Saturday, August 27, 2016

स्टेट बैंक आफ पटियाला इम्पलाईज़ यूनियन की विशेष बैठक


Sat, Aug 27, 2016 at 4:39 PM
बैठक का मुख्य उद्देशय सैनेट 2016 के चुनाव रहा 
लुधियाना: 27 अगस्त 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):


श्री संजय शर्मा, डिप्टी महा सचिव, एसबीआई आफिसर्स एसोसिएशन, श्री संदीप भारद्वाज़, सचिव, एबीओए (लुधियाना), प्रोफेसर तरुण घई, श्री गुरबचन सिंह, उप प्रधान आल इण्डिया ओबीसी आफिसर्स एसोसिएशन, श्री राजेश वर्मा, उप प्रधान, पंजाब बैंक इम्पलाईज़ फैडेरेशन, श्री देवेन्द्र शर्मा, श्री पवन कुमर, सचिव, गवर्न्मैंट एडिड स्कूलज़, श्री नवल छिब्बड़, भूतपूर्व प्रधान बार कांउसिल, लुधियाना, कामरेड रमेश रत्न ने बैठ्क को संबोधित किया । कामरेड प्रवीण मोदगिल, सीनीयर उप प्रधान, एसबीओपी इम्पलाईज़ यूनीयन भी इस अवसर पर उपस्थित रहीं। 

बैठक में बताया गया कि श्री नरेश गौड़ ने वर्ष 2012 में पंजाब विश्वविद्दालय, चंडीगढ़ के सैनेट सदस्य के लिए चुनाव लड़ा था और वह 2012 में चुनाव जीत कर पंजाब विश्वविद्दालय, चंडीगढ़ के सैनेट सदस्य बने । वह निर्विरोध सिंडीकेट चुने गये एंव वह 1 जनवरी 2015 से 31 दिंसबर 2015 बतौर सिंडीकेट रहे । 2012 से वह सिंडीकेट एंव सैनेट सदस्य के तौर पर लगातार विभिन्न स्तर पर कालेज़ प्रंबधकों द्वारा शिक्षकों पर अन्याय, उनके शोषण के विरुध एंव विद्दार्थियों के लिए लड़ रहे हैं ।  इस समय के दौरान बहुत बार उन्होंने विभिन्न परिक्षाओं में पेपरों में कमियों के लिए अपनी आवाज़ उठाई । समय समय पर वह विद्दार्थियों के भलाई के लिए सिंडीकेट एंव सैनेट में अपनी बात रख रहे हैं । सहबद्ध कालेजों की फीस कमेटी के सद्स्य होने के नाते उन्हीं के कड़े विरोध के कारण फीस की बढोतरी बहुत कम हो पाई जोकि पंजाब विश्वविद्दालय, चंडीगढ़ के फैसले के रहते बहुत अधिक होनी तय थी। 

इस साल श्री नरेश गौड़ द्वारा चुनाव लड़ रहे हैं । हम आप सभी से अपील करते हैं कि अपना समर्थन दीजिए, वोट कीजिए एंव श्री गौड़ को सैनेट सदस्य चुनिए ताकि वह एक बार फिर सैनेट सदस्य रह्ते हुए विभिन्न स्तर पर कालेज़ प्रंबधकों द्वारा शिक्षकों पर अन्याय, उनके शोषण के विरुद्ध एंव विद्दार्थियों के लिए अपनी आवाज उठा सकें एंव हर स्तर पर अपनी भविष्य की पीढ़ी की भलाई के लिए लड़ सकें । हम आपको विश्वास दिलाते हैं कि सैनेट सदस्य के तौर पर उनकी प्राथमिकता शिक्षकों, विद्दार्थियों एंव जिस समाज में हम सब रहते हैं, इन सभी की भलाई एंव सुधारों जैसे मुद्दों की रहेगी । 

