smt. Indira Gandhi, on her death anniversary, in New Delhi on October 31, 2014.

Thursday, October 30, 2014

बेसब्री से हो रहा है भगवान जगन्नाथ जी का इंतज़ार

Thu, Oct 30, 2014 at 5:11 PM
निमंत्रण पत्र देने का अभियान हुआ और तेज़ 
लुधियाना, 30 अक्टूबर 2014: (रेक्टर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):  
 जगन्नाथ रथयात्रा के उपलक्ष्य में शुरू हुए २१ दिवसीय प्रभात फेरी एवं संध्या फेरी की श्रृंखला में संध्या फेरी का आयोजन चन्द्र नगर स्थित पार्षद नरिन्द्र ङ्क्षसह मल्ली के निवास पर हुआ। इस अवसर पर अपार ङ्क्षसह मल्ली, पार्षद पति राजेश शर्मा ङ्क्षमटू, पार्षद रेणु शर्मा, नरोत्तम दास ने जगन्नाथ जी की प्रथम आरती कर संध्या फेरी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर हरिनाम संकीर्तन करके तरसेम प्रजापत ने कहा कि भगवान का नाम गली गली उच्चारण करने से जीव को चैतन्य महाप्रभु की साक्षात कृपा प्राप्त होती है। 
उन्होंने कहा कि कलियुग में मोक्ष प्राप्ति के लिए यह हरिनाम संकीर्तन ही केवल सहारा होना चाहिए। तभी जीव की नैय्या भव से पार हो सकती है। चन्द्र नगर से शुरू हुई संध्या फेरी श्रद्धालुओं के मन मंदिर तक पहुंच गई। श्रद्धालु विशेषकर महिलाएं जगन्नाथ जी की एक झलक पाने के लिए आतुर दिखी। लोग बड़े बजुर्गों को जगन्नाथ जी के लघु रथ के समक्ष लाकर उन्हें त्रिलोकीनाथ का आशीर्वाद दिला रहे थे। ऐसा दिव्य नजारा देखकर नास्तिकों के मन में भी श्रद्धा की घंटियां बज रही थीं। 
संध्या फेरी के विश्राम पर बनवारी लाल कश्यप, सुखदेव भनोट, कमलजीत बाजवा, राजिन्द्र राणा, आशू कपूर, राजेश साहनी, राज शर्मा एडवोकेट, डा. सुशील शर्मा, वरिन्द्र शर्मा बॉबी, प्रवीण अग्रवाल मुकिम, अंबुजेश शर्मा, प्रमोद गर्ग, नरेश शर्मा, विनय शर्मा, गतिक शर्मा आदि ने जगन्नाथ जी की आरती की। इस दौरान बेक फार यू के कृष्ण लाल चरेया, रॉ1सी चरेया, सन्नी चरेया ने बताया कि रथयात्रा मार्ग पर बेक फार यू विशाल मंच लगाकर जगन्नाथ जी का भव्य स्वागत करेगा। वहीं एस.बी. अग्रवाल ने कहा कि दी न्यू इंडिया इंश्योरैंस क6पनी विशाल मंच लगाकर जगन्नाथ जी का स्वागत करेगी। इस मंच से अनेकों प्रकार की मिठाईयां बांट कर क6पनी के तमाम सदस्य अपनी खुशी एवं भ1ित का इजहार करेंगे। इस दौरान विपन सूद काका, संजीव ङ्क्षसगला, राकेश गंभीर, राज अरोड़ा, मनोहर वर्मा के संयोजकत्व में महानगर के विभिन्न गणमान्यों को निमंत्रण दिये गये, जिनमें गौरव मल्होत्रा एंड क6पनी ओसिज के गौरव मल्होत्रा, हलका इंचार्ज आत्म नगर कांग्रेस कुलवंत ङ्क्षसह सिद्धू, विधायक मनप्रीत ङ्क्षसह एयाली, पूर्व डिप्टी स्पीकर सतपाल गोसाई, विधायक भारत भूषण आशू, आदि शामिल थे। वहीं स्कूलों में होलीपथ स्कूल, एक मुस्कान स्कूल, बी.सी.एम. शास्त्री नगर की परमजीत कौर, आर.एस. माडल स्कूल के श्री कालड़ा, गुरु नानक पब्लिक स्कूल की प्रिंसीपल मोना ङ्क्षसह सहित दर्जनों स्कूलों व कालेजों को निमंत्रण दिये गये।
  

