Friday, February 28, 2014

अब अमृतसर के मेडिकल कालेज में हुआ गुंडागर्दी का नाच

हमलावर अक्सर देते थे असर रसूख की धमकियां 
अमृतसर: 27 फरवरी 2014: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो): 
गोलीकांड, गुंडागर्दी और कोई न कोई जुर्म---अब पंजाब में भी यह सब आम होने लगा है। अब यह सब हुआ है अमृतसर के मेडिकल कालेज मेंजहाँ इस तरह की बात कभी सोची भी नहीं जा सकती। मेडिकल शिक्षा के उस माहौल में भी वहाँ गुंडागर्दी का नंगा नाच हुआ है। गुंडागर्दी का यह नंगा नाच मैडीकल कालेज में आज देर सायं उस समय हुआ जब बाहर से आए 2 दर्जन के करीब हथियारबंद युवकों ने मैडीकल कालेज परिसर में चल रहे क्रिकेट टूर्नामैंट को बंद कर मैदान उनके हवाले करने को कहा। जब बाहरी युवकों ने दादागिरी के अंदाज़ में उन्हें खेलने के लिए जगह खाली करने का  तो मैडीकल कालेज के छात्र व बाहरी युवक भी भड़क गए। देखते ही देखते दोनों गुट आमने-सामने हो गए और दोनों में टकराव हो शुरू गया। जब इस बारे में होस्टल के छात्रों को पता चला तो खबर मिलते ही वे भी तुरंत ग्राऊंड में आ गए और जमकर एक दूसरे पर वार करने लगे। यह टकराव देख कर एकबारगी तो आतंक के काले दिनों की याद ताज़ा हो गयी। उस समय भी पुलिस और प्रशासन पंगु बना नज़र आता था। 

इस खतरनाक टकराव के दौरान मैडीकल कालेज के छात्रों में दीपइंद्र सिंह, मङ्क्षनद्र सिंह, केशव व मोहित घायल हो गए जबकि बाहरी युवकों में हनी, अजय व मंगल को भी चोटें लगीं।  मैडीकल कालेज के घायल हुए छात्रों को उपचार के लिए तुरंत गुरु नानक देव अस्पताल की एमरजैंसी में भर्ती करवाया गया जबकि बाहर से आए युवकों का अस्पताल में उपचार न होने के कारण फिर से टकराव की हालत पैदा हो गयी। इस पर बाहरी गुट व कालेज के छात्र फिर से एमरजैंसी के समक्ष आमने-सामने हो गए। 
खबर मिलते ही सारा  प्रशासन सकते में आ गया। घटना की जानकारी मिलते ही थाना सिविल लाइन के प्रभारी इंस्पैक्टर सुखविंद्र सिंह घटनास्थल पर पहुंच गए और उन्होंने इस सारी स्थिति का तुरंत जायजा लिया। आरम्भिक जाँच के दौरान मैडीकल कालेज के छात्रों का आरोप था कि बाहर से आए युवक अक्सर कालेज परिसर में आकर जहां लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करते हैं, वहीं उन्हें भी इस बात से परेशानी होती है। जब वे उन लोगों को ऐसा करने से रोकते हैं तो वे अपने असर रसूख की धमकियां देने लगते हैं। उन्होंने कहा कि यह सिलसिला काफी लम्बे समय से चल रहा था। दूसरी ओर घायल हुए बाहरी युवकों ने कहा कि वे मैडीकल कालेज की ग्राऊंड में खेलने के लिए आते हैं और आज जब वे वहां पहुंचे तो छात्रों द्वारा हमला कर उन्हें घायल कर दिया गया। दोनों ओर से मामले पुलिस के विचाराधीन हैं। थाना प्रभारी का कहना है कि जांच के उपरांत आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह है कि मेडिकल कालेज में बाहरी लोगों का क्या काम वह भी रोज़ रोज़ और साथ ही यह भी पता लगाना होगा कि इन बाहरी लोगों के पीछे कौन से असर रसूख वाले लोग हैं?

महाशिवरात्रि पर संत आसारामजी आश्रम में विशेष आयोजन

Thu, Feb 27, 2014 at 7:35 PM
सम्पन्न हुआ 108 कुण्डी महारूद्र यज्ञ व 108 पार्थिव शिवलिंग पूजन
अहमदाबाद: 27 फरवरी 2014: मोटेरा स्थित संत श्री आसारामजी आश्रम में महाशिवरात्रि के निमित्त विशेष कार्यक्रम आयोजित किये गये थे । प्रातः साढ़े 6 बजे से ही सामूहिक जप शुरू हो गया, जिसमें बापू के भक्तों ने निर्जल उपवास रखकर अपने सद्गुरु के उत्तम स्वास्थ्य व शीघ्र ही सत्य की विजय हो ऐसा शुभ संकल्प कर जप प्रारंभ किया। बताया गया है कि सामूहिक जप, ध्यान, कीर्तन, प्रार्थना व हवन आदि से करनेवालों को तो फायदा होता ही है पर साथ ही वातावरण में भी पवित्रता फैलती है। भगवद्भक्तों के शुभ संकल्प से सर्वत्र मंगलकारी वातावरण बनता है । यही कारण है कि प्राचीनकाल में जप-तप, ध्यान एवं यज्ञादिक अनुष्ठानों के प्रभाव से लोगों के जीवन सुखमय व्यतीत होते थे। बापूजी ने उसी दिव्य वैदिक परम्परा को पुनर्जीवित कर हमें एक नयी राह दिखाई है, जो सर्वमंगलकारी है।
सुबह के सामूहिक जप के बाद 11 बजे से 108 कुण्डी रूद्रयज्ञ प्रारंभ हुआ, जिसमें भक्तों की भारी उपस्थिति थी। सबने बड़े ही उत्साह व भाव के साथ बाबा बोलेनाथ का सुमिरन व  पूजन किया । यज्ञ कार्य दोपहर 3-30 बजे संपन्न हुआ । इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ शाम 6 बजे से शुरू हुआ रात्रि के चारों पहरों में 108 पार्थिव शिवलिंगों का अभिषेक व पूजन का कार्यक्रम । प्रथम, दूसरे, तीसरे व चौथे प्रहरों में क्रमशः दूध, दही, घी व शहद से शिवलिंग का अभिषेक कर भक्त अभिभूत हुए।
आश्रम प्रवक्ता ने बताया कि संत आसारामजी बापू महाशिवरात्रि पर्व की महिमा बताते हुए संदेश देते हैं कि ‘‘महाशिवरात्रि जागरण, साधना, भजन करने की रात्रि है । शिव’ का तात्पर्य है कल्याणअर्थात् यह रात्रि बड़ी कल्याणकारी है। इस रात्रि में किया जानेवाला जागरण, व्रत-उपवास, साधन-भजन, अर्थसहित शांत जप-ध्यान अत्यंत फलदायी माना जाता है।’’
महाशिवरात्रि का तात्त्विक रहस्य समझाते हुए बापू कहते हैं कि ‘‘महाशिवरात्रि पर्व यह संदेश देता है कि जैसे शिवजी हिमशिखर पर रहते हैं, माने समता की शीतलता पर विराजते हैं, ऐसे ही आप भी साधना की ऊँचाई पर विराजमान होओ तथा सुख-दुःख के भोगी मत बनो । सुख को बाँटकर उसका उपयोग करो, दुःख का भी उपयोग करो। शिवजी कहते हैं कि मैं बड़े-बड़े तपों से, बड़े-बड़े यज्ञों से, बड़े-बड़े दानों से, बड़े-बड़े व्रतों से इतना संतुष्ट नहीं होता हूँ जितना शिवरात्रि के दिन उपवास करने से होता हूँ ।’ शिवरात्रि को उपवास करने से सौ यज्ञों से भी अधिक पुण्य होता है ।’’
व्यवस्थापकों के अनुसार संत आसारामजी बापू के इस संदेश को जीवन में चरितार्थ करने हेतु उपरोक्त पुण्यदायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने व्रत, उपवास और कइयों ने निर्जल उपवास कर भरपूर लाभ लिया व अपने सद्गुरु के शीघ्र दर्शन हेतु शुभ संकल्प किये।