सभी का धन्याबाद करते हुए कामरेड नरेश गौड़ ने अपने पिछ्ले कई तरह के अनुभव सांझा किए । उन्होंने बताया कि अपने पिछले कार्याकाल में सभी मुद्दों पर उन्होंने न केवल विद्दार्थियों की एवं शिक्षकों की विभिन्न प्रकार की समस्याओं का समाधान किया अपितु उनके आने वाले कल को भी सुरक्षित एंव सुनिशित किया । उन्होंने सभी से अपील की कि आने वाली पीढियों के बारे में सोचना हमारा कर्तव्य है । हम शिक्षा के क्षेत्र में होने बाले अन्याय के खिलाफ आवाज उठायें और इससे बेहतर प्लेट्फार्म हमें नहीं मिल सकता इन सब के विरुद्ध आवाज़ बुलंद करने का । आईये एक बार फिर से मुझे समर्थन दें, वोट करें ताकि मैं अपने दवारा आपकी आवाज़ आगे तक पहुँचा सकूं ।            

बैठक में सभी ने एक स्वर में कहा कि आईये हम सब श्री नरेश गौड़ को समर्थन दें, वोट दें एंव उन्हें चुन कर अपने शिक्षा प्रणाली के स्तर को सुधारने, इसे पारदर्शक बनाने एंव सैनेट में श्री नरेश गौड़ के द्वारा अपनी सभी की आवाज़ बुलंद करें। 

Thursday, August 25, 2016

निगम मुलाज़िमों ने की लुधियाना में राज्य स्तरीय बैठक

अब अधिकारों की जंग होगी और तेज़ 
लुधियाना: 25 अगस्त 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो): 
सीवरेज के बिना ज़िन्दगी की कल्पना मुश्किल है। गटर---सीवरेज--बहुत ही आम सा नाम लेकिन इसे उसी वक़्त गम्भीरता से लिया जाता है जब यह जाम हो जाये। उस वक़्त सीवरेज को खोलने वाला साधारण सा मुलाज़िम बहुत महत्वपूर्ण लगने लगता है। गन्दगी और गैस से भरे  गटर में जब वह उतरता है तो उसके साथ कुछ भी हो सकता है। फेक्ट्री और घरों से कई बार गन्दगी और गर्म पानी उसके सर पर आ कर गिरता है। गैस उसकी सांस के साथ उसके दिमाग को चढ़ती है। कई बार उसकी वहीँ पे मौत हो जाती है और कई बार अस्पताल में पहुँच कर। अगर वह बच भी जाये तो उसके स्वास्थ्य में इतनी गड़बड़ियां पैदा हो जाती हैं जिनकी वजह से कभी भी कोई गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है। इस तरह की ख़बरों को आये दिन अख़बारों में पढ़ कर भी समाज ने कभी उनके लिए गम्भीरता से नहीं सोचा। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर इस तरह के सभी मुद्दों को लेकर राज्य स्तरीय बैठक बुलाई कुछ यूनियन नेतायों ने मिल कर।  तकरीबन सभी ज़िलों से प्रमुख और सक्रिय लोग इस बैठक में शामिल हुए।  इन मुलाज़िमों की ज़िन्दगी की कीमत का अहसास सरकार  और समाज को कैसे हो इस पर विस्तृत विचार विमर्श किया गया। देखिये इस बैठक की एक संक्षिप्त कैमरा रिपोर्ट। 
इस बैठक में लुधियाना से कामरेड विजय कुमार, मोगा से सतपाल अनजान, मोहाली से विनोद कुमार चुघ, लुधियाना के अन्य जोनों से महिपाल, दरोगी, शामलाल और अन्य बहुत से सरगर्म कार्यकर्ता शामिल हुए। 

