Monday, May 22, 2017

सत्ता के बावजूद 21 मई को कांग्रेस नहीं कर सकी कोई बड़ा आयोजन

इंटक के दिनेश गुट ने दी राजीव गांधी को श्रद्धांजलि 
लुधियाना: 21 मई 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
जून 1984 के बाद जब समुचित सिख समुदाय कांग्रेस से टूट गया था और 31 अक्टूबर को तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद अलगाव की यह खायी और गहरी हो गई थी। न सिख श्री अकाल तख्त साहिब की तबाही भूल सके और न ही कांग्रेस सुश्री इंदिरा गाँधी की हत्या को भूल सकी। नवंबर-84 की घटनाओं ने तो देश के इतिहास में दर्द से भरे वो पन्ने जोड़ दिए जिन्हें लाख कोशिशों के बाद भी अब तक हटाया नहीं जा सका। ऐसे नाज़ुक हालात में पंजाब समझौता करने वाले राजीव गांधी में जो जो सियासी खूबियां थीं उनको उनके विरोधी भी मानते हैं। संत लोंगोवाल और राजीव गाँधी के दरम्यान समझौते `की तस्वीर एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ बन कर सामने आयी। विवादों और विरोधों के बावजूद राजीव गांधी का सत्ता काल ऐतिहासिक बना रहेगा।  अमेरिका के साफ़ इंकार के बावजूद भारत ने अगर दुनिया में अपना पहला सुपर कंप्यूटर बना लिया था तो इस सारे प्रयास में राजीव गांधी की चाहत जनून की तरह काम कर रही थी। सभी विकसित देशों ने  जब इसका प्रदर्शन देखा तो मुंह में उंगलियां दबा ली थी। पहले सुपर कंप्यूटर को “8000 परम”का नाम दिया गया था। इन सभी बातों को कांग्रेस पार्टी उनकी पुण्यतिथि पर उठाने में भी नाकाम रही। 
पायलट के हवाई आकाश को छोड़ कर राजनीति में आए राजीव गांधी के प्रशंसकों ने कभी सपने में नहीं सोचा होगा कि आतंकवादी हमले में हुई हत्या के बाद उनकी पार्टी कांग्रेस धीरे धीरे भुला देगी। बेशक देश में कांग्रेस की सत्ता नहीं है लेकिन पंजाब में तो है। इसके बावजूद राजीव गाँधी की स्मृति में लुधियाना में कोई बड़ा कार्यक्रम होने की जानकारी नहीं मिली।  
इंटक के दिनेश सुंदरियाल इस संबंध में एक आयोजन अवश्य किया लेकिन इसकी जानकारी भी कार्यक्रम होने के बाद दी गयी। इसमें भी इंटक के बहुत से कार्यकर्ता और नेता नज़र नहीं आए। कुछ अन्य संगठनों ने भी इसी तरह अलग अलग आयोजन किये। 
इस आयोजन के ज़रिये कांग्रेस समर्थक मज़दूर संगठन इंटक ने आज समराला चौक स्थित डॉ प्रदीप अग्रवाल के कार्यालय में श्री राजीव गांधी जी को श्रदांजलि दी। डॉ अग्रवाल ने कहा कि रजीव गांधी विश्व के सबसे बड़े लोकतन्त्र भारत के एकमात्र ऐसे युवा प्रधानमन्त्री थे, जिनकी उदार सोच, स्वप्नदर्शी व्यापक दृष्टि ने भारतवर्ष को एक नयी ऊर्जा और एक नयी शक्ति दी  कि देश को विश्व के अन्य उन्नत राष्ट्रों की श्रेणी में लाकर खड़ा कर देने वाले सबसे कम उम्र के वे ऐसे प्रधानमन्त्री थे, जिन्होंने इक्कीसवीं सदी का स्वप्न देते हुए भारत को वैज्ञानिक दिशा दी।  इंटक के महिला विंग की अध्यक्षा अनीता शर्मा ने कहा कि आज भी श्री राजीव गांधी हम में हैं। इस मौके पर इंटक टीम के अन्य लोगों ने भी अपने महबूब नेता को श्रद्धांजलि दी। इंटक के राज्य उप प्रधान जोगिन्दर सिंह टाइगर, स्टेट जनरल सेक्टरी फिरोज मास्टर,शिव चरण थापर कोर  मेंबर, विकास गुप्ता, राजीव शर्मा, अशोक बंसल ,रविंदर कौर थापर, विशाल पराशर, संजीव जोल्ली, अशवनी शर्मा और अन्य सदस्य भी शामिल थे। अब देखना यह है कि सत्ता के बावजूद नया नेता पैदा किये बिना पुराने नेताओं को भूलने की यह सोच कांग्रेस को किस अंजाम की तरफ ले जाएगी? अगर यही सब होता रहा तो गुटबंदियों और व्यक्तिगत रंजिशों में उलझी कांग्रेस शायद सत्ता का लाभ उठा कर भी खुद को मज़बूत न कर सके। 
सत्ता के बावजूद 21 मई को कांग्रेस नहीं कर सकी कोई बड़ा आयोजन 

