Wednesday, April 04, 2018

ISIS की बर्बरता ने फैलाया पंजाब में भी शोक

 कादियां के रहने वाले राकेश कुमार के अवशेष भी अवशेष भी दफन
कादियां (गुरदासपुर):: 3 अप्रैल 2018: (मोहम्मद अब्दुल सलाम तारी//पंजाब स्क्रीन)::
इराकी शहर मौसूल ISIS के आतंकवादियों के हाथों मारे गए पंजाबी श्रमिकों के घरों में शोक और गहरा हो गया है। गुरदासपुर के कादियां इलाके में रहने वाले राकेश कुमार के अवशेषों का ताबूत भी गहरी उदासी के माहौल में दफन कर दिया गया। प्रशासन ने इस ताबूत को खोलने की इज़ाज़त नहीं दी थी। गौरतलब है कि इन हत्यायों की पुष्टि करीब चार वर्षों के बाद हुई है। 

आतकवादियों के हाथों से मारे गए 39 भारतीयों के शव भारत पहुँचने के बाद अमृतसर एयरपोर्ट से शव परिवारक  मैंबरों को
सौंप दिए गए है।  इसी बीच गुरदासपुर जिले के कादियां इलाके में रहने वाले राकेश कुमार का शव जब उसके गांव कादियां में पहुँचा तो पूरे गांव में माहौल ग़मगीन हो गया। गांव वालों ने बताया कि यह परिवार काफी ग़रीब है। घर वालो की गरीबी दूर करने के लिए राकेश कुमार ईराक़ में पैसे कमाने गया था लेक़िन वहाँ आतंकवादियों ने इनकी जान ही ले ली। 
आई एस आई एस के हाथों मारे जाने की ख़बर कन्फर्म होने के बाद परिवार वालों पर दुखों का पहाड़ ही टूट पड़ा। 

Sunday, March 18, 2018

क्या ओशो के साथ अमेरिकी सलूक को भूल चुके हैं ओशो के चाहने वाले?