Jaago Ab To Jaago - Press Conference 1/3




Tuesday, February 25, 2014

श्रीमती शिल्पी दास पी०एच०डी० (संगीताचार्य) से सम्मानित

 Tue, Feb 25, 2014 at 10:15 PM
श्रीमती शिल्पी दास प्रवक्ता राजकीय बालिका विद्धालय विजय नगर आगरा को विषय ’गायन सिद्धान्त मे उनके मौलिक शोध प्रपत्र "संगीत गायन के विभिन्न आयाम का विवेचनात्मक अद्ध्यन " के लिये प्रयाग संगीत समिति ,इलाह्बाद के सचिव श्री अरुण कुमार द्धारा दिनांक 20 फ़रवरी 2014 को पी०एच०डी० (संगीताचार्य) से सम्मानित किया गया ! उक्त शोध के लिये निर्देशन डा० आर० एन० सिंह करनाल ने किया ! इस सम्मान के मिलने से उन्हें जानने समझने वाले सभी क्षेत्रों में प्रसन्नता पाई जा रही है। उन्हें बधाई देने वाले लगातार उनसे सम्पर्क करके उन तक अपने स्नेह पूर्ण संदेश पहुंचा  रहे हैं।
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज सिकन्दरा २८२००७

Monday, February 24, 2014

' कार वालों पर मेहरबान सरकार'

Mon, Feb 24, 2014 at 11:19 AM

            
Kanhaiya Jha (Research Scholar)
Makhanlal Chaturvedi National Journalism and Communication University,
Bhopal, Madhya Pradesh
+919958806745+919958806745, (Delhi) +918962166336+918962166336 (Bhopal)

Email : kanhaiya@journalist.com

            Facebook : https://www.facebook.com/kanhaiya.jha.5076
     अभी हाल में सत्र 2014-15 के लिए पेश किये गए अंतरिम बजट में कारों पर टैक्स कम कर वित्त मंत्री ने 'कार-सेवा' ही की है. यह भी तब जब कि देश के मध्य एवं उच्च वर्ग की सेवा के लिए विश्व के अनेक कार निर्माता स्वयं यहाँ पर कारें बनाने को आतुर हैं. राष्ट्रीय शहरी यातायात नीति (NUTP) भी निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन के प्रयोग को प्राथमिकता देती है. कारों की खरीद के लिए पैसों की व्यवस्था में भी सरकार ने कुछ योगदान किया. कुछ महीने पहले सरकार ने सातवें वेतन आयोग का गठन कर वास्तव में 'कार सेवा' ही की थी. मध्य वर्ग के लिए कार रखना एक Status Symbol है. 'टेरी' (१) के एक अध्ययन के अनुसार मुख्यतः उच्च-मध्य वर्ग परिवारों में आय बढने के साथ-साथ एक से अधिक कारें रखना सुविधा से अधिक जरूरत बन जाती है.   

     पिछले दस वर्षों में दिल्ली सरकार की उपलब्धियों में अनेकों फ्लाई-ओवर्स, पार्किंग स्थल आदि का निर्माण गिनाया जाता है. परंतू नयी कारों के रजिस्ट्रेशन पर कोई नियंत्रण न करने से आज भी सड़कों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति वैसी ही बनी हुई है. जापान जैसे समृद्ध देश में भी नयी कार का रजिस्ट्रेशन तभी किया जाता है जब  कार मालिक पार्किंग सुविधा का प्रमाण देता है. सिंगापुर एवं हाँगकॉंग जैसे समृद्ध शहरी देशों का कुल उत्पाद दिल्ली तथा चेन्नई से कहीं ज्यादा होने पर भी कारों की संख्या कम है. भारत के प्रतिस्पर्धी चीन ने भी अपने अनेक बड़े शहरों में कार रजिस्ट्रेशन का कोटा तय किया हुआ है. दिल्ली और बंगलौर में लगभग तीस हज़ार कारें प्रति-माह रजिस्टर होती हैं जबकि शंघाई शहर में केवल 7 से 8 हज़ार देश के अनेक बड़े शहर बड़ी तेज़ी से दिल्ली एवं बंगलौर की बराबरी पर पहुँच रहे हैं.

     देश पेट्रोलियम पदार्थों की अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत आयात करता है. यदि कारों की संख्या में इसी तरह की वृद्धि होती रही तो अगले 15 वर्षों में आयात पर यह निर्भरता बढ़ कर 90 प्रतिशत हो जायेगी. खाड़ी देशों की अस्थिरता के चलते देश के लिए यह एक बड़ी समस्या बन सकती है.

     देश में महंगाई का मुख्य कारण देसी एवं विदेशी बजट का घाटा है. विदेशी बजट घाटे में पेट्रोलियम पदार्थों के आयात का, जो कि कुल आयात का लगभग एक तिहाई होता है, मुख्य योगदान रहता है. जिस तेज़ी से निर्यात बढ़ता है उससे कहीं अधिक तेज़ी से आयात बढ़ जाता है. रुपये के अवमूल्यन से भी विदेशी बजट घाटा बढ़ता है. निर्यात बढाने के लिए खनन का सहारा लेना पड़ता है, जिसके वैध और उससे कहीं ज्यादा अवैध खनन से गाँव उजडते हैं, जंगल कटते हैं और साथ ही देश की संपत्ति का भी निर्यात हो जाता है. विकास के लिए खनिज पदार्थ संपदा से कम नहीं होते हैं.

     देसी घाटे का मुख्य कारण भ्रष्टाचार है, जिसमें टैक्स की चोरी, योजनाओं में भ्रष्टाचार आदि अनेक बिन्दु शामिल हैं. इस घाटे को पूरा करने के लिए सरकार देश के सार्वजनिक संस्थानों में अपने शेयर्स बेचती है, जिसे खरीदने में निजी पूंजी के अलावा विदेशी पूंजी भी शामिल रहती है. यह भी एक प्रकार से घाटा पूरा करने के लिए देश की संपदा को बेचना ही है.   

     इस देश की अधिकांश जनता 'बे-कार' अथवा बिना कार वाली है. अनियोजित क्षेत्रों में काम करने वाली यह जनता महंगाई से सबसे अधिक प्रभावित होती है, क्योंकि इसे कोई महंगाई भत्ता नहीं मिलता. काश इस देश की गरीब जनता को इन विषयों की समझ होती अथवा मई 2014 में जनता के नाम पर नए राज्य करने वालों में ईश्वर कुछ भावुकता पैदा करे.   

