Tuesday, August 02, 2011

नाबालिग लड़की शादी के बाद अपने आशिक के साथ फरार


         अमृतसर से गजिंदर सिंह किंग  
एक तरफ सरकार और प्रशासन नाबालिग लड़की की शादी के विरोध में लोगों को जागरूक करने के लिए प्रयास कर रहा है और दूसरी तरफ लोग अभी भी लड़की को बोझ समझते हैं, ऐसा ही एक अनोखा मामला सामने आया है, अमृतसर के अजनाला के गाँव खान-वान में जहाँ एक माँ-बाप द्वारा सरकार के सारे दावो को दरकिनार करते हुए, अपनी नाबालिग बेटी की पहले तो एक बालिग लड़के से शादी करवाई और शादी के कुछ दिन बाद वह लड़की अपने ससुराल से अपने आशिक के साथ फरार हो गयी, पुलिस ने लड़की के पिता के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर जाच शुरू कर दी है
       हमारे देश में महिला सशक्तिकरन को लेकर सरकार और प्रशासन द्वारा नाबालिग लड़की की शादी के विरोध में लोगों को जागरूक कराने के लिए कितने ही दावे किये जाते हैं, लेकिन यह दावे कितने सच साहिब होते हैं, इसका जीता-जगता उद्धाहरण आज हम आपको दिखाते हैं, यह है 16 साल की मासूम पूजा, पूजा की शादी किसी और ने नहीं, बल्कि उसके अपने ही घर वालों ने उसे एक बोझ समझते हुए गाँव अवान लक्खा सिंह के बलकार मसीह से करीब आठ दिन पहले की थी, शादी से पहले पूजा का अपने ही गाँव के एक लड़के मँगा मसीह से प्रेम-प्रसंग था और शादी के आठ दिन बाद ही मँगा मसीह पूजा को उसके ससुराल से भगा ले गया है,  इस बारे में बात करते हुए पूजा के पिता  जोर्ज मसीह ने बताया, कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी गाँव अवान लक्खा सिंह में की थी और वहां से मँगा मसीह उसे भगा कर ले गया है, पूजा के पिता इस बात को कहने में जरा भी नहीं झिझके कि उनके लड़की की उम्र 16 साल है और उन्होंने अपनी नाबालिग बेटी की शादी करवाई है, जब उनसे पूछा गया, कि अपनी लड़की नाबालिग है, तो उनका जवाब था, कि उन्होंने यह कच्चा निकाह करवाया है 
और दो साल बाद पक्का निकाह किया जना था, लेकिन उनकी लड़की ससुराल से भागी है और उसके ससुराल वालों और उनकी मांग है, कि उनकी लड़की को वापिस दिलाया जाये, उनका कहना है कि उनकी लड़की को मँगा सिंह भगा कर ले गया है और वह हमारा रिश्तेदार है, इधर लड़की के परिवार वाले आरोपी के विरुद्ध सख्त से सख्त करवाई की मांग कर रहे हैं, उधर अगर देश के कानून पर नज़र डाले, तो हिन्दू मैरिज एक्ट 1955 के अधीन कोई भी लडकी जिस कि उम्र 18  साल  से कम है, उसकी शादी नहीं हो सकती, दरअसल 1978  में एक कानून के तहत देश में बाल-विवाह पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया था, यही नहीं अगर कोई माँ-बाप अपनी लडकी की जबरन शादी करता है, तो वह इसके लिए कसूर वार है और उस पर मामला दर्ज होना चाहिये, लेकिन यहाँ पर देश के कानून की धज्जियाँ उडाई गयी, देश के कानून की परवाह किये बिना, यहाँ पर एक मासूम को बोझ समझ कर उसकी शादी कर दी गयी, वहीँ पूजा के पिता का कहना है, कि शादी के बाद उनकी बेटी अब किसी और के साथ फरार हो गयी है और  आरोपी के विरुद्ध सख्त से सख्त करवाई की मांग कर रहे हैं
