Monday, October 02, 2017

पत्रकारों की हत्या और बढ़ रही असुरक्षा के विरोध में मौन व्रत

इस बार भी खुल कर सामने नहीं आया मीडिया 
लुधियाना: 2 अक्तूबर 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::

देश में हो रही पत्रकारों की हत्याओं और पत्रकारों की मिल रही धमकियों के विरोध में रोष प्रकट करने के लिए प्रैस क्लब आॅफ इंडिया के आह्वान पर आज गांधी जयंती के मौके पर लुधियाना में मौन धारण कर पूरे देश के पत्रकारों के साथ एकजुटता का प्रदर्शन किया गया। लुधियाना के भाईवाला चैक स्थित चुनिंदा पत्रकारों, लेखकों, अध्यापकों एवं समाज सेवकों ने एकजुट हो कर इस सिलसिलो को बंद करवाने और देश में पत्रकारों की सुरक्षा पुख़्ता करने की मांग की गई।

प्रातः ठीक साढ़े ग्यारह बजे लुधियाना के भाईवाला चैक स्थित शहीद करतार सिंह सराभा पार्क फिरोज़पुर गांधी मार्केट में मौन व्रत की शुरूआत हुई, जिस में वरिष्ठ पत्रकार सुरजीत भगत, परमेश्वर सिंह, राज जोशी, रैक्टर कथूरिया के साथ पत्रकार दीप जगदीप सिंह, जसप्रीत सिंह, स्कूल टीवी के संचालक प्रो. संतोख सिंह, अध्यापक परमजीत कौर, दविंदर सिंह, कवियत्री सुकृति भारद्धाज, समाज सेवी एवं कला प्रेमी ललित सूद ने शिरक्त की। कुल दस मिनट के रोष प्रदर्शन में पहले पांच मिनट मौन व्रत रखा गया। उसके बाद पूरी दुनिया में पत्रकारों की सुरक्षा की स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए ज़ोरदार टाइम्स डाॅट काॅम के संपादक, पत्रकार एवं लेखक दीप जगदीप सिंह ने बताया कि पत्रकारों की सुरक्षा के लिए काम कर रही अंतरराष्ट्रीय शोध संस्था रिपोर्टर्ज़ विदाऊट बाॅडर्ज़ के ताज़ा आंकड़ों की मुताबिक स्वतंत्र मीडिया के मामले में भारत 180 देशों में से पिछले साल के 133वें पायदान से खिसक कर 136वें पायदान पर चला गया है। इसके साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा के मामले में भारत ईराक और सीरीया के बाद तीसरे स्थान पर है जबकि पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान भी उस के बाद आते हैं। पत्रकारों के खि़लाफ़ गाली-गलौच और धमकाने के मामले में भारत 18वें पायदान पर है। ऐसे माहौल में देश के अंदर काम कर रहे पत्रकारों के लिए जंग जैसे माहौल में काम करने की स्थिति बनी हुई है। हैरानी की बात यह है कि सितंबर माह में ही देश में हुई विभिन्न घटनाओं में तीन पत्रकार गौर लंकेश (बंगलौर), शांतनु भौमिक (त्रिपुरा) और केजे सिंह (मोहाली) की हत्या हो चुकी है। यही नहीं पिछले दो सप्ताह में दिल्ली-एनसीआर में 4 पत्रकारों ने वाॅटस ऐप पर धमकियां मिलने की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई है। अफ़सोस की बात यह है कि करीब दो दशकों से पत्रकारों की हत्याओं और धमकाने का सिलसिला चल रहा है लेकिन आज तक किसी भी मामले में दोषियों को सज़ा नहीं मिल पाई है। दीप जगदीप सिंह ने इंटरनेशनल जर्नलिस्ट फ़ैडरेशन के बयान का हवाला देते हुए कहा कि जब तक ऐसे मामलों में तेज़ी से कार्यावाही नहीं होती और दोषियों की सख़्त सज़ाएं नहीं दी जाती तब तक यह सिलसिला रुकने के आसार