Friday, May 19, 2017

""ठाकुर दलीप सिंह जी की कृपा से ठीक हो गया दिल का सुराख"

Fri, May 19, 2017 at 10:33 AM
जालंधर की प्रिंसिपल राजपाल कौर ने किया सभी सबूत पास होने का दावा 
बच्ची प्रेम कौर और उसके माता पिता करणबीर सिंह और राजिंदर कौर 
जालंधर: 19 मई 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
आजकल नवजन्मे या छोटे बच्चों के दिल में सुराख होने की समस्या लगातार बढ़ रही है। ऐसा ही कुछ हुआ जम्मू के एक नामधारी परिवार के साथ। इस परिवार की बच्ची के दिल में भी सुराख था। जालंधर की प्रिंसिपल राजपाल कौर ने दावा किया है कि यह सुराख ठाकुर दलीप सिंह जी की कृप से बिना किसी इलाज के ठीक हो गया है। उनकी भेजी रिपोर्ट हम यहां प्रकाशित कर रहे हैं। इस रिपोर्ट पर आपके विचारों की भी इंतज़ार रहेगी।-सम्पादक 
राजपाल कौर की रिपोर्ट:::
सतगुरु शब्द सत्य और गुरु के सुमेल से बना है। जो अज्ञान के अन्धेरे से ज्ञान के प्रकाश की तरफ ले चले तथा जो शिष्यों को सच की राह दिखाये उसे सतगुरु कहते हैं। गुरबाणी में भी लिखा है "सति पुरखु जिनि जानिआ सतगुरु तिस का नाउ" तथा "सतिगुरु सभना दा भला मनाइदा, तिस दा बुरा किउ होई"---क्योंकि ऐसे सतगुरु रूप संसार में सभी का कल्याण करने के लिए तथा सदमार्ग दिखाने के लिए ही आते हैं और जो सच्चे मन से सतगुरु जी के चरणों से जुड़ जाता है, वह भवसागर से पार हो जाता है।                       
सतगुरु की कृपा से असम्भव काम भी हो जाते हैं सम्भव 
इस बच्ची के दिल में था सुराख 
वर्तमान समय में नामधारी प्रमुख सतगुरु दलीप सिंह जी, जो विनम्रता तथा त्याग की मूरत हैं, अपने अलौकिक रूप से सबका मन मोह लेते हैं तथा शरण आये हुए पर अपनी कृपा - मेहर करते हैं। ऐसे अनेक अलौकिक कृपाओं को मैने देखा-सुना भी है तथा अनुभव भी किया है, उनमें से केवल एक का ही जिक्र करने जा रही हूँ, जो वाकई सभी को अचंभित कर देने वाली है कि ऐसे कलयुग के समय में भी सतगुरु की कृपा से तथा नाम जपने से असम्भव कार्य भी सम्भव हो जाते हैं। जम्मू के कृष्णानगर में रहने वाले कुलदीप सिंह जी ने मुझसे मुलाकात होने पर अपनी आपबीती वार्ता के बारे में बताया ,उनके साथ उनका परिवार; उनकी पत्नी सुखविंदर कौर, बेटा करणबीर सिंह, बहु रजिन्दर कौर तथा उनकी पोती प्रेम कौर भी थे। उन्होंने बताया की जब उनकी पोती प्रेम कौर जब केवल दो महीने की ही थी तो वह बहुत बीमार रहती थी, उन्होंने उसे जम्मू के डॉक्टर सी.डी.गुप्ता से चेक करवाया तो उन्होंने बताया की आपकी पोती के दिल में सुराख़ है और इसका अभी कोई इलाज नहीं हो सकता ,जब आपकी बच्ची पाँच साल की हो जाएगी तो एक नई तकनीक द्वारा, जिसमें पैर का मांस काट कर वहां लगा कर ऑपरेट किया जा सकता है या फिर धीरे-धीरे बड़े होने पर भर सकता है। सारे परिवार वाले बहुत निराश हुए और सोच में पड़ गए कि अब क्या किया जाये क्योंकि वो मासूम बच्ची दिल में सुराख़ होने की वजह से उसे बुखार भी अक्सर हो जाया करता था तथा उसके शरीर का उचित विकास भी नहीं हो रहा था।लेकिन निराशा और दुःख में तो केवल परमात्मा ही पुकार सुन सकते है उनकी भी पुकार सुनी गई और उन्हें अपने आराध्य गुरु, सतगुरु दलीप सिंह जी के दर्शन करने का मौका मिला, उन्होंने दर्शन करके सतगुरु जी के चरणों में विनती करके अपनी पोती की हालत के बारे में बताया। सतगुरु जी ने बड़े ध्यान से सारी बात सुनी, फिर बचन किया कि बच्ची की माता उसे अपनी गोद में लेकर पांच मिनट प्रतिदिन नाम सिमरन करे और ऐसा लगातार चालीस दिन तक करे, वे सत्यवचन कहकर, सतगुरु जी को नमस्कार कर घर आ गए और उनकी बहु ने बताया की ऐसा उसने लगातार करना शुरू कर दिया और चालीस दिन के बाद बच्ची की हालत में सुधार आना शुरू हो गया और उसका  ग्रोथ (विकास) होना भी शुरू हो गया, बुखार आना भी धीरे-धीरे बंद हो गया। उसके बाद वे थोड़ा निश्चिंत हो गए और दुबारा टैस्ट कराने भी नहीं गए क्योंकि उन्हें अपने गुरु पर पूरा भरोसा था फिर भी उन्होंने सभी की तसल्ली करवाने के लिए