Sunday, February 23, 2014

लुधियाना में B.M.D. कैंप आज

जैन हेल्थ सेंटर , बसंत विहार ,नूरवाला रोड पर होगा आयोजन 
लुधियाना; 23 फ़रवरी 2014: (सतपाल सोनी//पंजाब स्क्रीन):
जो अंग्रेजी दवायों के दुष्प्रभाव से टन आ चुके हैं उनके लिए 23 फरवरी दिन रविवार को एक विशेष मेडिकल कैंप लगाया जा रहा है लुधियाना की नूरवाला रोड पर। इसका आयोजन आयुर्वेद प्रचार संगठन,वासु,bacfo,panacea,सांडू,वाइटल केयर इत्यादि कंपनियों के सहयोग से किया जा रहा है और इस स्वास्थ्य सिलसिले में यह सातवां integrated मेडिकल कैंप लगाया जा रहा है। इस कैंप में हड्डियों के कैल्शियम की जांच p-dexa /BMD मशीन द्वारा सिर्फ 50₹/-की जाएगी।(जिसका बाज़ार मूल्य 1500₹ है)

अगर आपकी उम्र 35 वर्ष से ज्यादा है,या आपको जोड़ो के दर्द,शुगर,किडनी,थाइरोइड इत्यादि कोई बीमारी है,या स्त्री जिनकी माहवारी बंद हो गयी है या आपको जल्द फ्रैक्चर हो जाता है तो निसंकोच आप इस कैंप का लाभ उठा सकते है।

कैंप में मिलने वाली अन्य सुविधाऐ--फ्री शुगर जांच,-फ्री न्यूरोपैथी जांच,-BMD जाँच मात्र 50 ₹/- में, -फ्री मोटापे की जाँच B.M.I. test, -फ्री सलाह, -आयुर्वेदिक व् एलोपैथिक दवाईया कम मूल्य पर।
भाग लेने वाली कम्पनी-#आयुर्वेदिक-वासु,bacfo,vital care इत्यादि
#एलोपैथिक-panacea,mits,lupin,emcureetc 
अन्य सहयोगकर्ता-
*NIMA,ludh
*D.P. jain enterprises से श्री अविनाश जैन जी व् श्री पारुल जैन जी
*जैन दुग्गड़ टेक्सटाइल्स , मोचपुरा बाज़ार से श्री विपन जैन जी
*निस्वार्थ सेवा समिति से श्री लवली जैन जी व् अन्य
*पारिवारिक मेम्बर व् अन्य मित्रघन।
कैंप का उद्देश्य- 
BMD जांच का मुख्य उद्देश्य आपकी हड्डियों में कैल्शियम की सघनता की जांच करना होता है।
अगर हड्डियों में कैल्शियम कम होगा तो निसंदेह हड्डियाँ कमजोर होगी और उनके टूटने का खतरा अधिक होगा।
जिन महिलाओ में माहवारी ख़तम (मीनोपॉज) हो गयी है,में कैल्शियम कम हो
जाता है। ऐसी महिलाओ में अतिरिक्त कैल्शियम की जरुरत होती है।
समय रहते अगर कैल्शियम की मात्रा को पूरा कर लिया जाए तो कई भंयकर बीमारियों से बचा जा सकता है।
तो अवश्य इस कैंप का लाभ उठाये।

कैल्शियम को पूरा करने के निम्नलिखित तरीके है-

1.आहार-खाने में ऐसे पदार्थो को इस्तेमाल करना जिनमे कैल्शियम की अधिक मात्रा होती है -जैसे दूध या दूध से बने पदार्थ

2.धुप-से विटामिन डी की प्राप्ति होती है जो कैल्शियम का assimilation बढाता है।

3.दवाई- ऐसी कई आयुर्वेदिक व् एलोपैथिक दवाइयां बाजार में उपलब्ध है जिनसे कैल्शियम की कमी को पूरा किया जा सकता है।
इन औषधियों को व्याधि के अनुसार 3 महीने से लेकर उम्र भर इस्तेमाल का सुझाव डॉ द्वारा चेक अप करके बताया जाता है।

अधिक जानकारी व् रजिस्ट्रेशन के लिए संपर्क करे-
डॉ राहुल जैन
9815606162

Saturday, February 22, 2014

पुलिस देखती रही तोड़फोड़ का तमाशा !

Sat, Feb 22, 2014 at 8:16 PM
आम आदमी पार्टी के महाराष्ट्र कार्यालय में NCP द्धारा तोड़फोड़
महाराष्ट्र के बिजली वितरण के स्केम को आम आदमी पार्टी महाराष्ट्र द्वारा मीडिया में कांग्रेस-NCP की तात्कालिक सरकार की मिलीभगत का नाम उजागर करने से आज 22-02-204 को NCP के कार्यकर्ता चकाला अँधेरी स्थित आम आदमी पार्टी के कार्यालय पर हमला किया | कार्यालय के बहार टंगे बैनर पर स्याही फेकी गयी और श्री अरविन्द केजरीवाल जी के कटआउट को जलाया गया | यह सब होते समय MIDC पुलिस थाने के हद में आने वाले पुलिसकर्मी सब तमाशा देखते रहे | NCP के कार्यकर्ताओ के हमले  के सम्बन्ध में जब श्री मयंक गाँधी ‘आप’ की तरफ से और उत्तर पश्चिम लोकसभा मुंबई क्षत्र के उम्मीदवार और ‘’आप’’ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य जब MIDC पुलिस ठाणे, NCP के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने गये तो उन्हें और ‘आप’ के कुछ कर्येकर्ताओ को गिरफ्तार कर लिया गया |
हम इस घटना की निंदा करते है तथा यह चेतावनी देते है की इस तरह की राजनिति, गुंडागर्दी हम नही सहेंगे | महाराष्ट्र की गृह मंत्री NCP के होते हुए पुलिस की निष्क्रियता मंत्रालय द्वारा दिए हुए आदेश के तहत एक  साजिश है यह बात स्पष्ट है | NCP के नए हमलों से महाराष्ट्र की जनता गुमराह नही होगी क्युकी वह ‘आप’ की वैकल्पिक उम्मीदवारी चाहती है | श्री मयंक गाँधी  तथा अन्य साथियों को तुरंत रिहा किया जाये अन्यथा हम इसके खिलाफ हर तरह से आवाज़ उठाएंगे |
मेधा पाटकर  (आम आदमी पार्टी के उत्तर पूर्व मुंबई लोकसभा क्षेत्र की उम्मीदवार )