बैंक कर्मचारियों ने अपनी माँगों के संबध में किया रोष प्रदर्शन

अखिल भारतीय बैंक हड़ताल 12 नवम्बर 2014 को
संघर्ष और तेज़ करने की चेतावनी भी दी 
से दिसंबर 2014 तक क्रमिक आंचलिक हड़तालें
लुधियाना: 30 अक्टूबर 2014: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो ):नीचे वीडियो भी देखें:--
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्ज़ की तरफ से उत्तम वेतन समझौते के लिए आंदोलनात्मक कार्यक्रम जारी करते हुए फव्वारा चौंक स्थित भारतीय स्टेट बैंक के समक्ष रोष प्रदर्शन किया। कामरेड नरेश गौड़ संयोजक,का.गुलशन चौहान, का.जेपी कालड़ा,डीसी लांड्रा (एनसीबीई) पवन ठाकुर प्रधान पंजाब बैंक इम्प्लाईज़ फैडरेशन (लुधियाना इकाई)राकेश खन्ना एसोसिएट बैंक आफिसर्स एसोसिएशन आदि ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में वेतन और सेवाशर्तें उद्योगस्तरीय द्विपक्षीय समझौतों से संचालित हैं जो कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और कामगार यूनियनों तथा अधिकारी यूनियनों जो बैंकिंग उद्योग  में कार्यरत हैं के माध्य हस्ताक्षरित होते हैं.। उन्होंने कहा की सभी बैंक जिन्होंने आईबी को उनकी ओर से सौदेबाज़ी करने के लिए आईबी को अधिकार पत्र दिए हैं।  इस समझौते के पक्षधर होते हैं.। यू एफ बी यू  5 कामगार यूनियनों और 4 अधिकारी यूनियनों का प्रतिनिधित्व करती है.। आबीए के साथ कामगार, अधिकारियों  के वेतन पुनरीक्षण के लिए चर्चा कर रही है।  उन्होंने कहा कि उनकी मांगों को यदि शीध्र न माना गया तो संघर्ष और तेज कर दिया जायेगा। इस प्रोटेस्ट में महिलाओं ने भी बढ़ चढ़ कर भाग लिया।
यूनाईटेड फोरम आफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू)  ने शीघ्र एवं बेहतर वेतन समझौते के लिए आन्दोलनात्मक कार्यक्रम जारी किया है जिसमें कई अलग अलग चरण हैं।  
निर्णय के मुताबिक, यूएफबीयू लुधियाना इकाई ने आज भारतीय स्टेट बैंक, सिविल लाईंन्स, नजदीक फुहारा चौंक, लुधियाना के सामने जबरद्स्त प्रदर्शन किया । कामरेड नरेश गौड़, संयोजक, युनाईटेड फोरम आफ बैंक युनियन्सकामरेड गुल्शन चौहान,  कामरेड जे.पी.कालड़ा (.आई.बी..सी), कामरेड डी.सी.लांडरा (एन.सी.बी.), कामरेड पवन ठाकुर, प्रधान, पंजाब बैंक इम्पलाईज़ फैडेरेशन (लुधियाना इकाई), कामरेड राकेश खन्ना, एसोसिएट बैंक्स आफिसर्स एसोसिएशन (यूनिट : स्टेट बैंक आँफ पटियाला) ने बैंक कर्मचारियों को संबोधित किया।
बैंक कर्मचारियों को संबोधित करते हुए फोरम के नेताओं ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में वेतन और सेवाशर्तें उद्योगस्तरीय द्विपक्षीय समझौतों से संचालित होते हैं जो कि इंण्डियन बैक्स एसोसिएशन (आबीए) और कामगार यूनियनों तथा अधिकारी यूनियनों जो बैंकिंग उद्योग में कार्यरत हैं के मध्य हस्ताक्षरित होते हैं । सभी बैंक जिन्होंने आईबी को उनकी ओर से सौदेबाजी करने के लिए आईबी को अधिकार पत्र दिये हैं इस समझौते के पक्षकार होते हैं । यूनाईटेद फोरम आफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) 5 कामगार यूनियनों और 4 अधिकारी यूनियनों का प्रतिनिधित्व करती है जो हाल में आबीए के साथ कामगारों/अधिकारियों के वेतन पुनरीक्षण के लिए वार्तालाप कर रही है ।
बैंक कर्मचारियों का वेतन पुनरीक्षण 1/11/2012 से देय है क्योंकि विगत द्विपक्षीय समझौता 31/10/2012 को समाप्त हो गया । एकरूप माँगपत्र कामगारों के लिए और अधिकारियों के लिए अलग-अलग यूएफबीयू द्वारा आईबी को 30/12/2012 अर्थात विगत द्विपक्षीय समझौते की अवधि पूर्ण होने से पूर्व के दिया गया ।
यूएफबीयू बातचीत आरम्भ करने के लिए अनुरोध करती रही है जिससे कि एक समयबद्ध पहल से इसकी माँगों और वेतन समझौता सम्पन्न करने के लिए एक तार्किक समय में बातचीत हो सके । किन्तु आईबी के लापरवाय और टालमटोल रूख के कारण वार्तालाप प्रक्रिया असाधारण रूप से विलम्बित हो गई है और वेतन वार्तालाप में कोई उल्लेखनीय प्रगति 2 वर्ष का समय बीतने के उपरांत भी नहीं हुई है । औपचारिक बातचीत फरवरी     में आरम्भ हुई और अभी तक इसके 13 दौर आईबी तथा यूएफबीयू के मध्य हो चुके हैं अर्थात 2 माह में एक बार बातचीत ।
आईबीए बार-बार बैंकों की न दे पाने की क्षमता का तर्क दे रही है और वेतन पर्ची मदों में 11% की वृद्वि के अपने प्रस्ताव पर अड़ी है, जबकि यूएफबीयू एक सम्मानजनक समझौते की माँग कर रही है जिसमें कर्मचारियों द्वारा उच्च मुद्रास्फीति दर के कारण अनुभव की जा रही कठिनाईयों को ध्यान में लिया जाय, जिसने की कर्मचारियों के वेतन को एक बड़े पैमाने पर विलुप्त कर दिया है। 
बैंक कर्मचारी, कामगार और अधिकारी, गम्भीर तनाव के बावजूद उल्लेखनीय रूप से कार्य कर रहे हैं जबकि बैंकों में कार्यभार अत्याधिक बढ़ गया है जिसका कारण अपर्याप्त स्टाफ का होना और वित्तीय समावेशन आदि के कारण अनेक नई शाखाओं का खुलना है । बैंक कर्मचारी सरकार द्वारा प्रायोजित कार्यक्रमों/योजनाओं जिसमें हाल में ही लागू की गई प्रधानमंत्री जन-धन योजना भी शामिल है, को सफलतापूर्वक लागू करने में पीछे नहीं रहे हैं । सरकार की योजनाओं को उनके द्वारा दिलो-जान से समर्थन दिये जाने के उपरांत यद्यपि बड़े पैमाने पर उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है, बैंक कर्मचारियों को तुलनात्मक रूप से तथा पर्याप्त रूप से भुगतान नहीं हो रहा है ।
यद्यपि यूएफबीयू ने एक लचीला रूख समझौते को शीघ्र अन्तिम रूप देने की दृष्टि से अपनाने की इच्छा जाहिर की है, इसका आईबीए द्वारा उचित प्रत्युत्तर नहीं दिया जा रहा है । अत: एक बार पुन: बैंक कर्मचारियों को आन्दोलन एवं संघर्ष के मार्ग पर धकेला जा रहा है । इन परिस्थितियों में, बैंककर्मियों के लिए तुरन्त वेतन समझौते की माँग करते हुए यूएफबीयू ने निर्णय लिया है कि एकदिवसीय अखिल भारतीय विरोध हड़ताल 12 नवम्बर 2014 को की जाय और क्रमिक आंचलिक हड़तालें इस प्रकार की जायें :-
02/12/2014        दक्षिणी अंचल - आन्ध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरला, तमिलनाडु,                         तेलंगाना प्रदेश तथा लक्षद्वीप तथा पांडिचेरी के केन्द्र शासित प्रदेश
03/12/2014        उत्तरी अंचल - छ्त्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और             कश्मीर, मध्य प्रदेश, नई दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेशउत्तरांचल,                   राजस्थान प्रदेश तथा केन्द्र शासित चंडीगढ़
04/12/2014        पूर्वी अंचल - बिहार, झारखंड, उड़ीसा, सिक्किम, पश्चिम बंगाल,              उत्तर पूर्वी प्रदेश और केन्द्र शासित अण्डवान एवं निकोबार द्वीप                समूह
05/12/2014        पश्चिमी अंचल - गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र प्रदेश तथा दमन एवं द्वीव               के केन्द्र शासित क्षेत्र

हम वास्तविक रूप से बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के कारण महत्वपूर्ण ग्राहकों/जनसामान्य को होने वाली असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हैं और अपने न्यायपूर्ण मुद्दों के लिए उनसे नैतिक समर्थन की आशा करते हैं  क्योंकि बैंक कर्मचारियों की पर्याप्त वेतन वृद्दि की माँग न केवल उचित है बल्कि पूर्ण पात्रता रखती है ।

गौरतलब है कि इन बैंक मुलाज़िमों ने यह प्रदर्शन अपने भोजनावकाश (लंच) में से समय निकल कर किया तांकि बैंक का कामकाज प्रभावित न हो और आम जनता का बैंकिंग काम भी न रुके। 




पंजाबी फिल्म 'दी ब्लड स्ट्रीट' का संगीत रिलीज़

ज़ुलम, अन्याय और संघर्ष की कहानी है ब्लड स्ट्रीट 
लुधियाना: 30 अक्टूबर 2014(पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
हरजी मूवीज़ की पहली पंजाबी फिल्म  'दी ब्लड स्ट्रीट' का संगीत महानगर में फिरोज़पुर रोड स्थित एक होटल में रिलीज़ किया गया। फिल्म के गीतों को गुरबख्श शौंकी,दविन्द्र पाल सिंह,सोनाली डोगरा,पैनी सिंह तथा मनपाल सिंह आदि ने अपनी आवाज़ में ढाला है.। फिल्म की कहानी बताते हुए निर्माता जसबीर सिंह बोपाराय ने बताया कि यह फिल्म देश की कम गिनती के साथ हुए धक्केशाही की दास्ताँ को दर्शाती है और संघर्षवादी नौजवानो की जि़ंदगी में समय समय की सरकारों द्वारा खड़ी की जा रही दीवारों ,जुल्मो से दवाने की कोशिश को बखूबी बयान किया गया है। फिल्म के निर्देशक दर्शन दर्वेश ने कहा कि भारतीय सैंसर बोर्ड ने इस फिल्म पर अघोषित प्रतिबंध लगा दिया है जिससे फिल्म को प्रदर्शित करने के सभी रास्ते बंद हो गए हैं। उन्होंने कहा कि दो वार फिल्म की स्क्रीनिंग होने के बाद भी उनकी ओर से लिखित रूप में ऐसा कारण नहीं बताया जा रहा कि 'आखिर इस फिल्म में ऐसा क्या है?जिसकी वजह से प्रतिबंध लगाया गया है। दर्वेश के अनुसार दो वार मुंबई में महंगे थियटर बुक करके और सैंसर बोर्ड की फीसें अदा करके भी सैंसर बोर्ड की तरफ से कोई लिखित जबाव नहीं मिला है। इस मौके अभिनेत्री सोनप्रीत जवंधा,अभिनेता बिन्नी सिंह,सह अभिनेता करमजीत बराड़,गीतकार मनप्रीत गोसल,संगीतकार मनपाल सिंह,हरिन्द्र सोहल आदि उपस्थित थे। 

जुगल बन्दियाँ बैंड' की सदस्याएँ ,अब महानगर में

दिखाएँगी कला के जौहर और बनाएंगी लोगों के दिलों में जगह 
लुधियाना: 30 अक्टूबर 2014: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
गायन क्षेत्र में एक नया आयाम बनाने के लिए तीन बालाओं द्वारा 'जुगल बन्दियाँ बैंड'बनाया गया है, जो  विभिन्न तर्जों पर अपने गीतों को प्रस्तुत कर देश की जनता का मनोरंजन करेंगी। पत्रकारों से विशेष बात चीत के दौरान बैंड की सदस्याओं ने बताया कि प्रीती साऊथ ओडिशा और राजस्थान से संबध रखती हैं, जिन्होंने इस बैंड को तैयार करने की एक वर्ष पहले अपने मन में ठानी थी। गोल्डन मैलोडीज़ के परमजीत ने उनके इस सपने को साकार करने में पूर्ण सहायता प्रदान की.। करीब 6 महीने पहले बने उक्त बैंड की सदस्याएँ  देश की राजधानी (दिल्ली) में 6 कार्यक्रम आयोजित कर चुकी हैं। प्रीती ने जानकारी देते हुए बताया कि वे लुधियाना में भी स्टेज शो करके शहर वासियों का मनोरंजन करेंगी। बैंड में सभी लड़कियाँ का होना भी एक अलग बात है,और देश में कम ही ऐसा देखने को मिलता है कि बैंड में सभी लड़कियाँ ही हों। बैंड की तीनों लड़कियों ने म्यूजिक में प्रोफैशनल डिग्री हासिल की है.। एक अन्य सदस्या शालू ने बताया कि उनके माता-पिता भी संगीत से संबध रखते हैं.। प्रीति नागराजन भजन गायक सीके नागराजन की सपुत्री हैं.। रेशमा नामक सदस्या के अनुसार 4 वर्ष की आयु में ही उसने संगीत की शिक्षा लेनी आरम्भ कर दी थी.। तीनो गायिकाओं के अनुसार उन्हें पंजाबी गीतों से बहुत अधिक मोह है, परन्तु पंजाबी नहीं जानती,फिर भी मंच पर पंजाबी गीतों को ब-खूबी निभाती हैं।


