Saturday, January 18, 2014

पंजाब सरकार की व्यापारी व हिन्दू नीतियों के विरोध में आंदोलन

Fri, Jan 17, 2014 at 6:34 PM
शिव सेना की तरफ से एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल शनिवार को
लुधियाना: 17 जनवरी 2014: (सतपाल सोनी//पंजाब स्क्रीन):
पंजाब सरकार की व्यापारी व हिन्दू नीतियों के विरोध में एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल शनिवार को
लुधियाना। शिव सेना हिन्दुस्तान की तरफ से पंजाब सरकार की व्यापारी, जनविरोधी व हिन्दू विरोधी नीतियों के विरोध में एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल 18 जनवरी शनिवार को जगराओं पुल स्थित शहीदी स्मारक पर आयोजित होगी। राज्य सरकार के खिलाफ शुरू किए गए आंदोलन के प्रथम चरण में शनिवार को संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन गुप्ता जी की अध्यक्षता में 21 सदस्य भूख हड़ताल पर बैठेंगे, जबकि पंजाब भर से आए 500 शिव सैनिक  उनके समर्थन में साथ देंगे। उपरोक्त जानकारी शिव सेना हिन्दुस्तान के पंजाब प्रमुख कृष्ण शर्मा और महासचिव अमर टक्कर ने जगराओं पुल पर भूख हड़ताल स्थल की तैयारियों का जायजा लेने के उपरांत दी। उन्होंने पंजाब सरकार को व्यापारी व हिन्दू विरोधी करार देते हुए कहा राज्य सरकार प्रतिदिन नए-नए टैक्स लगा कर पंजाब के व्यापार व उद्योग को बर्बाद कर रही है।
उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग का खून निचोड़ कर जितना टैक्स वसूला जाता है, उसके अनुपात के अनुसार व्यापारी वर्ग को मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं करवाई जाती। राज्य सरकार की ऐसी जन विरोधी नीतियों के विरोध में शिव सेना हिन्दुस्तान ने राज्य स्तर पर आंदोलन करके जनता को जागरूक करने का अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी के तहत प्रथम चरण में शनिवार को सांकेतिक भूख हड़ताल होगी। अगर राज्य सरकार कुंभकर्णी नींद से न जागी तो शिव सैनिक पंजाब की सडक़ों पर उतर कर विरोध करेंगे। इस अवसर पर कृष्ण शर्मा के साथ अमर टक्कर, रामराज गर्ग, अनिल सिंगला, कृष्ण बांसल, नरिन्द्र भारद्वाज, आशीष सिंगला और प्रतीक सहित अन्य भी मौजूद थे।

सीबीआई की मांग कर भोला को बचाना चाहती है कांग्रेस पार्टी-बिक्रम सिंह मजीठिया

Fri, Jan 17, 2014 at 10:28 PM
सोनिया गांधी ने ऐन मौके पर अपने जरनैल बेटे को पीछे हटाया 
इस कदम से ज़ाहिर कि जीत एनडीए की होगी
कहा-पंजाब कांग्रेस के नेता केंद्र सरकार पर पैकेज देने का डाले दबाव 
अमृतसर: 17 जनवरी 2014  (गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन): 
पंजाब के माल मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने कांग्रेस पार्टी की ओर से राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के रूप में उम्मीदवार न बनाए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, कि कांग्रेस पार्टी इस समय बैकफुट पर है और उन्हें ऐसा महसूस हो चुका है, कि आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार निश्चित है। यही कारण है, कि सोनिया गांधी ने अपने जरनैल बेटे राहुल गांधी का नाम हटा लिया। उन्होंने कहा, कि जबकि ऐसे समय में कांग्रेस पार्टी को मजबूती के लिए राहुल गांधी को आगे लाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने पंजाब कांग्रेस के प्रधान प्रताप सिंह बाजवा की ओर से ड्रग माफिया भोला के आरोपों की सीबीआई जांच के बारे में कहा, कि कांग्रेस पार्टी भोला को किसी भी सूरत में बचाना चाहती है। उन्होंने कहा, कि जब पुलिस ने भोला को गिरफ्तार कर लिया है और जांच चल रही है, तो ऐसे में जांच एजेंसी बदल कर जांच को प्रभावित किया जा सके। उन्होंने कहा, कि इस तरह के आरोप लगाने के बजाए पंजाब कांग्रेस को केंद्र सरकार पर दबाव बना कर पड़ोसी राज्यों की तरह के आर्थिक पैकेज पंजाब के लिए लाने चाहिए।