नज़र नहीं आ रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि प्रैस क्लब आॅफ इंडिया ने आज राष्ट्रीय स्तर के शांतमई मूक प्रदर्शन के द्वारा केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की है कि पत्रकारों को मिल रही धमकियों और हत्याओं के मामलों में दोषियों की तुरंत पहचान की जानी चाहिए और उनके खि़लाफ कानूनी कार्यवाही की जानी चाहिए। राज्य सरकारों से मांग की गई है कि पत्रकारों को पेशेवर, सामाजिक और स्वास्थय सुरक्षा प्रदान करने के लिए पत्रकार भलाई फंड स्थापित किया जाए। सोशल मीडिया पर पत्रकारों को मिलने वाली धमकियों और महिला पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार को रोकने के लिए आवश्यक ढांचा विकसित किया जाए और दोषियों की पहचान कर तुरंत कानूनी कार्यवाही की जाए। इस मौके पर उपस्थित सभी ने इस बात का समर्थन किया कि अपनी सुरक्षा के बारे में पत्रकारों को ख़ुद सचेत होना होगा और अपने सभी मतभेद भुला कर एकजुट होना होगा। इस बारे में सुझाव देते हुए दीप जगदीप सिंह ने कहा कि चाहे लुधियाना में विभिन्न पत्रकार संगठन हैं जो अपने-अपने ढंग से बढ़िया काम कर रहे हैं, लेकिन सभी संगठनों के प्रतिनिधियों को लेकर एक संयुक्त तालमेल कमेटी गठित करनी चाहिए ताकि पत्रकारों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर एकजुटता का माहौल तैयार किया जा सके और आने वाले समय मे संयुक्त कार्यवाही का कार्यक्रम बनाया जा सके।
इस मौके पर अपने विचार देते हुए स्क्ूल टीवी के संचालक प्रो. संतोख सिंह ने कहा कि देश में बोलने की आज़ादी पर दो तरह के ख़तरा मंडरा रहा है एक तरफ एक ख़ास विचारधारा के तहत लेखकों और पत्रकारों की योजनाबद्ध तरीके से हत्याएं की जा रही हैं और दूसरी तरफ़ विभिन्न विवादित मामलों की कवरेज के दौरान भड़की हुई भीड़ द्वारा पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है। यह दोनो तरह के चलन लोकतंत्र में विचारों की अभिव्यक्ति के सिद्धांत को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस लिए हर किस्म के अलोकतांत्रिक चलन का विरोध करना और उनके खि़लाफ़ एकजुट होकर संयुक्त रूप से आवाज़ बुलंद करना आवश्यक है। कवित्री सुकृति भारद्वाज ने कहा कि वह पत्रकारों और लेखकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और इस कदम में उनके साथ हैं। वह इन मामलों पर अपनी कलम के ज़रिए लोगों में जागरुकता फैलाने का प्रयास करेंगी और मानव अधिकारों के लिए जो भी कार्य किए जाएंगे उन में भागीदारी निभाएंगी। अध्यापिका परमजीत कौर और अध्यापक दविंदर सिंह ने कहा कि स्कूल स्तर पर ही बच्चों को विचारों की अभिव्यक्ति की आज़ादी के बारे में जागरुक करना चाहिए ता कि आगे चल कर एक दूसरे के विचारों से असहमत होने पर भी एक दूसरे को अपनी बात कहने देने वाला स्वभाव विकसित किया जा सके।
वरिष्ठ पत्रकारों सुरजीत भगत, परमेश्वर सिंह और राज जोशी ने उपरोक्त विचारों की प्रोढ़ता करते हुए पत्रकारों की सुरक्षा के मामले में बढ़ रहे ख़तरों पर चिंता प्रकट की और हर तरह का सहयोग देने का वादा किया।