लगभग दो साल बाद बच्ची का टैस्ट करवाने के लिए उसी डॉक्टर के पास दुबारा  गए तथा जब डॉक्टर ने टैस्ट कर लिए तो वे हैरान हो गए कि बच्ची बिल्कुल ठीक थी ,उसके दिल में कोई सुराख़ नहीं था। डॉक्टर के पूछने पर कि आपने कोई इलाज करवाया था, बच्ची नॉर्मल कैसे हो गई तो कुलदीप सिंह जी ने उन्हें सारी बात बताई कि कैसे सतगुरु जी की आज्ञा से, नाम जपने से उनकी बच्ची ठीक हो गई। गुरबाणी में भी लिखा है" सरब रोग का अउखदु नामु" पर जो इसे श्रद्धा से मानता है वही इसका लाभ प्राप्त कर सकता है, सतगुरु जी के बचनों को जीवन में श्रद्धापूर्वक अपनाकर ही खुशियाँ प्राप्त की जा सकती है। डॉक्टर ने उन्हें रिपोर्ट भी दिखाई और वे ख़ुशी-ख़ुशी घर वापिस आ गए। उन्होंने मुझे भी दोनों रिपोर्टे दिखाई पहली वाली और बाद वाली भी। मैं भी उनके बचन सुनकर धन्य हो गई। मेरे मुँह से केवल यही शब्द निकले ;धन्य सतगुरु जी और धन्य हैं उनके सिक्ख! जो श्रद्धा से उनके बताये मार्ग पर चलकर उनके कृपा-पात्र बन जाते हैं। जम्मू में रहने वाले कुलदीप सिंह जी ने मुझसे मुलाकात होने पर अपनी आपबीती वार्ता के बारे में बताया, उनके साथ उनका परिवार; उनकी पत्नी सुखविंदर कौर, बेटा करणबीर सिंह, बहु रजिन्दर कौर तथा उनकी पोती प्रेम कौर भी थे। उन्होंने बताया की जब उनकी पोती प्रेम कौर जब केवल दो महीने की ही थी तो वह बहुत बीमार रहती थी, उन्होंने उसे जम्मू के डॉक्टर सी.डी.गुप्ता से चेक करवाया तो उन्होंने बताया की आपकी पोती के दिल में सुराख़ है और इसका अभी कोई इलाज नहीं हो सकता, जब आपकी बच्ची पाँच साल की हो जाएगी तो एक नई तकनीक द्वारा, जिसमें पैर का मांस काट कर वहां लगा कर ऑपरेट किया जा सकता है या फिर धीरे-धीरे बड़े होने पर भर सकता है। सारे परिवार वाले बहुत निराश हुए और सोच में पड़ गए कि अब क्या किया जाये क्योंकि वो मासूम बच्ची दिल में सुराख़ होने की वजह से उसे बुखार भी अक्सर हो जाया करता था तथा उसके शरीर का उचित विकास भी नहीं हो रहा था।लेकिन निराशा और दुःख में तो केवल परमात्मा ही पुकार सुन सकते है उनकी भी पुकार सुनी गई और उन्हें अपने आराध्य गुरु, सतगुरु दलीप सिंह जी के दर्शन करने का मौका मिला, उन्होंने दर्शन करके सतगुरु जी के चरणों में विनती करके अपनी पोती की हालत के बारे में बताया। सतगुरु जी ने बड़े ध्यान से सारी बात सुनी, फिर बचन किया कि बच्ची की माता उसे अपनी गोद में लेकर पांच मिनट प्रतिदिन नाम सिमरन करे और ऐसा लगातार चालीस दिन तक करे, वे सत्यवचन कहकर, सतगुरु जी को नमस्कार कर घर आ गए और उनकी बहु ने बताया की ऐसा उसने लगातार करना शुरू कर दिया और चालीस दिन के बाद बच्ची की हालत में सुधार आना शुरू हो गया और उसका  ग्रोथ (विकास ) होना भी शुरू हो गया ,बुखार आना भी धीरे-धीरे बंद हो गया। उसके बाद वे थोड़ा निश्चिंत हो गए और दुबारा टैस्ट कराने भी नहीं गए क्योंकि उन्हें अपने गुरु पर पूरा भरोसा था फिर भी उन्होंने सभी की तसल्ली करवाने के लिए लगभग दो साल बाद बच्ची का टैस्ट करवाने के लिए उसी डॉक्टर के पास दुबारा  गए तथा जब डॉक्टर ने टैस्ट कर लिए तो वे हैरान हो गए कि बच्ची बिल्कुल ठीक थी, उसके दिल में कोई सुराख़ नहीं था। डॉक्टर के पूछने पर कि आपने कोई इलाज करवाया था , बच्ची नॉर्मल कैसे हो गई तो कुलदीप सिंह जी ने उन्हें सारी बात बताई कि कैसे सतगुरु जी की आज्ञा से, नाम जपने से उनकी बच्ची ठीक हो गई। गुरबाणी में भी लिखा है"सरब रोग का अउखदु नामु " पर जो इसे श्रद्धा से मानता है वही इसका लाभ प्राप्त कर सकता है, सतगुरु जी के बचनों को जीवन में श्रद्धापूर्वक अपनाकर ही खुशियाँ प्राप्त की जा सकती है। डॉक्टर ने उन्हें रिपोर्ट भी दिखाई और वे ख़ुशी-ख़ुशी घर वापिस आ गए। उन्होंने मुझे भी दोनों रिपोर्टे दिखाई पहली वाली और बाद वाली भी। मैं भी उनके बचन सुनकर धन्य हो गई। मेरे मुँह से केवल यही शब्द निकले ;धन्य सतगुरु जी और धन्य हैं उनके सिक्ख! जो श्रद्धा से उनके बताये मार्ग पर चलकर उनके कृपा-पात्र बन जाते हैं। 