जिला भाजपा स्वच्छ भारत अभियान पर लगातार कायम

पहली नवंबर को फिर मंदिरों,पार्कों से  पूजा सामग्री उठा शुरू करेगी सफाई अभियान
लुधियाना: 30 अक्टूबर 2014:(पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
आम जनता भले ही इसे अभी भी गंभीरता से न ले रही हो लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने अपने नेता और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे को गंभीरता से लिया है। पार्टी स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने के लिए कगतर प्रयासरत है।
भारतीय जनता पार्टी की तरफ से स्थानीय फिरोज़पुर रोड स्थित सर्कट हाउस में आयोजित किए गए पत्रकार सम्मलेन के दौरान जिला प्रधान प्रवीण बांसल ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया कार्यक्रम 'सफाई अभियान'संपूर्ण देश जहाँ जन जन का मुद्दा बन गया है, वहीं जिला भाजपा की तरफ से उक्त अभियान को विभिन्न ढंग से लागू किया जा रहा है जिससे आम जनता सफाई के प्रति जागरूक हो सके। उन्होंने कहा कि जिला भाजपा द्धारा भाईदूज के दिन इस अभियान को चलाते हुए मंदिरों,पार्कों,सडक़ किनारे व पेड़ों के नीचे पूजा करने के बाद रखी गयी सामग्री को उठा कर सतलुज में जल प्रवाह किया,जो सामग्री पानी में घुलनशील नहीं थी को आग में जलाकर उसकी राख को जल प्रवाह कर दिया गया। श्री बांसल ने कहा कि पूजा करने के बाद इधर उधर रखी गयी पूजा सामग्री से पूजा का निरादर होता है,पूजा सामग्री को सम्मान पूर्वक जलप्रवाह कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब वह शहर के धार्मिक स्थलों,पार्कों आदि से पूजा सामग्री को उठकर सतलुज में जलप्रवाह करने के लिए ले गए तो वहाँ का दृश्य देख कर भी अचंभित रह गए.। बांसल के अनुसार सतलुज के किनारे भी पूजा सामग्री का अंबार लगा है जिसकी सफाई करना अनिवार्य है,अब जिला भाजपा नहर के किनारे सफाई अभियान 1 नवंबर से शुरू करेगी। इस अवसर पर नगर निगम की सीनियर डिप्टी मेयर सुनीता अग्रवाल,डिप्टी मेयर आरडी शर्मा,पूर्व मंत्री सतपाल गोसाँई,प्रोफैसर राजिन्द्र भंडारी,सुनील मौदगिल,पुष्पिंद्र सिंघल,जतिंद्र मित्तल,संजीव मल्होत्रा,देवी सहाय टंडन आदि कार्यकत्र्ता उपस्थित थे।
यदि भाजपा इसी तरह इस नारे पर डटी रही तो बहुत जल्द आम लोग भी इसे गंभीरता से लेंगें। उम्मीद की जानी चाहिए की सफाई के मामले में हमेशां से एक निराशजनक तस्वीर दिखता आ रहा यह देश अब जल्द ही सफाई से कायाकल्प करके दिखा देगा। आम लोगों को भी  पार्टीबाजी से ऊपर उठ कर इस अभियान में शामिल होना चाहिए।

ICAI आयोजित करेगी नेशनल कांफ्रैंस ऑन डायरैक्ट टैक्सेज़

दो दिन तक चलेगा यह आयोजन 
लुधियाना: 29 अक्टूबर 2014 (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड एकाउंटैंटस एसोसिएशन आफ इण्डिया (आई सीए आई)की लुधियाना ब्रांच आगामी एक व दो नवंबर को नेशनल कांफ्रैंस और डायरैक्ट टैक्सेज़ कार्यक्रम करवाएगी। ब्रांच के चेयरमैन सी ए राजेश कुमार जैन ने बताया कि डायरैक्ट टैक्सेज़ कमेटी की तरफ से करवाई जा रही वेव्स ऑफ चेंजेज,ओशन आफ आपच्र्युनिटीज़ नाम के इस कार्यक्रम का आरम्भ एक नवंबर को स्थानीय गुरुनानक भवन में होगा। सुबह 9 बजे से शाम साढ़े 5 बजे तक चलने वाले इस कार्यक्रम के बाद शाम 7 बजे आईसीएआई के सदस्य व उनके परिवार के लिए एक सभ्याचारक कार्यक्रम करवाया जाएगा। दुसरे चरण में (2 नवंबर) को यह कांफ्रैंस पक्खोवाल रोड स्थित आईसीएआई भवन में करवाई जाएगी।कांफ्रैंस में मुख्यतौर पर टैक्स ऑडिट रिपोर्ट से संबधित मुद्दे,असेस्टमेंट ऑफ एचयूएफ,इफेक्ट आफ इनडायरेक्ट टैक्सेज आन टैक्स आडिट रिपोर्ट,डोमेस्टिक ट्रांस्फर प्राइसिंग पर भी चर्चा की जाएगी। समरोह में इंकमटैक्स कमिश्नर रमन कुमार गोयल मुख्यतिथी के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर सीए राकेश गुप्ता,संजीव कुमार चौधरी,अमरजीत चोपड़ा,एलसी गुप्ता,विनोद जैन,बिमल जैन अतिथी प्रवक्ता पूरे देश से आए श्रोताओं को संबोधित करेंगे।

Tuesday, October 28, 2014

गुरूद्धारा विवाद: अवैध संबंधों को लेकर भड़का प्रधानगी का विवाद

अकाली नेता गुरदीप सिंह गोशा ने की समझाने की कोशिश
लुधियाना: 27 अक्टूबर 2014: (रेक्टर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):

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सिख धर्म के संस्थापक साहिब श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व आने वाला है।  सभी गुरूद्धारा साहिबान में इस प्रकाश पर्व को मनाने के लिए ज़ोरशोर से तैयारियां चल रही हैं लेकिन लुधियाना के सलेम तबरी इलाके के एक गुरूद्धारा में एक नया विवाद पैदा हो गया है। इस विवाद को लेकर एक गुट के समर्थकों ने गुरूद्धारा साहिब के सामने धरना भी दिया। इस मौके पर पहुंचे युवा अकाली नेता गुरदीप सिंह गोशा ने संगत को समझाने का प्रयास भी किया। श्री गोशा ज़ोर दे रहे थे कि धरना सड़क से उठा कर गुरुद्धारा साहिब के अंदर बरामदे में ले जाया जाये तांकि वहां से आने जाने वाली आम जनता को कोई तकलीफ न हो पर धरना प्रदर्शन कर रहे लोग इस बात के लिए नहीं माने। अब देखना है कि मामला क्या रुख लेता है? गौरतलब है कि यह मामला इस धर्म स्थल के एक पदाधिकारी के किसी महिला के साथ अवैध संबंधों को लेकर भड़का और कमेटी के इस्तीफे की मांग तक जा पहुंचा। पुरानी कमेटी के पदाधिकारियों ने मौजूदा कमेटी के पदाधिकारियों पर कई गंभीर आरोप लगाये। इनमें गुंडागर्दी से लेकर फ्राड  हैं। दूसरी तरफ आरोपी पदाधिकारी ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा है कि उस पर दबाव बना कर क्षमापत्र लिखवाया गया।  उसने दलील दी की वह पिछले चार वर्षों से यहाँ कार्य कर रहा है किसी को भी उनसे शिकायत नहीं हुई। अब कमेटी का एक गुट दुसरे गुट को  दिखाने के लिए उन्हें बलि का बकरा बना रहा है।  उधर दुसरे गुट के नेता ने कई बार प्रयास करने के बाद फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा।

