Monday, July 31, 2017

निजी स्कूलों के खिलाफ जन आक्रोश और तेज़

बात नहीं बनी तो गुप्ता मॉडल स्कूल के खिलाफ भी संघर्ष होगा और तेज़
लुधियाना: 31 जुलाई 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
निजी स्कूलों की कथित मनमानियों के खिलाफ जन संघर्ष और विशाल होता रहा है। कहीं करेक्टर सर्टिफिकेट के 1100-1100 रूपये मांगे जा रहे हैं तो कहीं स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट के चार पांच हज़ार रूपये। कई इलाकों के कई स्कूल आरोपों के घेरों में हैं। टाफियों से लेकर किताबें और वर्दियां तक स्कूल से बेचना इस दुकानदारी का हिस्सा बन चूका है। क्लब रोड पर स्थित गुप्ता मॉडल स्कूल के अभिभावकों के संघर्ष को लुधियाना के समाजसेवी अश्विनी सग्गी और कलाकार गौरव सग्गी ने सक्रिय सहयोग दिया। परिणाम स्वरूप इन अभिभावकों को अब छह महीने की फीस की बजाये केवल एक महीने की फीस दे कर स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट मिल सकेगा। अभिभावकों का असमर्थन करने के आरोप में स्कूल ने अश्विनी सग्गी अश्विनी सग्गी के खिलाफ बदलाखोरी की भावना से करवाई भी की। 
गौरतलब है कि लुधियाना में भी निजी स्कूलों के खिलाफ जन आक्रोश लगातार बढ़ता ही जा रहा है। आज मामला सामने आया क्लब रोड पर स्थित गुप्ता मॉडल हाई स्कूल का। यह बहुत पुराना स्कूल है और डाक्टर इक़बाल नर्सिंग होम  है। झगड़ा बढ़ने पर वहां मीडिया भी पहुंचा। यहाँ पढ़ते बच्चों के अभिभावकों ने मीडिया को बताया कि उन्हें स्कूल छोड़ने के बावजूद स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट नहीं दिया जा रहा। कई महीनो से कई कई चक्कर लगाने के बाद भी सर्टिफिकेट के बदले उनसे छह छह महीनों की फीस मांगी जा रही है। एक अभिभावक महिला ने बताया कि एक बच्चे की महीने की फीस 675/- रूपये बनती है। छह महीनों की इतनी बड़ी रकम 4,050/- वे नहीं दे सकते। किताबें भी स्कूल के अंदर से ही खरीदनी पड़ती हैं और वे भी बाजार से कहीं महंगी।  जब भी बात करो तो स्कूल के संचालक इशारों से ही सामने वाले को चकरा देते हैं और क्यूंकि मूक बधिर होने के कारण ये लोग बोल कर नहीं सकते और सामने वाला इनकी भाषा समझ नहीं सकता।  इस मकसद के लिए किसी रिसेप्शनिस्ट या पीआरओ को भी नियुक्त नहीं किया गया। आखिर जब दोनों पार्टियां पुलिस के पास पहुंची तो पुलिस ने स्कूल में आ कर समझौता करवाया। अब अभिभावकों को अगले दिन आने को कहा गया है वो भी केवल एक महीने की फीस के साथ। अब देखना यह है कि  इस पर सचमुच अम्ल होता है या बात को लटकाने के लिए इसे केवल बहाना बनाया जाता है। गौरतलब है कि कभी इस स्कूल का बहुत नाम हुआ करता था लेकिन स्कूल संस्थापक सुरेंद्र गुप्ता का देहांत होने के बाद इस स्कूल का प्रभाव लगातार कम होता गया।  जब स्कूल का पक्ष जानने की कोशिश की गयी तो स्कूल प्रबंधन ने मीडिया के साथ भी बदसलूकी की और काम में रुकावटें डाली। इसी बीच कुछ अभिभावकों और स्कूल में काम करते स्टाफ ने मांग की कि स्कूल के अतीत का रेकार्ड भी खंगाला जाये और पता किया जाये कि अब तक किस किस गलत तरीके से पैसा एकत्र किया जाये। 