Sunday, October 01, 2017

यौमे आशूरा का दिन बड़ी ही बरकतों और रहमतों वाला है

Sun, Oct 1, 2017 at 2:49 PM
10 मुहर्रम यौमे आशूरा के दिन ही कयामत आयेगी
लुधियाना: 1 अक्तूबर 2017:(पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
आज यहां पंजाब की इतिहासिक जामा मस्जिद लुधियाना में 10 मुर्हरम यौमे आशूरा के मौके पर एक धार्मिक समारोह का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब-उर-रहमान सानी लुधियानवी ने की। समारोह की शुरूआत करते हुए कारी मोहतरम साहिब ने पवित्र कुरान शरीफ की तिलावत की और गुलाम हसन कैसर, हसन नसीरावादी ने अपना नातिया कलाम पेश किया। 
इस मौके पर पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने मुसलमानों को संबेाधित करते हुए कहा कि करबला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन शहीद ने इंसानियत को जालिमों के खिलाफ हक की आवाज बुलंद करने का वो सबक दिया है जिसे रहती दुनिया तक याद किया जाता रहेगा। 
शाही इमाम ने कहा कि आज आशूरा का दिन बड़ी ही बरकतों और रहमतों वाला दिन है। उन्होंने कहा कि आज के दिन रोजा रखना अल्लाह के रसूल हजरत मुहम्मद साहिब (स.) की सुन्नत है। उन्होंने कहा कि आज का दिन हमें ज्यादा से ज्यादा इबादत में लगाना चाहिए। शाही इमाम ने कहा कि जो लोग यह समझते हैं कि सिर्फ दान देकर वह रब को राजी करना चाहते हैं तो वह गलत सोचते हैं। दान देने से पहले अपने कर्म अल्लाह के हुकम अनुसार करने होंगे। 
शाही इमाम पंजाब ने कहा कि यौमे आशूरा के दिन ही अल्लाह पाक ने जमीन, आसमान, हवा, पानी, इंसान और हर चीज को बनाया और 10 मुहर्रम यौमे आशूरा के दिन ही कयामत आयेगी। शाही इमाम ने कहा कि आज के दिन हमें अपने घरवालों पर दिल खोलकर खर्च करना चाहिए और इस दिन गरीबों की मदद भी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भी मुसलमान किसी यतीम को अच्छा खाना खिलाता है, अच्छे कपड़े पहनाता है और बाद में उसी यतीम के सिर पर प्यार से हाथ फेरता है तो जितने भी बाल उस हाथ के नीचे से निकलेंगे अल्लाह पाक उसको हर बाल के बदले में नेकियां देते हैं। 
उन्होंने कहा कि करबला के मैदान में जो कुछ भी हुआ, उससे नौजवान नस्ल को सबक लेना चाहिए। शाही इमाम ने कहा कि हमारे बच्चों को यह जानकारी होनी चाहिए कि इस्लाम धर्म के लिए हजरत इमाम हुसैन (रजि.) ने कैसी-कैसी कुर्बानियां दी हैं। उन्होंने कहा कि जो कौमे अपने शहीदों को भूल जाया करती हैं, उनका बजूद खत्म हो जाया करता है। शाही इमाम ने कहा कि मुसलमान इस बात को अच्छी तरह समझ लें कि करबला के शहीदों की कुर्बानियों को कभी भी भूलाया नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन (रजि.) का दर्जा बहुत बड़ा है इमाम हुसैन (रजि.) हजरत मुहम्मद साहिब (स.) के नवासे हैं और हजरत मुहम्मद साहिब (स.) को इनसे बहुत प्यार था। उन्होंने कहा कि शहीद सब के होते, वो कौम का सरमाया होते हैं, उन्हें बांटा नहीं जा सकता। शाही इमाम मौलाना हबीब-उर-रहमान ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन (रजि.) ने करबला के मैदान से जो शिक्षा हमें दी है, उस पर अमल करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हक की आवाज बुलंद करने वाले, जालिमों के खिलाफ आवाज उठाने वाले ही इमाम हुसैन (रजि.) के सच्चे आशिक हैं। 
शाही इमाम ने कहा कि आज यौमे आशूरा का दिन जहां हमें हजरत इमाम हुसैन (रजि.) की कर्बुानियों से सबक देता है, वहीं अपने देश के प्रति भी कुर्बानी देने की प्रेरणा देता है। इस मौके पर शाही इमाम पंजाब ने देश में आपसी भाईचारे और अमन शांति के लिए दुआ भी करवाई।
इस मौके कारी अलताफ-उर-रहमान लुधियानवी, कारी मुहम्मद मौहतरम सहारनपुरी, मौलाना अतीक-उर-रहमान फैजाबादी, नायब शाही इमाम पंजाब मौलाना उसमान रहमानी, मुफ्ती मुहम्मद जमालुद्दीन, मौलाना कारी मुहम्मद इब्राहिम, अंजुम असगर, तनवीर खान, शाकिर आलम, मुहम्मद खालिद, परवेज आलम व शाही इमाम के सचिव मुहम्मद मुस्तकीम आदि विशेष रूप से उपस्थित थे।