GNG कालेज की छात्राओं ने जगाया भूले बिसरे पंजाबी गीतों का जादू

Update 0n 25th Feb 2014 at 7:45 AM
737 छात्राओं को पुरस्कार प्रदान किये गए
लुधियाना: 22 फरवरी 2014: (रेकटर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):
गुरुनानक गर्ल्ज़ कालेज माडल टाऊन में उस दिन फिर चहल पहल थी। इस कालेज की छात्राओं के जीवन में एक और यादगारी दिन जुड़ रहा था।  उस दिन वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में उन्हें उनकी मेहनत का सम्मान जो मिलना था। कालेज के आडिटोरियम का रंगारंग माहौल और उसमें बिखर रहीं संगीत लहरियां आसपास के पूरे माहौल में एक नया जादू जगा रहीं थीं। मंच पर मौजूद कालेज कि प्रबंधन समिति के प्रधान गुरबीर सिंह और प्रिंसिपल चरणजीत कौर माहल अपने कालेज की इन प्रतिभाशाली लड़कियों का होंसला बढ़ा रहे थे। आधुनिक परवेश के साथ कदम दर कदम मिला कर चलने वाला यह काले कभी अपनी विरासत और संस्कृति को नहीं भूलता इसका अहसास हो रहा था एक पुराने हिट पंजाबी गीत के बोलों से। कालेज की लड़कियों ने अपनी आवाज़ से इस पुराने गीत में एक नई रूह फूंक दी थी। लीजिये आप भी सुनिये वोह गीत:
बत्ती बाल के बनेरे उत्ते रखनी आं-------इसे देखने सुनने के लिए बस यहाँ क्लिक करें 
आप इसे यूटयूब पर भी देख सुन सकते हैं बस यहाँ क्लिक करके 
इस तरह इस कालेज की छात्राओं ने भूले बिसरे पंजाबी गीतों के गायन से जता दिया कि आधुनिक जन जीवन को अपनाने के बावजूद हमें अपना अतीत याद है---हमें अपना गौरवशाली संगीत याद है। इस तरह की बहुत सी आइटमें उस दिन प्रस्तुत कीं गयीं।
इस शुभ अवसर पर कालेज की 737 छात्राओं को पुरस्कार प्रदान किये गए। इस यादगारी कार्यक्रम में गुरु नानक एजूकेशन ट्रस्ट के मेंबर डा. एस एस माहल (प्रोफेसर-पीएयू लुधियाना), सरदार मनिंदरजीत सिंह बावा और सरदार ईश्वरजोत सिंह चीमा विशेष तौर पर मौजूद रहे।
इस यादगारी अवसर की कुछ तस्वीरें अब हमने यहां भी जोड़ दी हैं। 
आप इन्हें यहाँ पर क्लिक करके भी देख सकते हैं और यूटयूब पर भी ये तस्वीरें उपलब्ध हैं। ये दोनों लिंक आप अपने किसी भी परिजन/मित्र को मेल या सोशल साईटस के ज़रिये विदेश में भी भेज सकते हैं।  

Friday, February 21, 2014

अयाली और द्रविड़ को किया जायेगा ड्र्ग फ्री सिटी सम्मानित

Fri, Feb 21, 2014 at 2:56 PM
शिव वेलफेयर सोसाईटी करेगी विशेष आयोजन 
लुधियाना:  21 फरवरी 2014: (सतपाल सोनी//पंजाब स्क्रीन): 
शिव वैल्फेयर सोसायटी विधायक अयाली और द्रविड़ को सिटी ड्रग फ्री अवार्ड से सम्मानित करेगी। यह घोषणा बाकायदा मीडिया में भी  गयी है।  शिव वैल्फेयर सोसायटी 3 मार्च को रेलवे स्टेशन के समीप आयोजित होने भंडारे के दौरान विधानसभा दाखा के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली और लक्ष्मण द्रविड़ को सिटी ड्रग फ्री अवार्ड से सम्मानित करेगी। यह अवार्ड उन्हें युवा वर्ग को नशा मुक्त करके स्वस्थ समाज की सिरजना करने के बदले दिया जाएगा। उपरोक्त जानकारी सोसायटी अध्यक्ष बिटट्ू गुम्बर, चेयरमैन अश्वनी त्रेहन ,महामंत्री राजू गुम्बर और उपाध्यक्ष राजेश हैप्पी ने विधायक मनप्रीत सिंह अयाली, विधायक रणजीत सिंह ढिल्लों, विधायक दर्शन सिंह शिवालक ,विधायक एस एस कलेर,जिला योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष हीरा सिंह गाबडिय़ा,अकाली नेता अशोक मक्कड़,बाबा अजीत सिंह और पार्षद तनवीर सिंह धालीवाल को सोसायटी की तरफ आयोजित होने वाले छठे भंडारे का निमंत्रण देने के उपरांत दी। इस अवसर पर उनके साथ युवा अकाली नेता गुरदीप सिंह गोशा भी मौजूद थे। सोसायटी की तरफ से विधायक मनप्रीत सिंह अयाली और लक्षमण द्रविड़ को नशा मुक्त समाज की सिरजना के बदले सम्मानित करने की जानकारी देते हुए उन्होने बताया कि सोसायटी हर वर्ष नारी उत्थान, समाज सेवा,स्वस्थ समाज और भ्रष्टाचार मु्क्त की समाज की सिरजना और धार्मिक क्षेत्र में अच्छा कार्य करने वाली शख्शियतों को विशेष अवार्ड से सम्मानित करके अपना साामजिक दायित्व निभाती है। इसी कड़ी के तहत इस वर्ष भी विभिन्न शख्शियतों को सम्मानित किया जाएगा। 
अयाली और द्रविड़ को किया जायेगा ड्र्ग फ्री सिटी सम्मानित

Tuesday, February 18, 2014

या तो सुखबीर अपने आरोप साबित करें या फिर गद्दी छोड़ दें

फूलका ने माना मीडिया को अपना जज 
लुधियाना: 18 फरवरी 2014: (रेकटर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):
लुधियाना से आम आदमी पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी हरविंदर सिंह फूलका ने पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने लुधियाना में एक पत्रकार सम्मेलन में कहा कि या  तो सुखबीर अपने आरोप साबित करें या फिर गद्दी छोड़ दें। श्री फूलका ने  इस मुद्दे को लेकर चार प्रमुख पत्रकारों को पत्र लिखने की भी घोषणा की है। इस विशेष पत्र में मांग की जा रही है वे इन आरोपों के संबंध में सुखबीर बादल से सबूतों की मांग करें और इसकी हकीकत अपने मीडिया के ज़रिये जनता के सामने लाएं।
हरविंदर सिंह फूलका एडवोकेट के पत्रकार सम्मेलन की वीडियो देखें 
लुधियाना से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी हरविंदर सिंह फूलका ने पंजाब के डिप्टी मनिस्टर अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल को अड़े हाथों लेते हुए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। सुखबीर बादल के आरोपों को सिरे से ख़ारिज करते हुए उन्होंने कहा कि या तो सुखबीर एक हफ्ते में इन आरपों को साबित करे या गद्दी और अकाली दल दोनों छोड़ दें। 
आम तौर पर शांत रहने वाले वकील हरविंदर सिंह फूलका आज बेहद गुस्से में भी थे और जज़बाती भी।  उन्होंने सुखबीर बादल की और से  लगाये गए गए आरोपों को सिरे से ख़ारिज करते हुए सुखबीर बादल को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया। गौरतलब है कि सुखबीर सिंह बादल ने उन पर नवंबर-84 के केस लड़ने के लिए मोटी फीसें लेने की बात कही है। श्री फूलका ने अखबारी बयानों   में लगे इन आरोपों को साबित करने के लिए सुखबीर बादल को एक हफ्ते का समय दिया है। श्री फूलका ने स्प्ष्ट कहा कि उन्होंने नवम्बर-84 के केस लड़ने के लिए कोई फीस नहीं ली। क्यूंकी कि उन केसों को लड़ने की फीस लेना सिरे कि बेशर्मी होती। 
अपने अल्टीमेटम में उन्होंने सुखबीर बादल से कहा कि अगर मैं गलत साबित हुआ तो मैं सियासत और वकालत दोनों छोड़ दूंगा और अगर सुखबीर गलत साबित हुए तो वह अपनी मंत्री की कुर्सी और अकाली दल दोनों छोड़ दें। श्री फूलका ने स्प्ष्ट कहा कि उन्होंने नवम्ब-84 के केस लड़ने के लिए कोई फीस नहीं ली। 
 अब देखना है कि सुखबीर बादल उनके अल्टीमेटम का क्या जवाब देते हैं। 
--रेकटर कथूरिया (पंजाब स्क्रीन) +91  98882 72025  