Thursday, July 27, 2017

"जब हैरी मेट सेजल" के अगले गाने "हवाइयां" का अनावरण

Thu, Jul 27, 2017 at 18:51
4 अगस्त, 2017 को देशभर में रिलीज होगी "जब हैरी मेट सेजल"
सुर्यास्त के बीच अपनी खूबसूरत डेट के दौरान शाहरुख खान और अनुष्का शर्मा ने "जब हैरी मेट सेजल" के अगले गाने "हवाइयां" का आगमन किया। Click Here To See More Pics on FB
मुंबई के उपनगरीय में एक समुद्र के किनारे सूर्यास्त के बीच बड़ी ही धूमधाम और जोश के साथ 'जब हैरी मेट सेजल' का नया गीत 'हवाइयां' का अनावरण किया गया।

26 जुलाई 2017 की शाम ढलते हुए सूरज और ताज़ा खुली हवा के बीच गीत "हवाइयां" को रिलीज किया गया।

इस खूबसूरत समा में शाहरुख खान का सर्वश्रेष्ठ रोमांटिक अवतार देखने मिला, जहाँ शाहरुख पूरी तरह से अपने किरादर हैरी के ढल गए थे और अपनी खूबसूरत सेजल को आकर्षित करने में हैरी ने कोई कसर नहीं छोड़ी।
गीत के लॉन्च के दौरान प्रीतम ने फ़िल्म के गीत "सफर" पर भावपूर्ण धुनों के साथ प्रदर्शन कर इस माहौल में चार चाँद लगा दिए। 
निर्देशक इम्तियाज अली ने ट्रैक के बारे में ढ़ेर सारी बाते की और फिल्म से जुड़े कुछ पर्दे के पीछे वाले दृश्यों को भी साझा किया।
"जब हैरी मेट सेजल" के इस नए गीत में हैरी और सेजल द्वारा साझा किए रोमांटिक पलों को उजागर किया गया है, जिसने हमें दोनों मुख्य पात्रों के जीवन के ओर करीब खींच लिया है।
इम्तियाज अली द्वारा निर्देशित, जब हैरी मेट सेजल में शाहरुख खान उर्फ हैरी एक पर्यटक गाईड के रूप में नज़र आएंगे, और अनुष्का शर्मा उर्फ सेजल एक वकील है और वो यूरोप की सैर पर निकली है।
रेड चिलीज एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित और इम्तियाज अली द्वारा निर्देशित  फिल्म "जब हैरी मेट सेजल" 4 अगस्त, 2017 को देशभर में रिलीज होगी।

नायब शाही इमाम मौलाना उस्मान ने ठुकराया बिग बॉस का निमंत्रण


Thu, Jul 27, 2017 at 4:32 PM
भीड़ और ट्रेंड से हट कर किया फैसला 
लुधियाना: 27 जुलाई 2017 (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
देश का बहुचर्चित टीवी शो बिग बास अक्तूबर में शुरु होने जा रहा है। टीवी शो बिग बास में शामिल होने के लिए युवा मुस्लिम विद्वान व पंजाब के नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उसमान रहमानी लुधियानवी को निमंत्रण दिया गया, जिसे कि नायब शाही इमाम उसमान रहमानी ने स्वीकार नहीं किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत में जीईसी चैनलज को प्रोग्राम देने वाली कंपनी ऐंडेमोल शाइन की तरफ से इमेल तथा फोन के जरिए मौलाना उसमान रहमानी से संपर्क किया गया और बिग बास हाऊस में शामिल होने के लिए आडीशन में भाग लेने के लिए निमंत्रित किया गया। गौरतलब है कि जहां आजकल बिग बास के शो में भाग लेना बहुत बड़ी बात समझी जाती है वहीं पंजाब के नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी ने इसे ठुकरा कर सभी लोगों को सादगी का पैगाम दिया है। जो कि अपने आप में एक मिसाल है।