Saturday, October 25, 2014

स्वच्छ भारत अभियान में आई नई तेज़ी

जिला भाजपा टीम ने मंदिरों  से चलाया विशेष अभियान
लुधियाना: 25 अक्टूबर  2014: (रेक्टर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):
देश में जनहित को लेकर शुरू होने वाले अभियान अक्सर तस्वीरें खिंचवाने तक ही सीमित रह जाते हैं लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी की प्रेरणा से शुरू किया गया स्वच्छ भारत अभियान लगातार जन जन तक पहुँच कर तेज़ी पकड़ रहा है और इसे आम जनता तक लेजा रहे हैं हर इलाके के स्थानीय नेता अपना सबसे आवश्यक काम समझ कर। आज इसकी ताज़ा मिसाल दिखाई दी लुधियाना में जहाँ भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेता जिला अध्यक्ष प्रवीण बांसल के नेतृत्व में जगराओं पल के निकट स्थित दुर्गा माता मंदिर में एकत्र हुए।  
आज सुबह पूरे 11 बजे इन लोगों ने भगवान का आशीर्वाद लेने के बाद बिना किसी देरी के इस अभियान को शुरू कर दिया। इस अभियान में एक बहुत ही आवश्यक और नयी बात यह जोड़ी गयी कि भगवान स्वरूप मूर्तियों के जगह जगह हो रहे अपमान को गंभीरता से लिया गया। भाजपा के जिलाध्यक्ष श्री बांसल ने कहा जो भी व्यक्ति खुद को सच्चा धार्मिक कहता या समझता है उसे इस अपमान को रोकने के लिए तुरंत आगे आना होगा। इसके बाद उन्होंने मंदिर के प्रांगण, जोड़ा घर, अस्पताल, लंगर हाल और अन्य स्ताहनों का दौरा किया। वहां दीपावली के शुभ अवसर पर लाई गई मूर्तियों की दयनीय हालत देखी उन्हें सम्मान के साथ उठाया और सहेज कर  विशेष तौर पर लए गए एक वाहन में रखा।  इसके बाद यह काफिला दण्डी स्वामी मंदिर के लिए रवाना हो गया।  सुबह से शाम तक आज इस दल ने यही कार्य सम्पन्न  करना था। 
गौरतलब है कि 'स्वच्छ भारत अभियान' के तहत स्थानीय जगरांव पुल के समीप स्थित दुर्गा माता मंदिर में माथा टेकने के बाद शहर के विभिन्न धार्मिक स्थानो, पार्को आदि से खंडित मूर्तियाँ,कलैंडर,माता की चुनरी व अन्य पूजा सामग्री को उठा कर स्वच्छता रखने का शहर वासियों को ज़ोरदार सन्देश दिया गया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि दीपावली के दिन मंदिरों व पार्कों आदि में दीपक व मिट्टी की मूर्तियाँ तथा कलैंडर आदि लोग रख जाते हैं जिन्हें सनातन धर्म के अनुसार चलते पानी में जल प्रवाह करना चाहिए। जिला भाजपा की टीम द्वारा शहर के विभिन्न धार्मिक स्थानो से पूजा सामग्री व खंडित मूर्तियों आदि को उठा कर नहर में घुलनशील प्रतिमाओं को जल प्रवाह किया जायेगा, जबकि अन्य सामग्री को अग्नि भेंट कर उसकी राख को पानी में छोड़ दिया जाएगा। श्री बांसल ने बताया कि ऐसा करने से जहाँ सफाई व्यवस्था ठीक रहेगी वहीं धर्म की पालना भी होगी। उन्होंने शहर वासियों से अपील करते हुए दोहराया कि वह शहर की सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अपने घर व आस पास के साथ साथ इधर-उधर कूड़ा फेंकने वालों को भी इसके नुक्सानो के विषय में समझाएँ ताकि सफाई के प्रति लोग जागरूक हो सकें। नगर निगम के डिप्टी मेयर आर डी शर्मा ने कहा कि सफाई रखने से कई बीमारियों से बचा जा सकता है। यदि हम अपने इर्द-गिर्द सफाई नहीं रखते तो संक्रामक बीमारियाँ हमें घेर लेती है। निरोग काया के लिए सफाई रखना बहुत जरूरी है। इस अवसर पर सुनील मौदगिल,दुर्गा माता मंदिर के प्रधान बलबीर गुप्ता,देवी सहाय टंडन,राजिन्द्र हंस,संगीता भंडारी,जीवन गुप्ता सहित और भी कई पार्टी कार्यकर्त्ता शामिल थे। उन्होंने इस संबंध में  नहर के किनारे जवद्दी पुली के  निकट स्थित  धर्मस्थल  प्रयासों की प्रशंसा भीकी   कहा कि ऐसे शुभ कामों को अपनाने में देरी नहीं की जानी चाहिए।  
 'स्वच्छ भारत अभियान' के तहत भाजपा द्वारा चलाई जा रही मुहिम के तहत धार्मिक स्थानो से मूर्तियाँ ,पूजा सामग्री आदि को तो जल प्रवाह  करने के लिए उठाया गया परन्तु दुसरे पड़े कूड़े की ओर किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। इसमें अधिकतर सब्ज़ियों  इत्यादि थे। 
अब देखना यह भी है कि अकाली दल के नेता और वर्कर गुरूद्धारा साहिबान के परिसर में जाकर ऐसा सफाई अभियान कब चलाते हैं। 

Sunday, October 19, 2014

एक मध्यवर्गीय कुत्ता//हरिशंकर परसाई

An excellent satirical description of middle class by Hari Shankar Parsayi Posted by Dr. Lok Raj 
कुत्ते में और आदमी में यही मूल अंतर है
हरिशंकर परसाई 
मेरे मित्र की कार बंगले में घुसी तो उतरते हुए मैंने पूछा, “इनके यहां कुत्ता तो नहीं है?“ मित्र ने कहा, “तुम कुत्ते से बहुत डरते हो!” मैंने कहा, “आदमी की शक्ल में कुत्ते से नहीं डरता. उनसे निपट लेता हूं. पर सच्चे कुत्ते से बहुत डरता हूं.“
कुत्तेवाले घर मुझे अच्छे नहीं लगते. वहां जाओ तो मेजबान के पहले कुत्ता भौंककर स्वागत करता है. अपने स्नेही से “नमस्ते“ हुई ही नहीं कि कुत्ते ने गाली दे दी- “क्यों यहां आया बे? तेरे बाप का घर है? भाग यहां से !”