Friday, January 17, 2014

‘आप’ के साथ संवाद से उभरे ठोस निर्णय

Fri, Jan 17, 2014 at 8:47 PM

 जन अन्दोलनों को पूरक:चुनावी राजनीति में करेंगे प्रवेश

जन आंदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय के समन्वय समिति की दो दिवसीय बैठक 16-17 जनवरी के रोज दिल्ली में संपन्न हुई| इस बैठक में चुनावी राजनीति में हस्तक्षेप – इसकी ज़रूरत एवं असर के साथ साथ आम आदमी पार्टी से रिश्ते/ संबंधों पर विशेष बहस हुई| मुंबई में 12 जनवरी को हुई पश्चिम भारत के समन्वयी संगठनों के साथ बिहार, बंगाल, केरल व तमिलनाडु आदि राज्यस्तरीय विचार विमर्श के दखल इस बैठक में ली गयी |
समन्वय समिति ने ‘आप’ को सक्रिय समर्थन के साथ साथ पार्टी और आंदोलनों के बीच संभाव्य संवाद–सरंचना भी चर्चा हुई |
उपस्थितों ने आज की राजनीति में आया ठहराव, शासकों का जनविरोधी एजेंडा और नीतियां, जनता के संसाधनों की लूट, हर क्षेत्र में वंचना एवं विषमता और राजनीतिमें आयी मूल्यहीनता, उपभोगवाद तथा अपराधीकरण को देखते हुए राजनीति का चरित्र बदलने की और जनता द्वारा सशक्त हस्तक्षेप की ज़रूरत पर चर्चा की| कुछ आंदोलनों ने आन्दोलन की गैर संसदीय राजनीति ही जारी रखने का आग्रह किया तो अन्य आंदोलनों ने प्रत्यक्ष चुनावी हस्तक्षेप की कड़ी ज़रूरत और उसीसे अवकाश हासिल करने की सम्भावना पर जोर दिया | मूलतत्ववाद और साम्प्रदायिकता का खतरा तथा शराब, पैसा, गुंडागर्दी पर आधारित राजनीति के संकट पर भी चुनौती लेने की बात सर्वमान्य हुई |
इसी से आज तक आन्दोलन की राजनीति में ही सक्रिय रहे साथियों में से कईयों ने चुनाव द्वारा जनतांत्रिक मोर्चा – लोकसभा, विधानसभा पर भी उतरना ज़रूरी समझा है| गैर संसदीय राजनीति को पूरक तथा ‘आन्दोलन’ प्रक्रिया के ही एक हिस्से के रूप में संसदीय राजनितिक हस्तक्षेप होगा, इस पर बहुमत था |
‘आप’ ने इस मुद्दे पर लोगो को प्रेरित करके जन आन्दोलनों से उभरे समता और न्यायिक प्ररिप्रेक्ष उसमे कई मुद्दों पर जन उभार लाया है | जनता को वैकल्पिक राजनिति की ज़रूरत महसूस होने पर भी ज़रूरी है, नयी राजनिति प्रकृति की जनता की उपेक्षा बढ़ी है इसपर सहमती जताई गयी |
जनवरी 16 के रोज़, देर रात तक ‘आप’ के नेतागण योगेन्द्र यादव और अजित झा के साथ बातचीत होकर, उसके बाद कई निर्णय लिए गये |
·         एन. ए. पी. एम् से जुड़े कई सारे आन्दोलनों का मानना है कि वैकल्पिक राजनिति की और बढ़ रही ‘आप’ की प्रक्रिया ( एक प्रकार के आन्दोलन) का स्वागत होने और उसे समर्थन देना ज़रूरी है |
·         समन्वयकों ने ‘आप’ की विचारधारा और ‘नज़रिया’ में आदिवासी, किसान, गरीब के शासन व प्रणाली सम्बन्धी मुद्दे आर्थिक विचार प्रणाली तथा अन्य मुद्दों पर चर्चा की, सुझाव भी रखे |
·         कुछ जन संगठनो को ( जैसे असम के कृषक मुक्ति संग्राम समिति) आज से आगे भी गैर संसदीय राजनिति आन्दोलन को ही आगे बढ़ाना है जिसके लिए वे पूर्ण: स्वतंत्र रहेंगे |
·         जनांदोलन तथा जनांदोलनो के राष्ट्रीय समन्वय की ज़रूरत बेहद है और बनी रहेगी | आन्दोलन की आज तक की सफलता के बाद भी नए नए आयामों के साथ समन्वय प्रक्रिया, संघर्ष और निर्माण कार्य सशक्त करना भी जारी रहेगा |
·         जो ‘आप’ को समर्थन देंगे, ऐसे सभी संगठन/ आन्दोलन सक्रिय रूप से
-    ‘आप’ के सदस्यता अभियान में हिस्सा लेंगे
-    आंदोलनों के प्रतिनिधि विविध समितियों पर अपना योगदान देंगे |
-    ‘आप’ के घोषणापात्र / संकल्पपात्र के अंतिम स्वरुप देने में हिस्सा लेंगे |
·         जन आंदोलनों के सशक्त जनाधार के साथ जूझने वाले, निर्माण में लगे कई वरिष्ठ कार्यकर्ता चुनाव में उतरने की तयारी (‘आप’ द्वारा) करेंगे |ऐसे ‘जनप्रतिनिधि’ जनता की राय लेने की प्रक्रिया अगले कुछ दिनों में सघन रूप से, अपने अपने कार्यक्षेत्रों में चलाएंगे |
·         ‘आप’ के द्वारा जल्दी ही जन आंदोलनों के साथ संवाद, उनके मुद्दों पर नीति – भूमिका निर्धारण के लिए एक समिति गठन की जाएगी |
जन आंदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय द्वारा भी एक निगरानी समिति गठित करके, जो साथी चुनावी राजनीति में प्रवेश करेंगे, उनकी जवाबदेही और जन आंदोलनों के उदेश्यों के प्रति कटिबद्धता सुनिश्चित की जाएगी |
इस बैठक में, मेधा पाटकर (नर्मदा बचाओ आन्दोलन- एन ए पी एम्), अरुंधती धुरु एवं चंद्रमुखी यादव (एन ए पी एम्- ऊ.प्र.), आशीष रंजन (जन जागरण शक्ति संगठन, एन ए पी एम् – बिहार), प्रफुल्ल सामंतरा ( लोक शक्ति अभियान, ओडिशा), डॉ सुनीलम ( किसान संघर्ष समिति, मध्यप्रदेश), अखिल गोगोई (के एम् एस एस, असम), दयामनी बारला (आदिवासी मूलवासी अस्तित्व रक्षा मंच, झारखण्ड), सुमित वाजले ( घर बचाओ घर बनाओ, मुंबई), प्रसाद बागवे (एकविरा जमीन बचाओ आन्दोलन, महाराष्ट्र), कैलाश मीना (एन ए पी एम् – राजस्थान), भूपेंद्र सिंह रावत (जन संघर्ष वाहिनी, दिल्ली), विमल भाई (माटू जन संगठन, उत्तराखंड), राजेंद्र रवि, मधुरेश कुमार, सीला (एन ए पी एम्- दिल्ली) शामिल हुए |
23-24 जनवरी को जन आंदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय एवं अन्य आंदोलनों की एक बैठक सेवाग्राम, वर्धा में तय हुआ है, जिसमे जन संघर्ष एवं चुनावी राजनीति के विषय में चर्चा की जाएगी |