मजदूरों की हर समस्या को हल करना ही इंटक का निशाना- अनीता शर्मा

Thu, Jul 27, 2017 at 3:05 PM
पूरे पंजाब में इंटक के सक्रिय होने का दावा 
लुधियाना: 27 जुलाई2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
कांग्रेस पार्टी से सबंधी ट्रेड यूनियन संगठन "इंटक" के दिनेश सुंदरियाल गुट ने पंजाब में अपनी पकड़ मज़बूत शुरू कर दी है। इस मकसद के लिए बाकायदा लुधियाना और चंडीगढ़ के अलग अलग विभागों में  मज़दूरों के पेंडिंग पड़े मामलों खंगाला जा रहा है। अलग अलग विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों और सबंधित विभागों के मंत्रियों तक सीधी पहुंच बनाई जा रही है। इसके साथ ही अन्य मज़दूर संगठनों की तरफ से उठाये गए मुद्दों को भी संयुक्त प्रयासों के अंतर्गत हल किया कराया जा रहा है। इस का संक्षिप्त विवरण स्थानीय जमालपुर में इंटक की बैठक में दिया गया। 
इस मीटिंग में मजदूरों की हित में कार्य करने और उनको पूरा मजदूरी और वेतन मिले इस विषय पर विस्तृत चर्चा भी की गई और मौजूदा प्रस्थितियों को ध्यान में नई रणनीति भी बनाई गयी।
इस बैठक में साँझा बयान जारी करते होये अनीता शर्मा पंजाब इंटक महिला की अध्यक्ष व् डॉ प्रदीप अग्रवाल प्रदेश् प्रवक्ता/जिला प्रधान ने कहा कि इंटक सारे देश में राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश शर्मा सुंदरियाल के नेतृत्व में कार्य कर रही है और यह मजदूरों के कल्याण के लिए और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए वचनबद्ध है और मजदूरों की हर समस्या को हल करना ही इंटक का नारा है।  
दावा किया गया कि इंटक सारे पंजाब में जोर  शोर से  कार्य कर रही है और मजदूरों के अधिकारों के लिए इंटक हमेशा उनके साथ खड़ी है और सारे पंजाब में जिला स्तर व ब्लॉक स्तर पर कार्य कर रही है उन्होंने कहा कि इंटक राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश शर्मा सुंदरियाल पंजाब में इंटक को मजबूत करने के लिए पूरा सहयोग दे रहे हैं।