भारत प्रथम ब्रिक्‍स फिल्‍म महोत्‍सव की मेजबानी करेगा

24-अगस्त-2016 20:36 IST

मलयालम फिल्‍म ‘वीरम’ से होगा इस महोत्‍सव का शुभारंभ होगा 
ब्रिक्‍स फिल्‍म महोत्‍सव सिनेमा, संस्‍कृति एवं व्‍यंजनों के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं तलाशेगा: वेंकैया नायडू 
The Union Minister for Urban Development, Housing & Urban Poverty Alleviation and Information & Broadcasting, Shri M. Venkaiah Naidu addressing the Press Conference on the BRICS Film Festival, in New Delhi on August 24, 2016. The Minister of State for Information & Broadcasting, Col. Rajyavardhan Singh Rathore and the Director General (M&C), Press Information Bureau, Shri A.P. Frank Noronha are also seen
नई  दिल्ली: 24 अगस्त 2016: (पसूका
सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री एम. वेंकैया नायडू ने कहा है कि ब्रिक्‍स फिल्‍म महोत्‍सव के आयोजन का विचार सबसे पहले पिछले ब्रिक्‍स शिखर सम्‍मेलन में उभर कर सामने आया था, जिसमें माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने ब्रिक्‍स फिल्‍म महोत्‍सव और फिल्‍म पुरस्‍कारों का प्रस्‍ताव किया था। जल्‍द ही आयोजित किया जाने वाला यह फिल्‍म महोत्‍सव सदस्‍य देशों के फिल्‍म उद्योग से जुड़े लोगों के लिए एक ऐसा मंच होगा, जिसमें ‘सिनेमा, संस्‍कृति और व्‍यंजनों’ के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं तलाशी जा सकेंगी। इस महोत्‍सव के दौरान फिल्‍म निर्माताओं, अभिनेताओं और निर्देशकों को पुरस्‍कृत कर सिनेमा की उत्‍कृष्‍टता का जश्‍न मनाया जाएगा। मंत्री महोदय ने आज यहां नेशनल मीडिया सेंटर में ब्रिक्‍स फिल्‍म महोत्‍सव के पूर्वालोकन के संबंध में आयोजित संवाददाता सम्‍मेलन के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। इस अवसर पर सूचना एवं प्रसारण राज्‍य मंत्री कर्नल राज्‍यवर्धन 
श्री नायडू ने इस बात का उल्‍लेख किया कि भारत की ब्रिक्‍स अध्‍यक्षता, जिसका शुभारंभ गोवा में 15-16 अक्‍टूबर को होगा, के तहत शिखर सम्‍मेलन की थीम को ध्‍यान में रखते हुए पांच आयामी दृष्टिकोण अपनाया गया है। यह थीम ‘उत्तरदायी, समावेशी और सामूहिक समाधान का निर्माण’ है। पांच आयामी दृष्टिकोण में निम्‍नलिखित शामिल हैं –

*       ब्रिक्‍स संबंधी सहयोग को और गहरा करने, टिकाऊ बनाने एवं संस्‍थागत रूप देने के लिए संस्‍थान का निर्माण करना।



*         पिछले शिखर सम्‍मेलनों में लिए गए निर्णयों पर अमल।

*        वर्तमान सहयोग व्‍यवस्‍थाओं को एकीकृत करना।

*         नवाचार अर्थात नवीन सहयोगात्‍मक व्‍यवस्‍थाएं।

*       निरंतरता अर्थात आपसी सहमति वाली मौजूदा ब्रिक्‍स सहयोगात्‍मक व्‍यवस्‍थाओं को जारी रखना।

इस बारे में विस्‍तृत जानकारी देते हुए श्री नायडू ने कहा कि ब्रिक्‍स फिल्‍म महोत्‍सव एक बॉयोस्कोप होगा, जिसमें सहभागिता करने वाले देशों की विशिष्‍ट संस्‍कृतियों, व्‍यंजनों और कलाओं को दर्शाया जाएगा। ब्रिक्‍स देशों के बीच सहभागिता बढ़ाने एवं सदभाव पैदा करने के उद्देश्‍य से यह महोत्‍सव आयोजित किया जा रहा है, जो सदस्‍य देशों के लोगों विशेषकर युवाओं के बीच और ज्‍यादा संपर्क सुनिश्चित करेगा। इस संदर्भ में मंत्री महोदय ने कहा कि भारत ने इस महोत्‍सव के दौरान अनेक आयोजनों की योजना बनाई है, जिनमें 17 साल से कम आयु के खिलाडि़यों के लिए फुटबॉल टूर्नामेंट, युवा शिखर सम्‍मेलन, युवा राजनयिकों का फोरम और कुछ ब्रिक्‍स देशों के विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई फिल्‍मों की विशेष स्क्रीनिंग शामिल हैं। श्री नायडू ने ब्रिक्‍स फिल्‍म महोत्‍सव के लिए एक पोस्‍टर का भी अनावरण किया।