नई अल्बम सिख होण दा मान

Fri, Jan 17, 2014 at 10:17 PM
मलकीत सिंह ने अमृतसर में रीलिज की अपनी नई अल्बम 
अमृतसर: 17 जनवरी 2014:(गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन):
आपने तूतक-तूतक-तूतियां लोकगीत तो जरूर सुना होगा। यह गीत जिस पंजाबी गायक की आवाज में सबसे अधिक लोकप्रिय हुआ, उसका नाम है मलकीत सिंह। मलकीत सिंह ने इसके बाद कई अल्बम निकालीं और कई गाने गाएं, लेकिन आज भी उनकी पहचान तूतक-तूतक ही बना हुआ है। अब मलकीत सिंह एक धार्मिक अल्बम सिख हौण दा मान लेकर आए हैं। उन्होंने आज गुरु नगरी अमृतसर पहुच कर सच्चखंड श्री हरमंदिर साहिब में अपनी नई अल्बम सिख होण दा मान की कामयाबी के लिए गुरु घर में नतमस्तक हो कर माथा टेक आर्शीवाद लिया और गुरु घर में अपनी नई अल्बम की कामयाबी के लिए अरदास की, गायक मलकीत सिंह ने प्रेस वार्ता दौरान आपनी अपनी नई अल्बम सिख होण दा मान को रीलिज किया। इस अल्बम की रीलिज के दौरान उन्होंने बताया, कि इस अल्बम में दस धार्मिक गीत हैं और सभी की विडियो भी तैयार की गई हैं। उन्होंने बताया, कि यह एक धार्मिक कैसेट है, जिसमें हर धर्म का सम्मान करो और सिख हौण दा मान जैसे गीत रिकार्ड किए गए हैं। जो न सिर्फ दर्शकों को पसंद आएंगे, बल्कि सिखी का प्रचार और प्रसार भी करेंगे। उन्होंने बताया, कि इसके बाद एक सभ्याचारक अल्बम भी तैयार की गई है, जिसे बैसाखी पर रीलिज किया जाएगा।

INDIA: प्रयोगों से संभव हुआ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा

 Fri, Jan 17, 2014 at 1:47 PM
An Article by the Asian Human Rights Commission                                  गोविंद यादव
दमोह जिले के हरदुआगांव के धम्मू प्रजापतिअपनी गेंहू की फसल के उत्पादन से बहुत खुश हैं। वे कहते हैं कि ऐसा पहली बार हुआ है की बीज कम लगा और खाद के लिए कर्ज भी नहीं लेना पड़ा फिर भी फसल पहले से डेढ़ गुना तक ज्यादा हुई है। इस बार उनके परिवार के लिए वर्ष भर का अनाज पैदा हुआ है। धम्मू प्रजापति और उनके जैसे हजारों किसानों के लिए यह खेती के लिए सघनीकरण विधिके कारण संभव हुआ है।

दमोह जिले के विकासखण्ड तेन्दूखेड़ा में जैविक पद्धति से किये जा रहे गेहूं सघनीकरण विधि के नये प्रयोगों ने यह सिद्ध किया कि मंहगी रसायनिक खाद की जगह देशी जैविक खाद के उपयोग से खेती की लागत कम और भूमि की उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। क्षेत्र के छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी खेती अब लाभ का धंधा हो गई है। इस पद्धति को अपनाकर सैकड़ों लघु और सीमांत किसानों ने अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा ली है। जहाँ परंपरागत विधि से गेहूं उत्पादन28 से 34 कुंटल प्रति हेक्टेयर तक हुआ करता था वही गेंहू सघनीकरण विधि से यह उत्पादन बढ़कर 50 से 65 कुंटल प्रति हेक्टेयर तक पहुंचा है। इस प्रकार डेढ़ से दो गुना तक अधिक उत्पादन होने से परिवारों की खाद्य सुरक्षा पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
ग्राम बेलढ़ाना निवासी दीपचन्द्र केवट बताते हैं कि इस पद्धति से गेहूं उगाने में एक दाने से पचास से साठ शाखायें निकली और इनकी बालियों की लंबाई पारंपरिक गेंहू की अपेक्षा डेढ़ से दो गुनी लंबी थी, दाने भी मोटे और चमकदार हैं प्रत्येक बाली में 70 से 90 दाने तक प्राप्त हुए हैं। पौधे की लंबाई भी अधिक है, जबकि परम्परागत गेहूं में 35 से 38 दाने ही बालियों में गिने जा सके इससे उत्पादन गेहूं और भूसे का दुगना हुआ है।
ग्राम खगोरिया के मूलसिंह का कहना कि अगले साल अपने पूरे खेत में इसी तरीके से गेंहू की फसल उगाएंगे। और अपने साथियों को भी इसी तरीके से फसल उगाने के लिए प्रेरित करेंगे ताकि रोजी रोटी की जुगाड़ में हमारे भाइयों को दूसरे शहर में मजदूरी करने न जाना पड़े। ग्राम पटी के गौतम सिंह ने अपने खेतों में गेहूं की पैदावार में अन्तर निकालते हुये बताया कि इस पद्धति में लागत पम्परागत विधि से बहुत कम है। इस तरह के प्रयास ग्रामीण विकास समिति द्वारा दमोह जिले के तेन्दखेड़ा ब्लाक के ग्राम बेलढ़ाना,हरदुआ,पांजी,पिड़रई,खेड़ा,खगोरिया,बगदरी,पटी जैसे अनेक गांव में जैविक तरीके से कम लागत में गेहूं,धान,मक्का, चना और सब्जियों के उत्पादन सफल तरीके से किये गये है।
इन ग्रामों में परिवारों के पास पर्याप्त मात्रा में अपनी कम उपजाऊ जमीनों में दो गुना से भी अधिक उत्पादन मिल रहे है ,अब वह परिवार जो अपने छोटे छोटे खेतों से साल भर के लिये अनाज पैदा नही कर पाते थे और अपनी जरूरतों को बाजार और साहूकारों से पूरा करते थे वे परिवार अब अनाज उत्पादन में पूरी तरह से आत्म निर्भर हो गये है और उन्हीं जमीनों से दस बीस हजार का अनाज बेचकर परिवार की अन्य जरूरते भी पूरी कर रहे है।
दरअसल 1980 के दशक में फ्रांसीसी पादरी हेनरी डे लाउलानी ने मेडागास्कर में धान के उपर महत्वपूर्ण प्रयोग किया,जिसको धान सघनीकरण पद्धति (श्रीविधि) नाम दिया गया। पिछले एक दशक में भारत के कई राज्यों में किसानों ने इस विधि को अपना कर ज्यादा पैदावार प्राप्त की है।इस विधि में किसान कम बीज व न्यूनतम उपलब्ध पानी से भी खेती कर सकता है। एक या दो बीजों को पंक्ति से पंक्ति व बीज से बीज की निश्चित दूरी पर बुवाई की जाती है। इसमें रासायनिक खादकीट एवं खरपतवार नाशकों की जगह जैविक खाद और जैविक तरीके से कीट एवं खरपतवार नियंत्रण किया जाता है। इससे फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है। जैविक तरीका अपनाने से भूमि में सूक्ष्म जीवाणुओं की संख्या में वृद्धि होती है तथा भूमि की उर्वरा शक्ति में बढ़ोत्तरी होती है। इस विधि में खेत को समतल करने,निश्चित दूरी व उचित गहराई पर बीजों को बोने,जैविक खाद के प्रयोग और समय समय पर गुड़ाई करने व उचित नमी रखने से मिट्टी में वायु (आॅक्सीजन) का संचार होता है। इससे पौधों की जड़े गहरी व स्वस्थ रहती है और पौधों का विकास अच्छा होता है जिससे फसल सघनीकरण विधि अपनाने से उत्पादन अधिक होता है।
इस विधि के द्वारा असिंचित एवं कम पानी वाले क्षेत्रों में भी सफलतापूर्वक फसल सघनीकरण द्वारा खेती की जा सकती है। प्रचलित विधि की तुलना में फसल सघनीकरण विधि से गेहूँ,धान,मक्का के उत्पादन में डेढ़ से दो गुना तक की वृद्धि होती है। पौधों में अधिक कल्ले व उनकी अधिक मोटाई व लम्बाई के कारण भूसा (सूखा चारा) का उत्पादन भी 25-30 फीसदी अधिक होता है। इस नई पद्धति में फसल सघनीकरण के एक पौधे से कम से कम 15 से 20 बालियां आती है। फसल सघनीकरण पद्धति के सभी सिद्धांतों एवं चरणों का समुचित रूप से पालन करने पर कई पौधों में 35 व उससे भी अधिक बालियां निकल सकती हैं। पौधों में अधिक कल्ले व लम्बी बालियां एवं दानों की अधिक संख्या तथा बड़ा आकार होने के कारण उत्पादन अधिक होता है। उपरोक्त विशेषताओं के कारण फसल सघनीकरण पद्धति द्वारा खेती करने से उपज बढ़ती है,भूमि की उर्वरता व संरचना सुधरती है तथा किसानों का आर्थिक व सामाजिक स्तर भी सुधरता है।
कुपोषण दूर करने के तरीकों में सबसे पहले भरपेट और पर्याप्त भोजन की जरूरत होती है इसके बाद पोषक तत्वों की भरपाई करना जरूरी है जिससे बहुत हद तक स्थानीय स्तर पर खेती से पूरा किया जा सकता है। अगले क्रम में स्वच्छता पर काम करने की जरूरत है जिससे इन्फेक्शन और बीमारियों को निचले पायदान पर भेजा जा सकता है। स्वच्छ पेयजल की जरूरत होती है जिससे डायरिया से होने वाली बीमारियों और मौतों को कम किया जा सकता है इसके लिये पी.एच.ई. विभाग जिम्मेदार है। निमोनिया (बड़ी सर्दी) से होने वाली बीमारियों और मौतों को स्थानीय स्तर के पारंपरिक इलाज और स्वास्थ्य विभाग के अमले की सक्रियता से कम किया जा सकता है। इसके बाद टीकाकरण जैसे काम प्रतिब्धता के साथ किया जाये तो स्थिति में अमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल सकते है।
इस तरह हम देख सकते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि की लागत कम करके उत्पादन बढ़ाने की और भोजन में पोषक तत्वों की भरपाई करने की तरफ यदि ध्यान दिया जाये तो स्थानीय स्तर पर टिकाऊ खाद्य सुरक्षा और पोषण प्रबंधन सुनिष्चत हो सकता है।
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About the AuthorGovind Yadav is Associated with Gramin Vikas Samiti Damoh Madhya Pradesh. He can be contacted atgvsmpindia@gmail.com
About AHRC: The Asian Human Rights Commission is a regional non-governmental organisation that monitors human rights in Asia, documents violations and advocates for justice and institutional reform to ensure the protection and promotion of these rights. The Hong Kong-based group was founded in 1984.