फिर कुत्ते का काटने का डर नहीं लगता- चार बार काट ले. डर लगता है उन चौदह बड़े इंजेक्शनों का जो डॉक्टर पेट में घुसेड़ता है. यूं कुछ आदमी कुत्ते से अधिक ज़हरीले होते हैं. एक परिचित को कुत्ते ने काट लिया था. मैंने कहा, ”इन्हें कुछ नहीं होगा. हालचाल उस कुत्ते का पूछो और इंजेक्शन उसे लगाओ.”
एक नये परिचित ने मुझे घर पर चाय के लिए बुलाया. मैं उनके बंगले पर पहुंचा तो फाटक पर तख्ती टंगी दीखी- ”कुत्ते से सावधान !” मैं फ़ौरन लौट गया.
कुछ दिनों बाद वे मिले तो शिकायत की, ”आप उस दिन चाय पीने नहीं आये.” मैंने कहा, “माफ़ करें. मैं बंगले तक गया था. वहां तख्ती लटकी थी- ‘कुत्ते से सावधान.‘ मेरा ख़्याल था, उस बंगले में आदमी रहते हैं. पर नेमप्लेट कुत्ते की टंगी हुई दीखी.“ यूं कोई-कोई आदमी कुत्ते से बदतर होता है. मार्क ट्वेन ने लिखा है- ‘यदि आप भूखे मरते कुत्ते को रोटी खिला दें, तो वह आपको नहीं काटेगा.‘ 
बंगले में हमारे स्नेही थे. हमें वहां तीन दिन ठहरना था. मेरे मित्र ने घण्टी बजायी तो जाली के अंदर से वही ”भौं-भौं” की आवाज़ आयी. मैं दो क़दम पीछे हट गया. हमारे मेजबान आये. कुत्ते को डांटा- ‘टाइगर, टाइगर!’ उनका मतलब था- ‘शेर, ये लोग कोई चोर-डाकू नहीं हैं. तू इतना वफ़ादार मत बन.‘
कुत्ता ज़ंजीर से बंधा था. उसने देख भी लिया था कि हमें उसके मालिक खुद भीतर ले जा रहे हैं पर वह भौंके जा रहा था. मैं उससे काफ़ी दूर से लगभग दौड़ता हुआ भीतर गया. मैं समझा, यह उच्चवर्गीय कुत्ता है. लगता ऐसा ही है. मैं उच्चवर्गीय का बड़ा अदब करता हूं. चाहे वह कुत्ता ही क्यों न हो. उस बंगले में मेरी अजब स्थिति थी. मैं हीनभावना से ग्रस्त था- इसी अहाते में एक उच्चवर्गीय कुत्ता और इसी में मैं! वह मुझे हिकारत की नज़र से देखता.
शाम को हम लोग लॉन में बैठे थे. नौकर कुत्ते को अहाते में घुमा रहा था. मैंने देखा, फाटक पर आकर दो ‘सड़किया‘ आवारा कुत्ते खड़े हो गए. वे सर्वहारा कुत्ते थे. वे इस कुत्ते को बड़े गौर से देखते. फिर यहां-वहां घूमकर लौट आते और इस कुत्ते को देखते रहते. पर यह बंगलेवाला उन पर भौंकता था. वे सहम जाते और यहां-वहां हो जाते. पर फिर आकर इस कु्ते को देखने लगते. मेजबान ने कहा, “यह हमेशा का सिलसिला है. जब भी यह अपना कुत्ता बाहर आता है, वे दोनों कुत्ते इसे देखते रहते हैं.“
मैंने कहा, “पर इसे उन पर भौंकना नहीं चाहिए. यह पट्टे और ज़ंजीरवाला है. सुविधाभोगी है. वे कुत्ते भुखमरे और आवारा हैं. इसकी और उनकी बराबरी नहीं है. फिर यह क्यों चुनौती देता है!”
रात को हम बाहर ही सोए. ज़ंजीर से बंधा कुत्ता भी पास ही अपने तखत पर सो रहा था. अब हुआ यह कि आसपास जब भी वे कुत्ते भौंकते, यह कुत्ता भी भौंकता. आखिर यह उनके साथ क्यों भौंकता है? यह तो उन पर भौंकता है. जब वे मोहल्ले में भौंकते हैं तो यह भी उनकी आवाज़ में आवाज़ मिलाने लगता है, जैसे उन्हें आश्वासन देता हो कि मैं यहां हूं, तुम्हारे साथ हूं.
मुझे इसके वर्ग पर शक़ होने लगा है. यह उच्चवर्गीय कुत्ता नहीं है. मेरे पड़ोस में ही एक साहब के पास थे दो कुत्ते. उनका रोब ही निराला ! मैंने उन्हें कभी भौंकते नहीं सुना. आसपास के कुत्ते भौंकते रहते, पर वे ध्यान नहीं देते थे. लोग निकलते, पर वे झपटते भी नहीं थे. कभी मैंने उनकी एक धीमी गुर्राहट ही सुनी होगी. वे बैठे रहते या घूमते रहते. फाटक खुला होता, तो भी वे बाहर नहीं निकलते थे. बड़े रोबीले, अहंकारी और आत्मतुष्ट.
यह कुत्ता उन सर्वहारा कुत्तों पर भौंकता भी है और उनकी आवाज़ में आवाज़ भी मिलाता है. कहता है- ‘मैं तुममें शामिल हूं.‘ उच्चवर्गीय झूठा रोब भी और संकट के आभास पर सर्वहारा के साथ भी- यह चरित्र है इस कुत्ते का. यह मध्यवर्गीय चरित्र है. यह मध्यवर्गीय कुत्ता है. उच्चवर्गीय होने का ढोंग भी करता है और सर्वहारा के साथ मिलकर भौंकता भी है. तीसरे दिन रात को हम लौटे तो देखा, कुत्ता त्रस्त पड़ा है. हमारी आहट पर वह भौंका नहीं,
थोड़ा-सा मरी आवाज़ में गुर्राया. आसपास वे आवारा कुत्ते भौंक रहे थे, पर यह उनके साथ भौंका नहीं. थोड़ा गुर्राया और फिर निढाल पड़ गया. मैंने मेजबान से कहा, “आज तुम्हारा कुत्ता बहुत शांत है.“
Dr. Lok Raj 
मेजबान ने बताया, “आज यह बुरी हालत में है. हुआ यह कि नौकर की गफ़लत के कारण यह फाटक से बाहर निकल गया. वे दोनों कुत्ते तो घात में थे ही. दोनों ने इसे घेर लिया. इसे रगेदा. दोनों इस पर चढ़ बैठे. इसे काटा. हालत ख़राब हो गयी. नौकर इसे बचाकर लाया. तभी से यह सुस्त पड़ा है और घाव सहला रहा है. डॉक्टर श्रीवास्तव से कल इसे इंजेक्शन दिलाउंगा.“
मैंने कुत्ते की तरफ़ देखा. दीन भाव से पड़ा था. मैंने अन्दाज़ लगाया. हुआ यों होगा-
यह अकड़ से फाटक के बाहर निकला होगा. उन कुत्तों पर भौंका होगा. उन कुत्तों ने कहा होगा- “अबे, अपना वर्ग नहीं पहचानता. ढोंग रचता है. ये पट्टा और ज़ंजीर लगाये हैं. मुफ़्त का खाता है. लॉन पर टहलता है. हमें ठसक दिखाता है. पर रात को जब किसी आसन्न संकट पर हम भौंकते हैं, तो तू भी हमारे साथ हो जाता है. संकट में हमारे साथ है, मगर यों हम पर भौंकेगा. हममें से है तो निकल बाहर. छोड़ यह पट्टा और ज़ंजीर. छोड़ यह आराम. घूरे पर पड़ा अन्न खा या चुराकर रोटी खा. धूल में लोट.“ यह फिर भौंका होगा. इस पर वे कुत्ते झपटे होंगे. यह कहकर- ‘अच्छा ढोंगी. दग़ाबाज़, अभी तेरे झूठे दर्प का अहंकार नष्ट किए देते हैं.‘
इसे रगेदा, पटका, काटा और धूल खिलायी.
कुत्ता चुपचाप पड़ा अपने सही वर्ग के बारे में चिन्तन कर रहा है.
(डाक्टर लोकराज की वाल से साभारजिन्होंने फेसबुक पर 18 अक्टूबर 2014 शनिवार को रात 11:36  पर पोस्ट किया।                          

Thursday, October 16, 2014

अग्रिम जमानत मिल गयी-यह अंत नहीं है-लडाई तो अब शुरू हुई है

Thu, Oct 16, 2014 at 6:05 PM
फारवर्ड प्रेस में कोई भी सामग्री आधारहीन नहीं 
नई दिल्‍ली: 16 अक्‍टूबर 2014: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
अंतत: आज कोर्ट से मुझे भी अग्रिम जमानत मिल गयी। ख्‍याल नारीवादी लेखक अरविंद जैन इस मामले में मेरे वकील हैं। उन्‍होंने बताया कि पुलिस के पक्ष ने जमानत का घनघोर विरोध किया।
अरविंद जैन जी कोर्ट में फारवर्ड प्रेस का पक्ष तो रखा ही साथ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 153 A (जिसके तहत मुकदमा दर्ज किया गया है) की वैधता पर भी सवाल उठाए। यही वह धारा है, जो अभिव्‍यक्ति की आजादी पर पुलिस का पहरा बिठाती है।
हालांकि यह अंत नहीं है। लडाई तो अब शुरू हुई है। यह लडाई न सिर्फ मेरी है, न सिर्फ श्री आयवन कोस्‍का की, न ही सिर्फ फारवर्ड प्रेस की। यह अभिव्‍यक्ति, विमर्श और तर्क करने की आजादी की लडाई है। हम सभी को इसे इसी रूप में लडाना चाहिए। एक संघर्ष वस्‍तुत: आधुनिक समाज के निर्माण के लिए है।
उन सभी का हार्दिक शुक्रिया जो विभिन्‍न मतांतरों के बावजूद विमर्श और अभिव्‍यक्ति की आजादी की लडाई में बराबर के भागीदार हैं।

फारवर्ड प्रेस के मुख्‍य संपादक आयवन कोस्‍का और सलाहकार संपादक प्रमोद रंजन को नई दिल्‍ली के पटियाला हाऊस कोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी। आदालत में संपादकों का पक्ष रखते हुए ख्‍यात नारीवादी लेखक व अधिवक्‍ता अरविंद जैन, साइमन बैंजामिन तथा अमरेश आनंद ने कहा कि फारवर्ड प्रेस पर  पुलिस की कार्रवाई अभिव्‍यक्ति की आजादी पर हमला है। यहां तक कि संपादकों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 153 (अ) , 295 (अ) आज की तारीख में निरर्थक हो गये हैं तथा इसका उपयोग राजनीतिक कारणों से किया जा रहा है। 