ब्रिक्स फिल्म महोत्सव नई दिल्ली के सिरीफोर्ट ऑडिटोरियम में 2 सितंबर, 2016 से 6 सितंबर, 2016 तक आयोजित होगा। पांच दिन तक चलने वाले इस महोत्सव में प्रतिस्पर्धा वर्ग में 20 फिल्में दिखाई जाएंगी। सभी देशों से चार फिल्में होंगी। ब्रिक्स के सदस्य देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका की सांस्कृतिक मेल, फिल्म, गीत एवं नृत्य और खान-पान की झलक इन फिल्मों में देखी जा सकेगी। सभी ब्रिक्स राष्ट्रों का मुख्य व्यंजन फूड कोर्ट में उपलब्ध रहेगा। इसका प्रबंधन महोत्सव स्थल पर विशेष रूप से किया गया है। सिरीफोर्ट ऑडिटोरियम परिसर में शिल्प मेले का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें सभी सदस्य देश अपने-अपने यहां के विशिष्ट सामान बेचने के लिए स्टॉल लगाएंगे।
फिल्मों से अलग चेंगदू परफॉर्मिंग आर्ट थिएटर (चीन), थिएटर लेनिनग्राड सेंटर ड्रीम्स ऑफ रशिया और एमबीजेड म्यूजिक प्रोडक्शन (दक्षिण अफ्रीका) के कलाकार भी महोत्सव के दौरान मंच कला का प्रदर्शन करेंगे।
ब्रिक्स फिल्म महोत्सव नई दिल्ली के सिरीफोर्ट ऑडिटोरियम में 2 सितंबर, 2016 से 6 सितंबर, 2016 तक आयोजित होगा। पांच दिन तक चलने वाले इस महोत्सव में प्रतिस्पर्धा वर्ग में 20 फिल्में दिखाई जाएंगी। सभी देशों से चार फिल्में होंगी। ब्रिक्स के सदस्य देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका की सांस्कृतिक मेल, फिल्म, गीत एवं नृत्य और खान-पान की झलक इन फिल्मों में देखी जा सकेगी। सभी ब्रिक्स राष्ट्रों का मुख्य व्यंजन फूड कोर्ट में उपलब्ध रहेगा। इसका प्रबंधन महोत्सव स्थल पर विशेष रूप से किया गया है। सिरीफोर्ट ऑडिटोरियम परिसर में शिल्प मेले का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें सभी सदस्य देश अपने-अपने यहां के विशिष्ट सामान बेचने के लिए स्टॉल लगाएंगे।
फिल्मों से अलग चेंगदू परफॉर्मिंग आर्ट थिएटर (चीन), थिएटर लेनिनग्राड सेंटर ड्रीम्स ऑफ रशिया और एमबीजेड म्यूजिक प्रोडक्शन (दक्षिण अफ्रीका) के कलाकार भी महोत्सव के दौरान मंच कला का प्रदर्शन करेंगे।
भाग ले रहे सभी पांच देशों की प्रतिस्पर्धा वर्ग में दिखाई जाने वाली फिल्में इस तरह हैं:


ब्राजील
रूस
भारत
चीन
दक्षिण अफ्रीका
बिटवीन वैलीज
निर्देशकः फिलीप बारसिंकी
14+
निर्देशकः आंद्रे ज़ेटसीव
बाहुबली -द बिगनिंग
निर्देशकः एस.एस. राजामौली
बुक ऑफ लव
निर्देशकः जीयलो जू
 फ्री स्टेट
निर्देशकः सालास दी जेगर
रोड 47
निर्देशकः विंसेंट फैराज
अबाउट लव
निर्देशकः एना मेलीकिया
बाजीराव मस्तानी
निर्देशकः संजय लीला भंसाली
गो अवे मिस्टर ट्यूमर
निर्देशकः हान यान
कलूशी
निर्देशकः मंडला दूबे
द हिस्ट्री ऑफ एटरनिटी
निर्देशकः केमिलो केवलकेंटे
द बैटल ऑफ सिवास्तोपोल
निर्देशकः सर्गी मोक्ट्जिकाई
सिनेमावाला
निर्देशकः कौशिक गांगुली
सांग्स ऑफ द फोनिक्स
निर्देशकः त्यां मिंग वू
मिसेज राइट गाय
निर्देशकः एडजी उगा
दे विल कम बैक
निर्देशकः मारसेलो लोर्डएलो
वेरी बेस्ट डे
निर्देशकः जोहरा क्रिजोवनीका
तिथि
निर्देशकः राम रेड्डी
जुआन जैंग
निर्देशकः जियांक़ हू
टेस
निर्देशकः मेग रिकर्ड्स
 PIB 

Wednesday, August 24, 2016

शाही इमाम को सदमा, पाकिस्तान में मामा का देहांत

Wed, Aug 24, 2016 at 3:21 PM
जनाज़े में भारत से नहीं जा सका कोई पारिवारिक सदस्य
लुधियाना: 24 अगस्त 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो): 
सत्तर के दशक बात है कामरेड तेजा सिंह स्वतन्त्र अपने एक भाषण में कह रहे थे-आज़ादी आने के बाद भी हम आम नागरिकों के मुकाबले अभी तक तो इन पंक्षियों की हालत अच्छी है जो जहाँ चाहे अपना बसेरा तो बना लेते हैं। वह दिल्ली की निरंकारी कलोनी के पास बनी इंदिरा विकास कलोनी में मई दिवस के अवसर पर बोल रहे थे। यह आयोजन एक ऐसी कलोनी के लोगों की तरफ सिकराय जा रहा था जिन्हें वहां से अवैध कह कर उजाड़ने के लिए आये दिन सबंधित अधिकारी भरी फ़ोर्स लेकर पहुँचते लेकिन मारने मारने पर तैयार लोगों को देख कर लौट जाते। इस कार्यक्रम के आयोजकों में कामरेड परताप सिंह मुसाफिर, डॉक्टर तरलोचन सिंह, उस समय के निडर पंजाबी पत्रकार ज्ञानी अजब सिंह दलेर (विश्व एकता) और ट्रांसपोर्टर निशान सिंह भी उस समय मौजूद थे। आज इस कार्यक्रम की याद आयी है पाकिस्तान से आयी एक दुखद खबर के कारण। मामा की मौत लेकिन जनाज़े में शामिल होना नामुंमकिन क्योंकि वीज़ा में ही काम से काम  लगेगा। आपसी सम्बन्धों में यह कैसा विकास हुआ है कि सुख तो दूर दुःख बांटना भी अब सम्भव नहीं रहा। यह सब कुछ हुआ है शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी के साथ। 
उनके मामा मौलाना अहमद सईद लुधियानवी (75) का लाहौर में निधन हो गया। उनका जन्म 27 दिसंबर 1941 को लुधियाना में हुआ था। पाकिस्तान की सियासत में मौलाना अहमद सईद लुधियानवी का नाम हमेशा ही बुलंद रहा है। उनको बब्बर शेर के नाम से जाना जाता था। उन्होनें हमेशा ही सरकार और पार्टी में गरीबों की मदद करते हुए विपक्ष की भूमिका निभाई। मौलाना के देहांत पर शाही इमाम पंजाब ने गहरा दु:ख प्रकट करते हुए आज जामा मस्जिद लुधियाना में उनकी मगफिरत के लिए विशेष तौर पर दुआ करवाई। हिन्द-पाक सरकारों के खराब संबधों की वजह से भारत से परिवार का कोई भी सदस्य लाहौर जनाजे में शामिल होने के लिए नहीं जा सका, क्योंकि वीजा प्रक्रिया के लिए एक महीने का समय रखा गया है। शाही इमाम ने कहा कि भारत और पाकिस्तान में लाखों ऐसे परिवार है जो कि खुशी तो दूर  की बात गम के मौके पर भी एक दूसरे के पास नहीं पहुंच सकते। क्या बीतती होगी इन लाखों परिवारों पर जो अंतिम यात्रा में भी  से वंचित रह जाते हैं। क्या आतंक की सज़ा इन बेक़सूर परिवारों को भुगतनी होगी। 