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दोनों देशों के लोग चाहते हैं अमन और शांति-मियां मोहम्मद सरवर

Tue, Feb 18, 2014 at 5:19 PM
स्काटलैंड की तरह ही यहां भी भारत-पाक के लोग मोहब्बत से रहें 
पाकिस्तानी पंजाब के गवर्नर ने की मीडिया से भी बात 
अमृतसर: 18 फरवरी 2014  (गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन): 
पाकिस्तानी पंजाब के गवर्नर मियां मोहम्मद सरवर कृषि सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद आज गुरु नगरी अमृतसर पहुंचे और सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में नतमस्तक हुए। इस मौके पर एसजीपीसी की ओर से उन्हें सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, कि वह सन् 2006 में भी यहां आकर शीश नवा चुके हैं। उन्होंने कहा, कि सचखंड श्री हरमंदिर साहिब आस्था का केंद्र है और यहां आने वाले हरेक बाशिंदे को शांति का अहसास होता है। भारत और पाकिस्तान के रिश्तों के बारे में उन्होंने कहा, कि वह चाहते हैं, कि जिस तरह स्काटलैंड में भारत और पाकिस्तान के बाशिंदे एकसाथ रहते हैं, वैसे ही वे अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की बाधा को तोड़ कर एक-दूसरे के साथ भाइयों की तरह रहे हैं। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर होने वाले हमलों के बारे में उन्होंने कहा, कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए काफी पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। लेकिन इसके साथ यह भी देखना चाहिए, कि पाकिस्तान आतंकवाद की समस्या से सबसे अधिक ग्रस्त है। उन्होंने कहा, कि अब तक पाकिस्तान में करीब 50 हजार लोग आतंकवाद की भेंट चढ़े हैं, जिसमें सिर्फ हिंदू या अन्य धर्मों के लोग ही नहीं, बल्कि मुस्लमानों की संख्या अधिक है। हेरोइन की हो रही तस्करी के बारे में उन्होंने कहा, कि नशे के कारोबार के लिए दोनों देशों को सख्त से सख्त कदम उठाने चाहिए। पाकिस्तानी पंजाब के गवर्नल कारगिल जैसे मुद्दे पर बोलने से बचते दिखाई दिए। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा, कि इन मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ही उठाना चाहिए। वरना कारगिल के अलावा सियाचीन और अन्य कई मुद्दे हैं, जिन्हें यदि वह यहां छेड़ते हैं, तो दोनों देशों के बीच बन रहे दोस्ताना माहौल में फिर से कुछ तल्खी पैदा हो सकती है।

Monday, February 17, 2014

मुक्त कराये गए बंधुया मज़दूरों ने सुनाई अपनी दर्द भरी दास्तान

हम अपनी हालत को खुद ही बदलेंगे--सोनी सोरी          --Himanshu Kumar
पंजाब में से छुड़वाए गए बन्धुया मज़दूर कपूरथला के एक भठ्ठे में थे। हिमांशु कुमार बताते हैं कि छत्तीसगढ़ के इन अस्सी दलित परिवारों को पंजाब के कपूरथला जिले में ईंट भट्टा मालिक ने बंधुआ बना कर रखा हुआ था। परिवार के एक सदस्य को ही एक बार में भट्टे से बाहर जाने की इजाजत थी। 
इन्हें नहीं पता कि इनके प्रदेश छत्तीसगढ़ में रोज़गार गारंटी नाम की कोई योजना भी चलती है।

इन दलित परिवारों को आज़ाद करा कर छत्तीसगढ़ वापिस भेजा जा रहा है।  जहाँ उम्मीद है इनका पुनर्वास नहीं किया जाएगा।

जैसे पहले वाले मजदूरों का नहीं किया गया।

आज सोनी सोरी ने इन मजदूर परिवारों से बात चीत करी।

सोनी ने इन से कहा कि आखिर आजादी के इतने सालों के बाद भी आदिवासी और दलितों की ये हालत क्यों है।

क्या आज़ादी हमारे लिए नहीं आयी थी ?

सोनी ने कहा मैं वापिस छत्तीसगढ़ लौट रही हूँ हम सब अब अपनी लड़ाई छत्तीसगढ़ में ही मिल कर लड़ेंगे और अपनी हालत को खुद ही बदलेंगे। 


लुधियाना में भी पहुंची "आप" के उत्साह की आंधी

तूफानी रफ्तार  से हुआ "आप' के प्रत्याशी फूलका  का स्वागत
लुधियाना: 17 फरवरी 2014: (रेकटर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन): 
"आप" ने बजाया चुनावी बिगुल 
लोकसभा चुनावों का बिगुल बजते ही  आम आदमी पार्टी ने अपने प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी कर दी। इस पहली सूची में दिए  गये 20 नामों ने  आप के सियासी विरोधियों को नई चिंता में  डाल दिया है। लुधियाना के साथ  समय तक अटूट संबंध वाले एच एस  फूलका जब "आप" का लोकसभा प्रत्याशी घोषित होने के बाद पहुंचे तो जगह जगह  पर उनका स्वागत बहुत ही गरमजोशी के साथ हुआ। हालांकि इन स्वागती समारोहों की रफ्तार भी तूफानी थी फिर भी श्री फूलका और उनकी टीम का कार्यक्रम दो-दो  चार-चार मिनट करते करते घण्टों लेट होता गया। इसके बावजूद भी उनके वाले उनका इंतज़ार करते रहे बहुत ही  प्रेम के साथ। लुधियाना के चौड़ा बाज़ार में उनके स्वागत में एक  आयोजन रखा राष्ट्रीय विकास मंच ने। इस कार्यक्रम की खासियत  कि लोगों ने मनमर्ज़ी के सवाल पूछे। कई सवाल तो आज के मुख्य मुद्दे से पूरी तरह हट कर भी पूछे गए। इसके बावजूद श्री फूलका ने हर सवाल का जवाब विस्तार से दिया और लोगों को संतुष्ट किया। 
श्री फूलका ने बताया कि लुधियाना के साथ उनका संबंध बहुत ही पुराना है। वह भी यहाँ  के पढ़े लिखे हैं और उनके जीवन का सुनहरी काल इसी शहर में  व्यतीत हुआ और उनकी पत्नी का भी लुधियाना के साथ अभिन्न नाता रहा। इसलिए हर लिहाज़ से लुधियाना उनका अपना शहर है और यहाँ के लोग उनके अपने हैं।
राष्ट्रीय विकास मंच के प्रमुख गुरिंदर सूद ने श्री फूलका को सुस्वागतम कहते हुए आश्वासन दिया कि वह देश में बदलाव के लिए "आप" जैसी  ईमानदार पार्टी के इस कर्मठ प्रत्याशी श्री फूलका को हर देंगें। इस अवसर पर श्री फूलका ने सभी के सामने अपना मोबाईल नंबर भी बताया तांकि हर कोई उनसे सीधा सम्पर्क कर सके। 
श्री फूलका की एक छोटी सी वीडियो झलक भी देखें Video 
इस अवसर पर  पार्टी के स्थानीय कार्यालय इंचार्ज कैप्टेन कंग भी और जालंधर से आये टीम अन्ना के वरिष्ठ सदस्य डाकटर भल्ला भी। श्री फूलका के साथ आई एक वरिष्ठ सदस्या सविता कालड़ा ने भी लोगों के सवालों का संक्षिप्त किन्तु सार पूर्ण जवाब  दिया। आज का माहौल देख कर लगता था कि लुधियाना में बदलाव की एक नई जंग पूरे जोशो खरोश के साथ शुरू हो चुकी है। श्री फूलका की एक  के लिए युवायों से लेकर बज़ुरग और पुरुषों के साथ साथ महिलाएं भी वहाँ पहुंची। पूछने पर इन्होने कहा बस एक  बार उन्हें देखना है--एक बार बात करनी है---बस एक झलक देखनी है। उनके साथ तस्वीरें खिंचवाने वालों की एक लम्बी लाईन भी वहाँ  लगी रही। 
इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए श्री फूलका ने उन कामों का भी विवरण दिया जो उन्होंने मानवता के लिए किये।  गौरतलब है कि इनमें बहुत से काम गैर सिख और गैर पंजाबी लोगों से सबंधित हैं। इनका पूरा विवरण आइये उन्हीं की ज़ुबानी सुनते हैं इस वीडियो के ज़रिये। 
इस मौके पर जगजीत सिंह, डा लाल सिंह सिद्धू, जसपाल सिंह, सुनील नरूला, जगमोहन चोपड़ा, राज कुमार, मोहमद नसीम अंसारी, उत्तम सिंह, शिव राम सरोये और शिव सोनी सहित बहुत से  थे। 