लुधियाना पुलिस ने ढूंढ निकाला दो दिन से लापता हुआ बच्चा

6 नम्बर डिवीज़न की पुलिस ने दिखाया कमाल 
लुधियाना: 30 सितंबर 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
बच्चा मानसिक तौर पर कमज़ोर हो, उस पर गूंगा बहरा भी हो तो अंदाज़ा लगयाइये कि उसके गुम हो जाने पर परिवार के मन पर क्या गुज़रती है। जब लुधियाना का गोलू गुम हुआ तो परिवार की हालत बेहद बिगड़ गई। दशहरे का त्यौहार बेरंग हो रहा था। परिवार को समझ नहीं आ रहा था कि गोलू की तलाश कहां करें। 
आखिर इसकी सूचना पुलिस को दी गयी और इस सूचना के बाद शुरू हुआ पुलिस का काम। पुलिस ने अपने तरीके से गोलू का सभी जगह पता लगाया लेकिन उसका कुछ पता न चला। परेशानी बढ़ रही थी लेकिन पुलिस की मेहनत रंग लायी। 
गोलू नाम का 10 साल का बच्चा पिछले दो दिनों से गुम था जिसका कोई पता नहीं च रहा था। इस बच्चे के परिवार वाले रो रो कर बेहाल थे। इसको 6 नंबर डिवीज़न की पुलिस ने ढूंढकर पिता के हवाले कर दिया।  गोलू के पिता सतिंदर राम ने बताया के उनका बच्चा मानसिक तौर पर कमजोर है और उसको ना तो सुनता है और ना वह बोल सकता है। वह दो दिन से शहीद भगत सिंह कॉलोनी से गुम  था और आज बच्चे के मिलने पर परिवार के लोग बहुत ही खुश हैं।  इस  के साथ ही साथ परिवार के लोगों ने पंजाब पुलिस का धन्यवाद भी किया।  यह 
जानकारी देते हुए मुंशी महिंदर पाल ने बताया के उनका परिवार पीछे से बिहार के रहने वाले हैं। की बरसों से लुधियाना में यहां शेरपुर में रहे हैं। इस बच्चे के लिए पूरे लुधियाना में पिछले दो दिन से वायरलेस की जा रही थी। इसी वायरलेस के जादू ने कमाल दिखाया और गोलू का पता चल गया। 
इसका और विवरण थाना 6 नंबर डिवीज़न के मुंशी महिंदर पाल से लिया जा सकता है। उनका मोबाइल नंबर है 7837018906