जानिए क्यों मना रहे हैं नामधारी बड़े पैमाने पर जन्माष्टमी का मेला

क्या यह जंग का ऐलान है माता चंद कौर के हत्यारों के खिलाफ?
लुधियाना: 23 अगस्त 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
जब भगवान कृष्ण का जन्म हुआ उस समय मां देवकी और पिता वासुदेव कारागार में था। भगवान कृष्ण का जन्म उस भविष्वाणी के सच होने का ज़बरदस्त संकेत था जिसके अंतर्गत कहा जाता है--जब-जब इस पृथ्वी पर असुर एवं राक्षसों के पापों का आतंक व्याप्त होता है तब-तब भगवान विष्णु किसी न किसी रूप में अवतरित होकर पृथ्वी के भार को कम करते हैं। हालात का दुखद संयोग देखिये। मां देवकी को अगर कारागार में डाला गया था तो इधर नामधारी सम्प्रदाय की माता चंद कौर को दिन दिहाड़े भैणी साहिब जैसी किलेबन्द सुरक्षा में गोलियों से भून दिया गया। अभी तक हत्यारों का पता नहीं चला। रोष प्रदर्शन हुए, धरने दिए गए, ज्ञापन दिए गए लेकिन जांच आगे नहीं सरकी। इस हालात में नामधारी सम्प्रदाय के एक प्रभावशाली गुट की तरफ से जन्माष्टमीका मेला बहुत गहरे संकेत दे रहा है। क्या किसी कंस के वध का ऐलान तो नहीं होने वाला?
नामधारी संगत भगवान श्री कृष्ण चंद्र जी के प्रकाश पर्व के संबंध में हिंदू सिक्ख एकता को समर्पित विशाल कार्यक्रम 28 अगस्त को न्यू दाना मंडी नजदीक बाईपास में करवा रही है। यह सारा आयोजन सतगुरु ठाकुर दिलीप सिंह जी की हजूरी में होगा। ठाकुर दलीप सिंह की तरफ से कुम्भ के मेले में बिना किसी सुरक्षा के आम श्रद्धालु की तरह जाना, गोविन्द गौधाम में जा कर नतमस्तक होना, समाज के सभी वर्गों को एकजुट होने का सन्देश देना और उन लोगों के गले लगाना जिनको समाज अछूत, गरीब और पिछड़ा हुआ मानता है--वास्तव में एक क्रांति के आरम्भ की घोषणा महसूस होती है। 
गद्दी और जायदाद छोड़ कर हर पल संगत के साथ हरिचर्चा में बिताना उनके त्याग को भी दर्शा रहा है और भविष्य की रणनीति को भी। गौरतलब है कि ठाकुर दलीप सिंह जी के समर्थकों के पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि सतिगुरु जगजीत सिंह जी ने गद्दी वास्तव में किसको सौंपी थी। जिस व्यक्ति को सतिगुरु जगजीत सिंह जी ने अपना शरीर छोड़ने  नारियल और अन्य आवश्यक सन्देश दिया था वह व्यक्ति अभी मौजूद है। अगर संगत ने ज़ोर दिया तो उसे भी सभी के सामने लाया जा सकता है। नामधारी सम्प्रदाय को गुरु नानक के झंडे तले लाना भी उनकी दूरअन्देशी को बताता है। उनका नारा बहुत अर्थपूर्ण है--
गुरु नानक दे सिख हां;
असीं सारे इक हाँ। 
इसके साथ एक और नारा है--
पन्थ पाड़ना पाप है;
एकता विच प्रताप है। 
इसी बीच प्रमुख सिख नेतायों के साथ उनकी मुलाकातें भी बहुत गहरा इशारा दे रही हैं। इन नारों के बाद अब जन्माष्टमी मनाने का ऐलान इस एकता को सिर्फ सिखों तक नहीं बल्कि समाज के सभी वर्गों तक लेकर जाने का संकेत भी है। इस कार्यक्रम में नामधारियों के साथ साथ बहुत से गैर नामधारी समर्थक भी बढ़ चढ़ कर शामिल हो सकते हैं क्योंकि समाज को जोड़ने के इस अभियान को बहुत से संगठनों ने सहयोग और समर्थन दिया है। 
समागम की जानकारी देते हुए नामधारी दरबार के सेक्रेटरी संत नवतेज सिंह नामधारी ने बताया कि श्री ठाकुर दिलीप सिंह जी की अध्यक्षता में करवाये जा रहे समागम नामधारी संप्रदाय के लिए पहल है। उन्होंनें बताया कि इस तरह के समागम करवाने से आपसी प्यार बढ़ता है। वही नामधारी संगत लुधियाना के प्रधान हरभजन सिंह ने बताया कि इस समागम को लेकर संगतों में काफी उत्साह है। समागम में नामधारी पंथ के उच्च कोटि के विद्यवान जत्थेदार शामिल होंगे। इस मौके पर दर्शन सिंह, हरविंदर सिंह नामधारी, बलविंदर सिंह दुगरी, डॉ सुखदेव सिंह, गुरमेल बराड़, जसविंदर सिंह बग्गा, गुरदीप सिंह, जसवंत सिंह, जसवंत सोनू, निर्मल सिंह, राजवंत सिंह, मिल्खा, सिंह, जसपाल सिंह, सुरजीत सिंह, अरविदंर लाडी मौजूद रहे। अब देखना है कि इस कार्यक्रम के बाद नामधारी सम्प्रदाय की अगली रणनीति क्या होगी क्योंकि अभी तो त्योहारी सीज़न की शुरुआत ही हुई है।  