मोदी जी के पाकिस्तान जाने के बाद भी हमले तेज़-INTUC

Fri, May 19, 2017 at 3:47 AM
डा. अग्रवाल ने किये भाजपा सरकार पर कई सवाल 

लुधियाना: 19 मई 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
पंजाब की सत्ता मिलते ही कांग्रेस और कांग्रेस से जुड़े संगठन पूरी तरह सक्रिय हो कर दिन रात एक कर रहे हैं। इन संगठनों में ही एक संगठन है इंटक का। कांग्रेस का यह ट्रेड यूनियन विंग जहां राज्य भर के मज़दूरों को इंटक से जोड़ रहा है वहीँ सियासी मोर्चे पर भी लोहा ले रहा है। सुविज्ञ सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस समर्थक मज़दूर संगठन इंटक के के तीन प्रमुख गुट हैं। इनमें से एक गुट दिनेश सुंदरियाल के नेतृत्व में सरगर्म है। इस गुट ने हाल ही में जहां बेलन ब्रिगेड प्रमुख अनीता शर्मा को अपने साथ जोड़ा वहीं वाम नेता मास्टर फ़िरोज़ को भी अपने साथ लाने में सफलता हासिल की। अब यह गुट उस काम में बाज़ी मार रहा है जिसमें कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस की राज्य सरकार भी पूरी तरह से मैदान में नहीं आ पायी। 
इस गट के प्रवक्ता डॉ प्रदीप अग्रवाल ने केंद्र सरकार के 3 साल पूरे होने पर मोदी सरकार  की तीखी आलोचना की है। डाक्टर अग्रवाल ने कहा कि पीएम मोदी ने हर साल 2 करोड़ नौकरी देने का वादा किया पर हालत यह है जिन नौजवानों के पास नौकरी है उन्हें निकाल दिया गया है।
साथ ही यह भी कहा कि कच्चे तेल की कीमत में लगातार कमी आने के बावजूद सरकार ने तेल पर टैक्स 70 फीसदी से बढ़ाकर 150 फीसदी कर दिया। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के तीन साल पूरे हो रहे हैं। इन तीन सालों में सरकार के कामकाज, नक्सल, बेरोजगारी, क्राइम आदि समस्याअों को लेकर ट्विटर पर  फेसबुक पर व्हाटसअप पर भी लोगो ने मोदी सरकार को घेरा है। इसके अलावा कांग्रेस ने भी मोदी सरकार को विफल करार दिया है। अग्रवाल ने कहा सांप्रदायिक सौहार्द्र, दलित सुरक्षा और भाईचारे के नुकसान का आरोप लगाया। उन्हीने कहा कि सरकार ने किसानों से किए वायदे भी पूरे नहीं किए। फसल बीमा योजना का वादा भी पूरा नहीं हुआ। फसल पर न्यूनतम समर्थन मूल्य का वादा भी पूरा नहीं किया गया।  डॉक्टर अग्रवाल ने कहा कि वो 15 लाख रुपये कहां हैं जो लोगों के खाते में आने वाले थे। गौरतलब है की अमित शाह इस वायदे को चुनावी जुमला करार दे चुके हैं। 

अग्रवाल ने यह भी कहा कि आज महिलाओं के खिलाफ क्राइम बढ़ता जा रहा है। आजाद भारत के बाद इतना क्राइम पहली बार हो रहा है बेरोजगारी तो लगातार बढ़ती जा रही है।  उन्होंने पूछा की क्या सब कुछ महंगा हो गया है या मैं गरीब हो गया हूं?  साथ ही यह सवाल भी दागा कि बीजेपी अपने 3 साल पूरे होने का जश्न मना रही है पर जनता के कल्याण के लिए इस सर्कार ने किया ही क्या है? डाक्टर अग्रवाल ने कहा कि  मोदी सरकार घरेलू व विदेशी हर मोर्चे पर बुरी तरह विफल रही है।  डाक्टर अग्रवाल ने यह सवाल कई बार दोहराया कि आखिर 3 साल में बीजेपी सरकार क्या किया है? डाक्टर अग्रवाल ने कहा की डॉ. मनमोहन सिंह कभी पाकिस्तान नहीं गये, मोदी जी के पाकिस्तान जाने के बाद भी हमले हो रहे हैं, क्या यही राष्ट्रवाद है? 