Monday, July 24, 2017

शांति से सम्पन्न हुआ पास्टर सुल्तान मसीह का श्रद्धांजलि कार्यक्रम

सभी दलों के नेताओं ने अर्पित किये श्रद्धा सुमन 
लुधियाना: 24 जुलाई 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्युरो)::
आज पास्टर सुल्तान मसीह को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए रखे कार्यक्रम का शांतिपूर्ण सम्पन्न हो जाना हम सभी के लिए बहुत स्कून की बात है। हत्यारों ने तो कोई कसर नहीं छोड़ी थी पंजाब के अमन को आग लगाने की। विगत 16-17 महीनों के  हत्यायों का सिलसिला कुछ यही संकेत करता है। पंजाब पुलिस हत्यारों को ढून्ढ न पाए यह बात तो हज़म ही नहीं होती लेकिन लोगों के सामने हत्यारों के नाम नहीं आये इस लिए उनका अपने हिसाब से सोचना भी बनता ही है। इस दुखद और नाज़ुक हालात में याद आ रही हैं जनाब कैफ़ी आज़मी साहिब की पंक्तियाँ। 
वो तेग मिल गयी जिससे हुआ था कत्ल मेरा,
किसी के हाथ का उस पर निशां नहीं मिलता। 
एक नेक इन्सान इस दुनिया से चला गया। उनसे किसी न किसी बहाने मिलने जाने वाले लोग बताते हैं कि पास्टर सुलतान मसीह कितने मेहमान नवाज़ थे। उनके प्रबंधन और कार्यप्रणाली  अनुशासन था। वो बहुत से लोग- जिनकी ज़िंदगी पास्टर सुलतान मसीह की कृपा दृष्टि से चल रही थी वे आज खुद को बहुत अकेला महसूस कर रहे हैं लेकिन वे शायद इस श्र्द्धांजलि सभा तक नहीं आ पाए होंगे।  सख्त पुलिस बंदोबस्त के दरम्यान हुए इस आयोजन में तकरीबन सभी राजनीतिक पार्टियों के नेता और प्रतिनिधि पहुंचे हुए थे। पूर्व और मौजूदा मंत्री भी आये हुए थे। माहौल सोगवार और गंभीर था। स्वर्गीय पास्टर सुलतान मसीह के नज़दीकी मित्रों में से एक अलबर्ट दुआ ने पंजाब के मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया कि उन्होंने पादरी परिवार के साथ किये वायदों को झट से पूरा भी करवाया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन का भी धन्यवाद किया जिन्हीने इतनी बड़ी घटना के बावजूद शहर के अमन  कानून को भंग नहीं होने दिया।
पास्टर के कातिलों को फांसी दो: शाही इमाम पंजाब
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हालांकि आज के कार्यक्रम के मौके पर भी सियासी नेताओं ने अपनी अपनी सियासी लाईन  के मुताबिक ही श्रद्धा सुमन अर्पित किये लेकिन एक बात स्पष्ट है कि अमन कानून को अपनी जेब में समझने का सिलसिला अकाली शासन में ही शुरू हो गया था लेकिन कांग्रेस की सरकार आने पर भी थम नहीं पाया। 
Munish Massey ने 17 जुलाई की बाद दोपहर अकाली नेता सुखबीर बादल का एक ब्यान शेयर किया था। जिसमें लिखा था-मैं इस दुःख की घड़ी में मृतक पादरी सुलतान मसीह परिवार और ईसाई भाईचारे के साथ हूँ। लुधियाना में सुल्तान मसीह पादरी की हत्या पंजाब में अमन कानून के हालात की गवाह है। पंजाब में अब कोई भी सुरक्षित नहीं लगता। 
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इस पर Bhatt Sunita  ने टिप्पणी करते हुए कहा- बकवास और राजनीति से भरपूर ब्यान जिसका किसी की भावनाओं के साथ कोई सरोकार नहीं। केवल कांग्रेस पार्टी को बदनाम करने की साज़िश। 
उन्होंने यह भी कहा--मुझे बहुत अफ़सोस है---और ये मेरे व्यक्तिगत विचार हैं। किसी भी पार्टी विशेष से इनका कोई लेनादेना नहीं है। 
फेसबुक की तरह कुछ यही सिलसिला वास्तविक ज़िंदगी में भी जारी है। हत्या की निंदा अपने अपने हिसाब से से की जा रही है। ऐसे संवेदनहीन माहौल में याद आ रही है दो पंक्तियाँ जो किसी ने फेसबुक पर पास्टर को शहीद किये जाने के बाद पोस्ट की:
ए मसीह आज भी तेरे खून से धरती सजाई जाती है
तेरे गुलामो पे गोली चलाई जाती है। 
अब देखना यह है कि हत्यारों को कितनी जल्दी पकड़ा जाता है?
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पास्टर के कातिलों को फांसी दो: शाही इमाम पंजाब