      वहीँ अब इस जुर्म की कहानी के लिए अगर हम अकेले  पूजा के पिता को जिम्मेदार कहे तो यह ठीक नहीं है, दरअसल पूजा के पिता का कहना है, कि उन्होंने लड़के वालों को पूजा की उम्र के बारे में बताया था, कि उसकी उम्र 16  साल है, लेकिन आज कानून के शिकंजे में फंसता देख पूजा के ससुराल वाले इस बात से अपना पल्ला खींच रहे है, दरअसल अगर कोई भी व्यक्ति या लड़का 16 साल की उम्र की लडकी से शादी करता है, तो वह भी जुर्म का बराबर का हिस्सेदार है, इस बारे में जब पूजा के ससुर  जागीर मसीह से बात की गयी तो उनका कहना था, कि उनको पूजा की उम्र के बारे में कुछ नहीं पता और जब उन्होंने अपने बेटे की शादी की थी, तब उनको यह नहीं पता था, कि लड़की की उम्र 16  साल है और जब पूजा उन के घर से अपने किसी आशिक के साथ फरार हो गयी, तब उनको पता चला कि पूजा की उम्र 16  साल है, लेकिन पूजा का पिता इस पूरे मामले में खुद कह रहा है, कि उसने लड़के वालों को इस बात की जानकारी दी थी, कि लडकी 16 साल की है, उधर लडकी की सास बलबीरो का कहना है, कि जब वह अपने घर में सो रहे थे, तब वह उनको ढूध में नशे की कोई चीज़ खिला कर फरार हो गयी है और घर से 1 लाख का सामान भी लूट कर अपने साथ ले गयी है, वहीँ इस पूरे प्रकरण में अब भी लड़का बलकार मसीह इस लडकी को अपनाने की बात कह रहा है, उसका कहना है, कि चाहे उसकी उम्र 16 साल है, वह फिर भी इस लडकी को अपनाना चाहता है
      वहीँ इस पूरे मामले में शादी के बाद अपने आशिक के साथ फरार होने के मामले में पुलिस की एक एहम भूमिका बनती है, जब यह सारा मामला पुलिस के पास आया, तब पुलिस ने जांच की और पूजा के आशिक को पकड़ कर उस पर अपहरण और और बलात्कार का मामला दर्ज कर दिया और लडकी को पकड़ कर नारी-निकेतन भेज दिया, वहीँ जब इस मामले में पुलिस से यह सवाल किया गया, कि लडकी की उम्र शादी के काबिल नहीं है, तब भिन्डी सैदां के पुलिस थाना प्रभारी  सुखबीर सिंह  का कहना था, कि इस मामले में एक विशेष बोर्ड बनाया जा रहा है, जिसके तहत इस लडकी की उम्र के बारे में पता लगाया जायेगा और जो भी रिपोर्ट आयेगी, उसके आधार पर कार्यवाही की जायेगी
      इस मामले में पुलिस ने चाहे पूजा और उसके आशिक को पकड लिया है, लेकिन पूजा के पिता और उसके पति पर भी नाबालिग लड़की की शादी किया जाने और करने का मामला बनता है, लेकिन इस पूरे मामले में यह बात साफ़ साबित होती है, कि आज भी हमारा देश कितना पिछड़ा है, जहाँ आज भी हमारे समाज में लडकी को एक बोझ समझा जाता है और जहाँ पूजा जैसी कई लडकियां अपनी मासूमियत में शादी के बोझ टले दब जाती हैं और लोग कानून का सरेआम मजाक उड़ाते हुए है और हमारे देश का कानून महेज किताबों तक ही सिमित रह जाता है. 