ओशो शैलेन्द्र से हुई मेडिटेशन से लेकर अमेरिकी सलूक तक की चर्चा  
लुधियाना: 18 मार्च 2018 :(न्यूज़ मेकर टीम)::
आज बरसों बाद यहां फिर ओशो का विशाल उत्सव था जिसका प्रचार ज़ोरशोर से किया गया था। ओशो के छोटे भाई ओशो शैलेंदर यहां गुरुनानक भवन में पधारे थे। उनके आने की धूम कई हफ्तों से यहां थी। बड़े बड़े बैनर जगह जगह लगे थे। गुरुनानक भवन के अंदर और बाहर पांव रखने को जगह तक नहीं थी। किताबों के स्टाल ओशो के विचारों को फ़ैलाने में सहायक हो रहे थे। यहां पर बहुत बड़ी संख्या में आए लोग भी ओशो से मिलने ही आए थे। ओशो शैलेन्द्र में उनको ओशो रजनीश नज़र आये या नहीं? इस ओशो से उनकी मुलाकात संतोषजनक रही या नहीं इसका सही जवाब मिलने वाले ही दे सकते हैं। 
माधोपुर में बरसों से चल रहे संगठन "ओशोधारा" की तरफ से आए ओशो शैलेन्द्र ने ज़िंदगी में कदम कदम पर आने वाली कठिनाईयों की चर्चा की और मेडिटेशन के रास्ते भी बताये। ओशो के अंदाज़ में ही उन्होंने श्रोताओं की तरफ से आए सवालों के जवाब भी बिलकुल उसी अंदाज़ में दिए। मन की शांति और धन की कमी से लेकर बहुत से मुद्दे उठे। हर बात की चर्चा हुई।  हाल में मौजूद श्रोताओं ने सांस रोक कर ओशो को सुना। हाल में केवल ओशो शैलेन्द्र की आवाज़ थी या फिर श्रोताओं की तरफ से बजायी जाती तालियों की संगीतमय। यह आवाज़ श्रोताओं के मनोभावों को व्यक्त कर रही थी। कभी जोश और उत्साह के भाव, कभी ख़ुशी के भाव और कभी उत्सव के भाव। ओशो के ही अंदाज़ में हल्के फुल्के सवालों की चर्चा से सहज हंसी की छनकाहट भी हाइन अक्सर गूंज जाती। 
श्रोताओं में हर उम्र के लोग थे। महिलाओं की श्रद्धा तो देखने वाली थी। "अमृतधारी सिंह" और "कामरेड" कहे जानेवाले लोग भी हाल में ओशो को बहुत ही ध्यान से सुनते दिखे। अमृतधारी सिंह ओशो की जानी मानी पुस्तक:एक ओंकार सतनाम" से प्रभवित थे तो कामरेड सोच वाले दर्शकों के लिए ओशो एक ऐसी शख्सियत थे जिहोने अपने विचारों और कम्यून की जीवन शैली से अमेरिका को डरा दिया था। ओशो को ज़हर दिए जाने का उल्लेख यहां आयोजन हाल के बाहर खड़े दर्षकों के छोटे छोटे ग्रुपों में भी रहा। 
इसके बाद दीक्षा की रस्म भी हुयी। दीक्षा लेने वालों की लम्बी लाईन में हर कोई अपनी बारी की इंतज़ार कर रहा था। कुछ लोग ओशो शैलेन्द्र के लिए किताबों की सौगात भी लेकर आये जिसे ओशो शैलेन्द्र जी ने बहुत ही सम्मान और स्नेह के साथ स्वीकार किया। 
"ओशो आपने कमाल कर दिया--" इस गीत के बोलों पर सारा हाल थिरक उठा।  दीक्षा लेने वाले मस्त हो कर नाच रहे थे लेकिन इनका होशो हवास भी देखने वाला था। ज़रा सी आहट पर सबंधित साधक के पाँव रुक जाते ध्यान की मस्ती में बंद आँखें खुल जाती और वह झट से अपना संदेश देने आये दुसरे साधक के नज़दीक हो लेता। 
इसके तुरंत बाद मीडिया मीट हुई। इस प्रेस कांफ्रेंस में ओशो ने पत्रकारों की तरफ से उठाये सवालों के जवाब भी दिए। इन सवालों में मेडिटेशन से ले कर ओशो के साथ अमेरिकी सलूक तक की चर्चा हुई।  ओशो शैलेन्द्र ने कई सवालों के मामले में टालमटोल जैसा रवैया भी अपनाया। कुल मिला कर लुधियाना में एक यादगारी कार्यक्रम हुआ।  इस आयोजन से निश्चय ही ओशोधारा नए लोगों को अपनी तरफ खींचने में सफल होगी। कुछ बाबाओं और कुछ डेरों के विवादों के चलते पैदा हुई नकारत्मक हवा के बाद जहां  "आध्यात्मिक" लोगों को फिर से एक नया मंच मिला है वहीँ वाम दलों से निराश हो चुके कुछ लोगों को एक बार फिर ओशो के विचारों से "क्रांति की दस्तक" सुनाई देने लगी है।  
हालांकि इस सारे उत्सव के दौरान बार बार यही महसूस हुआ की "ओशो के चाहने वाले" उस सलूक को भूल चुके हैं जो कभी अमेरिका ने ओशो के साथ किया था। अगर ओशो के पैरोकारों ने उस याद रखने और याद कराने की हिम्मत जुताई होती तो शायद आज ओशो क्राईस्ट की तरह पूजे जा रहे होते। अफ़सोस ओशो के पैरोकारों ने ओशो को जगह जगह ओशो के नाम पर खुले रेस्टोरेंटों तक ही सीमित कर दिया। भारत के जलते हुए प्रश्नों की आग खुद ओशो के इन पैरोकारों ने ही बुझा दी और नए प्रश्न करने वाला अब कोई ओशो नज़र नहीं आता। ओशो की तरह बेबाक और तर्कशील अब कोई नहीं 

Friday, March 16, 2018

बदतर हालात को देख कर छलका अनीता शर्मा के दिल का दर्द

Fri, Mar 16, 2018 at 3:43 PM
सियासतदानों की वायदा खिलाफी से बुरी तरह आहत है बेलन ब्रिगेड टीम 

