Saturday, March 01, 2014

लुधियाना में कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति पर तिवारी ने जताई चिंता

चुनावों से कुछ समय पहले ही ऐसे हालातों के जन्म अधिक चिंतनीय
लुधियाना, 1 मार्च 2014: (रेकटर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):
केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री व स्थानीय सांसद मनीष तिवारी ने लुधियाना में दिनों-दिन गंभीर बन रही कानून एवं व्यवस्था की स्थिति पर गहरी ङ्क्षचता जाहिर की है। यह स्थिति तब और भी गंभीर बन जाती है, जब सत्ताधारी शिरोमणि अकाली दल से सीधे तौर पर जुड़े लोग लोकसभा चुनावों से कुछ समय पहले ही ऐसे हालातों के जन्म दे रहे हैं।
यहां जारी बयान में तिवारी ने इन हालातों को प्रशासन व विशेषतौर पर पुलिस की पूरी तरह से नाकामयाबी करार दिया है, जे पहले ऐसी घटनाओं को रोकने में नाकाम रही और फिर आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
स्थानीय सांसद ने कहा कि पिछले दो दिनों की घटनाएं, जिनमें पहले यूथ अकाली दल के वर्करों द्वारा सराभा नगर में गोलीबारी करना, 200 से अधिक गोलियां चलने के दौरान कई लोगों का जख्मी होना ओर अगले दिन मॉडल ग्राम में गुरुद्वारा साहिब के पदाधिकारी पर एक बार फिर से अकाली वर्करों द्वारा हमला करके लोगों में दहशत पैदा करने की कोशिश करना।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि लगातार ऐसे हालात बनना या बनाए जाना सिर्फ यह साबित करता है कि स्थानीय पुलिस सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर लोगों में डर व असुरक्षा की भावना पैदा करना चाहती है। नहीं तो, कैसे ऐसे हालात बन रहे हैं और आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।

Friday, February 28, 2014

अब अमृतसर के मेडिकल कालेज में हुआ गुंडागर्दी का नाच

हमलावर अक्सर देते थे असर रसूख की धमकियां 
अमृतसर: 27 फरवरी 2014: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो): 
गोलीकांड, गुंडागर्दी और कोई न कोई जुर्म---अब पंजाब में भी यह सब आम होने लगा है। अब यह सब हुआ है अमृतसर के मेडिकल कालेज मेंजहाँ इस तरह की बात कभी सोची भी नहीं जा सकती। मेडिकल शिक्षा के उस माहौल में भी वहाँ गुंडागर्दी का नंगा नाच हुआ है। गुंडागर्दी का यह नंगा नाच मैडीकल कालेज में आज देर सायं उस समय हुआ जब बाहर से आए 2 दर्जन के करीब हथियारबंद युवकों ने मैडीकल कालेज परिसर में चल रहे क्रिकेट टूर्नामैंट को बंद कर मैदान उनके हवाले करने को कहा। जब बाहरी युवकों ने दादागिरी के अंदाज़ में उन्हें खेलने के लिए जगह खाली करने का  तो मैडीकल कालेज के छात्र व बाहरी युवक भी भड़क गए। देखते ही देखते दोनों गुट आमने-सामने हो गए और दोनों में टकराव हो शुरू गया। जब इस बारे में होस्टल के छात्रों को पता चला तो खबर मिलते ही वे भी तुरंत ग्राऊंड में आ गए और जमकर एक दूसरे पर वार करने लगे। यह टकराव देख कर एकबारगी तो आतंक के काले दिनों की याद ताज़ा हो गयी। उस समय भी पुलिस और प्रशासन पंगु बना नज़र आता था। 