जमानत के बाद  सलाहकार संपादक प्रमोद रंजन ने उत्‍तर प्रदेश के महोबा जिले में मौजूद महिषासुर, जिन्‍हें भैसासुर के नाम से भी जानाा जाता है की तस्‍वीरें जारी करते  हुए कहा कि फारवर्ड प्रेस में कोई भी सामग्री सामग्री आधारहीन नहीं है। यह मंदिर भारतीय पुरातत्‍व विभाग द्वारा संरक्षित भी है। ऐसे सैकडों भौतिक साक्ष्‍य उपलब्‍ध हैं, जो यह साबित करते हैं कि 'दुर्गा-महिषासुर' का बहुजन पाठ अलग रहा है। उन्‍होंने कहा कि पत्रिका का इन पाठों को प्रकाशित करने का मकसद अकादमिक रहा है इसके अलावा इस पाठों के माध्‍यम से हम चाहते हैं कि विभिन्‍न समुदाय एक दूसरें की भावनाओं, परंपराओं को समझें तथा एक-दूसरे करीब आएं। फारवर्ड प्रेस का कोई इरादा किसी समुदाय की भावना को आहत करने का नहीं रहा है।

गौरतलब है कि इसके पूर्व उदय प्रकाशअरुन्धति रायशमशुल इस्लाम,शरण कुमार लिंबाले, गिरिराज किशोरआनंद तेल्तुम्बडेकँवल भारतीमंगलेश डबरालअनिल चमडियाअपूर्वानंदवीरभारत तलवारराम पुनियानी, एस.आनंद समेत 300 से हिंदी, मराठी व अंग्रेजी लेखकाें ने फारवर्ड प्रेस पर कार्रवाई की निंदा की थी। 
लेखक समुदाय ने एक संयुक्‍त बयान जारी कर कहा था कि -  यह देश विचारमत और आस्थाओं के साथ अनेक बहुलताओं का देश है और यही इसकी मूल ताकत है. लोकतंत्र ने भारत की बहुलताओं को और भी मजबूत किया है।  आजादी के बाद स्वतंत्र राज्य के रूप में भारत ने अपने संविधान के माध्यम से इस बहुलता का आदर किया और उसे मजबूत करने की दिशा में प्रावधान सुनिश्चित किये.
इस देश के अलगअलग भागों में शास्त्रीय मिथों के अपने अपने पाठ लोकमिथों के रूप में मौजूद हैं. देश के कई हिस्सों में रावण’ की पूजा होती हैपूजा करने वालों में सारस्वत ब्राह्मण भी शामिल हैं. महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर राजा बलि की पूजा की जाती हैजो वैष्णवों के मत के अनुकूल नहीं है. आज भी इस देश में असुर जनजाति के लोग रहते हैंजो महिषासुर व अन्य असुरों को अपना पूर्वज मानते हैं। हर साल मनाये जाने वाले अनेक पर्वों में धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप निर्मित छवि वाले असुरों के खिलाफ जश्न मनाया जाता हैजो एक समूह के अस्तित्व पर प्रहार करने के जाने अनजाने आयोजन हैं। 
दिल्ली से प्रकाशित फॉरवर्ड प्रेस पत्रिका अक्टूबर के अपने बहुजन श्रमण परंपरा विशेषांक’ में में इस तरह की अनेक परंपराओंसांस्कृतिक आयोजनोंविचारों को सामने लायी हैजिसमें दुर्गा मिथ’ या दुर्गा की मान्यता के पुनर्पाठ भी शामिल हैं.
2011 में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के एक छात्र समूह ने महिषासुर शहादत’ दिवस मनाने की परम्परा की शुरुआत कीजिसके बाद पिछले चार सालों में देश के सैकड़ो शहरों में यह आयोजन आयोजित होने लगा है. इस व्यापक स्वीकृति का आधार इस देश के बहुजन श्रमण परम्परा और चेतना में मौजूद है.
पिछले ९ अक्टूबर को इस कारण फॉरवर्ड प्रेस के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा अतिवादी लोगों के एक समूह के द्वारा किये गए एफ आई आर और उसके बाद पुलिस की कार्यवाई की हम निंदा करते हैं पत्रिका के ताजा अंक की प्रतियां जब्त कर ली गयी हैं तथा संपादकों के घरों पर पुलिस का छापा,  उनके दफ्तर और घरों पर निगरानी पत्रिका के कामकाज पर असर डालने के इरादे से की जा रही है. यह अभिव्यक्ति की आजादी और देश में बौद्धिक विचार परम्परा के खिलाफ हमला है. वैचारिक विरोधों को पुलिसिया दमन या कोर्ट-कचहरी में नहीं निपटाया जा सकता। अगर पत्रिका में प्रकाशित विचारों से किसी को असहमति है तो उसे उसका उत्तर शब्दों के माध्यम से ही देना चाहिए।
हम भारतीय जनता पार्टी सरकार से आग्रह करते हैं कि इस एफ आई आर को तत्काल रद्द करने का निर्देश जारी करे और पुलिस को निर्देशित करे कि इसके संपादकों के खिलाफ अपनी कार्यवाई को अविलम्ब रोका जाए.

