Friday, January 09, 2026

कटरा मेडिकल कॉलेज को बंद करना दुर्भाग्यपूर्ण—आई डी पी डी

Thursday 8th January 2026 at 21:09 Regarding National Medical Commission Medical College Katra

इंडियन डॉक्टर्स फ़ॉर पीस एंड डेवलपमेंट (IDPD) ने लिया गंभीर नोटिस 

सांप्रदायिक दबाव में उठाया कदम-माननीय राष्ट्रपति हस्तक्षेप करें


लुधियाना
: 8 जनवरी 2026: (मीडिया लिंक-के के सिंह//पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

इंडियन डॉक्टर्स फ़ॉर पीस एंड डेवलपमेंट (IDPD) कटरा मेडिकल कॉलेज को बंद करने के नेशनल मैडिकल कमीशन (NMC) के निर्णय के विरुद्ध अपना कड़ा विरोध और गहरा आक्रोश व्यक्त करता है। यह निर्णय मनमाना, अन्यायपूर्ण और अत्यंत चिंताजनक है, तथा यह मेधा (मेरिट), संवैधानिक मूल्यों और संस्थागत स्वायत्तता की बुनियाद पर सीधा प्रहार करता है।

कटरा मेडिकल कॉलेज को पिछले वर्ष 50 छात्रों को प्रवेश देने की अनुमति दी गई थी, और सभी प्रवेश मौजूदा नियमों व प्रक्रियाओं का पालन करते हुए पूरी तरह मेरिट के आधार पर किए गए थे। इन 50 में से 42 छात्र, जो मेरिट पर चयनित हुए, मुस्लिम समुदाय से थे। यही तथ्य—और केवल यही—भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा राजनीतिक रूप से प्रेरित आंदोलन का कारण बना प्रतीत होता है। इन संगठनों ने खुले तौर पर तर्क दिया कि चूँकि यह कॉलेज माता वैष्णो देवी ट्रस्ट द्वारा संचालित है, इसलिए प्रवेश केवल हिंदू समुदाय के छात्रों तक सीमित होने चाहिए।

IDPD स्पष्ट रूप से कहता है कि यह तर्क असंवैधानिक, भेदभावपूर्ण और कानूनी रूप से अस्थिर है। कटरा मेडिकल कॉलेज को अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त नहीं है; अतः धार्मिक बहिष्कार पर आधारित कोई भी आंदोलन या मांग अवैध है और भारत के संविधान का उल्लंघन है। धर्म, जाति या पंथ की परवाह किए बिना मेरिट के आधार पर प्रवेश एक लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष शिक्षा व्यवस्था की आधारशिला है।

नेशनल मेडिकल कमीशन एक संवैधानिक और स्वायत्त नियामक संस्था है, जिससे अपेक्षा की जाती है कि वह कानून, नैतिकता और जनहित के मार्गदर्शन में स्वतंत्र रूप से कार्य करे। इस मामले में संकीर्ण साम्प्रदायिक और राजनीतिक दबाव के आगे झुकना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और संस्थागत स्वायत्तता के क्षरण पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। इस प्रकार का समर्पण एक खतरनाक मिसाल कायम करता है और देश भर में चिकित्सा शिक्षा, सामाजिक सौहार्द तथा कानून के शासन के लिए दूरगामी गंभीर परिणाम ला सकता है।

मेडिकल कॉलेज को बंद करके NMC ने न केवल उन छात्रों को दंडित किया है जिन्हें निष्पक्ष और कानूनी रूप से प्रवेश मिला था, बल्कि यह भी एक भयावह संदेश दिया है कि मेरिट को साम्प्रदायिक विचारों के आधार पर दरकिनार किया जा सकता है। एक संवैधानिक लोकतंत्र में यह कदापि स्वीकार्य नहीं है।

IDPD के हस्ताक्षरकर्ता पदाधिकारी—

डॉ. एस. एस. सूदन, संरक्षक, IDPD

डॉ. अरुण मित्रा, अध्यक्ष, IDPD

डॉ. शकील उर रहमान, महासचिव, IDPD

डॉ. जी. एम. मलिक, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, IDPD एवं पूर्व अध्यक्ष, J&K IDPD

डॉ. मोहम्मद लतीफ़, अध्यक्ष, IDPD जम्मू एवं कश्मीर

ज़ोरदार मांग करते हैं कि कटरा मेडिकल कॉलेज को बंद करने का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए और कॉलेज को बिना किसी भेदभाव या राजनीतिक हस्तक्षेप के कार्य करने की अनुमति दी जाए।

IDPD माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी से भी एक गंभीर और तात्कालिक अपील करता है कि वे बिना विलंब हस्तक्षेप करें, संवैधानिक नैतिकता की रक्षा करें, छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और कटरा मेडिकल कॉलेज को पुनः खोलकर उसे कानून के अनुरूप संचालित करने की व्यवस्था करें।

शिक्षा का साम्प्रदायिकीकरण नहीं किया जा सकता।

मेरिट को दंडित नहीं किया जा सकता।

संवैधानिक संस्थाओं को संकीर्ण साम्प्रदायिक दबाव के आगे समर्पण नहीं करना चाहिए।


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