On 14th June 2026 Regarding Medical Camp at Dhanwantri Garden Ludhiana 14 जून 2026 को धन्वंतरि गार्डन लुधियाना में मेडिकल कैंप के बारे में
डॉ. विश्व विजय शर्मा आज भी अनगिनत मरीज़ों का इलाज करते हैं
यह कुछ दशक पुरानी बात है। कत्लेआम की आग के बावजूद पंजाब में सहनशीलता बनी रही। एक समुदाय के यात्रियों को बसों से निकालकर मारने की अमानवीय घटनाओं के बावजूद समाज में शांति और भाईचारा बना रहा। इतना ही नहीं, शाम को कुछ साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होने लगे। PAU स्टूडेंट्स होम थोड़ी दूर था, इसलिए ऐसे कुछ कार्यक्रम ओल्ड कोर्ट चौक के पास एक्सटेंशन लाइब्रेरी में होते थे। इन कार्यक्रमों में होने वाले कार्यक्रमों में विश्व भाईचारे की भावना भी साफ़ दिखती थी।
मंच संचालन के दौरान हिंदी, पंजाबी और उर्दू का मिला-जुला रंग भी महसूस होता था। स्टेज से होने वाले अनाउंसमेंट के बीच कविता और शायरी का भी रंग होता था। शायद ऐसे प्रोग्राम अब भी होते होंगे, लेकिन मुझे बहुत समय से पता नहीं है। शायद किसी ने मुझे बुलाया ही नहीं।
आज जिस प्रोग्राम की याद मैं शेयर कर रहा हूँ, उसमें मशहूर लेखक और जानकार डॉ. ज्ञान सिंह मान भी थे, जिनकी तांत्रिक के तौर पर भी शोहरत आसमान छू रही थी। इन इवेंट्स में औरतें भी बड़ी संख्या में शामिल होती थीं।
इस मौके पर मशहूर डॉ. वेणी प्रसाद जी भी मौजूद थे, जिनके परिवार का अस्पताल आज भी टैगोर नगर, धन्वंतरि गार्डन में बहुत मशहूर जगह है। शारीरिक और मानसिक बीमारियों से परेशान लोग आज भी यहाँ ज़रूर पहुँचते हैं। इस स्थान पर कई बीमारियों का इलाज मौजूद है, लेकिन सांस और अस्थमा के मरीज़ बहुत ज़्यादा हैं - कभी-कभी एक दिन के फिक्स कैंप में कुछ हज़ार मरीज़। मरीज़ आते और डॉ. साहब अपने असिस्टेंट और दोस्त बस्सी साहब के साथ उन्हें दवा का एक पैकेट या दो-तीन कैप्सूल देते और आँखें बंद करके कुछ ऐसा मंत्र पढ़ते...!
मैंने पूछा भी कि यह कौन सा मंत्र है जो आप बिना आवाज़ ऊंची किए पढ़ते हैं...? उन्होंने मुस्कुराकर मेरा सवाल टाल दिया...! जब मैंने पूछा कि आप किसी की बीमारी के बारे में पूछते भी नहीं हैं और बस दवा दे देते हैं,तब भी वह सिर्फ़ मुस्कुराए लेकिन उनके साथ खड़े मिस्टर MP बस्सी ने कहा कि यह खास दवा डॉक्टर साहब का बहुत पुराना और खास राज़ है। बल्कि यूं कहें कि यह उनके पिता माननीय कविराज वेणी प्रसाद जी का राज़ है, जिसका फ़ायदा लाखों-करोड़ों लोगों ने उठाया है।
आज भी कुछ हज़ार मरीज़ डॉक्टर विश्व विजय शर्मा के पास दवा लेने आए थे। मिस्टर MP बस्सी भी डॉक्टर विश्व विजय शर्मा के पड़ोसी हैं और बैंक से रिटायर हो चुके हैं। दोनों दोस्तों के बीच इतना प्यार है कि दोनों दिन का ज़्यादातर समय साथ बिताते हैं। बस्सी साहब डॉक्टर साहब के मरीज़ों को देखते हैं और इलाज में डॉक्टर साहब के असिस्टेंट का रोल बड़ी ज़िम्मेदारी से निभाते हैं।
असल में, अपने पिता कविराज श्री वेणी प्रसाद की तरह अब उनके बेटे डॉक्टर विश्व विजय शर्मा जी में भी सिर्फ़ चेहरा देखकर बीमारी का पता लगाने की चमत्कारी काबिलियत है। लोग उन्हें कोई चमत्कारी बाबा कहते हैं। वे बिना कुछ पूछे लोगों का बहुत कामयाबी से इलाज करते हैं। कविराज वेणी प्रसाद जी से मिली हुई शिक्षा उनके बेटे के ज़रिये शिक्षा आज भी फल-फूल रही है। चमत्कार आज भी नज़र आते हैं। लोग बीमारी का दुःख लेकर आते हैं लेकिन सुखी हो कर वापिस जाते हैं।
14 जून को हुए कैंप का भी कई लोगों ने फ़ायदा उठाया और अब दूसरा स्पेशल कैंप 20 जुलाई, 2026 को और तीसरा कैंप 23 नवंबर से 27 नवंबर, 2026 तक लगाया जाएगा।

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