लुधियाना: 16 मार्च 2018: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
जब कुछ वर्ष पूर्व बेलन ब्रिगेड ने नशे के खिलाफ जंग छेड़ी थी तो शायद ही कोई सियासी या समाजिक संगठन हो जिसने इस जंग का समर्थन न किया हो।  शायद ही कोई नेता हो जो इस मौके पर अपना साथ देने न पहुंचा हो। जन शक्ति का सूर्य उदय होने लगा था। बहाना बेशक नशे का मुद्दा ही बना लेकिन धीरे धीरे बहुत से अन्य समाजिक मुद्दे भी सामने आने लगे। इन वर्षों में संघर्ष तो तेज़ हुआ लेकिन अनीता शर्मा का आर्थिक ढांचा बिगड़ गया। पारिवारिक ज़िम्मेदारियां मुश्किल लगने लगीं लेकिन फिर भी हार नहीं मानी। एक कुयालिफ़ाइड आर्कीटेक्ट अपना अच्छा भला कामकाज छोड़ कर समाज को नशा मुक्त करने निकल पड़ी थी। नशे का कारोबार करने वाला माफिया इसे कैसे बर्दाश्त करता? शुरू हुआ लालच देने का सिलसिला। वित्तीय हालत खराब थी लेकिन अनीता शर्मा मज़बूत बनी रही। आमदनी बंद हो गयी और खर्चे बढ़ गए। स्टाफ के वेतन, संगठन के खर्चे, पारिवारिक सिस्टम, बच्चों की फीस। अनीता शर्मा की एक हाँ इन सभी समस्यायों का हल निकाल सकती थी लेकिन ज़मीर की आवाज़ सुनने वाले लोग आजुक इम्तिहान में भी कभी नाकाम नहीं होते। अनीता ने किसी भी लालच के सामने कमज़ोरी नहीं दिखाई। फिर शुरू हुआ धमकियों का सिलसिला।  घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवाने पड़े। इस आड़े वक़्त में जो लोग काम आते रहे वे किसी भामाशाह से कम भी नहीं थे। 
बहुत से लोग जुड़े--बहुत से लोग टूटे। हालात के इस उतराव चढ़ाव में बहुत बार नाज़ुक मोड़ आये। एक वक़्त ऐसा भी आया कि सियासत में कदम रखा जाये या नहीं? फैसला मुश्किल था। हर विचार के लोगों से भरी जनता को छोड कर किसी एक दल का होना आसान नहीं था लेकिन अनीता शर्मा ने विश्वास किया। इस बात को नज़र अंदाज़ करके विश्वास किया कि सियासत में वायदे किये ही तोड़ने के लिए जाते हैं। फिर वो वायदे चाहे 15-15 लाख रुपयों के हों या स्मार्टफोन के। इनकी कीमत जुमलेबाज़ी से ज़्यादा नहीं होती। वायदा पूरा न हो तो किसी पर कोई मामला भी दर्ज नहीं होता। फिर भी दलेर लोग विश्वास करते हैं। अनीता शर्मा ने भी किया। उम्मीद नहीं यकीन था कि नशा भी बंद होगा और समाज की हालत भी सुधरेगी। लेकिन हर रोज़ जब अखबार आती तो अनीता शर्मा ज़्यादा उदास हो जाती। जब शराब के सस्ता होने की खबर आई तो बहुत ज़्यादा सदमा लगा। इसके साथ ही एक छोटी सी बच्ची के साथ रेप की खबर छपी तो इस खबर ने तो हिला ही दिया। 
अनीता शर्मा के अंतर्मन की चीख कलम तक आयी। सवाल उठा क्या ऐसे ही सुधरेगा समाज? शराब की बोतल सस्ती होने की खबर से पहले ही दिन एक 40 वर्षीय शराबी व्यक्ति द्वारा छः वर्ष की बालिका से ब. लात्कार के बाद उसकी हत्या कर शव झाड़ियों में फेंक देना और बच्चियों के साथ आये दिन बलात्कार की घटनाओ से जनता में अपनी बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चिन्ताएं बढ़ रही हैं। 
बेलन ब्रिगेड की राष्ट्रीय अध्यक्षा अनीता शर्मा ने एक सभा में बोलते हुए कहा कि अब जग जाहिर हो चुका है कि पंजाब को नशे ने बर्बाद कर दिया है। इनमें से एक नशा ज़्यादा आसानी  है और यही घरों और परिवारों को बर्बाद करने वाला नशा है--शराब का नशा; जो सरकारी मान्यता प्राप्त भी है। नए बजट सत्र में शराब के कारोबार को बढ़ाने के लिए पंजाब सरकार ने शराब सस्ती कर दी है ताकि गरीब बस्तियों व ग्यासपुरा के आंगनों में रहने वाले मजदूर ज्यादा से ज्यादा शराब पिये जिससे सरकार को एक्साइज टैक्स से मोटी कमाई हो। 
अनीता शर्मा ने कहा कि वर्तमान हालात देखकर लगता है कि महिलाओं की सुरक्षा आज वर्तमान सरकार, प्रशासन व पुलिस के पास नहीं है। यही कारण है कि आज गली मोहल्ले में पडोसीयो की  ही छोटी-छोटी कन्याओं को हवस के दरिंदे अपना शिकार बना रहे है। हवस के दरिंदो के हाथ मरने वाली कन्यायों की आत्मा यही पुकार कर रही है कि माँ मुझे कोख में ही मार देना क्योंकि चार छः साल की होने पर भी कोई हवस का भेड़िया मुझे एक दिन मार ही देगा। 
आज समाज में सबसे पीड़ित महिला है और ऐसा लगने लगा है कि समाज में महिला होना ही एक श्राप बन चूका है।  महिला बचपन से लेकर बुढ़ापे तक पुरुष प्रधान समाज में अपने आप को असुरक्षित समझने लगी है। दूसरी तरफ सरकार महिलाओं को सुरक्षा देने में असफल हो चुकी है। सरकार ने उल्टा शराब को सस्ता करके नशे के छठे दरिया के बहाव को ओर तेज कर दिया है ताकि पंजाब के गरीब मजदूर थोड़े पैसों में ज्यादा से ज्यादा शराब पिएँ और अपने घर परिवार को बर्बाद करें और मासूम बच्चियों को अपनी हवस का शिकार बनाकर उन्हें जान से मार दें। 
अंत में अनीता ने कहा कि यदि पंजाब सरकार महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षा प्रदान नहीं कर सकती, कम से कम शराब को सस्ता न करे  क्योंकि शराब ही एक ऐसा नशा है जो घरों को बर्बाद कर रहा है।

