Monday, May 09, 2011

आखिर कैसे रुके अपमान का दोहराव ?

अभी पहला कोई मामला ठंडा भी नहीं हुआ होता कि देवी देवतायों के अपमान का कोई न कोई नया मामला सामने आ जाता है.इस बार यह सब हुआ हिन्दू धर्म के साथ. बिकनी पर हिंदू देवी लक्ष्मी का चित्र प्रकाशित कर दिया गया जिससे हिंदू समुदाय द्वारा इस मामले पर कडा विरोध जताया गया. 
पंजाब केसरी में प्रकाशित खबर
जब विवाद काफी बढ़ गया तो इस बिकनी को बनाने वाली एक आस्ट्रेलिया स्विमवेयर कंपनी ने भावनाओं को आहत करने के लिए हिंदू समुदाय से माफ़ी मांग ली और ऐलान किया कि देवी लक्ष्मी की तस्वीर नए सत्र में हमारे स्विमवेयर पर प्रकाशित नहीं होगी. इस विवाद को फ़ैलाने वाली एक आस्ट्रेलिया स्विमवेयर कंपनी लिजा ब्ल्यू ने अपनी माफ़ी के साथ यह वादा भी किया कि फ़ैशन शो के दौरान रैंप पर पेश स्विमवेयर को भी बाजार से हटा लिया गया है. यह मामला मिडिया में भी काफी छाया रहा. आस्ट्रेलिया से उठी चिंगारी देश के कई कोनो में पहुंची. इस उखड़ समचार के फैलते ही हिन्दू समुदाय पूरी तरह आक्रोश से भर उठा.
गौरतलब है कि इस स्विमवेयर कंपनी ने पिछले सप्ताह सिडनी में रोजमाउंट आस्ट्रेलियन फ़ैशन वीक में जिस माडल को बिकनी पहने हुए रैंप पर उतारा उसकी बिकनी के सामने के हिस्से तथा पिछले हिस्से पर लक्ष्मी देवी का चित्र प्रकाशित किया था. 
इससे पूर्व, यूनिवर्सल सोसायटी फ़ोर हिंदुइज्म के अध्यक्ष राजन जैद ने कंपनी से सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगने और इस रेंज के स्विमवेयर को बाजार से तुरंत वापस लिए जाने की मांग की थी. इस माफीनामे लोगों कि आहात भावनायों को नियंत्रण करने में कुछ आसानी हुई है और उनका क्रोध शांत हुआ है पर यह सवाल एक बार फिर गम्भीर हो गया है कि देवी देवतायों का इस तरह बार बार अपमान करके लोगों कि धार्मिक भावनायों को भडकाने कि साज़िश किस के इशारे पर होती है ? इस तरह कि बातों के दोहराव को रोकने के लिए क्या किया जाना चाहिए ? आप इस पर क्या सोचते हैं ? इस पर आपके विचारों की इंतज़ार बनी रहेगी हमेशां की तरह.   --रेक्टर कथूरिया 

1 comment:

Navin C. Chaturvedi said...

निंदनीय कृत्य