मैडीसिटी में दो मैडिकल यूनीवर्सिटीयां स्थापित करने का एलान

Thu, Jan 16, 2014 at 9:13 PM
350 करोड़ की लागत वाले फोर्टीज़ अस्पताल का उद्घाटन 
बाजवा 10 जनपथ के सामने धरना लगाये-सुखबीर सिंह बादल
लुधियाना/चण्डीगढ़, 16 जनवरी 2014: ( रेकटर कथूरिया//सतपाल सोनी//पंजाब स्क्रीन):
पंजाब के उपमुख्यमंत्री स. सुखबीर सिंह बादल ने कहा है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यू पी ए सरकार द्वारा पड़ौसी राज्यों के लिए विशेष औद्योगिक पैकेज़ 2017 तक बढ़ाना दुर्भाग्यपूर्ण एवं पंजाब में निवेश प्रक्रिया को पटरी से उतारने की साजि़श है। उन्होंने पंजाब कांग्रेस के प्रधान स. प्रताप सिंह बाजवा को चुनौती दी कि यदि उनमें थोड़ा भी साहस है तो वह पंजाब से इस अपेक्षा के विरूद्ध 10 जनपथ के सामने धरना लगायें।
आज यहां राजस्व एवं लोक संपर्क मंत्री स. बिक्रम सिंह मजीठिया के साथ फोर्टीज़ अस्पताल का नींव पत्थर रखने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए स. बादल ने कहा कि पंजाब निवेशक सम्मेलन ने पंजाब के औद्योगिकीकरण का आरंभ कर दिया है, जोकि कांग्रेस को पंजाब विरोधी मानसिकता होने के कारण पच नही रहा। स. बादल ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा चिकित्सा पर्यटन को उत्साहित करने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है क्योंकि पंजाब में इस क्षेत्र के लिए बेतहाशा संभावनांए हैं। उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा न्यू चंडीगढ़ में दो मैडिकल विश्वविद्यालय भी स्थापित करने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि यूनीवर्सिटी ऑफ कैलीफार्निया द्वारा अपना कैंपस एजूसिटी में भी स्थापित किया जा रहा है।
इससे पूर्व स. बादल द्वारा फोर्टीज अस्पताल का भी उद्घाटन किया गया एवं साथ ही 125 करोड़ की लागत वाले इस अस्पताल की महिला एवं बच्चों के लिए विशेष ब्रांच का भी नींव पत्थर रखा गया। फोर्टीज़ के कार्यकारी चेयरमैन मलविंदर मोहन सिंह एवं उप कार्यकारी चेयरमैन शिविंदर मोहन सिंह ने मोहाली में कैंसर अस्पताल खोलने का एलान किया।
इस अवसर पर मुख्य तौर पर कैबिनेट मंत्री शरणजीत सिंह ढिल्लों, मुख्यमंत्री के सलाहकार महेश इंद्र सिंह ग्रेवाल, पूर्व मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया, विधायक रणजीत सिंह ढिल्लों एवं मेयर हरचरन सिंह गोहवडिय़ा उपस्थित थे।