भोपाल में सैकड़ो विस्थापितों-भूमि स्वामियो ने दी मुख्यमंत्री को चेतावनी

Thu, Oct 16, 2014 at 5:11 PM
गैर कानूनी डूब या विनाश अब और नहीं
नए भू अर्जन कानून के तहत अधिगृहित ज़मीन  का मालिकाना हक स्वीकार करे सरकार
सरदार सरोवर, नर्मदा नहरे, जोबट, बर्गी और पेंच, अडानी परियोजनाओं के खिलाफ की आवाज़ बुलंद  
भोपाल: 16 अक्टूबर 2014: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो): 
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज नर्मदा घाटी के बडवानी, खर्गोन,धार जिले के गाँव-गाँव के किसान मजदूर, मछुआरे, कुम्हार सरदार सरोवर बाँध को आगे बढाने की खिलाफत करते हुए अपने जीने के अधिकार के तीस सालों के संगर्ष के चलते हुए पधारे है,  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी से पूछने, क्या आप हमारी बात सुनेंगे? क्या आप कानून के दायरे में हमारे अधिकारों और मध्य प्रदेश के हित में भूमिका लेंगे ?
आज नर्मदा घाटी के गाँव-गाँव से सैकड़ो प्रभावित  भोपाल में मुख्यमंत्री से सवाल एवं चर्चा करने गांधी मैदान के सामने इखट्टे होकर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे जन सैलाब को अपेक्षा अनुसार पुलिस ने रोक लिया, सभी महिला, पुरुष, साथ में युवाओं ने जमकर नारेबाजी की।
सरदार सरोवर विस्थापितों के साथ इंदिरा सागर व ओम्कारेश्वर नहरो और जोबट बाँध प्रभावित भी पहुंचे है।   साथ ही मध्य प्रदेश के जबलपुर, छिंदवाडा, सीधी, रीवा, देवास, जैसे  जिले जिले से  पेंच परियोजना, अडानी पॉवर प्लांट, बर्गी बाँध, आदि परियोजनाओ के वर्षो से विस्थापित हो चुके, किसान, आदिवासी पधार है अपने मुद्दे, मांगे व सवालो को लेकर । सभी का अहम् मुद्दा है, 'खेती , आजीविका और विस्थापन' ! पीड़ियो पुराने आजीविका का एक मात्र साधन  रहे प्राकृतिक संसाधन, ज़मीन, जल, जंगल 'विकास' के नाम पर शासन छीनती जा रही है,  इससे कोई बेघर या कोई बेरोजगार होकर आक्रोशित है । कार्यक्रम में शामिल मुलताई से पूर्व विधायक व किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ सुनीलम ने कहा की विकास योजना तय करने में कोई सहभाग न लेते हुए, हमारे ऊपर थोपी जा रही परियोजनाए हमे विकास के लाभ नहीं, विस्थापन से बर्बादी मात्र दे रही है।
पुनर्वास की नीतियाँ कागज़ तक और आश्वासन चुनाव तक ही सीमित रहे है । वैकल्पिक ज़मीन या आजीविका सुनिश्चित करने के लिए 'साधन उपलब्ध नहीं' सुनने की हमारी तैयारी नहीं है । हम जानते है कि अभी अभी इंदौर में हुई अंतर्राष्ट्रीय पूंजी निवेशको की बैठक  के (Investor Meet) पहले मुख्यमंत्री जी ने जाहिर किया था कि उद्योगपतियों के लिए 25000 हे. ज़मीन मध्य प्रदेश में उपलब्ध है । सबसे पहले आज तक उजड़ चुके विस्थापितों के लिए 'खेती लायक ज़मीन और रोज़ी रोटी का कोई विकल्प नहीं ' यह जवाब हमे मंज़ूर नहीं इसलिए राज्य तथा केन्द्रीय शासन अब सचेत हो रहे है और अपने साधानो के लूट के बावजूद हम विस्थापितों को भ्रमित करके ही कुछ योजनाये आगे बढ़ा रहे है।
नर्मदा बचाओ आन्दोलन की नेत्री मेधा पाटकर ने कहा की अँगरेज़ शासन के 1894 का कानून के खिलाफ नर्मदा से नंदीग्राम, पेंच से पोलावरम तथा खदाने, उर्जा योजना, शहर विकास को देसी वेदेशी पूँजी और बाजारी विकास को चुनौती देते आये जन संघर्षो का ही परिणाम है - पुराना कानून निरस्त होना । तमाम जन संघर्ष कई दशको से अपने सवाल खादेब्कारते आयेे, अपने अधिकार और प्रकृतिक धरोहर को बचते हुए इस लड़ाई के दौरान पूर्व की यूपीए केन्द्रीय शासन ने नया भू-अर्जन कानून लाया । इस कानून में खामियों के बावजूद जो जन-वादी प्रव्धान है, उन्हें ख़त्म करने की पूरी तैयारी, भाजपा की सरकार, नितिन गडकरी, ग्रामीण विकास मंत्री तथा नरेन्द्र मोदी जी, प्रधानमंत्री ने मिलकर की है । हम उन्हें और उनकी यह किसान-मजदूर विरोधी चाल को चुनौती देते है, देते रहेंगे ! SEZ, DMIC, Megacity, Smart city, उर्जा राजधानी जैसे नाम पर मेहनतकशो को अपने धरातल, संस्कृति से, पैसा, संसाधनों से परे करना अनन्य है ।
इसलिए नए भू- अर्जन कानून, 2013 की धारा  24 के तहत, 5 साल से अधिक पुराने भू- अर्जन - अवार्ड घोषित होते हुए आजतक हमारा ही भौतिक कब्ज़ा, हमारी ज़मीन, मकान, संपत्ति पर रखने वाले ; मुआवजा न लेने वाले हम सब किसान- मजदूर -मछुआरे-कारीगर व्यापारी  यह घोषित कर चुके है कि 1 जनवरी, 2014 से हम फिर मालिक बन चुके है । भू अर्जन रद्द हो चूका है ।  धरने पर बेठे लोगो चेताया की 'मुख्यमंत्री जी, आप या मोदी जी भी , अडानी, अम्बानी जैसी कोई ताकत, विदेशी पूँजी या कंपनी ; या कोई बड़ा बाँध या योजना हमे नहीं उजाड़ सकते, हमारी संपत्ति  बर्बाद नहीं कर सकते । हमे डूबा नहीं सकते आप को चेतावनी तथा यह जानकारी देने आये है हम। जिसे आप कानूनी हक मानकर हमारी संपत्ति पर हमारा नाम याने अधिकार दर्ज करे"।
 यह आवाज़ और आत्मविश्वास से अधिकार के साथ पुकार रही है, नर्मदा, पेंच, बरगी, जैसे नदी घाटियों से और अन्य परियोजनाओ से आये लोगो की । नर्मदा घाटी से गाँव- गाँव के लोगो से साथ छिन्द्वारा से आराधना भार्गव जी, डा. सुनीलम, अध्यक्ष किसान संघर्ष समिति,  जबलपुर -मंडला से राजेश तिवारी, तथा योगेश दीवान, जन पहल से   से आये प्रमुख कार्यकर्ता एवं विस्थापितों ने अपनी बात घोषित करते हुए, मुख्यमंत्री जी से सुनवाई का आग्रह किया है ।
 जारी है नए कानून की इस धारा की स्पष्टता और परिभाषा सर्वोच्च अदालत ने भी मान ली है, जैसे कि 1.1.2014 के बाद आये फैसलों से स्पष्ट है । अब चुनौती है शासन के सामने !!
राहुल यादवबिलाल खानकमला यादवलालू भाईमीरा
रणवीर तोमर
संपर्क: +91 7049391073

मिठाई में मिलावट अब नियंत्रण में-स्वास्थ्य मंत्री ज्याणी

यदि किसी को पता चले तो तुरंत उन्हें सूचित करे 
लुधियाना: 15 अक्टूबर 2014: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया है कि मिठाईयों में मिलावटकी बुराई अब नियंत्रण में है। अगर किसी को इसका पता चले तो वह सीधा उन्हें सम्पर्क करे। उन्होंने मीडिया और अन्य लोगों को खुला निमंत्रण दिया कि ऐसा कुछ भी पता चले तो तुरंत सूचित करें।अन्य हरियाणा विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलना तय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली के मद्देनजर हरियाणा की जनता भाजपा की सरकार बनाने को उत्साहित है। इन चुनावों में 45 से ज्यादा सीटें भाजपा को मिलने जा रही हैं। यह दावा स्वास्थ्य मंत्री  जीत कुमार ज्याणी ने किया है। वह बुधवार को अपोलो अस्पताल में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे। पत्रकारवार्ता में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार के पूर्ण बहुमत आने के बाद देश के सभी राज्यों में उम्मीद की किरण जगी है। जनता अपने-अपने राज्यों में भाजपा को ही सत्ता में लाना चाहती है। स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ने का आह्वान भी किया। इसी बीच पूर्व भाजपा सांसद नवजोत सिंह सिद्धू और अकाली दल के बीच जारी वाकयुद्ध के मुद्दे पर पूछे सवाल को ज्याणी ने टाल दिया और बस यही कहा कि मेरे लेवल का मसला नहीं है, ये डिप्टी सीएम और नवजोत सिद्धू के बीच का मामला है। इस टालमटोल के दरम्यान ही उन्होंने रुखसत ली। 
इस अवसर पर नामधारी सुरिंदर सिंह, सिवल सृजन डा. सुभाष बत्ता, पंजाब मेडिकल कौंसिलके अध्यक्ष डा. डी एस ग्रेवाल और कई अन्य प्रमुख व्यक्ति भी मौजूद थे। 


Wednesday, October 15, 2014

'पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्रमेव जयते कार्यक्रम'


15-अक्टूबर-2014 19:15 IST
प्रधानमंत्री कल करेंगे कार्यक्रम का शुभारंभ 

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय 16 अक्टूबर, 2014 को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में राज्य सरकारों के श्रम एवं रोजगार मंत्रियों, स्वास्थ्य मंत्रियों तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण मंत्रियों के एक दिवसीय सम्मेलन के दौरान 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्रमेव जयते कार्यक्रम' का आयोजन करेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी इस कार्यक्रम का आगाज करेंगे। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार, इस्पात व खान मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर और श्रम एवं रोजगार, इस्पात तथा खान राज्य मंत्री श्री विष्णु देव साई भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे। 


स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, सूक्ष्म, लघु व मझौले उपक्रम मंत्री श्री कलराज मिश्र, वाणिज्य व उद्योग, वित्त तथा कॉरपोरेट मामलों की राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती निर्मला सीतारमण और कौशल विकास, उद्यमिता, युवा मामले तथा खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सर्बानन्द सोनोवाल 'मेक इन इंडिया' विजन से तालमेल बिठाते हुए केंद्रीय श्रम मंत्रालय की पहल को आगे बढ़ाने के लिए इस मौके पर उपस्थित रहेंगे। इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों तथा विभागों के सचिव भी इस सम्मेलन में शिरकत करेंगे। 

यह सम्मेलन श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के निम्नलिखित पांच विषयों पर केंद्रित रहेगा: 

• एकीकृत श्रम पोर्टल (जिसे श्रम सुविधा नाम दिया गया है) और केंद्र सरकार के चार संगठनों ईएसआईसी, ईपीएफओ, डीजीएम और सीएलसी के लिए अनुपालन को आसान बनाने के लिए पारदर्शी एवं उत्तरदायी श्रम निरीक्षण योजना (http://efilelabourreturn.gov.in) 

• कर्मचारी भविष्य निधि के लिए सार्वभौमिक खाता संख्या (यूएएन) के जरिये पोर्टेबिलिटी 

• मांग आधारित व्यावसायिक प्रशिक्षण 

• प्रशिक्षु प्रोत्साहन योजना 

• असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए पुनर्गठित राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) का क्रियान्वयन 

तकरीबन 35 राज्य सरकार श्रम, स्वास्थ्य, व्यावसायिक प्रशिक्षण मंत्रियों और इन विभागों के 60 राज्य सरकार सचिवों के भी इस सम्मेलन में भाग लेने की संभावना है। 

उनके अलावा विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) के 64 सीईओ तथा 20 बीमा कम्पनी प्रमुख भी इस सम्मेलन में शिरकत करेंगे। 