Wednesday, July 19, 2017

'किसान मुक्ति यात्रा'-देश भर में चार और यात्राएँ

Wed, Jul 19, 2017 at 6:55 PM
AIKSCC के संयोजक वी एम सिंह ने की यात्रा के अगले चरण की घोषणा
नई दिल्ली: 19 जुलाई 2017:(पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर किसान मुक्ति संसद आज दूसरे दिन भी जारी रहा। आत्महत्या कर चुके महाराष्ट्र के किसानों के बच्चों ने अपनी पीड़ा को एक नाटक के ज़रिए सबके सामने रखा। इस नाटक में उन लोगों ने दिखाया कि एक किसान की आत्महत्या के बाद उसके परिवार पर क्या गुज़रती है। बच्चों के इस प्रदर्शन ने दिल्ली के लोगों को झकझोर कर रख दिया।

उत्तरप्रदेश के आलू किसानों ने भी आलू के गिरते दाम के ख़िलाफ़ किसान मुक्ति संसद में अपना विरोध प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश से आलू किसानों के नेता आमिर ने कहा - "सरकार चाहती है कि हम अपनी फ़सल कोल्ड स्टॉरिज में रखें। लेकिन सच्चाई ये है कि हमारी फसल का जो दाम हमें मिल रहा है वो कोल्ड स्टॉरिज में रखने के ख़र्च से भी काफ़ी कम है। 

तमिलनाडु से आयी एक किसान की पत्नी रानी, जिसके पति को बैंक अधिकारियों ने इतना अपमानित किया कि उसने आत्महत्या कर ली, ने बताया - "बैंक के अधिकारियों ने मेरे पति से पूछा कि तुम बैंक का लोन नहीं चुका पा रहे हो तो अपनी पत्नी के कपड़े कैसे ख़रीद रहे हो। क्यूँ हमेशा ग़रीब को ही अपमानित होना पड़ता है? और, उन अमीर लोगों का क्या जो करोड़ों रुपये लेकर देश से भाग जाते हैं?"

किसान मुक्ति संसद को सम्बोधित करते हुए तमिलनाडु के किसानों के नेता ऐय्यकन्नु ने कहा - "तमिलनाडु के किसान सूखा जैसी स्थिति होने के कारण मर रहे हैं और हमारे विधायक किसानों के मुद्दों पर काम करने की बजाए अपनी सैलरी बढ़ाने की माँग लिए बैठे हैं।"

आज उन किसानों के बच्चे भी जंतर मंतर पर जमा हुए जिन्होंने आत्महत्या कर ली थी, उन बच्चों ने अपनी वेदना एक लघु नाटक के माद्ध्यम से बयान की। एक बच्चा अशोक पाटिल ने अपनी व्यथा प्रकट करते हुए कहा कि बहुत सारे नेता हमारे घर हमसे मिलने आये और हमसे बहुत सारे वादे करके गए, लेकिन हमें मिला क्या? सिर्फ अगले दिन के अखबार में नेताओं के साथ छपा एक फोटो। वो हमें मदद करने आये थे या सेल्फी लेने आये थे?"

मध्य प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी किसान मुक्ति संसद में आये। वो भी किसानों की इन दो माँगों से सहमत थे कि किसानो को ऋणमुक्त किया जाए तथा उनकी आय को बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि यह समय अपनी पार्टी तथा राजनीति से ऊपर उठकर हमें किसानों के साथ न्याय के इस संघर्ष में साथ होना चाहिए।

महाराष्ट्र से आये विधायक हर्ष वर्धन सहाय ने भी किसानों के इस संघर्ष में साथ होने का दम भरा।
किसान नेता एवं सांसद राजू शेट्टी ने आज लोकसभा में किसानों के मुद्दे को उठाया तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सवाल किया कि आपका स्वामीनाथन कमीशन के सुझाओं को लागू करने का वादा झूठा था क्या ? लोकसभा अध्यक्ष ने इनके माइक को बंद करवा दिया जिसके विरोध में राजू शेट्टी ने संसद से वाक आउट किया। राजू शेट्टी ने कहा - "मैं उस हाउस में मूक दर्शक बनकर नहीं रह सकता जहाँ किसानों की आवाज को दबाया जा रहा हो।"