पंजाब में बन्धुया थे छतीसगढ़ के 80 मज़दूर

आज दिल्ली में 11 बजे सुनाएंगे अपनी दास्तान 
पहन कर पाँव में जंज़ीर भी रक्स किया जाता है 
लुधियाना: 17 फरवरी 2014: (रेकटर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):
जन आवाज़ को पूरी दुनिया में फैलाना आजकल जान पर खेलने जैसी बात है लेकिन हमारे मान्यवर हिमांशु कुमार और उनकी पत्नी लम्बे समय से इस काम में लगे हैं। अभी अभी कुछ ही समय पूर्व Himanshu Kumar जी की wall से पता चला कि छत्तीसगढ़ के अस्सी मजदूरों को पंजाब में बंधुआ बना कर रखा गया था। उन्होंने बताया कि हमारे साथी सामाजिक कार्यकर्ता निर्मल गोराना ने अपनी जान पर खेल कर इन मजदूरों को मुक्त करवाया है।  सब हुआ उस पंजाब में जिसे हम महान कहते नहीं थकते। गुरुयों पीरों और पैगंबरों की इस पावन भूमी पर जहाँ सरबत्त का भला (सभी का भला) माँगा जाता है वहाँ यह मेहनती लोग बंधक बना कर रखे जा रहे थे। सिख धर्म के संस्थापक बाबा नानक ने मलिक भागो की अमीरी के शाही भोजन को नकार जहाँ एक मेहनतकश इंसान भाई लालो का भोजन स्वीकार किया था उस भूमी पर आज भाई लालो के मेहनतकश साथी बन्धुया मज़दूर बना लिए गए। अगर इन गरीब मेहनतकशों के साथ पंजाब में यह हुआ तो अच्छे इरादे छतीसगढ़ सरकार के भी नज़र नहीं आये। 
छत्तीसगढ़ सरकार के दिल्ली में पदस्थ अधिकारी तो इन्हें आज ही दिल्ली से वापिस भेजने की जल्दी बाज़ी में लगे रहे ताकि ये मजदूर अपनी कहानी किसी को न बता पायें और महानता के ढकोसले का ढोंग बना रहे। इसके साथ ही बेनकाब हुआ उन संगठनों का वास्तविक चेहरा जो खुद को मज़दूरों का  नायक बताते हुए आये दिन कोई न कोई झंडा उठाये घुमते हैं। शायद सरकारी अधिकारी जल्दी से इन्हें दिल्ली भेजने में कामयाब हो भी जाते लेकिन मजदूर भूखे और थके हुए थे।  उन्होंने आज जाने से मना कर दिया। 
अब वे कल छत्तीसगढ़ अपने घर वापिस जायेंगे। 
इन मजदूरों से उनकी गुलामी की दास्तान सुनने में दिलचस्पी रखने वाले साथी कल सत्रह फरवरी सोमवार ग्यारह बजे निम्न पते पर आने की कृपा करें। 
प्रेस से जुड़े साथी कृपया इसे ही प्रेस इनवाइट मान लें। 
576,एचआरएलएन 
मस्जिद रोड 
डी ए वी स्कूल के पास 
भोगल मार्केट 
दिल्ली 
अब सुनिये एक पुराना गीत 
आ बता दें कि तुम्हे कैसे जिया जाता है 

Sunday, February 16, 2014

"आप" ने बजाया चुनावी बिगुल

"आप" के 20 प्रत्याशी मैदान में-चुनावी जंग की दिलचस्प शुरूआत 
इस्तीफ़ा देने के बाद जब समझा जा रहा था कि अरविन्द केजरीवाल और आम आदमी पार्टी का अंत हो गया  उस के ठीक दो दिन बाद केजरीवाल टीम ने सियासत की नई जंग का बिगुल बजा दिया। चुनावी रण में उतारे गए चेहरे हालांकि राजनीति के क्षेत्र में नए कहे जा सकते हैं लेकिन आम लोगों में उनका विश्वास बहुत लम्बे अर्से से बना हुआ है। इसी वजह से पुराने लोग सकते में हैं। हार-जीत तो वक़त ही बतायेगा पर इस  बार की चुनावी जंग दिलचस्प हो गयी है। बुरे या कम बुरे में से किसी एक का चुनाव करने की मजबूरी से लोग अब मुक्त महसूस करने लगे हैं। उन्हें आशा की एक नई किरण दिखाई दी है। हाँ धन दौलत और गुंडागर्दी जैसे चुनावी हथकंडों से "टीम केजरीवाल" कैसे निपटती है इसका पता भविष्य में ही लग सकेगा। झूठे मामले, गुंडों से हमले और सड़क हादसों में देहांत आज की सियासत का अभिन्न अंग बन चुके हैं।
'आप' के लोकसभा उम्मीदवारों की जारी की पहली सूची : 
लुधियाना : एच एस फुल्का
पश्चिमी दिल्ली : जरनैल सिंह
चांदनी चौक : आशुतोष
पश्चिम मुंबई : मयंक गांधी
कानपुर : महमूद रहमानी
रायबरेली : अर्चना श्रीवास्तव
अमेठी : कुमार विश्वास
दक्षिण मुंबई : मीरा सान्याल
उन्नाव : अरविंद कमल
नोएडा : मनवीर भाटी
फर्रुखाबाद : मुकुल त्रिपाठी
फरीदाबाद : संदीप चौधरी
पुणे : धनराज
नागपुर : अंजलि दमानिया
लखीमपुर : इलियास आजमी
मैनपुरी : बाबा हरदेव सिंह
गुड़गांव : योगेंद्र यादव
बागपत : सोमेंद्र ढाका
उत्तर-पूर्व मुंबई : मेधा पाटकर