पहली फरवरी से मिलेगी सस्ती दरों पर रेत

Thu, Jan 16, 2014 at 9:13 PM
नये नीले कार्ड 5 फरवरी से जारी किये जायेंगे
आटा-दाल योजना अधीन 13.5 लाख परिवार और लाये जायेंगे-सुखबीर सिंह बादल 
ए दर्जे की 26 खननों की निलामी 6 व 7 फरवरी को 
चण्डीगढ़, 16 जनवरी 2014: (रेकटर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):
पंजाब के उपमुख्यमंत्री स. सुखबीर सिंह बादल ने मंहगाई की चक्की में पिस रहे आम आदमी को राहत देते हुए राज्य के 13.5 लाख और परिवारों को नयी आटा-दाल योजना अधीन लाने को हरी झंडी दे दी है। आज स्थानीय पजाब कृषि विश्व विद्यालय में प्रधान सचिवों और उपायुक्तों से बैठक की अध्यक्षता करते हुए स. बादल ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा नई आटा-दाल योजना योजना के लिए नीले कार्ड बनाने का कार्य 5 फरवरी से आरंभ किया जा रहा है जबकि कार्ड वितरण का कार्य 15 फरवरी तक पूरा कर लिया जायेगा।
इस बैठक में पंजाब के राजस्व, पूनर्वास और लोकसंपर्क विभाग के मंत्री स. बिक्रम सिंह मजीठिया, स्वास्थय एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री सुरजीत कुमार जियाणी भी उपस्थित थे। उन्होंने उपायुक्तों को आदेश दिये कि वह कार्ड वितरण की पूरी प्रक्रिया की स्वयं निगरानी रखें ताकि आम व्यक्ति को किसी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े। उन्होंने खाद्य एवं सिविल आपूर्ति विभाग की अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस कार्य की आवश्यक औपचारिकतांए समय से पूरी कर ली जायें। उन्होंने कहा कि सही आवेदकों संबंधी जानकारी विभाग की वैब साइट पर 22 जनवरी से पूर्व अपलोड कर दी जाये ताकि 29 जनवरी तक लोग अपने एतराज दे सकें।
आम लोगों को रेत और बजरी सस्ती दरों पर मुहैया करवाने के लिए स. बादल ने खनन विभाग की नई प्रस्तावित नीति को भी मंजूरी दी, जोकि पहली फरवरी से लागू हो जायेगी।यह नई नीति पंजाब मंडी बोर्ड द्वारा जिला प्रशासन और खननों संबंधी विभाग के सहयोग से लागू की जायेगी। स. बादल ने कहा कि राज्य में पठानकोट, रोपड़ और फिरोज़पुर क्षेत्रों की पहचान की गई है, जहां सबसे अधिक प्राकृतिक स्त्रोतो का अस्तित्व है। नये सिस्टम तहत सभी जिलों को इन क्षेत्रों से जोड़ दिया जायेगा और प्रत्येक माह रेता और बज़री के भाव प्रमुख अखबारों में प्रकाशित किये जायेंगे। आम आदमी को और सुविधा देने का फैसला किया गया है कि अब व्यक्ति अपनी जरूरत अनुसार रेत बुक करवा सकेगा। उन्होंने उपायुक्तों को कठोर निर्देश दिये कि रेत और बजरी के अस्तित्व और ट्रांसपोटेशन पर किसी व्यक्ति विशेष का एकाधिकार नही होना चाहिए।
स. बादल ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा 6 और 7 फरवरी को ए दर्जे की 26 खननों की निलामी की जा रही है जिससे रेत और बजरी के भाव में गिरावट आयेगी। इसके अतिरिक्त स. बादल ने खननों संबंधी विभाग के अधिकारियों को उन और 130 खननों, जोकि 5 एकड़ से कम क्षेत्रफल वाली और जिनको राज्य स्तरीय वातावरण कमेटियां क्लीयरैंस दे सकती हैं, की नीलामी की प्रक्रिया को आरंभ करने के निर्देश दिये। विभागीय अधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री को भरोसा दिया कि ऐसी खननों को क्लीयरैंस 25 जनवरी तक मिल जायेगी और इस संबंधी आरम्भिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
भगत पूरन सिंह स्वास्थय बीमा योजना, जिस तहत नीला कार्ड धारक परिवार को वार्षिक 30 हज़ार रुपये तक की निशुल्क चिकित्सा सुविधा दी जानी है, संबंधी बोलते हुए स. बादल ने स्वास्थय विभाग के अधिकारियों को कहा कि वह कार्ड बनाने के लिए 2000 और मशीनें किराये पर लेकर लगा दें। उन्होंने कहा कि दिन प्रतिदिन बढ़ रही मंहगाई के कारण मंहगे होते जा रहे ईलाज को ध्यान में रखते हुए जरूरतमंद व्यक्तियों को सस्ता ईलाज उपलब्ध करवाना बहुत आवश्यक है।
बैठक में अन्य के अतिरिक्त मुख्यमंत्री के सलाहकार स. महेश इंद्र सिंह ग्रेवाल, मुख्य सचिव श्री राकेश सिंह, वित्त सचिव राजस्व श्री एन एस कंग, प्रधान सचिव उद्योग श्री कर्ण अवतार सिंह, प्रधान सचिव मुख्यमंत्री श्री एस के संधू, प्रधान सचिव उपमुख्यमंत्री श्री पी एस औजला, प्रधान सचिव स्वास्थय एवं परिवार कल्याण श्रीमती विनी महाजन, सचिव खाद्य एवं सिविल आपूर्ति श्री डी एस ग्रेवाल, विशेष प्रधान सचिव मुख्यमंत्री स. गगनदीप सिंह बराड़ और सभी जिलों के उपायुक्त उपस्थित थे।
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Thursday, January 16, 2014