Wednesday, September 27, 2017

LIC ने किया लुधियाना में रंगला पंजाब का आयोजन

गुरु नानक भवन में बांधा रंगारंग आयोजन ने संगीतमय समय 
लुधियाना: 27 सितंबर 2017: (पंजाब स्क्रीन टीम):: More Pics on Facebook
जब सियासत और समाज में छुपे तमाशबीन लोगों ने देश और पंजाब की अर्थव्यवस्था को तबाह करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी उस समय जीवन बीमा निगम आम लोगों के साथ मध्यवर्गीय लोगों के भविष्य की सुरक्षा में लगा था। इस को चिंता थी कि कहीं ऐसा न हो कि किसी बीमा धारक को बहुत सख्त ज़रूरत हो--हर तरफ से जवाब मिल चुका हो उस समय हम भी उसे भूल जाएँ। हर बार LIC उस समय काम आता रहा जब ज़रूरतमंद को हर तरफ अँधेरा महसूस होता। कुछ मामलों में गड़बड़ियां भी हुईं लेकिन ज़्यादातर मामलों में LIC ने अपनी कर्तव्य परायणता का सबूत दिया। आज उसी ख़ुशी का इज़हार किया गया लुधियाना के गुरु नानक भवन की स्टेज पर। रंगला पंजाब एक यादगारी आयोजन रहा। 
भारतीय जीवन बीमा निगम के हीरक जयंती वर्ष को उत्साह पूर्वक मनाते हुये लुधियाना मण्डल ने आज गुरु नानक भवन लुधियाना में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम रंगला पंजाब का आयोजन किया । इस भव्य प्रोग्राम का शुभारंभ लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर श्री प्रदीप अग्रवाल ने अपने कर कमलों से किया । इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुतकर्ताओं ने देश भक्ति के गीतों के साथ-साथ पंजाब के लोक नाच गिद्दा व भंगरा से दर्शकों का मन मोह लिया । मुख्य अतिथि श्री प्रदीप अग्रवाल जी ने भारतीय जीवन बीमा निगम की राष्ट्रनिर्माण में भूमिका की सराहना करते हुए अच्छा प्रदर्शन करने वाले एजेन्टों व शाखा विक्रय वाहिनी के सदस्यों सम्मान भी किया। More Pics on Facebook

रंगा-रंग प्रोग्राम के शुभ-अवसर पर लुधियाना मण्डल के वरिष्ठ मण्डल प्रबन्धक श्री एल. सी. पिपिल ने बताया भारतीय जीवन बीमा निगम ने पॉलिसीधारकों व राष्ट्र की सेवा करते हुये 61 गौरवपूर्ण वर्ष पूर्ण कर लिया है । जीवन बीमा का संदेश देश के हर कोने में पहुचाने तथा लोगों का पैसा लोगों के भलाई में लगाने के लिए भारतीय जीवन बीमा निगम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

प्रैस विज्ञप्ति जारी करते हुये उन्होने बताया कि पिछले 17 वर्षो से जीवन बीमा के क्षेत्र मे प्राईवेट कंपनियों के आने के बावजूद भी भारतीय जीवन बीमा निगम ने मार्केट शेयर नई पॉलिसियाँ में 76% एवं कुल प्रीमियम आमदन में 71% रखते हुए अपना पहला स्थान कायम रखा हुया है । आज भारतीय जीवन बीमा निगम के पास 29 करोड़ से अधिक पॉलिसीधारक होने के साथ-साथ 23 लाख करोड़ से भी अधिक लाइफ फ़ंड एवं 25 लाख करोड़ की परिसंपत्तियाँ भी हैं । उन्होने बताया कि वित्तीय वर्ष 2016-17 में भारतीय जीवन बीमा निगम ने 1,12,700-41 करोड़ रुपये के 215.58 लाख दावों का भुगतान कर के एक इतिहास बनाया है। 99.63% मृत्यु दावों का भुगतान सूचना मिलने के 15 दिनों के अंदर किया गया है। भारतीय जीवन बीमा निगम ने अपने पॉलिसी धारकों को बेहतर सेवा प्रदान करने हेतु सूचना प्रोधौयोगिकी का अधिकतम उपयोग किया है। भारत में सब से बड़ा बीमा उद्योग होने के कारण भारतीय जीवन बीमा निगम ने हमेशा उच्च तकनीक को अपनाते हुए अपने पॉलिसी धारकों को बेहतर सेवा प्रदान कर रहा है।

Friday, September 15, 2017

एसपीएस हॉस्पिटल कराएगा 30 सितंबर को "दिल की दौड़"