इस खतरनाक टकराव के दौरान मैडीकल कालेज के छात्रों में दीपइंद्र सिंह, मङ्क्षनद्र सिंह, केशव व मोहित घायल हो गए जबकि बाहरी युवकों में हनी, अजय व मंगल को भी चोटें लगीं।  मैडीकल कालेज के घायल हुए छात्रों को उपचार के लिए तुरंत गुरु नानक देव अस्पताल की एमरजैंसी में भर्ती करवाया गया जबकि बाहर से आए युवकों का अस्पताल में उपचार न होने के कारण फिर से टकराव की हालत पैदा हो गयी। इस पर बाहरी गुट व कालेज के छात्र फिर से एमरजैंसी के समक्ष आमने-सामने हो गए। 
खबर मिलते ही सारा  प्रशासन सकते में आ गया। घटना की जानकारी मिलते ही थाना सिविल लाइन के प्रभारी इंस्पैक्टर सुखविंद्र सिंह घटनास्थल पर पहुंच गए और उन्होंने इस सारी स्थिति का तुरंत जायजा लिया। आरम्भिक जाँच के दौरान मैडीकल कालेज के छात्रों का आरोप था कि बाहर से आए युवक अक्सर कालेज परिसर में आकर जहां लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करते हैं, वहीं उन्हें भी इस बात से परेशानी होती है। जब वे उन लोगों को ऐसा करने से रोकते हैं तो वे अपने असर रसूख की धमकियां देने लगते हैं। उन्होंने कहा कि यह सिलसिला काफी लम्बे समय से चल रहा था। दूसरी ओर घायल हुए बाहरी युवकों ने कहा कि वे मैडीकल कालेज की ग्राऊंड में खेलने के लिए आते हैं और आज जब वे वहां पहुंचे तो छात्रों द्वारा हमला कर उन्हें घायल कर दिया गया। दोनों ओर से मामले पुलिस के विचाराधीन हैं। थाना प्रभारी का कहना है कि जांच के उपरांत आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह है कि मेडिकल कालेज में बाहरी लोगों का क्या काम वह भी रोज़ रोज़ और साथ ही यह भी पता लगाना होगा कि इन बाहरी लोगों के पीछे कौन से असर रसूख वाले लोग हैं?

महाशिवरात्रि पर संत आसारामजी आश्रम में विशेष आयोजन

Thu, Feb 27, 2014 at 7:35 PM
सम्पन्न हुआ 108 कुण्डी महारूद्र यज्ञ व 108 पार्थिव शिवलिंग पूजन
अहमदाबाद: 27 फरवरी 2014: मोटेरा स्थित संत श्री आसारामजी आश्रम में महाशिवरात्रि के निमित्त विशेष कार्यक्रम आयोजित किये गये थे । प्रातः साढ़े 6 बजे से ही सामूहिक जप शुरू हो गया, जिसमें बापू के भक्तों ने निर्जल उपवास रखकर अपने सद्गुरु के उत्तम स्वास्थ्य व शीघ्र ही सत्य की विजय हो ऐसा शुभ संकल्प कर जप प्रारंभ किया। बताया गया है कि सामूहिक जप, ध्यान, कीर्तन, प्रार्थना व हवन आदि से करनेवालों को तो फायदा होता ही है पर साथ ही वातावरण में भी पवित्रता फैलती है। भगवद्भक्तों के शुभ संकल्प से सर्वत्र मंगलकारी वातावरण बनता है । यही कारण है कि प्राचीनकाल में जप-तप, ध्यान एवं यज्ञादिक अनुष्ठानों के प्रभाव से लोगों के जीवन सुखमय व्यतीत होते थे। बापूजी ने उसी दिव्य वैदिक परम्परा को पुनर्जीवित कर हमें एक नयी राह दिखाई है, जो सर्वमंगलकारी है।
सुबह के सामूहिक जप के बाद 11 बजे से 108 कुण्डी रूद्रयज्ञ प्रारंभ हुआ, जिसमें भक्तों की भारी उपस्थिति थी। सबने बड़े ही उत्साह व भाव के साथ बाबा बोलेनाथ का सुमिरन व  पूजन किया । यज्ञ कार्य दोपहर 3-30 बजे संपन्न हुआ । इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ शाम 6 बजे से शुरू हुआ रात्रि के चारों पहरों में 108 पार्थिव शिवलिंगों का अभिषेक व पूजन का कार्यक्रम । प्रथम, दूसरे, तीसरे व चौथे प्रहरों में क्रमशः दूध, दही, घी व शहद से शिवलिंग का अभिषेक कर भक्त अभिभूत हुए।
आश्रम प्रवक्ता ने बताया कि संत आसारामजी बापू महाशिवरात्रि पर्व की महिमा बताते हुए संदेश देते हैं कि ‘‘महाशिवरात्रि जागरण, साधना, भजन करने की रात्रि है । शिव’ का तात्पर्य है कल्याणअर्थात् यह रात्रि बड़ी कल्याणकारी है। इस रात्रि में किया जानेवाला जागरण, व्रत-उपवास, साधन-भजन, अर्थसहित शांत जप-ध्यान अत्यंत फलदायी माना जाता है।’’
महाशिवरात्रि का तात्त्विक रहस्य समझाते हुए बापू कहते हैं कि ‘‘महाशिवरात्रि पर्व यह संदेश देता है कि जैसे शिवजी हिमशिखर पर रहते हैं, माने समता की शीतलता पर विराजते हैं, ऐसे ही आप भी साधना की ऊँचाई पर विराजमान होओ तथा सुख-दुःख के भोगी मत बनो । सुख को बाँटकर उसका उपयोग करो, दुःख का भी उपयोग करो। शिवजी कहते हैं कि मैं बड़े-बड़े तपों से, बड़े-बड़े यज्ञों से, बड़े-बड़े दानों से, बड़े-बड़े व्रतों से इतना संतुष्ट नहीं होता हूँ जितना शिवरात्रि के दिन उपवास करने से होता हूँ ।’ शिवरात्रि को उपवास करने से सौ यज्ञों से भी अधिक पुण्य होता है ।’’
व्यवस्थापकों के अनुसार संत आसारामजी बापू के इस संदेश को जीवन में चरितार्थ करने हेतु उपरोक्त पुण्यदायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने व्रत, उपवास और कइयों ने निर्जल उपवास कर भरपूर लाभ लिया व अपने सद्गुरु के शीघ्र दर्शन हेतु शुभ संकल्प किये।