आपका इन प्रत्याशियों का क्या विचार है इस संबंध में आपके विचारों की इंतज़ार बनी रहेगी। उन विचारों को प्रेषक के नाम के साथ प्रकाशित किया जायेगा। -रेकटर कथूरिया 

Saturday, February 15, 2014

लुधियाना के कई इलाकों में भारी बर्फ पड़ी।

कई इलाकों में हुआ हिमपात 
लुधियाना: 15 फरवरी 2014:  (रवि नंदा//पंजाब स्क्रीन): 
हितेश आहूजा 
अभी तक तो यही सुना था कि आयी बसंत पाला उड़ंत--लेकिन आज शनिवार को पड़ी बर्फ ने मौसमी तब्दीली का एक नया रूप सब के सामने रखा है। गौरतलब है कि सर्दी की ठिठुरन को पंजाबी में पाला कहा जाता है।  बज़ुर्गों से सुनी कहावतों के मुताबिक जब वसंत ऋतू आती है तो सर्दी भाग जाती है, मौसम खुल जाता है और जिस्म में एक नयी जान आ जाती है---मन नयी उमंगें जन्म लेने लगती हैं। पर मौसम के मिजाज़ ने सब कुछ नए सिरे से सुनियोजित करना शुरू कर दिया है। शनिवार की शाम को ठिठुरते लोगों ने पंजाब स्क्रीन को बताया कि हम तो इस स्नो फाल को देख कर हैरान रह गए। लुधियाना में शिमला का नज़ारा देख कर लोग एक बार तो बेहद खुश भी नज़र आये।  गौरतलब है कि लुधियाना के कई इलाकों में भारी बर्फ पड़ी। इस बर्फ़बारी को लेकर जगह जगह कई तरह की चर्चा भी सुनी गयी। लोगों ने बताया कि मॉडल टाऊन, दुगरी और महांवीर नगर के इलाकों में बर्फ गिरने की खबरें मिलीं हैं। मौसम के इस बदले हुए मिजाज़ से कई लोग खुश थे और कई चिंतित भी थे। सर्दी से बचने के लिए पहने कपड़े बहुत से लोगों ने उतार कर भी रख दिए थे लेकिन इस बर्फ़बारी ने साबित कर दिया कि दुनिया के रंग वास्तव में उसी भगवान के हाथों में हैं। वास्तव में यह एक संकेत है कि अगर प्रकृति के साथ छेड़छाड़ न रुकी टी ऐसा बहुत कुछ होने वाला है जो लोगों को हैरान कर देगा। यह हैरानी इंसान के संकट में वृद्धि भी कर सकती है---इस लिए आईये एक जागरूकता लहर चला कर इस छेड़छाड़ को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
शिक्षा और बौद्धिक क्षेत्र से जुड़े एक ख़ास मित्र हितेश आहूजा ने भी इसी तरह की कुछ तस्वीरें खींचीं। उन्होंने इन तस्वीरों को अपने फेसबुक प्रोफाईल पर पोस्ट किया। जो लोग किसी कारण इस दृश्य को नहीं देख पाये उन्होंने तो एकबारगी इस पर यकीन ही नहीं किया। ऐसे लोग बार बार एक दुसरे को फोन करके पूछते रहे कि यह सब कब हुआ? कैसे हुआ? क्यूँ हुआ?
इन तस्वीरों को देख कर लगता है जैसे सचमुच लुधियाना एक बार तो शिमला ही बन गया।
मौसम के मिजाज़ में अचानक तब्दीली करीब दो वर्ष पूर्व भी देखने में मिली थी जब चिंतपूर्णी में 76 वर्ष के लम्बे अंतराल के बाद स्नो फाल हुआ था। उस समय भी लोग हैरान रह गए थे। यह एक ऐसा स्नोफाल था जिसको कल्पना किसी ने नहीं कि थी। उस समय की एक वीडियो हम आपके लिए यहाँ भी प्रस्तुत कर रहे हैं।
वीडियो Courtesy-HillPostIndia/YouTube
यदि आपके पास भी ऐसी दुर्लभ तस्वीरें या वीडियो हो तो अवश्य भेजें। 

श्रद्धा से मनाया श्री गुरु रविदास जी का 637वां प्रकाश दिवस

बांसल, गोशा,शर्मा ने दी संगत को बधाई                 Sat, Feb 15, 2014 at 3:15 PM

लुधियाना: 14 फरवरी 2014 (रवि नंदा//पंजाब स्क्रीन):
श्री गुरु रविदास जी के 637वें प्रकाश दिवस के उपलक्ष्य में भोरा कालोनी स्थित श्री गुरु रविदास मन्दिर एवम् धर्मशाला में विशाल सत्संग समारोह का आयोजन किया गया। युवा अकाली नेता गुरदीप सिंह गोशा, जिला भाजपा अध्यक्ष प्रवीण बांसल और डिप्टी मेयर आर डी शर्मा ने समारोह में विशेष तौर पर शामिल होकर सतगुरु रविदास जी के प्रकाश उत्सव की संगत को बधाई दी। उन्होने रविदास नामलेवा संगत को आगमन पर्व की बधाई देते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरणा देते हुए कहा कि गुरु रविदास जी की तरफ से सामाजिक बराबरता का अधिकार दिलाने का संदेश देकर जात-पात का अंत करने का प्रयास किया। मगर अफसोस की बात है कि हम आज भी उनके बताए मार्ग पर चलकर उनकी शिक्षाओ को अनुसरण करने की बजाए अपने निजी स्वार्थो की खातिर समाज को विभिन्न वर्गो में बांटने में व्यस्त हैं। इससे पूर्व ज्ञानी गुरनाम सिंह ने श्री गुरु रविदास जी के जीवन पर आधारित घटनाओ की विस्तार पूर्वक व्याख्या कर संगत को निहाल किया। प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष कृष्ण धीर, उपाध्यक्ष मनजीत शंभू, वरिष्ठ अकाली नेता गुरनाम सिंह,बलदेव सिंह भल्ला,सुरिन्द्र राणा, चरण दास,संजय कुमार,राज कुमार हैप्पी व अन्य भी मौजूद थे।


Friday, February 14, 2014

‘यूनेस्‍को’ की सूची में स्‍मारकों को शामिल किया जाना

14-फरवरी-2014 14:26 IST
डेढ़ साल से भी ज्‍यादा का समय लगता है
संस्‍कृति मंत्री श्रीमती चंद्रेश कुमारी कटोच ने लोकसभा में बताया है कि डोजियर प्रस्‍तुत करने से ही किसी स्‍थल का विश्‍व विरासत सूची में शामिल होने की गारंटी नहीं होती। डोजियर प्रस्‍तुत करने के बाद डेढ़ साल से भी ज्‍यादा का समय लगता है। यह आईसीओएम ओएम मिशन के मूल्‍यांकन रिपोर्ट, विश्‍व विरासत समिति के निर्णय पर निर्भर करती है जो प्रत्‍येक बिन्‍दु/मुद्दे को बहुत बारीकी से देखती हैं अर्थात अशोधित वैश्‍विक मूल्‍य, स्‍थल की अखंडता और प्रामाणिकता, प्रबंधन तंत्रों, कानूनी प्रावधानों, स्थल की संपत्‍ति और मध्‍यमवर्ती क्षेत्र से संबंधित मुद्दे आदि।