Fri, Sep 15, 2017 at 1:57 PM
मकसद लोगों के दिल की सेहत का सुधार 
लुधियाना: 15 सितम्बर 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
सतगुरू प्रताप सिंह (एसपीएस) हॉस्पिटल की ओर से वल्र्ड हार्ट डे के उपलक्ष्य में 30 सितंबर को दिल की दौड़ नाम से मिनी मैराथन का आयोजन किया जाएगा। गुरू नानक देव स्टेडियम से शुरू होने वाली इस मिनी मैराथन के लिए आज से रजिस्ट्रेशन शुरू कर दी गई हैं।
शुक्रवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान हॉस्पिटल के एमडी जुगदीप सिंह ने बताया कि लुधियाना और पंजाब के लोगों को हेल्दी लाइफ का संदेश देने के लिए एसपीएस हॉस्पिटल की ओर से 10 किलोमीटर लंबी चौड़ी दौड़ का आयोजन किया जा रहा है। हर साल वल्र्ड हार्ट डे के आसपास यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। ताकि लोगों को बचाव इलाज से बेहतर है का संदेश देकर सेहतमंद रहने को प्रेरित किया जा सके।
हॉस्पिटल के डायरेक्टर जय सिंह ने बताया कि मिनी मैराथन के साथ ही एथलीटों को 400 मीटर व 800 मीटर की जैवलिन और शॉटपुट थ्रो का आयोजन भी होगा। ताकि शहर व पंजाब के एथलीटों को एक अच्छा मौका दिया जा सके। सीओओ डॉ. अजय अंगरीश ने कहा कि सोसायटी व संगठनों के सहयोग से यह कार्यक्रम और भी ज्यादा बेहतर हो जाता है। पिछले तीन सालों से हमें लोगों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। इसी कारण हम लोग हर साल हेल्थ से संबंधित कार्यक्रम आयोजित कर पाते हैं।
सीनियर मार्केटिंग मैनेजर तेजदीप सिंह रंधावा ने बताया कि यह दौड़ 10 व 5 किलोमीटर के लिए होगी। दोनों दौड़ 30 सितंबर को सुबह 6 बजे गुरू नानक देव स्टेडियम से शुरू होगी। इसमें हिस्सा लेने के इच्छुक एथलीट एसपीएस हॉस्पिटल, शेरपुर चौक, एसपीएस डायलसिस सेंटर, मॉडल टाऊन व फव्वारा चौक के पास पैवेलियन माल के साथ-साथ 222.ह्यश्चह्य१०द्म.ष्शद्व पर भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इस मौके पर मार्केटिंग मैनेजर गुरदर्शन सिंह मांगट भी मौजूद रहे।