Jaago Ab To Jaago - Press Conference 1/3




Tuesday, February 25, 2014

श्रीमती शिल्पी दास पी०एच०डी० (संगीताचार्य) से सम्मानित

 Tue, Feb 25, 2014 at 10:15 PM
श्रीमती शिल्पी दास प्रवक्ता राजकीय बालिका विद्धालय विजय नगर आगरा को विषय ’गायन सिद्धान्त मे उनके मौलिक शोध प्रपत्र "संगीत गायन के विभिन्न आयाम का विवेचनात्मक अद्ध्यन " के लिये प्रयाग संगीत समिति ,इलाह्बाद के सचिव श्री अरुण कुमार द्धारा दिनांक 20 फ़रवरी 2014 को पी०एच०डी० (संगीताचार्य) से सम्मानित किया गया ! उक्त शोध के लिये निर्देशन डा० आर० एन० सिंह करनाल ने किया ! इस सम्मान के मिलने से उन्हें जानने समझने वाले सभी क्षेत्रों में प्रसन्नता पाई जा रही है। उन्हें बधाई देने वाले लगातार उनसे सम्पर्क करके उन तक अपने स्नेह पूर्ण संदेश पहुंचा  रहे हैं।
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज सिकन्दरा २८२००७

Monday, February 24, 2014

' कार वालों पर मेहरबान सरकार'

Mon, Feb 24, 2014 at 11:19 AM

            
Kanhaiya Jha (Research Scholar)
Makhanlal Chaturvedi National Journalism and Communication University,
Bhopal, Madhya Pradesh
+919958806745+919958806745, (Delhi) +918962166336+918962166336 (Bhopal)

Email : kanhaiya@journalist.com

            Facebook : https://www.facebook.com/kanhaiya.jha.5076
     अभी हाल में सत्र 2014-15 के लिए पेश किये गए अंतरिम बजट में कारों पर टैक्स कम कर वित्त मंत्री ने 'कार-सेवा' ही की है. यह भी तब जब कि देश के मध्य एवं उच्च वर्ग की सेवा के लिए विश्व के अनेक कार निर्माता स्वयं यहाँ पर कारें बनाने को आतुर हैं. राष्ट्रीय शहरी यातायात नीति (NUTP) भी निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन के प्रयोग को प्राथमिकता देती है. कारों की खरीद के लिए पैसों की व्यवस्था में भी सरकार ने कुछ योगदान किया. कुछ महीने पहले सरकार ने सातवें वेतन आयोग का गठन कर वास्तव में 'कार सेवा' ही की थी. मध्य वर्ग के लिए कार रखना एक Status Symbol है. 'टेरी' (१) के एक अध्ययन के अनुसार मुख्यतः उच्च-मध्य वर्ग परिवारों में आय बढने के साथ-साथ एक से अधिक कारें रखना सुविधा से अधिक जरूरत बन जाती है.   