नालंदा स्‍थित उत्‍खनित अवशेषों संबंधी डोजियर को वर्ष 2015 में सांस्कृतिक वर्ग के अंतर्गत प्रस्‍तुत किए जाने का प्रस्‍ताव है।
भारत की और से विश्‍व विरासत सांस्‍कृतिक और प्राकृतिक स्‍थलों की सूची
क्रम
संख्‍या
स्‍मारक / स्‍थल का नाम
राज्‍य
1.
अजन्‍ता गुफाएं (1983)
महाराष्‍ट्र
2.
एलोरा गुफाएं (1983)
महाराष्‍ट्र
3.
आगरा किला (1983)
उत्‍तर प्रदेश
4.
ताजमहल (1983)
उत्‍तर प्रदेश
5.
सूर्य मंदिर, कोणार्क (1984)
ओडि‍शा
6.
स्‍मारक समूह, महाबलीपुरम (1984)
तमिलनाडु
7.
चर्च तथा कॉन्‍वेंट, गोवा (1986)
गोवा
8.
मंदिर समूह, खजुराहो (1986)
मध्‍य प्रदेश
9.
स्‍मारक समूह, हम्‍पी (1986)
कर्नाटक
10.
स्‍मारक समूह, फतेहपूर (1986)
उत्‍तर प्रदेश
11.
मंदिर समूह, पट्टडकल (1987)
कर्नाटक
12.
एलिफेंटा गुफाएं (1987)
महाराष्‍ट्र
13.
तंजावुर, गंगईकोंडाचोलापुरम तथा दारासुरम स्‍थित महान जीवित चोल मंदिर (1987 तथा 2004)
तमिलनाडु
14.
बौद्ध स्‍मारक, सांची (1989)
मध्‍य प्रदेश
15.
हुमायूं का मकबरा, दिल्‍ली (1993)
दिल्‍ली
16.
कुतुब मीनार परिसर, दिल्‍ली (1993)
दिल्‍ली
17.
प्रागैतिहासिक शैलाश्रय, भीमबेटका (2003)
मध्‍य प्रदेश
18.
चम्‍पानेर – पावागढ़ पुरातत्‍वीय उद्यान (2004)
गुजरात
19.
लाल किला परिसर, दिल्‍ली (2007)
दिल्‍ली
20.
राजस्‍थान के पहाड़ी किले (चित्‍तौड़गढ़, कुम्‍भलगढ़, जैसलमेर, रणथम्‍भौर, आमेर और गगरौन किले) (2013)
(आमेर और गगरौन किले राजस्‍थान राज्‍य पुरातत्‍व और संग्रहालय के संरक्षणाधीन हैं।)
राजस्‍थान


(रेल मंत्रालय के संरक्षणाधीन)
21.
भारत का पर्वतीय रेलवे (दार्जिलिंग, 1999), नीलगिरि (2005), कालका-शिमला (2008)
पश्‍चिम बंगाल, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश
22.
छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (पूर्व विक्‍टोरिया टर्मिनस), (2004)
महाराष्‍ट्र


(बोधगया मंदिर प्रबंधक समिति के संरक्षणाधीन)
23.
महाबोधि मंदिर, बोधगया (2002)
बिहार


राजस्थान राज्‍य पुरातत्‍व और संग्रहालय विभाग के संरक्षणाधीन
24.
जन्‍तर मन्‍तर, जयपुर (2010)
राजस्‍थान


प्राकृतिक स्‍थल (पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के संरक्षणाधीन)
25.
काजीरंगा राष्‍ट्रीय उद्यान (1985)
असम
26.
मानस वन्‍यजीव अभ्‍यारण्‍य (1985)
असम
27.
केवला देव राष्‍ट्रीय उद्यान (1985)
राजस्‍थान
28.
सुन्‍दरबन राष्‍ट्रीय उद्यान (1987)
पश्‍चिम बंगाल
29.
नन्‍दादेवी और वैली ऑफ फलावर्स राष्‍ट्रीय उद्यान (1988, 2005)
उत्‍तराखण्‍ड
30.
पश्‍चिमीघाट (2012)
कर्नाटक, केरल, महाराष्‍ट्र, तमिलनाडु


विभिन्‍न मंत्रालयों/राज्‍यों से प्राप्‍त प्रस्‍तावों का ब्‍यौरा जिन्‍हें सरकार द्वारा यूनेस्‍कों को सौंपा गया है और उनकी वर्तमान स्‍थिति (पिछले 3 वर्षों का)
क्रम सं0
संपत्‍ति का नाम
वर्ष
वर्तमान प्रास्‍थिति
1.
शांतिनिकेतन
2010
नाम वापिस ले लिया गया है।
2.
पश्‍चिमी घाट
2010
वर्ष 2012 में शामिल किया गया।
3.
राजस्‍थान के पहाड़ी किले
2011
वर्ष 2013 में शामिल किया गया।
4.
हैदराबाद के कुतुब शाही स्‍मारक
2011
विश्‍व विरासत सूची में शामिल होने हेतु विचाराधीन।
5.
माजुली नदी द्वीप-एक सांस्‍कृतिक परिदृश्‍य
2012
मार्च, 2012 में विश्‍व विरासत केंद्र से वापिस लौटा दिया गया था क्‍योंकि वह 2011 के अद्यतन प्रचालनात्‍मक दिशा-निर्देशों के अनुसार पूर्ण नहीं था। चूंकि 2011 में यूनेस्‍को के प्रचालनात्‍मक दिशा-निर्देशों में और अधिक संशोधन किया गया है, संपूर्ण नामांकन डोजियर को अद्यतन दिशा-निर्देशों के अनुसार तैयार किया जाना अपेक्षित है जो कि एक लंबा काम है। असम राज्‍य सरकार को संशोधित डोजियर तैयार करना है तथा संशोधित डोजियर को शीघ तैयार करने के लिए राज्‍य सरकार के साथ इस मामले का अनुशीलन किया जा रहा है।
6.
ग्रेट हिमालयन राष्‍ट्रीय उद्यान (प्राकृतिक/मिश्रित)
2012
विश्‍व विरासत सूची में शामिल होने हेतु विचाराधीन।
7.
रानी की- वाव
2013
विश्‍व विरासत सूची में शामिल होने हेतु विचाराधीन।
8.
कंचनजंगा राष्‍ट्रीय उद्यान (प्राकृतिक/मिश्रित)
2013
विश्‍व विरासत सूची में शामिल होने हेतु विचाराधीन।
9.
दिल्‍ली शाही राजधानी नगर
2014
जनवरी, 2014 में विश्‍व विरासत सूची में शामिल होने के लिए प्रस्‍तुत किया गया।
10.
द विक्‍टोरियन एण्‍ड आर्ट डीको इ्ंसेबल ऑफ मुंबई
2014
जनवरी, 2014 में विश्‍व विरासत सूची में शामिल होने के लिए प्रस्‍तुत किया गया।
11.
पडकल में स्‍मारकों के समूह का प्रसार
2014
जनवरी, 2014 में विश्‍व विरासत सूची में शामिल होने के लिए प्रस्‍तुत किया गया।
 ***
वि.कासोटि‍या/पंकज/रुपेन-647