Tuesday, September 12, 2017

रोहंगिया मुसलमानों का कत्लेआम सहन नहीं किया जाएगा:शाही इमाम

Tue, Sep 12, 2017 at 2:45 PM
लुधियाना में एक लाख से अधिक मुसलमानों का रोष प्रदर्शन
लुधियाना: 12 सितंबर 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
बीते कई सप्ताह से म्यामार वर्मा में रोहंगिया मुसलमानों पर वहां की सरकार द्धारा किए जा रहे अमानवीय अत्याचारों के खिलाफ आज यहां पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी के आहवान पर शहर के एक लाख से अधिक मुसलमानों ने फील्ड गंज चौक स्थित जामा मस्जिद से डिप्टी कमिश्नर दफ्तर तक रोष मार्च निकाला और भारत के राष्ट्रपति माननीय श्री राम नाथ कोविंद के नाम डिप्टी कमिश्नर को ज्ञापन दिया। गौरतलब है कि आज सुबह से ही लुधियाना के विभिन्न इलाकों से हजारों की संख्या में मुसलमान जामा मस्जिद पहुंचना शुरु हो गए थे। प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथ में ज्यादातर अंग्रेजी भाषा में लिखे पोस्टर उठा रखे थे जिन पर रोहंगिया मुसलमानों के नरसंहार को रोकने के साथ-साथ म्यामार की स्टेट कौंसलर व नोबल पुरस्कार प्राप्त आंग सांग सू ची के विरुद्ध नारे लिखे हुए थे।  इस मौके पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि विश्व के इतिहास में अब तक कोई ऐसा नरसंहार नहीं हुआ जैसा कि इन दिनों म्यामार की जालिम सरकार और वहां के दंगाई एक साथ मिलकर कर रहे हैं। उन्होनें कहा कि हैरत की बात है कि विश्व समुदाय जो कि एक छोटी सी आतंकी घटना होने के बाद आसमान सिर पर उठा लेता है वह भी हजारों मुसलमानों के कत्लेआम पर खामोश है। उन्होनें कहा कि भारत सरकार ने हमेशा ही म्यामार को एक अच्छा देश बनाने के लिए पड़ोसी होने के नाते रंगून की मदद की है, को चाहिए कि इस नरसंहार के खिलाफ आवाज उठाए। शाही इमाम ने कहा कि बर्मा में हो रहे नरसंहार के बीच केंद्र सरकार की ओर से देश मे रह रहे चालीस हजार रोहंगिया रिफ्यूजियों को वापिस भेजे जाने की खबर ने सिसक रहे रोहंगियों के जख्म पर नमक का काम किया है। शाही इमाम ने कहा कि भारत का संविधान ही नहीं बल्कि इतिहास भी इस बात का साक्षी है कि हमनें हमेशा ही मुसीबत में शरण मांगने वालों को मना नहीं किया। शाही इमाम मौलाना हबीब ने कहा कि धर्म के नाम पर अन्याय और सियासत दोनों ही गलत है। उन्होनें कहा कि रोहंगियों का कत्लेआम हरगिज सहन नहीं किया जाएगा ये सिर्फ मुस्लिम समुदाय का नहीं बल्कि समूह इंसानियत को बचाने का विषय है। शाही इमाम ने कहा कि वहां जिस तरह बच्चों, औरतों और बूढ़ों का कत्ल किया जा रहा है वह सहन से बाहर है। वर्णनयोग है कि आज लुधियाना की जामा मस्जिद द्वारा एक फैक्स संदेश के जरिए संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एनटोनियो जूटै्रस, ओ.आई.सी (मुस्लिम देशों का समूह) के महासचिव डा. यूसुफ अल ओथम, मुस्लिम वल्र्ड लीग मक्का के महासचिव अबू अब्दुल्ला को भी ज्ञापन भेजा गया है। 