     पिछले दस वर्षों में दिल्ली सरकार की उपलब्धियों में अनेकों फ्लाई-ओवर्स, पार्किंग स्थल आदि का निर्माण गिनाया जाता है. परंतू नयी कारों के रजिस्ट्रेशन पर कोई नियंत्रण न करने से आज भी सड़कों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति वैसी ही बनी हुई है. जापान जैसे समृद्ध देश में भी नयी कार का रजिस्ट्रेशन तभी किया जाता है जब  कार मालिक पार्किंग सुविधा का प्रमाण देता है. सिंगापुर एवं हाँगकॉंग जैसे समृद्ध शहरी देशों का कुल उत्पाद दिल्ली तथा चेन्नई से कहीं ज्यादा होने पर भी कारों की संख्या कम है. भारत के प्रतिस्पर्धी चीन ने भी अपने अनेक बड़े शहरों में कार रजिस्ट्रेशन का कोटा तय किया हुआ है. दिल्ली और बंगलौर में लगभग तीस हज़ार कारें प्रति-माह रजिस्टर होती हैं जबकि शंघाई शहर में केवल 7 से 8 हज़ार देश के अनेक बड़े शहर बड़ी तेज़ी से दिल्ली एवं बंगलौर की बराबरी पर पहुँच रहे हैं.

     देश पेट्रोलियम पदार्थों की अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत आयात करता है. यदि कारों की संख्या में इसी तरह की वृद्धि होती रही तो अगले 15 वर्षों में आयात पर यह निर्भरता बढ़ कर 90 प्रतिशत हो जायेगी. खाड़ी देशों की अस्थिरता के चलते देश के लिए यह एक बड़ी समस्या बन सकती है.

     देश में महंगाई का मुख्य कारण देसी एवं विदेशी बजट का घाटा है. विदेशी बजट घाटे में पेट्रोलियम पदार्थों के आयात का, जो कि कुल आयात का लगभग एक तिहाई होता है, मुख्य योगदान रहता है. जिस तेज़ी से निर्यात बढ़ता है उससे कहीं अधिक तेज़ी से आयात बढ़ जाता है. रुपये के अवमूल्यन से भी विदेशी बजट घाटा बढ़ता है. निर्यात बढाने के लिए खनन का सहारा लेना पड़ता है, जिसके वैध और उससे कहीं ज्यादा अवैध खनन से गाँव उजडते हैं, जंगल कटते हैं और साथ ही देश की संपत्ति का भी निर्यात हो जाता है. विकास के लिए खनिज पदार्थ संपदा से कम नहीं होते हैं.

     देसी घाटे का मुख्य कारण भ्रष्टाचार है, जिसमें टैक्स की चोरी, योजनाओं में भ्रष्टाचार आदि अनेक बिन्दु शामिल हैं. इस घाटे को पूरा करने के लिए सरकार देश के सार्वजनिक संस्थानों में अपने शेयर्स बेचती है, जिसे खरीदने में निजी पूंजी के अलावा विदेशी पूंजी भी शामिल रहती है. यह भी एक प्रकार से घाटा पूरा करने के लिए देश की संपदा को बेचना ही है.   

     इस देश की अधिकांश जनता 'बे-कार' अथवा बिना कार वाली है. अनियोजित क्षेत्रों में काम करने वाली यह जनता महंगाई से सबसे अधिक प्रभावित होती है, क्योंकि इसे कोई महंगाई भत्ता नहीं मिलता. काश इस देश की गरीब जनता को इन विषयों की समझ होती अथवा मई 2014 में जनता के नाम पर नए राज्य करने वालों में ईश्वर कुछ भावुकता पैदा करे.   