विजिलेंस पुलिस ने इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते रंगे हाथो किया काबू

            अमृतसरसे गजिंदर सिंह किंग
अमृतसर की विजिलेंस पुलिस ने तरनतारन के पंजाब स्टेट वेयर होउसिंग कोर्पोरेशन के एक इंस्पेक्टर को दस हजार रूपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ काबू किया है, विजिलेंस पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर आगे की जाँच शुरू कर दी है
            अमृतसर की विजिलेंस पुलिस ने तरनतारन के भिखीविंड कस्बे में तैनात पंजाब स्टेट वेयर होउसिंग कोर्पोरेशन का इंस्पेक्टर सुरिंदर पाल सिंह को दस हजार रूपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ काबू किया है, इस का यह आरोप है, कि इसने चीमा ट्रेडिंग कम्पनी के मालिक अमरजीत सिंह से उसकी हाड़ी की फसल के बोनस की पेमेंट के सिलसिले में पहले 85000 रूपये के चेक के बदले 16000 रूपये रिश्वत ली और अब अमरजीत द्वारा अपनी बनती आढ़त, मजदूरी और सिलाई सम्बन्धी बनती पेमेंट 54107 रूपये उसके पास चक्कर लगाने के बावजूद भी आरोपी उसे उसका चेक नहीं दे रहा था, इस पर आरोपी इंस्पेक्टर ने अमरजीत से दस हजार रूपये रिश्वत की मांग की, जिसे देने में पीड़ित ने असमर्थता जतायी और इस मामले में विजिलेंस पुलिस की मदद लेते हुए विजिलेंस पुलिस ने सरकारी गवाहों के सामने 10000 रूपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ काबू किया, विजिलेंस पुलिस  के  एस,एस,पी  रवइन्दर सिंह  ने आरोपी बारे जानकारी देते हुए बताया कि इस आरोपी ए,एस,आई  सुरिंदर पाल सिंहके खिलाफ मामला दर्ज कर इसे गिरफ्तार कर लिया है
        उधर इस मामले में पीड़ित अमरजीत ने अपने साथ हुई नाइंसाफी के बारे में जानकारी देते हुए मांग की, कि आरोपी को सख्त-से-सख्त सजा दी जाए क्यों कि आरोपी इंस्पेक्टर इससे पहले भी कई लोगों से रिश्वत लेता रहा है

Monday, August 01, 2011

सिख अजायब घर में लगाई गई महान सिख शख्सियतों की तस्वीरे


 अमृतसर से गजिंदर सिंह किंग:  
शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा सच्चखंड श्री हरिमंदिर साहिब में स्थापित सिख अजायब घर में सिख कौम और सिख पंथ के लिए महान काम करने वाली शख्सियतों के चित्र स्थापित किये जाते हैं और इसी के चलते आज शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ के आदेश पर श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह की हजूरी में सिख अजायब घर में आठ महान शख्सियतों के चित्र स्थापित किये गए.सच्चखंड श्री हरिमंदिर साहिब में शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा स्थापित सिख अजायब घर में शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के आदेश पर सिख कौम और सिख पंथ को बुलन्दीयो तक पहुचाने के लिए काम करने वाली महान शख्सियतो के चित्र और उनकी जीवनी से सम्बंधित दस्तावेजो को प्रदर्शित किया जाता है, ताकि आने वाली पीढ़ी इनसे अपने जीवन को सही दिशा प्रदान कर सके, इसी के चलते यहाँ पर आज शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ के आदेश पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह की रहनुमाई में एक धार्मिक समागम के दौरान शब्द-कीर्तन और अरदास करने के बाद यहाँ पर आठ महान शख्सियतों के चित्र स्थापित किये गए, जिसमे भाई बीर सिंह, पूर्व जत्थेदार श्री केशगढ़ साहिब, जत्थेदार काबल सिंह जी, संत बाबा अमर सिंह जी किर्ती, संत बाबा तारा सिंह जी कार सेवा वाले, जत्थेदार भगवंत सिंह हर्दोथला, पूर्व मेम्बर शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, कश्मीर सिंह, पूर्व मेम्बर शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, शहीद जय सिंह खलकट, भाई अवतार सिंह दिल्ली वाले और उधम सिंह जी भार सिंह पूरी, पूर्व मेम्बर शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चित्र  लगाये गए. इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने इन तस्वीरो के बारे में जानकारी देते हुए बताया, कि इन से आने वाली पीढ़ी को अपने जीवन को सही दिशा देने की प्रेरणा मिलती है .