Monday, May 15, 2017

क्रान्तिकारी संगठनों ने मनाया अमर शहीद सुखदेव का जन्म दिन


शहीद सुखदेव के जन्म स्थान नौघरा में हुआ श्रद्धांजलि कार्याक्रम

लुधियाना:15 मई, 2017: (पंजाब स्क्रीन टीम):: Click to see More Pics on Facebook
नगर निगम के ए ज़ोन, माता रानी चौंक, चौड़ा बाजार और साथ लगते अन्य इलाकों में आज इंकलाबी नारों की गूंज थी। अम्र शहीद सुखदेव के जन्मदिन पर कुर्बानियों का इतिहास याद किया और कराया जा रहा था। सरकारी कार्यक्रम और पारिवारिक कार्यक्रम से अलग रहते हुए सक्रिय वाम संगठनों ने आज अपने अंदाज़ में शहीद का जन्मदिन मनाया। शहीद सुखदेव की जन्मस्थली नौघरा मौहल्ला में पहुंच कर इन संगठनों ने गीत संगीत के साथ साथ अपने भाषणों में भी अपनी विचारधारा को व्यक्त किया। गीत वही चुने गए थे जो आम जनता के हक की बात करते थे। Click to see More Pics on Facebook
लोक मोर्चा पंजाब के कस्तूरी लाल ने स्पष्ट किया कि हम यहां माथे टेकने नहीं बल्कि शहीदों के विचारों की चर्चा करने आए हैं। बाद में बोले वक्ताओं ने भी शहीदों के अधूरे सपनों की खुल कर चर्चा की। 