Sunday, September 03, 2017

ईद के मौके पर शाही इमाम पंजाब की सिंह गर्जना

धार्मिक आजादी पर प्रहार न करें भाजपा सरकारें
देश के लिए क़ुर्बानी दी है आत्म सम्मान के लिए भी देंगे
लुधियाना: 2 सितम्बर 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
अच्छे दिनों के झांसों और जुमलेबाज़ी जैसे तजरुबों से आम जनता के सब्र को आज़मा रही सियासत के इस दौर में ईद का त्योहार एक संकल्प की तरह आया। शाही इमाम पंजाब ने इस स्थिति को समझते हुए सिंह गर्जना की कि हम इस सबसे निपटना भी जानते हैं।
आज यहां पंजाब की इतिहासिक जामा मस्जिद लुधियाना में हजारों मुस्लमानों में पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी की इमामत में ईद की नमाज अदा की। इस मौके पर जामा मस्जिद में ईद मिलन का राज्य स्तरीय समारोह भी आयोजित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने कहा कि आज का दिन हमें अल्लाह तआला के नबी हजरत इब्राहिम की ओर से अपने रब का हुक्म मानते हुए दी गई कुर्बानी की याद दिलाता है। शाही इमाम ने कहा कि हम दुनिया को बताना चाहते है कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम के समय जालीम अंग्रेज सरकार के खिलाफ सारी कौमों के साथ-साथ मुस्लमानों की ओर से दी गई कुर्बानियां इसी जज्बे की प्रेरणा थी। उन्होंने कहा कि आज भी भारत का मुस्लमान देश की रक्षा के लिए कुर्बान होने को तैयार है। शाही इमाम ने कहा कि देश में धर्म के नाम पर राजनीति करने वाले लोग इस बात को समझने की उनकी फिरकापरस्ती कभी कामयाब नहीं हो सकती क्योंकि भारत हमेशा ही धर्म निरपेक्ष देष रहा है। उत्तर प्रदेश व अन्य भाजपा शासित राज्यों में मुस्लिम धार्मिक रीति-रिवाजों पर की जा रही टिप्पणियों की विरोधता करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि धार्मिक आजादी पर प्रहार न करे भाजपा सरकारें, मुसलमानो ने देश के लिए कुर्बानियां दी है और किसी भी कीमत पर आत्म सम्मान पर आंच नहीं आने देंगे।  इस मौके पर मुस्लिम भाईचारे को संबोधित करते हुए सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि इस देश में ईद उल जुहा का त्यौहार सभी धर्मों के लोग मिल-जुल कर मनाते है। उन्होंने कहा कि पंजाब की इस धरती पर आज लाखों मुस्लमान खुदा के आगे सजदा कर रहे हैं यह हमारे लिए गर्व की बात है। 
समारोह को संबोधित करते हुए रवनीत बिट्टू ने कहा कि आज के दिन हमारे मुस्लमान भाई अल्लाह के नबी हजरत इब्राहिम की याद को ताजा करते हैं और अल्लाह के रास्ते में कुर्बानी करते है। उन्होंने कहा कि लुधियाना शहर की जामा मस्जिद वह ऐतिहासिक जगह है, जहां से स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के खिलाफ फतवा जारी किया गया था। लोक इंसाफ पार्टी के विपन सूद काका ने कहा कि पंजाब की धरती पीरों और पैगम्बरों की धरती है। यहां पर सभी धर्मों के लोग आपस में मिलजुल कर रहते है और एक-दूसरे का त्यौहार आपसी भाईचारे के रूप में मनाते है। 
इस मौके पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह गाबडिय़ा ने अपने मुस्लिम भाईयों को ईद की मुबारकवाद देते हुए कहा कि आज का दिन बड़ी ही बरकतों वाला दिन है। आज के दिन मुस्लमान अपने खुदा को राजी करने के लिए अल्लाह के रास्ते में कुर्बानी देते है। इस दौरान विधायक राकेश पांडे ने भी मुस्लिम भाईचारे को ईद की मुबारकवाद दी। इस मौके जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुरप्रीत गोगी ने भी मुसलमानों को ईद की मुबारकवाद देते हुए कहा कि ईद का पवित्र त्यौहार हम सब कों अपने देश के प्रति कुर्बानी देने के लिए प्रेरित करता है। इस अवसर पर नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उसमान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि मुस्लमान ईमान के जज्बे के साथ हर समय देश और कौम के लिए कुर्बानियां देते आ रहे हैं और यह सिलसिला चलता रहेगा। नायब शाही इमाम ने कहा कि मुस्लमान जिंदा कौम है और अपने वजूद से लेकर आज तक इस्लाम बढ़ता ही जा रहा है।
इस राज्य स्तरीय समारोह में अपने मुस्लिम भाईयों को ईद की मुबारकबाद देने के लिए विधायक भारत भूषण आशू, संजय तलवाड़, गुरूद्वारा दुख निवारण साहिब के मुख्य सेवादार प्रितपाल सिंह, पार्षद नरिन्द्र कुमार काला, अशोक पराशर पप्पी, पार्षद परमिंदर मेहता, पार्षद राकेश पराशर, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बनवारी लाल, यूथ कांग्रेस लुधियाना के अध्यक्ष राजीव राजा,  गुलाम हसन कैसर, बलजीत सिंह बिन्द्रा, अशोक गुप्ता, शरनजीत सिंह मिड्डा, कारी अलताफ उर रहमान व शाही इमाम के मुख्य सचिव मुहम्मद मुस्तकीम ने कहा कि ईद उल जुहा का त्यौहार हम सब को आपसी भाईचारे और अपने देश के प्रति कुर्बानी देने के लिए प्रेरित करता है। वर्णनयोग्य है कि आज ईद उल जुहा के अवसर पर लुधियाना शहर में तीन दर्जन से अधिक स्थानों पर नमाज अदा की गई और भारी संख्या में लोगों ने कुर्बानियां कीं, बच्चों में ईद को लेकर बहुत जोश पाया जा रहा था।