बिजली विभाग के कारण गई लडके की जान

इलाका निवासीयो ने किया बटाला रोड पर प्रदर्शन   

अमृतसर - (गजिंदर सिंह किंग)  
पंजाब में बिजली विभाग की लापरवाही के कई किस्से आपने देखे और सुने होंगे, लेकिन जो किस्सा आज हम आप को बताने और दिखने जा रहे है, वह यह शायद सब से दर्द-नाक होगा, जी हाँ, अमृतसर में बिजली विभाग की  लापरवाही ने हँसते-खेलते युवक की जान ले ली और उसके घर की खुशियों को पल भार में मातम में बदल दिया, दरअसल मृतक आशु की उम्र 24 साल की थी और वह छत पर मोबाइल सुन रहा था, तभी बिजली की हाई-वोल्टेज तारों ने उसकी जान ले ली. अमृतसर के वेरका इलाके में रहने वाले 24 साल आशु की मौत का कारण कोई और नहीं बल्कि बिजली विभाग की तारें बनी, दरअसल इस कालोनी में बिजली की तारों के जजाल इस बात के गवाह है, कि इन घरों की छतों पर मौत किस तरह हर वक्त पहरा देती है, इस इलाके में हाई वोल्टेज तारों का जाल सा बिछा है, आलम यह है कि  इस इलाके का कोई घर भी ऐसा नहीं है, जहाँ से यह तारें न गुजरती हो, वहीँ यह हाई वोल्टेज तारें इस आशु नाम के युवक की मौत का कारण बनी, जब आशु अपने किसी दोस्त से फ़ोन पर बात कर रहा था, तभी वह फोन करता हुआ अपनी छत पर चला गया और इन हाई वोल्टेज तारों ने उसे आपनी लपेट में ले लिया और तेज करंट लगने से उसकी मौत हो गयी. यह कोई पहला ऐसा मामला नहीं है, जब इस तरह का हादसा हुआ हो, इससे पहले भी कई लोग इन तारों के कारण अपनी ज़िन्दगी से हाथ धो चुके है और कई लोग तो अपनी शरीर के अंग तक गवा चुके है, 
तीन साला की मासूम दिया जो कि खेल-खेल में बिजली विभाग की लापरवाही का शिकार हो गयी, जिसे वह शायद भूल न पाए, दरअसल दीया जब अपनी छत पर खेल रही थी, तभी अचानक वह इन तारों के नजदीक चली गयी और इन तारों ने इस मासूम को हंसी को निगल लिया, इस मासूम का हाथ कट गया और इसके पाँव में करंट लग गया जिस कारण आज यह लडकी हस्पताल में इलाज के लिए भर्ती है, यही नहीं इस मामले में इलाका निवासीयो ने इस बारे में बात करते हुए कहा, कि इस बारे में कई बार प्रशासन को इस बारे में जानकारी दी है, लेकिन प्रशासन के कानो पर कोई जू नहीं रेंगती, वह इस बारे में कई बार लिखित पत्र दे चुके हैं, इस मामले में वह कई बड़े अधिकारीयों से मिल कर इस बारे में बताया है, लेकिन अभी तक किसी ने भी कोई कारवाई नहीं की है, आलम यह है, कि इनका हाल-चाल जानने भी कोई अधिकारी नहीं पहुंचा.  
वहीँ आज इस युवक की मौत के बाद इलाका निवासीयो ने बटाला रोड पर पड़ने वाले बिजली विभाग के सामने प्रदर्शन किया, लोग सड़कों पर उतर आये और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की और रास्ता रोक कर अपना प्रदर्शन किया, वहीँ इस मामले में बिजली दफ्तर का घेराव भी किया और साथ ही इस मामले में विभाग के अधिकारी इस पूरे मामले में जांच का हवाला दे रहे है और उनका कहना है, कि यह शिकायत उनके पास आयी है और इस पर जांच की जायेगी और जो भी इस मामले में दोषी हुआ उस पर कार्यवाही बनती कारवाई की जायेगी
       सरकार के आदेश के बावजूद अभी तक इन हाई-वोल्टेज तारो को हटाने की करवाई नहीं की जा रही है, फिलहाल अब प्रशासन इस अपनी कुम्भ-करनीय नीद से जागा है और अगर प्रशासन ने समय रहते अपनी कारवाई को अंजाम दिया होता तो इन तारो को हटाया होता तो आज इन लोगों के साथ ऐसी घटनाएँ नहीं होती  