AIKSCC के संयोजक V M सिंह ने किसान मुक्ति यात्रा के अगले चरण की घोषणा करते हुए कहा - "हमलोग यहीं नहीं रुकने वाले हैं, हमलोग पूरे देश के किसानो को संगठित करेंगे। हमलोग चार और यात्रा निकालेंगे जो कि हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड तथा बिहार में होगी। यह यात्रा 2 अक्टूबर को फिर दिल्ली पहुंचेगी और सरकार ने हमारी बात नहीं मानी तो हमलोग पूरे देश में अनिश्चितकालीन अनशन करेंगे।"

स्वराज इंडिया के अध्यक्ष श्री योगेन्द्र यादव ने कहा - "यह आन्दोलन किसान आंदोलनों के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। इस आँदोलन ने अलग अलग दल और विचारधारा के देश भर के किसान संगठनों के नेताओं को एक किया है। साथ ही, आज किसानों की युवा पीढ़ी भले ही किसानी छोड़ने पर मजबूर हो रही है, लेकिन वो किसानों की वेदना को भूली नहीं है। अब किसान निर्णायक संघर्ष करेगा।"

Sunday, July 16, 2017

पास्टर के कातिलों को फांसी दो: शाही इमाम पंजाब

Sun, Jul 16, 2017 at 3:56 PM
पंजाब में साम्प्रदायिक आतंक को सहन नहीं करेंगे अल्पसंख्यक

लुधियाना: 16 जुलाई 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
बीती शाम सलेम टाबरी चर्च के पास्टर सुल्तान मसीह की सरेआम गोलियां मार कर की गई हत्या पर पंजाब के दीनी मरकज जामा मस्जिद लुधियाना की ओर से गहरा दुख प्रगट करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने मांग की है कि हत्यारों को गिरफ्तार करके फांसी की सजा दी जाए। शाही इमाम ने कहा कि पास्टर सुल्तान की हत्या इस बात का संकेत है कि राज्य में साम्प्रदायिकता के नाम पर कुछ शरारती तत्व आतंक फैलाना चाहते है। उन्होंने कहा कि पंजाब में हिंदू, सिख, मुस्लिम, ईसाई भाईचारा बड़े ही प्यार से रह रहा है लेकिन कुछ साम्प्रदायिक ताकते इसे तोडऩा चाहती है, इस साजिश को किसी कीमत पर कामयाब नही होने दिया जाएगा। शाही इमाम ने कहा कि फिरकापरस्त शरारती तत्व अपने दिमाग से यह खामख्याली निकाल दें कि अल्पसंख्यक समुदाय उनकी गोलियों से डर जाएगा। शाही इमाम ने कहा कि वह पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से यह मांग करेंगे कि ईसाई समुदाय की सुरक्षा को यकीनी बनाया जाए और पास्टर सुल्तान मसीह के हत्या के पीछे साजिश करने वालो को भी बेनकाब किया जाए। शाही इमाम ने कहा कि पंजाब ने दस सालों तक आतंकवाद का काला दौर देखा है अब जबकि पंजाब तरक्की की ओर जा रहा है तो फिरकापरस्त ताकतें अपना आतंक फैलाना चाहती है। शाही इमाम ने कहा कि पास्टर पर हमला और कातिलों का फरार पुलिस व प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रशनचिन्ह है। इस मौके पर शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने पंजाब भर के समूह धर्मो के लोगों से अपील की कि इस दु:ख की घड़ी में सभी लोग अमन, शांति व कानून व्यवस्था को बनाए रखें। इस मौके पर गुलाम हसन कैसर, नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवी, कारी इब्राहिम, बिलाल खान, अंजुम असगर, हिफजुर रहमान, शाकिर आलम, परवेज आलम, शाह नवाज अहमद, अकरम अली, बाबुल खान, आजाद अली, मोहम्मद जावेद, अशरफ अली, मुहम्मद रियाज, मुहम्मद असलम, व शाही इमाम पंजाब के मुख्य सचिव मुस्तकीम अहरारी व अन्य भी मौजूद थे।