Tuesday, August 23, 2016

LIC ने किया मेघावी छात्रों को सम्मानित

लुधियाना के टैगोर पब्लिक स्कूल में हुआ विशेष आयोजन 
लुधियाना: 23 अगस्त 2016: (पुष्पिंदर कौर//पंजाब स्क्रीन):
जनाब कृष्ण बिहारी नूर कहते हैं--
ज़िन्दगी से बड़ी सज़ा ही नहीं;
और क्या जुर्म है पता ही नहीं। 
पढ़ लिख कर बेरोज़गारी की तरफ बढ़ते युवा,  नौकरी नहीं मिलने पर खुदकुशियां करते युवा, पैसे के लिए जुर्म की दुनिया में जाते युवा---सिथति बहुत भयानक है। कोई न देखना चाहे तो बात अलग। इस हालत को बदलने के लिए आगे आया है एल आई सी अर्थात भारतीय जीवन बीमा निगम। सुरक्षित भविष्य और साफ सुथरे रोज़गार के अवसर ले कर। त्योहारों के मौसम की शुरुआत एल आई सी ने लुधियाना के अगर नगर में स्थित टैगोर पब्लिक स्कूल से की। हर क्लास में टॉपर रहने वाले दस दस बच्चों को टॉफी दे कर सम्मानित किया। वास्तव में यह ट्राफी एक आश्वासन थी, एक वायदा था, एक संकल्प कि हम आपका भविष्य सुंदर और सुरक्षित बनाएंगे। समाज के साथ दोस्ती निभाने का यह अंदाज़ शायद एल आई सी को ही आता है। यह कार्यक्रम याद दिला रहा था कि जब तक स्कूल, कालेज और यूनिवर्सिटी की शिक्षा पूरी होती है तब तक ज़िन्दगी के सवाल बदल जाते हैं, चुनौतियाँ बदल जाती हैं, इम्तिहान बदल जाते हैं-यहाँ तक कि पूरे हालात ही बदल जाते हैं। उस वक़्त अगर संकट की घड़ी आ जाये तो  उस कहावत की हकीकत समझ आने लगती है कि बाप बड़ा न भैया सबसे बड़ा रुपैया। ज़िन्दगी में कभी भी ऐसी घड़ी न आये जब रुपये को ही सब कुछ समझना पड़े इसके लिए आज भारतीय जीवन बीमा निगम ने भविष्य की सुरक्षा का सन्देश इस स्कूल में आकर भी दिया। इस अवसर पर एल आई सी ने हर कक्षा में टॉपर रहने वाले छात्र-छात्रायों को ट्राफियां भी दीं तांकि उनमें सुरक्षित भविष्य के निर्माण का  विश्वास  हमेशा बना रहे। इस मौके पर एल आई सी के एस के बांसल, सुनील कुमार, एम के कौशिक सहित  अधिकारी और सक्रिय सदस्य भी मौजूद रहे। 
कार्यक्रम के अंत में स्कूल की प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष सुनील गोयल और प्रिंसिपल सुश्री डी. नारंग ने इस आयोजन की तारीफ़ करते हुए एल आई सी का आभार  व्यक्त किया  और एल आई सी की टीम को धन्यवाद भी दिया। 
अब देखना है कि और कितने  सामाजिक और वित्तीय संगठन छात्र-छात्रायों की आर्थिक रीढ़ को मजबूत करने और सुरक्षित वित्तीय भविष्य के लिए आगे आते हैं ! नौकरियों की चाह में तेज़ होती भागदौड़ और असफल होने पर मिलती निराश के अँधेरे को चीरते हुए अपने पैरों पर खड़ा होने की  रौशनी दिखता एल आई सी तेज़ी से समाज के नव निर्माण में आगे बढ़ रहा है। 