नाजायज़ सम्बन्धों के शक में पूरा परिवार ही गया मौत के मूंह में

 अमृतसर  से  गजिंदर सिंह किंग:  
अमृतसर के अजनाला तहसील में पड़ने वाले भारत-पाकिस्तान की सरहद से सटे रमदास कस्बे में उस समय एका-एक सनसनी फ़ैल गयी, जब सुबह कुछ दिन पहले दुबई से लौटे एक आदमी ने अपने परिवार सहित आत्म-हत्या कर ली, सूत्रों के मुताबिक आत्म-हत्या का कारण नाजायज सम्बंध पता चला है, पुलिस ने मृतको के शव अपने कब्जे में लेकर मामला दर्ज कर पोस्ट-मार्टम के लिए भेज दिए हैं. भारत-पाकिस्तान की अंतर-राष्ट्रीय सीमा पर बसा क़स्बा रमदास जहां उस समय मातम छा गया, जब यहाँ पर एक साथ तीन लोगों द्वारा आत्म-हत्या करने का मामला सामने आया है, दरअसल हरभजन सिंह  कुछ दिन पहले ही दुबई से वापिस भारत लौटा था और इस घर में हरभजन सिंह की पत्नी गुरमीत कौर और पांच साल का बेटे गुरजीत सिंह के साथ रहता था, सूत्रों के मुताबिक हरभजन सिंह को शक था, कि उसकी पत्नी के किसी के साथ नाजायज सम्बंध हैं और इसी के चलते कल देर रात हरभजन सिंह द्वारा अपने परिवार वालों को खाने में कोई जहरीला पदार्थ देकर और खुद भी उस जहरीले पदार्थ को निगल कर अपने परिवार की जीवन लीला समाप्त कर ली, उनकी आत्म-हत्या का खुलासा उस वक्त हुआ, जब पडोसीयो ने घर में कोई हलचल नहीं देखी और न ही घर से किसी को बाहर निकला हुआ देख, जब उन्होंने घर के अंदर जाकर देखा, तो वहां पर एक नहीं, दो नही  तीन शव पड़े हुए देखे, उन्होंने इस बारे में पुलिस को और मृतक के रिश्तेदारों को सूचित किया
       उधर इस घटना की जानकारी मिलते ही रमदास थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तीन मृतको के शव अपने कब्जे में लेकर अपनी कारवाई शुरू कर दी, पुलिस ने मृतक के भाई और पड़ोसियों के ब्यान दर्ज कर, मृतको के शव अपने कब्जे में लेकर, घटना स्थल का जायजा लिया और मामला दर्ज कर शवो को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया . 
       अवैध संबंधो के चलते आत्म-हत्या या हत्या का यह पहला मामला नहीं है, जब किसी को किसी की जान लेने या अपनी जान से हाथ धोना पड़ा हो, इस बार इन अवैध संबंधो के चलते जहाँ एक पति ने अपनी पत्नी को मौत के घाट उतार कर अपनी जीवन-लीला समाप्त की है, वहीँ पांच साल के मासूम की भी इन अवैध संबंधो ने बली ली है, सवाल यह उठता है, कि उस मासूम का क्या कसूर था, जिसे अपनी माँ के अवैध संबंधो के चलते अपनी जान से हाथ धोना पड़ा???????? 