इस कार्यक्रम का दूरदर्शन के डीडी नेशनल और डीडी न्यूज चैनलों पर सीधा प्रसारण किया जाएगा। श्रम मंत्रालय एवं डीडी न्यूज की वेबसाइटों, डीडी/यूट्यूब चैनल इत्यादि पर इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण करने का भी इंतजाम किया गया है। देशभर में फैले सभी आईटीआईऔर ईएसआईसी/ईपीएफओ/सीएलसी/वीवीजीएनएलआई/सीबीडब्ल्यूई/डीजीएमएस/डीजीईएण्डटी इत्यादि के कार्यालयों में इस कार्यक्रम को दिखाने की भी व्यवस्था की गई है। यह अनुमान लगाया गया है कि देशभर में 10 करोड़ से भी ज्यादा लोग टेलीविजन पर इस कार्यक्रम को देखेंगे। 

इस कार्यक्रम के साथ-साथ देशभर में बड़े पैमाने पर एसएमएस भेजे जाएंगे। सार्वभौमिक खाता संख्या के जरिये पोर्टेबिलिटी के बारे में तकरीबन एक करोड़ ईपीएफओ सदस्यों को एसएमएस मिलेंगे। तकरीबन 6.5 लाख प्रतिष्ठानों और 1800 निरीक्षण अधिकारियों को एकीकृत श्रम पोर्टल के बारे में एसएमएस मिलेंगे जिससे पारदर्शी और उत्तरदायी श्रम निरीक्षण योजना में मदद मिलेगी। इसी तरह ऐसे ब्रांड अम्बेसडरों के बारे में आईटीआई प्रशिक्षुओं को तकरीबन 4 लाख एसएमएस भेजे जाएंगे जो आईटीआई से काफी पहले ही पास होकर निकल चुके हैं और अपने-अपने क्षेत्रों में काफी सफल हैं। इतनी ही संख्या में ई-मेल भी इस दौरान भेजे जाएंगे। (PIB)
विजयलक्ष्‍मी कासोटिया/एएम/आरआरएस/एलएन/- 4451

पीड़ित परिवार को मुआवजा राशि जल्द मुहैया करवाई जाये

 Wed, Oct 15, 2014 at 6:55 PM
डाक्टर राजकुमार वेरका ने दिए वेलफेयर अधिकारी को आदेश 
लुधियाना: 15 अक्टूबर 2014: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
जमालपुर की आहलूवालिया कॉलोनी में फर्जी एनकाउंटर के मामले में आज राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष डॉक्टर राजकुमार वेरका के समक्ष लुधियाना पुलिस के डी एस पी लखबीर सिंह पेश हुए और उन्होंने बताया कि इस केस में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिए गया है। 
शिकायतकर्ता मृतक लड़कों के पिता सतपाल सिंह ने आयोग के समक्ष गुहार लगाई कि उनकी जान को खतरा है। इस पर डी एस पी ने कहा कि शिकायतकर्ता और उसके परिवार की सुरक्षा को यकीनी बनाया जायेगा। डॉक्टर वेरका ने कहा कि पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया करवा दी जाये। पीड़ित सतनाम सिंह ने गुहार लगाई कि अभी तक पी ओ ए एक्ट के अधीन मिलने वाला मुआवजा राशि उनको नहीं मिली है जिसपर डॉक्टर वेरका ने जिला सोशल वेलफेयर अधिकारी लुधियाना को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द सारी कानूनी प्रक्रिया पूरी करके पीड़ित परिवार को मुआवजा राशि मुहैया करवाई जाये।  

आ बता दें कि तुम्हे कैसे जिया जाता है

किस तरह ज़िंदा हैं लोग----                                    -Raj Kumar Sahu
रूखी सूखी जो मिले पेट भरने के लिए 
काफी दो गज़ है ज़मीं जीने मरने के लिए 
जगह कम और आबादी ज़्यादा-समस्या विकराल है पर ज़िन्दगी भी तो काटनी है। जीने के लिए---रहने के लिए बहुत सी कठिनाइयां लेकिन लोग फिर भी जी रहे हैं। हमने हर हाल में जीने की किस्म कसम खाई है--यह बात कहने सुनने में काफी आसान सी लगती है---पर वास्तव में होती है बहुत कठिन।इस के बावजूद ज़िन्दगी की कठिन राहों पर  मुस्करा कर चलने के मामले में एक बिलकुल ही नई मिसाल बन चुके हैं ये मकान। झाँसी के सीपरी इलाके में यह ज़मीन शायद सरकारी है और लोगों को जीवन जीने का अधिकार उस परमसत्ता भगवान ने दिया है। ज़िंदगी के इस आशियाने की नयी तकनीक ज़िंदगी की ज़रूरतों ने तलाश कर ली। मकान देखें तो खतरा ही खतरा लगता है---अभी गिरा-अभी गिरा---पर लोग यहाँ इस खतरे में जी रहे हैं। सुना है यहाँ पूरी की पूरी गली ही ऐसी है इसी तरह के मकानों से बानी हुई। इन्हें अगर खतरा मकान कह लिया जाये तो शायद कदापि गलत नहीं होगा लेकिन लोग खतरे में रहने को भी तैयार। सरकार से सर छुपाने को छत नहीं मिली तो हिम्मत करके खुद बना ली।
जैसे ज़मीन पर पेड़ थोड़ी सी जगह घेरता है और बाकी का आकार कुछ ऊंचा उठकर आसमान में ही लेता है। बस यहाँ लोग भी पेड़ों की तरह हो गए हैं। जब तक जिएंगे समाज को कुछ फायदा देंगें बिलकुल पेड़ों की तरह-जब पेड़ों की तरह गिरा दिए जाएंगे तो गुमनामी की मौत मर जाएंगे या फिर कहीं ओर जाकर ज़िंदगी के उजड़ चुके घर को फिर से बसाने का प्रयास करेंगे। सरकारी ज़मीनों पर कब्ज़े के आरोप में बदनाम किये जाते ये लोग शायद नहीं जानते कि यहाँ इस देश के नेताओं ने देश विदेश में कितने कितने एकड़ ज़मीन अपने नाम करवा रखी है। किस किस नेता का किस किस जगह होटल है-कहाँ बंगला है--कहाँ कृषि भूमि है---इसका सही आंकड़ा शायद कभी सामने न आये क्यूंकि इस हमाम में सभी नंगे हैं।  गाज गिरती है तो गरीबों पर। इस तथ्य को नज़रअंदाज़ करके कि बहुत से गरीब और दलित लोग मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए भी दो गज़ ज़मीन नहीं जुटा पाते। हर पल खतरों में रह कर जी रहे लोगों के इन अजीबो-गरीब मकानों की यह तस्वीर साहिर लुधियानवी साहिब की पंक्तियाँ फिर याद दिल रही है----
माटी का भी है कुछ मौल मगर--
इंसानों की कीमत कुछ भी नहीं 
आखिर कब सच होगा मेरा भारत महान का नारा? हर रोज़ महंगी होती ज़मीन और लगातार कम हो रही इंसान की कीमत हमें किस तरफ ले जा रहे हैं? क्या यही थी वह आज़ादी जिसके लिए अनगिनत शहीदों ने अपनी क़ुरबानी दी। क्या यही है उनके सपनों का भारत?
खतरों में जी रहे इन मजबूर और बेबस लोगों पर ऊँगली उठाने वाले कभी भू-माफिया का नाम भी लेंगें जो देश के बहुत से भागों में सक्रिय है?
ऐसे बहुत से सवाल हैं जो इस तस्वीर को देख कर उठ रहे हैं---आखिर कब मिलेगा उनका जवाब?
इस तस्वीर को फेसबुक पर पोस्ट किया है एक जागरूक नागरिक Raj Kumar Sahu ने अपने प्रोफाइल पर मंगलवार 14 अक्टूबर 2014 को सांय 4:45 पर।
इस पर कमेन्ट भी काफी दिलचस्प हैं। देखिये कुछेक की एक झलक।
  • Ganesh Prasad खतरा ही खतरा !!
    11 hrs · Unlike · 2
  • Arvind Sharma Guddu jara hat ke jara bach ke ye jhansi hai meri jaan...
    9 hrs · Unlike · 3
  • Rai Niranjan Great nice teqnic
    7 hrs · Unlike · 2
  • Prabhakar Dwivedi jo jamin sarkaari hai wah jamin hamari hai yehi niyam hai uttam pradesh mei jai ho
  • नोट:आपको यह तस्वीर कैसी लगी अवश्य लिखें। आपके पास भी कोई ऐसी तस्वीर हो तो अवश्य भेजें तांकि दुसरे लोग भी उसके बारे में सकें। हम आपका नाम भी उस तस्वीर के साथ प्रकशित करेंगे।