Forftis: सुखबीर सिंह बादल ने किया अस्पताल का उद्घाटन

लुधियाना में लॉन्च हुआ अत्याधुनिक तकनीक वाला मल्टी-स्पेशेलिटी हॉस्पिटल
राज्य में हेल्थ-केयर की तरफ एक कदम और 
लुधियाना: 16 जनवरी 2014: (रेकटर कथूरिया//सतपाल सोनी//पंजाब स्क्रीन):
फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड (फोर्टिस) ने आज लुधियाना में अत्याधुनिक तकनीक से लैस 260 बेड वाला ग्रीन-फील्ड हॉस्पिटल लॉन्च किया। यह मल्टी-स्पेशेलिटी सुविधा फोर्टिस की राज्य में हेल्थकेयर की तरफ सार्थक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। पंजाब के माननीय उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने अस्पताल का उद्घाटन किया।
इस सुविधा को मरीजों की सेवा को अर्पण करते हुए श्री सुखबीर सिंह बादल ने कहा, 'यह देखकर हमें बेहद खुशी है कि फोर्टिस ने लुधियाना में वल्र्ड-क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर और मेडिकल केयर लाकर पंजाब की तरफ अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। इस कोशिश की हम सराहना करते हैं और यह कामना करते हैं कि इसे अपार सफलता मिले ताकि इस क्षेत्र में हेल्थकेयर की क्वॉलिटी और बेहतर हो। एक और समारोह में श्री सुखबीर सिंह बादल ने 'फोर्टिस की नींव भी रखी जो ऐसी ही एक और ग्रीन-फील्ड सुविधा होगी और 2016 तक शहर को मिलेगी। मॉल रोड पर स्थित यह सुविधा 100 बेड वाली खासकर महिलाओं के लिए होगी ताकि उनके जीवन के हर चरण पर मेडिकल जरूरतों को पूरा किया जा सके।
फोर्टिस ने पंजाब में 1000 बेड्स से भी ज्यादा की क्षमता के लिए अर्थपूर्ण निवेश करने की प्रतिबद्धता तय की है। इस गिनती में लुधियाना का यह नया अस्पताल, मोहाली और अमृतसर में मौजूदा अस्पताल और जल्द ही शुरू होने वाले फोर्टिस कैंसर इंस्टिट्यूट (मोहाली) और ग्रीन फील्ड प्रोजेक्ट फोर्टिस ल फाम (लुधियाना) शामिल हैं।
फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड के एग्जिक्यूटिव चेयरमैन श्री मलविंदर मोहन सिंह और वाइस-एग्जिक्यूटिव चेयरमैन श्री शिविंदर मोहन सिंह ने कहा, 'पंजाब में मजबूत जड़ों के साथ फोर्टिस ने अपना सफर मोहाली में पहले अस्पताल से शुरू किया। आज हमें इस बात का गर्व हो रहा है कि पंजाब में एक और अत्याधुनिक तकनीक वाली हेल्थकेयर सुविधा हम लॉन्च कर रहे हैं। यह पंजाब में मेडिकल केयर के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान है। अच्छी हेल्थकेयर पाना अभी भी एक बड़ी चुनौती है और हम कदम पर कदम बढ़ाकर लगातार इसे सुधारने में लगे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका फायदा हो।
यह अस्पताल समराला चौक के पास चंडीगढ़-लुधियाना रोड पर स्थित है जहां तक पहुंचना बेहद आसान होगा। एक तरफ जहां यह मल्टी-स्पेशेलिटी अस्पताल सभी तरह की बीमारियों को ठीक करने में सक्षम होगा, वहीं दूसरी ओर उन बीमारियों पर खास फोकस किया जाएगा जो इस क्षेत्र से जुड़ी हैं और जिनका इलाज हो नहीं पाता। इनमें से एक चिंता का विषय है कैंसर। पंजाब की जनसंख्या में हर एक लाख लोगों में 90 कैंसर के मरीज हैं जोकि राष्ट्रीय औसत से भी ज्यादा है। इसी से लडऩे के लिए फोर्टिस लुधियाना ने बहुत से प्रबंध किये हैं। 

मोदी की तुलना भगवान राम से करने के गरमाया

Thu, Jan 16, 2014 at 7:58 PM
शिवसेना हिन्दुस्तान की युवा इकाई ने फूंका राजनाथ का पुतला 
लुधियाना: 16 जनवरी 2014: (सतपाल सोनी//पंजाब स्क्रीन):
शिवसेना हिन्दुस्तान की युवा इकाई ने युवा अध्यक्ष अनिल साहोनी मोनू की अध्यक्षता में मोदी की तुलना भगवान राम से करने के विरोध में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ का पुतला फूंक कर रोष प्रदर्शन किया। स्थानीय टिब्बा रोड पर एकत्रित हुए युवा सैनिकों को संबोधित करते हुए अनिल साहनी मोनू ने कहा कि भाजपा अपने गिरते जनाधार को बचाने के लिए हमेशा से ही हिन्दू भावनाओं से खिलवाड़ कर भगवान राम के सहारे सता हासिल करने के हथकंडे अपनाती रही है। भगवान राम के मंदिर निर्माण का सहारा लेकर भाजपा ने 6 वर्ष तक केन्द्र में सता का सुख हासिल किया, मगर सता के दौरान भगवान राम को पूरी तरह भूल गई। अब एक बार फिर भाजपा ओछे हथकंडे अपनाते हुए मोदी नामक इंसान की भगवान से तुलना करके हिन्दू धर्म के लोगों की भावनाएं आहत करके वोट बटोरना चाहती है। जिसे देशवासी किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने राजनाथ से आग्रह किया कि वह मोदी की तुलना भगवान राम से करने पर देश की जनता से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगे। वहीं, चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर राजनाथ ने हिन्दू समाज से माफी न मांगी तो शिव सेना हिन्दुस्तान राजनाथ पर हिन्दू धर्म की भावनाएं आहत करने और भगवान राम का अपमान करने पर आई.पी.सी. की धारा 295ए के तहत मामला दर्ज करवाएगी। इस अवसर पर बलराम रविदास, राजकुमार राजपूत, करन गर्ग, दर्शन, सूरज वर्मा, महिन्द्र राजपूत, खुशनसीब मोहम्मद, गुड्डू, रिंकू, गोपाल, विनोद कुमार, मनोज कुमार राजपूत, धर्मपाल, सौरव मोहित, राजकुमार, बब्बू, जीता, राजन, उस्मानी अंसारी, नीतिन साहनी सहित अन्य भी मौजूद थे।