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शहीद सुखदेव के जन्म स्थान नौघरा मोहल्ला में बिगुल मज़दूर दस्ता, लोक मोर्चा पंजाब, और इंकलाबी केन्द्र पंजाब द्वारा संयुक्त तौर पर शहीद सुखदेव का जन्मदिन मनाया गया। घण्टा घर चौंक के नज़दीक नगर निगम कार्यालय से लेकर नौघरा मोहल्ला तक पैदल मार्च किया गया। शहीद सुखदेव की यादगार पर लोगों ने श्रद्धांजलि के फूल भेंट किए। इलाके में संगठनों द्वारा जारी एक पर्चा भी बाँटा गया। जगह-जगह नुक्कड़ सभाएँ की गई। इस अवसर पर बिगुल मज़दूर दस्ता की नेता बलजीत, लोक मोर्चा पंजाब के नेता कस्तूरी लाल और इंकलाबी केन्द्र पंजाब के नेता जसवंत जीरख ने अपने विचार पेश किए। मोल्डर एण्ड स्टील वर्कर्ज यूनियन के हरजिन्दर सिंह, इंकलाबी नौजवान विद्यार्थी मंच के हर्ष ने भी विचार पेश किए। मंच संचालन बिगुल मज़दूर दस्ता के राजविन्दर ने किया।
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वक्ताओं ने कहा कि उनके लिए शहीद सुखदेव को याद करना कोई रस्मपूर्ति नहीं है। क्रान्तिकारी शहीदों की कुर्बानियाँ मानवता की लूट, दमन, अन्याय के खिलाफ़ जूझने वालों के लिए हमेशा से प्रेरणा का स्रोत रही हैं। उन्होंने कहा शहीद सुखदेव और उनके साथी सिर्फ अंग्रेज हकूमत से आजादी के लिए नहीं लड़ रहे थे। शहीद सुखदेव व उनके साथियों के विचारों के जितने बड़े दुश्मन अंग्रेज हाकिम थे, उतने ही बड़े दुश्मन भारतीय हाकिम भी हैं। अपनी फाँसी से तीन दिन पहले पंजाब के गवर्नर को लिखे खत में सुखदेव, भगतसिंह और राजगुरु ने लिखा था - ''... युद्ध छिड़ा हुआ है यह लड़ाई तब तक चलती रहेगी जब तक कि शक्तिशाली व्यक्तियों ने भारतीय जनता और श्रमिकों की आय के साधनों पर अपना एकाधिकार कर रखा है। चाहे ऐसे व्यक्ति अंग्रेज पूँजीपति या सर्वथा भारतीय ही हों या दोनों मिले हुए...इस स्थिति में कोई फर्क नहीं पड़ता।''
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वक्ताओं ने कहा कि सुखदेव का यह स्पष्ट मानना था कि सिर्फ अंग्रेजी गुलामी से मुक्ति से ही मेहनतकशों की जिन्दगी बेहतर नहीं हो जाएगी, कि जब तक समाज के समूचे स्रोत-संसाधनों पर मेहनतकश लोगों का कब्जा नहीं हो जाता तब तक जनता बदहाल ही रहेगी। वे समाज के स्रोत-साधनों पर चंद धन्नाढ्यों का कब्जा नहीं चाहते थे बल्कि उनकी लड़ाई तो समाजवादी व्यवस्था कायम करने के लिए थी। सुखदेव ने लिखा था- ''हिन्दुस्तानी सोशियलिस्ट रिपब्लिकन पार्टी के नाम से ही पता साफ पता चलता है कि क्रान्तिवादियों का आदर्श समाज-सत्तावादी प्रजातंत्र की स्थापना करना है।''
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वक्ताओं ने शहीद सुखदेव को धर्म, जाति, बिरादरी, क्षेत्र आदि से जोड़कर उनकी कुर्बानी के महत्व को घटाने व उनके विचारों पर्दा डालने की जाने-अनजाने में हो रही कोशिशें का विरोध करते हुए कहा कि उनकी लड़ाई तो समूची मानवता को हर तरह की आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक गुलामी, लूट, दमन, अन्याय से मुक्त करने की थी। मेहतनकश लोगों का गरीबी-बदहाली, बेरोज़गारी से छुटकारा धर्मों, जातियों, क्षेत्रों आदि के भेद मिटाकर एकजुट होकर लुटेरे हाकिमों के खिलाफ क्रान्तिकारी वर्ग संघर्ष के जरिए ही हो सकता है।   Click to see More Pics on Facebook
वक्ताओं ने कहा कि अमीरी-गरीबी की बढ़ती खाई, बेरोजगारी, इलाज योग्य बीमारियों से भी मौतें, बाल मज़दूरी, स्त्रियों के विरुद्ध बढ़ते अपराध, गरीबों की शिक्षा से बढ़ती दूरी, वोटों के लिए लोगों को धर्म-जाति आधारित साम्प्रदायिकता की आग में झोंक देने की तेज़ हो रही घिनौनी साजिशें, कदम-कदम पर साधारण जनता पर बढ़ता जा रहा ज़ोर-जुल्म-यही वो आज़ादी है जिसके गुणगान देश के हाकिम पिछले 70 वर्षों से करते आएँ हैं। देशी-विदेशी धन्नासेठ मालामाल हैं, लेकिन लोग कंगाल हैं। गरीबी-बदहाली के महासागर में अमीरी के कुछ टापू- यही है आज़ाद भारत की भयानक तस्वीर। जनता के हकों के लिए संघर्षशील लोगों को देशद्रोही करार देकर दमन किया जा रहा है। जब से केन्द्र में मोदी सरकार बनी है तबसे जनाधिकारों पर हमला और भी तेज़ हो गया है। उन्होंने कहा कि शहीद सुखदेव और उनके साथियों के सपनों का समाज बनना अभी बाकी है। उन्होंने शहीद सुखदेव के जन्मदिन पर इंकलाबी शहीदों की सोच अपनाने व फैलाने का प्रण करने व उनके सपनों के समाज के निर्माण की ज़ोरदार तैयारी में जुट जाने का आह्वान किया।

Saturday, May 13, 2017

अल्लाह सभी इन्सानों का रब है

अल्लाह की जात 70 माताओं से ज्यादा प्रेम करने वाली है
लुधियाना: 12 मई 2017::(पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
बीती रात पंजाब के दीनी मरकज जामा मस्जिद लुधियाना में शब-ए-बरात के पवित्र मौके पर एक धार्मिक समारोह का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब-उर-रहमान सानी लुधियानवी ने की। समारोह का संचालन गुलाम हसन कैसर ने किया व समागम की शुरूआत पवित्र कुरान शरीफ  की तीलावत से की गई। इस मौके पर नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी, कारी मुहम्मद मोहतरम, मुती जमालुद्दीन, मौलाना अतीक अहमद, शाहनवाज अहमद, नाफे गनी, मुजाहिद तारीक, फिरोज अहमद, मुहम्मद जीशान व शाही इमाम के मुख्य सचिव मुहम्मद मुस्तकीम विशेष रूप से उपस्थित थे।
शब-ए-बरात के मौके पर जामा मस्जिद में उपस्थित सैंकड़ों मुस्लमानों को संबोधित करते हुए पंजाब के नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि इस रहमतों वाली रात में हर मुस्लमान को चाहिए कि वह अपने खुदा से अपने गुनाहों की माफी मांगे, क्योंकि अल्लाह बहुत बड़ा रहम करने वाला है। उन्होंने कहा कि हम सबको अल्लाह के बताए हुए नेक रास्ते पर चलते हुए गरीब लोगों की सहायता करनी चाहिए और कोशिश करनी चाहिए कि हमारी वजह से किसी के दिल को ठेस न पहुंचे। 
समारोह को सम्बोधित करते हुए नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी ने कहा कि अल्लाह सभी इन्सानों का रब है और प्रत्येक व्यक्ति के लिये अल्लाह की जात 70 माताओं से ज्यादा प्रेम करने वाली है। उन्होंने कहा कि रब कभी नहीं कहता कि उसका बन्दा परेशान हो पर इन्सान ही अपने गलत कर्मों की वजह से खुद को मुसीबत में डाल लेता है। उन्होंने कहा कि आज की रात जो भी व्यक्ति अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगता है उसे अल्लाह ताआला माफ कर देते है। 
इस दौरान जामा मस्जिद लुधियाना के बाहर की रोनक देखने योग्य थी और शहर भर की सभी मस्जिदो की भी रोनक देखते ही बन रही थी। सारी रात मुसलमानों ने मस्जिदों में जाकर इबादत की। जामा मस्जिद के बाहर नमाजीयों के लिये शर्बत की छबील व लंगर का विशेष प्रबन्ध किया गया था। इस पवित्र रात में पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब-उर-रहमान सानी लुधियानवी ने देश भर में अमन और शांति के लिये विशेष दुआ भी करवाई।