Chandigarh: नरेश अरोड़ा ने शुरू किया महासंपर्क अभियान

2016-08-22 17:23 GMT+05:30
मकसद केंद्रीय योजनायों की जानकारी को जन जन तक पहुंचाना 
चंडीगढ़: 22 अगस्त 2016: (पुष्पिंदर कौर//पंजाब स्क्रीन):
जिस बात को  कांग्रेस पार्टी, अकाली दल और "आप" की लीडरशिप अक्सर नज़रअंदाज़ करती रही है और अब भी कर रही है उसे भारतीय जनता पार्टी ने गम्भीरता से महत्व देना शुरू किया है। भाजपा की विचारधारा और नीतियों से जुड़े पुराने सहयोगीयों को एक बार फिर और निकट लाने का सिलसिला शुरू किया गया है।  भाजपा समर्थक पुराने सहयोगियों के साथ सम्बन्ध और अंतरंग बनाने का यह ज़ोरदार प्रयास निकट भविष्य में रंग भी लाएगा।

आज चंडीगढ़ भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश अरोड़ा ने 4 नंबर कॉलोनी फेज-1 से महासंपर्क अभियान शुरू किया। जिसके अंतर्गत वह कॉलोनी में अपने पुराने सहयोगियों के साथ अनेक परिवारों से मिले।
नरेश अरोड़ा ने बताया की इस महासंपर्क अभियान का उदेश्य केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा चलायी जा रही सारी योजनाओ की जानकारी जन जन तक पहुंचाना है ताकि हर जरूरतमंद इन योजनाओं का लाभ उठा सके। यह कार्यक्रम अब निरंतर जारी रहेगा और युवा मोर्चा के कार्यकर्ता घर घर जा कर और नुक्कड़ बैठकों के माध्यम से लोगो को सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगे। 
गौरतलब है कि पंजाब प्रदेश कांग्रेस पंजाब यह कदम उठेने में नाकाम रही और आम जनता को  चल पाया था कि उन तक फायदा केंद्र की मनमोहन सरकार  या पंजाब की बादल सरकार। भाजपा इस मामले में सतर्क है और आम लोगों तक मोदी सरकार की नीतियों और फायदों को पहुँचाने में सरगर्म है। इनमें पहल  दी जा रही है उन लोगों को जो माध्यम वर्गीय हैं, मेहनत मज़दूरी करके दो वक़्त की रोटी हैं और बढ़ती हुई महंगाई से बुरी तरह आहत हैं। निश्चय ही यह कदम भाजपा को अकाली दल एक नया मज़बूत आधार देगा  क्योंकि अकाली दल के नेतायों का सम्पर्क अब अक्सर अमीर अकालियों से ही  होता है।