लव जेहाद नामक वेबसाइट के विरोध में रोष की लहर

Thu, Jan 16, 2014 at 10:24 AM
जत्थेदार अकाल तख्त साहिब को सौंपा हिंदू जनजागृति मंच ने ज्ञापन
अमृतसर: (गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन):
आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तोएबा की ओर से चलाई जा रही वेबसाइट लव जेहाद डाट काम के खिलाफ हिंदू जनजागृति मंच और ह्यूमन राइट्स आफ ग्लोबल माइनारिटीज का एक शिष्टमंडल आज श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह से मिला और इस वेबसाइट के माध्यम से हिंदुओं और सिखों की लड़कियों से शादी कर उन्हें मुसलमान बनाने जैसे मुद्दे पर आगे आकर इसे रोकने की अपील की। ज्ञापन को हासिल करने के बाद जत्थेदार अकाल तख्त ने कहा है, कि वह इस मामले के संबंध में एसजीपीसी प्रधान से बात कर उचित कदम जरूर उठाएंगे श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने बताया, कि आज उन्हें यह ज्ञापन हासिल हुआ है और वह इस पर एसजीपीसी प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ से संपर्क कर उचित कदम जरूर उठाएंगे
    आतंकी संगठन लश्कर-ए-तोएबा की ओर से चलाई जा रही वेबसाइट लवजेहाद डाट काम पर मुसलमान लड़कों को हिंदुओं और सिखों की लड़कियों के साथ शादी कर उन्हें मुसलमान बनाए जाने का आह्वान किए जाने के मुद्दे को लेकर आज हिंदु जनजागृति मंच और ह्यूमन राइट्स ग्लोबल माइनारिटीज के सदस्य श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह से मिलने पहुंचे और उन्हें ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने बताया, कि आज उन्हें यह ज्ञापन हासिल हुआ है और वह इस पर एसजीपीसी प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ से संपर्क कर उचित कदम जरूर उठाएंगे, उधर हिंदू जनजागृति मंच के नेता सुरेश मुंजाल और ह्यूमन राइट्स के इंद्रजीत सिंह ने बताया, कि लव जेहाद के माध्यम से कई हिंदुओं और सिखों की लड़कियों को मुसलमान बनाया जा चुका है और यह प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया, कि इस प्रक्रिया को रोकने के लिए वे हर धर्म के उच्च पदस्थ गुरुओं और जत्थेदारों से मिल कर उन्हें इस कार्य के खिलाफ लामबंद होने और लोगों को जागरूक करने की अपील कर रहे हैं। उन्होंने बताया, कि इंग्लैंड में भी ऐसी ही घटनाओं पर वहां की पुलिस ने उचित कदम उठाते हुए हिंदुओं और सिखों को अपनी बेटियों को इस तरह की धोखाधड़ी से सचेत रहने के लिए कहा है।  

Wednesday, January 15, 2014

लुधियाना के पावरलूम मकादूर कल करेंगे जोरदार धरना-प्रदर्शन

डी.सी. कार्यालय पर धरने का मकसद श्रम अधिकारों को लागू करवाना
                                                                                                                                            फाईल फोटो 
लुधियाना: 15 जनवरी, 2014: (रेकटर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):
टेक्सटाइल-हौज़री कामगार यूनियन, पंजाब के नेतृत्व में लुधियाना के सैंकड़ों पावरलूम कारखानों के मकादूर कल (16 जनवरी) डी.सी. लुधियाना के कार्यालय पर रोषपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेंगे। टेक्सटाइल-हौकारी कामगार यूनियन, पंजाब के अध्यक्ष राजविन्दर ने एक प्रेस विज्ञप्ति में स्प्ष्ट कहा कि लुधियाना प्रशासन द्वारा मकादूरों के अधिकारों को भयंकर रूप से अनदेखी की जा रही है। इसी का नतीजा है कि पावरलूम कारखाना मालिक मकादूरों के कानूनी अधिकारों की सरेआम उल्लघना कर रहे हैं। बार-बार प्रशासन, श्रम विभाग, ई.एस.आई. विभाग आदि विभागों में शिकायतें दर्ज करवाने के बाद भी कारखानों में श्रम कानून लागू नहीं किए जा रहे हैं। मकादूरों न पिछले समय में संगठित होकर जो आमदन बढ़ौतरी और ई.एस.आई. सुविधा हासिल की है मालिक अब फिर से उसे छीनने पर उतारू हैं। किसी न किसी बहाने से मालिक मकादूरों के तंग-परेशान कर रहे हैं, बढ़ रही महँगाई से मकादूर त्रस्त हैं लेकिन पीस रेट-वेतन घटाए जा रहे हैं। मन्दवाड़ी के बहाने से मकादूरों की काम से छँटनी की जा रही है। मालिकों के संगठित हमले का मुँह तोड़़ जवाब देना होगा। लुधियाना प्रशासन की यह कानूनन जिम्मेवारी है कि वह मकादूरों के हक-अधिकार लागू करवाए और मालिकों द्वारा हो रही धक्केशाही के खिला$फ सख्त कार्रवाई करे। मकादूरों में पावरलूम मालिकों की धक्केशाहिओं और प्रशासन द्वारा हो रही उनकी अनदेखी के खिला$फ आक्रोश है।
टेक्सटाइल-हौकारी कामगार यूनियन कल डी.सी. लुधियाना के कार्यालय पर रोषपूर्ण धरने-प्रदर्शन करके लुधियाना प्रशासन को इसकी गहरी नींद से जगाएगी। मकादूरों के सारे कानूनी अधिकार लागू करवाने और मालिकों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने के लिए माँग-पत्र दिया जाएगा। 