Thursday, May 11, 2017

मन की तरंगों ने मिलाया डा.शकुंतला यादव और नूतन पटेरिया को

कर्मभूमि के साथ प्रेम बना दोनों की मैत्री का आधार 
लुधियाना: 11 मई 2017: (पंजाब स्क्रीन टीम):: More Pics on Facebook Please
मध्य प्रदेश में रतलाम से सबंधित डाक्टर शकुंतला यादव को ज़िंदगी के रंग और रोज़ी रोटी के चक्कर देश के अलग अलग भागों में घुमाते रहे। कभी गुजरात, कभी राजस्थान, कभी चंडीगढ़ तो कभी पंजाब। इस भागदौड़ के बावजूद उन्होंने वक़्त निकाला और बहुत सी रचनाएं लिखीं। प्रेक्टिकल ज़िंदगी के मंच पर भी सी भूमिकाएं अदा की। बहुत से उतराव चढ़ाव आये। ज़िंदगी के बहुत से रंग नज़र आए जो स्मृति पटल पर छाये और फिर धीरे धीरे कलम के ज़रिये जन जन तक पहुंचने लगे। उन रचनाओं से सम्पर्क का दायरा भी बढ़ा और एक नया मित्र मंडल भी बना। प्रशंसक भी मिले। सम्मान भी हासिल हुए। किताबों के पाठक भी मिले लेकिन इसके साथ ही कुछ और भी घटित हो रहा था। इसकी भनक तक किसी को नहीं थी। मन की तरंगें दूर बैठी दो लेखिकाओं को मिलाने का कोई बहाना बना रही थीं। किसी अज्ञात दुनिया में कुछ स्नेह संबंध विकसित हो रहे थे। मैत्री के संबंध बन रहे थे। यूं लगता था जैसे मध्य प्रदेश से शुरू हुआ लेखन और मैत्री का पावन बंधन पूरे देश को अपने प्रेम बंधन में बांधता हुआ फिर मध्य प्रदेश पहुंच रहा है। डाक्टर शकुंतला यादव और नूतन पटेरिया में अचानक हुई फोन वार्ता से कुछ इसी तरह का अहसास हुआ। इस वार्ता का जरिया पंजाब स्क्रीन का फोन बना यह एक अलग बात है। More Pics on Facebook Please
कहां  मध्य प्रदेश और कहां पंजाब।  तेज़ रफ्तारी के इस युग में भी फासला काफी लम्बा है। गर्दिश के दिन बहुत कुछ भुला देते हैं। ज़िंदगी के पथ पर उड़ती हुई वक़्त की धुल बहुत से चेहरों और दृश्यों को धुंधला कर देती है। लेकिन जीवन के संघर्ष में प्रकृति का विज्ञान चुपचाप अपना काम करता रहता है। उस विज्ञान के सामने कई बार कोई तर्क भी काम नहीं करता। जिस जिस भूमि की माटी से हमारा सबंध रहा हो वो कभी कभी उभर कर सामने आता है। जिस जिस जगह का पानी पिया हो वो अपना असर छोड़ता है। जहा जहां सांस ली हो वो हवा अपना असर दिखाती है। मन की तरंगें अपने जैसे लोगों की तलाश कर लेती हैं। कभी कभी यह सब इतना अचानक होता है कि इंसान हैरान रह जाता है। More Pics on Facebook Please
लुधियाना की वरिष्ठ लेखिका और शिक्षिका डाक्टर शकुंतला यादव और दमोह में रहने वाली लेखिका और शिक्षिका नूतन पटेरिया के दरम्यान हुई फोन वार्ता कुछ इसी तरह का मिलन था। एक अलौकिक सा अहसास। दोनों ने एक दुसरे से बात करते हुए अपनी प्रसन्नता का इज़हार किया। एक दुसरे को अपने अपने शहर आने का आमंत्रण भी दिया। इस पर विस्तृत चर्चा भविष्य में फिर कभी फिलहाल आप पढ़िए-हैपी मदर्स डे..... पर नूतन पटेरिया की प्रोफ़ाइल पर प्रेषित एक रचना: (शायर का नाम पता चलते ही यहाँ जोड़ दिया जायेगा।)
हैप्पी मदर्स डे________
माँ