Sunday, February 23, 2014

लुधियाना में B.M.D. कैंप आज

जैन हेल्थ सेंटर , बसंत विहार ,नूरवाला रोड पर होगा आयोजन 
लुधियाना; 23 फ़रवरी 2014: (सतपाल सोनी//पंजाब स्क्रीन):
जो अंग्रेजी दवायों के दुष्प्रभाव से टन आ चुके हैं उनके लिए 23 फरवरी दिन रविवार को एक विशेष मेडिकल कैंप लगाया जा रहा है लुधियाना की नूरवाला रोड पर। इसका आयोजन आयुर्वेद प्रचार संगठन,वासु,bacfo,panacea,सांडू,वाइटल केयर इत्यादि कंपनियों के सहयोग से किया जा रहा है और इस स्वास्थ्य सिलसिले में यह सातवां integrated मेडिकल कैंप लगाया जा रहा है। इस कैंप में हड्डियों के कैल्शियम की जांच p-dexa /BMD मशीन द्वारा सिर्फ 50₹/-की जाएगी।(जिसका बाज़ार मूल्य 1500₹ है)

अगर आपकी उम्र 35 वर्ष से ज्यादा है,या आपको जोड़ो के दर्द,शुगर,किडनी,थाइरोइड इत्यादि कोई बीमारी है,या स्त्री जिनकी माहवारी बंद हो गयी है या आपको जल्द फ्रैक्चर हो जाता है तो निसंकोच आप इस कैंप का लाभ उठा सकते है।

कैंप में मिलने वाली अन्य सुविधाऐ--फ्री शुगर जांच,-फ्री न्यूरोपैथी जांच,-BMD जाँच मात्र 50 ₹/- में, -फ्री मोटापे की जाँच B.M.I. test, -फ्री सलाह, -आयुर्वेदिक व् एलोपैथिक दवाईया कम मूल्य पर।
भाग लेने वाली कम्पनी-#आयुर्वेदिक-वासु,bacfo,vital care इत्यादि
#एलोपैथिक-panacea,mits,lupin,emcureetc 
अन्य सहयोगकर्ता-
*NIMA,ludh
*D.P. jain enterprises से श्री अविनाश जैन जी व् श्री पारुल जैन जी
*जैन दुग्गड़ टेक्सटाइल्स , मोचपुरा बाज़ार से श्री विपन जैन जी
*निस्वार्थ सेवा समिति से श्री लवली जैन जी व् अन्य
*पारिवारिक मेम्बर व् अन्य मित्रघन।
कैंप का उद्देश्य- 
BMD जांच का मुख्य उद्देश्य आपकी हड्डियों में कैल्शियम की सघनता की जांच करना होता है।
अगर हड्डियों में कैल्शियम कम होगा तो निसंदेह हड्डियाँ कमजोर होगी और उनके टूटने का खतरा अधिक होगा।
जिन महिलाओ में माहवारी ख़तम (मीनोपॉज) हो गयी है,में कैल्शियम कम हो
जाता है। ऐसी महिलाओ में अतिरिक्त कैल्शियम की जरुरत होती है।
समय रहते अगर कैल्शियम की मात्रा को पूरा कर लिया जाए तो कई भंयकर बीमारियों से बचा जा सकता है।
तो अवश्य इस कैंप का लाभ उठाये।

कैल्शियम को पूरा करने के निम्नलिखित तरीके है-

1.आहार-खाने में ऐसे पदार्थो को इस्तेमाल करना जिनमे कैल्शियम की अधिक मात्रा होती है -जैसे दूध या दूध से बने पदार्थ

2.धुप-से विटामिन डी की प्राप्ति होती है जो कैल्शियम का assimilation बढाता है।

3.दवाई- ऐसी कई आयुर्वेदिक व् एलोपैथिक दवाइयां बाजार में उपलब्ध है जिनसे कैल्शियम की कमी को पूरा किया जा सकता है।
इन औषधियों को व्याधि के अनुसार 3 महीने से लेकर उम्र भर इस्तेमाल का सुझाव डॉ द्वारा चेक अप करके बताया जाता है।

अधिक जानकारी व् रजिस्ट्रेशन के लिए संपर्क करे-
डॉ राहुल जैन
9815606162