16-17 जनवरी को दिल्ली में विशेष अभियान

Mon, Jan 13, 2014 at 9:12 PM
चर्चा 'आप' के पदाधिकारियों से फिर ठोस भूमिका व कदम 
भ्रष्टाचार, अत्याचार, अन्याय और विषमता के खिलाफ जनतंत्र और साफ सुथरी राजनीति के लिए देशभर के जन आन्दोलन ‘आप’ को वैकल्पिक राजनितिक पहल के रूप में देंगे सक्रिय सहयोगी |
पिछले कई दशकों से जनशक्ति के साथ सशक्त जनांदोलनों के द्वारा देश में आर्थिकसामाजिक राजनीति बदलाव के लिए हम जूझ रहे है | संवैधानिक मूल्यजनता के अधिकार तथा मार्गदर्शक सिद्धांतो के साथ मानवी अधिकार हमारे लिए सर्वोच्च मंजिल रही है और जनतांत्रिकप्रक्रियाएअहिंसक संघर्ष के साथहमारे आधार जन संगठनो और जन आन्दोलनों से उभरे सिद्धांत और मुद्दे से कई बदलावकई कानून आजतक बने है फिर सत्ता और जनता के बीच के रिश्ते भी समता और न्याय के रहने में योगदान हुआ है | फिर भी देश के मुख्यधारा के,सत्ता में बैठे राज नेताओं से चलती रही लूटदेश की  आर्थिक – प्राकृतिक सम्पदा का अपव्यय और जनता की अवमानना रोकने के लिए जन आन्दोलनों ने अपनी अथक परिश्रम और संघर्ष के द्वारा एक प्रभावी असरकार – कम दिखाई है | सूचना का अधिकारवन अधिकारयाभू-अर्जन कानून में बदलाव तथा आदर्शलावासा और अन्य भ्रष्टाचार/घोटाले हमारी नीति – राजनीति से सामने लाये गए है | देश के दलितोंआदिवासियोंकिसानों – मजदूरों के ही नहींदेश की पूरी जनताशिक्षितव्यावसायिकविधार्थी – युवाओं के साथ मध्यम वर्गीय और हरनागरिकों की बुनियाद जरूरत और अधिकार को हासिल करने की हमारी जंग आज भी जारी है और रहेगी |
आज भ्रष्टाचार विरोधी आन्दोलनों से उभरी आम आदमी पार्टी ने भी यही ठान ली है और अरविन्द केजरीवाल और उनके युवा साथियों के साथआज देश की जनता को दुखदर्दवंचना और पीड़ा पहुचाने वाली दलीय राजनिति में जो हस्तक्षेप किया हैउनका हम स्वागत करते है |हम मानते है की देश में आप लोंगो को महसूस हो रही उद्दिग्नता और विकल्प की जरुरत को पूरा करने में ये जनआन्दोलनों के साथीयों ने बीड़ा उठाया है और जातपात धर्म या शराब – पैसा साधन बांटकर नहीं तो राजनितिक – आर्थिक विकेन्द्रीकरणजनसत्ता से ही जनतंत्र,शिक्षा और सभी क्षेत्रो में समताभ्रष्टाचार से मुक्ति और हर वंचित तबके को न्याय दिलाने की अपनी भूमिका जहीर की है | दिल्ली में सफलता के बाद शहरी गरीब मध्यमवर्गीयग्रामीण की समस्याए सुलझाने की और कदम बढ़ाये है | राजनीति में सादगी और जनवादी फिर सेलेन की उनकी कोशिश शुरू हुई है | जनउभार है और जनता चाहती है कि जन आंदोलनों से जुड़कर आब दलीय राजनीति में भी हस्तक्षेप हो और वह भी सक्रिय |
देश भर के कई सारे जन आन्दोलनों  के साथ एक लम्बी चर्चाओंसवालजवाबोंआम आदमी पार्टी की क्रिया – प्रक्रियाओं का अध्ययन और हमारी भूमिका पर मंथन के बादइस नतीजे पर पहुंचे है कि  समय आया है कि इस वैकल्पिक चुनावी राजनीति में भी हमारे जनआन्दोलन एक विशेष समर्थन की भूमिका निभाये और इस क्रांतिकारी बदलाव की संभावना को आगे बढ़ाये |
इसीलिए आसाम से केरल और ओड़िसा से मध्य प्रदेश तक महाराष्ट्र के भी ग्रामीण और शहरी कई आन्दोलनों अपने साथीसहयोगीयों के साथ यह तय किया है की हम आप आदमी पार्टी को जो एक आन्दोलनं का ही हिस्सा हैपूरा सक्रिय समर्थन डदें | हमारे वोट डालने के अलावाघोषणा-पत्र में भी उनकी पूरी भूमिका निभाये |
जन आन्दोलनों को समर्पित  करते हुएउनकी विशेषता और व्यापक नज़रिया बने रहकर भी हम ‘आप’ को एक चुनावीसंसदिये राजनीति में अवकाश बनाने की और उसका चरित्र बदलने कीसमाज को भी ऐलान की प्रक्रिया मानकर यह समर्थन देंगे | इस सहयोग  के ठोसकदमकई प्रक्रियों और सरचना जन आन्दोलनों और ‘आप’ के बीच दिल्ली में 16,17जनवरी के रोज चर्चा विचार होकरयोगेन्द्र यादवप्रशांत भूषणआनद कुमारअजित झा तथा राष्ट्रीय समिति के साथियों के साथ बैठकर होगी और फिर हमारा अगला अजेंडा और भूमिका भीजहीर होगी |
हमारे लिए यह एक महत्व का निर्णय है और हमारा ऐलान है देश के विभिन जन आन्दोलनोंसामाजिक संस्थानों कोसंगठनों को की वे भी इस प्रक्रिया जुड़ जाए |
मेधा पाटकर, कैलाश अवस्या, मीरां – नर्मदा बचाओ आन्दोलन
प्रफुल सामंतरा – लोकशक्ति अभियान ओड़िसा
गीता रामाक्रिशानन –   Unorganised Sector Worker’s Federation
 पशारुल आलम- आदिवासी जमीन रक्षा समिति- वेस्ट बंगाल
रामकृष्णन राजू – यूनाइटेड फोरम ऑफ़ राईट टू इन्फोर्मेशन- आंध्र प्रदेश
गुरवंत सिंह – स्माल स्केल इन्द्त्रिय एंड ट्रेडर्स अस्सोसिसन पंजाब
सिम्प्रीत सिंह, सुमित वाजले , संतोष थोरात , पूनम कनोजिया – घर बचाओ घर बनाओ आन्दोलन – महाराष्ट्र
राजेंद्र रवि, संजय म.जी, राम्देस भटकल, चन्द्रसेखर अर्केटेक्ट, मधुरेश कुमार, सीला म- ज.न.आ.र.स. महाराष्ट्र एंड दिल्ली
महेंद्र यादव एंड कामायनी स्वामी – ज.न.आ.र.स., बिहार
भूपेन्द्र सिंह रावत – जन संघर्ष वाहिनी , न्यू दिल्ली
गौतम बंधउपाध्याय- नदी घाटी मोर्चा – छतीसगढ़
राजकुमार सिन्हा बरगी, बांध विस्थापित संघर्ष समिति- मध्य प्रदेश
सी . आर. नीलकंदन, जिओ जोस, हुसैन मास्टर – ज.न.आ.र.स., केरला