माँ कबीर की साखी जैसी

तुलसी की चौपाई-सी
माँ मीरा की पदावली-सी
माँ है ललित रुबाई-सी

माँ वेदों की मूल चेतना
माँ गीता की वाणी-सी
माँ त्रिपिटिक के सिद्ध सुक्त-सी
लोकोक्तर कल्याणी-सी
माँ द्वारे की तुलसी जैसी
माँ बरगद की छाया-सी
माँ कविता की सहज वेदना
महाकाव्य की काया-सी
माँ अषाढ़ की पहली वर्षा
सावन की पुरवाई-सी
माँ बसन्त की सुरभि सरीखी
बगिया की अमराई-सी
माँ यमुना की स्याम लहर-सी
रेवा की गहराई-सी
माँ गंगा की निर्मल धारा
गोमुख की ऊँचाई-सी
माँ ममता का मानसरोवर
हिमगिरि-सा विश्वास है
माँ श्रृद्धा की आदि शक्ति-सी
कावा है कैलाश है
माँ धरती की हरी दूब-सी
माँ केशर की क्यारी है
पूरी सृष्टि निछावर जिस पर
माँ की छवि ही न्यारी है
माँ धरती के धैर्य सरीखी
माँ ममता की खान है
माँ की उपमा केवल है
माँ सचमुच भगवान है।...😊😊   

















Tuesday, May 09, 2017

अब भाजपा हल करेगी जन जन की समस्या

परवीन बांसल ने किया न्यू कुंदनपुरी में बीजेपी कार्यालय का उद्धघाटन 
लुधियाना: 9 मई 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: For More Pics on FB Please Click Here
पंजाब में हार और बाकी बहुत से स्थानों पर जीत--लेकिन भारतीय जनता पार्टी न तो जीत की ख़ुशी में आपे से बाहर हुयी और न ही हार से विचलित हुयी। आम जनता के साथ सम्पर्क साधना और फिर उस सबंध को मज़बूत बनाना भाजपा की आज भी प्रथम प्राथमिकता है। जब हर कोई किसी न  किसी वजह से दुखी है, परेशान है और निराश भी की अब कहीं उसकी सुनवाई नहीं उस हालात में भाजपा आश्वासन ले कर आयी है कि  हर किसी की समस्या दूर होगी आपको बस हमारे कार्यालय में आ कर लिखित आवेदन करना है। इस मकसद के कार्यालय लुधियाना के हर वार्ड में खोलने का कार्यक्रम है। इसी सिलसिले में आज वार्ड नंबर 30 में भाजपा कार्यालय खोला गया। औपचारिक उद्धघाटन किया वरिष्ठ भाजपा नेता परवीन बांसल ने। 
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उल्लेखनीय है कि जनता से अपने सम्पर्क को और मज़बूत करते हुए भारतीय जनता पार्टी अपना अभियान लगातार तेज़ कर रही है। इसी अभियान के अंतर्गत आज लुधियाना के वार्ड नंबर 30 में बीजेपी का कार्यालय खोला गया। इसकी औपचारिक रस्म वरिष्ठ भाजपा नेता परवीन बांसल ने अदा की। इस अवसर पर भाजपा के साथ साथ कुछ अकाली नेता और वर्कर भी मौजूद रहे। इस मौके पर भीड़ थी लेकिन न्यू कुंदनपुरी की आबादी के हिसाब से बहुत ही कम। चुनावी अभियान के समय श्री बांसल के साथ रहने वाले वोटर लोग इस मौके से दूर रहे। शायद चुनावी परिणामों के बाद उनकी सियासत भी बदल गयी हो। भाजपा के इस दफ्तर के ओपनिंग कार्यक्रम में वक्ताओं ने दावा किया है कि किसी को कोई भी समस्या हो वो बस एक आवेदन दे और यह कार्यालय उसकी समस्या दूर करने कराने का पूरा प्रयास करेगा।  श्री बांसल ने इस मौके पर इलाके के नाराज़ लोगों के गीले शिकवे भी सुने। इस सब के बावजूद श्री बांसल कुछ परेशान और उदास से दिखे। यह उदासी केवल थकावट की थी या कार्यालय में जुटी कम भीड़ या कोई और कारण--इसका जवाब प्रबंधक ही दे सकते हैं। सुधा खन्ना और कुछ अन्य लोग विशेष तौर पर शामिल हुए। For More Pics on FB Please Click Here
इस मौके पर अजय सौंधी, तेजिंदर राजा, जोगा सिंह, गोल्डी सिंह, हरप्रीत सिंह, गुरचरण सिंह, कुलजिंदर बाजवा और कई अन्य भी मौजूद थे। अब देखना है कि भाजपा से गठबन्धन धर्म निभाते हुए अकाली दल भी ऐसा करता है या नहीं? साथ ही वाम दल और सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी भाजपा के इस कदम का जवाब देने के लिए अपना अपना वार्ड कार्यालय खोल पाते हैं या नहीं?
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