कपूरथला में भी मनायी गयी तीज


सावन का महीना हो ओऊ पंजाब में तीज न मनायी जा रही हो यह कैसे हो सकता है ? गाँव गाँव में तीज का जोर है. सदियों पुरानी यह परम्परा आज भी कायम है. मानव तन और मन के गहरे विज्ञान को समेटे हुए यह परम्परा बहुत कुछ  कहती है, बहुत कुछ सिखाती है. इस विज्ञान का तत्व जिसे समझ में आ जाये वह फिर ज़िंदगी भर कभी कभीं भी कमज़ोर नहीं पड़ता. हर साल तीज के मौके पर तन और मन की इस अंतर शकिती को हर बार बढाने में मदद करता है सावन का महीना. इन्हीं कारणों से इस महीने में तीज का आयोजन जगह जगह होता है. मस्ती की इस परम्परा में शामिल होते हुए कपूरथला के श्री गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूल में भी तीज का त्योहार धूमधाम से मनाया गया प्रिंसीपल जसबीर वधवा के नेतृत्व में.हर तरफ एक उत्सव सा रंगीन माहौल था. हवा में भी एक अजीब सी मस्ती और  सुरीलापन आ गया था. गिद्धे की धमक ने कुछ देर के लिए सभी चितायों को भुला दिया था.  इस मौके पर स्कूल के बच्चों की ओर से पंजाबी सभ्याचार को दर्शाता रंगारंग कार्यक्रम पेश किया गया, जिसमें गीत, लोक गीत, स्किट आदि शामिल की गईं. समागम का मुख्य आकर्षण रहा मेहंदी लगाने का मुकाबला.इन मासूम हाथों पर लगी मेहंदी का रंग सभी को भा रहा था और एक संदेश भी दे रहा था कि ज़िन्दगी में रंग लाना हो तो इसी तरह पिसना भी पड़ता है जिस तरह मेहंदी पिसती है.. मुकाबले में चेतनजोत, प्रभलीन तथा लवप्रीत कौर ने प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान जबकि दूसरे ग्रुप में मनप्रीत कौर प्रथम, रवनीत कौर द्वितीय व कर्मजीत कौर तृतीय स्थान पर रही. इसी तरह परमिंदर कौर को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया. समागम के अंत में छात्राओं ने गिद्दा पेश किया. इस मौके पर प्रिंसीपल जसबीर वधवा के अलावा जसविंदर सिंह, राजतिंदर कौर, नवरीत कौर, अंजू, हरदीप कौर, सुरिंदर कौर तथा बड़ी संख्या में स्कूल की छात्राएं भी उपस्थित थीं. इस जोश, मस्ती, रंगीनी और संगीत मई पलों के इस यादगारी आयोजन की छाप मन पर हमेशां के लिए बन गयी.---ब्यूरो रिपोर्ट 

कन्या भ्रूण हत्या की बुराई के खिलाफ सभी लोग आगे आयें


मुख्यमंत्री बादल का आह्वान
पंजाब के विकास की रफ़्तार को तेज़ करने में जुटे मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल अब पंजाब की विरासत और संस्कृति की चिंता भी कर रहे हैं. वह इस बात को लेकर दुखद हैं कि लड़कियों की संख्या अब भी लगातार कम हो रही है. मुख्यमंत्री बादल रविवार को अबोहर तहसील के गांव खुइयांसरवर में पंजाब समाज कल्याण बोर्ड द्वारा आयोजित धीयां बचाओ, तीज मनाओ कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए आये हुए थे. धीयां बचाओ-- तीज मनाओ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सभी को कन्या भू्रण हत्या जैसी बुराई के खिलाफ अभियान छेड़ना चाहिए,  मुख्यमंत्री बादल  ने कहा कि पंजाब में लड़कियों की कम हो रही संख्या चिंता का विषय है.  ताकि इस बुराई को जड़ से खत्म किया जा सके.  उन्होंने कहा कि पंजाब में भू्रणहत्या पर नियंत्रण पाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं. समय के साथ नारी शक्ति ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी काबिलियत का परिचय भी दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वे संसद में महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी की हिमायत करते हैं और इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा है. उन्हें इस बात की खुशी है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में ३२ महिलाएं सदस्य हैं. उन्होंने महिलाओं की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि वे राज्य, देश और परिवार के विकास के लिए पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहायक धंधे अपनाकर अपने परिवार की आमदनी में वृद्धि करें. इस मौके पर आयोजित किये गए सभ्याचारक मेले के संबंध में मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि ऐसे मेले हमें अपनी सभ्यता के साथ जोड़े रखने का काम करते हैं और इन आयोजनों से आपसी सद्भाव भी बढ़ता है. इस मौके पर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री अरुणेश शाकर ने कहा कि धार्मिक, शैक्षणिक व सामाजिक संस्थाओं को भू्रणहत्या रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने चाहिए. समाज कल्याण बोर्ड की चेयरपर्सन विजय लक्ष्मी भादू ने मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों का स्वागत किया. मुख्यमंत्री ने इस मौके पर लगे स्टालों का भी निरीक्षण किया और उनकी प्रशंसा की.  इस अवसर पर छात्राओं व आसपास के गांवों की महिलाओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए गए. मुख्यमंत्री ने इस अवसर को और भी यादगारी बनाते हुए विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को  सम्मानित भी किया. अब देखना यह है कि जिस चिंता का इज़हार मुख्यमंत्री ने किया है; उस चिंता को समाज के अन्य वर्गों से जुड़े लोग भी महसूस करते हैं या नहीं. ब्यूरो रिपोर्ट  ------