Saturday, March 10, 2018

महिलायों के खिलाफ बढ़ रहे जुर्मों के साथ साथ हुई साज़िशों की भी चर्चा

परत-दर-परत किया गया मौजूदा स्थिति को बेनकाब
लुधियाना: 10 मार्च 2018: (रेक्टर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन)::
औरत की ज़िंदगी में हर कदम पर पैदा हो रहे संताप के लिए पूंजीवादी सोच से भरा यह सिस्टम भी ज़िम्मेदार है जिसने औरत को एक वस्तु की तरह बना दिया है। इस सिस्टम का हथियार बना हुआ मीडिया चौबीसों घंटे पल पल बाद यही विज्ञापन दिखता है कि अगर यह परफ्यूम उपयोग करो तो लड़कियां आपकी दीवानी बन जाएँगी।  अगर यह तैयार इस्तेमाल करो तो लड़कियां आपके पीछे हो लेंगी। अगर यह बाईक चलायो तो लड़कियां आपके आगे पीछे घूमेंगी। जनता के मुख्य मुद्दों को न तो पब्लिक ब्रॉडकास्टर दिखा रहे हैं और न ही प्राइवेट ब्राडकास्टरज़। इस मुद्दे पर आज प्रोफेसर मौसमी बासु ने पंजाब स्क्रीन के साथ खुल कर चर्चा की।  ये विचार चर्चा हुयी लुधियाना के पंजाबी भवन में। इस विचार चर्चा का आयोजन किया था जमहूरी अधिकार सभा ने। इस यादगारी अवसर पर मुख्य मेहमान थी जवाहर लाल नेहरू यूनियवर्सिटी नई दिल्ली से आई प्रोफेसर मौसमी बासु। इस मौके पर पंजाब स्टूडेंटस यूनियन की लीडर हरदीप कौर कोटला और बेलन ब्रिगेड की प्रमुख अनीता शर्मा ने विचारोत्तेजक भाषण देकर श्रोताओं के दिलों को झंकझौरा।
गौरतलब है कि जमहूरी अधिकार सभा के प्रांतीय महसचिव हैं शहीद भगत सिंह के भांजे प्रोफेसर जगमोहन सिंह और प्रांतीय अध्यक्ष हैं प्रोफेसर ऐ के मलेरी।
पंजाब के छात्र आंदोलनों में किसी समय इतिहास रचने वाले छात्र  संगठन पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन की तरफ से इस कार्यक्रम में शामिल हुयी हरदीप कौर कोटला ने मंच से भी तीखी आलोचना करते हुए कहा कि महिला वर्ग को वस्तु बनाने में पूरा सिस्टम निंदनीय भूमिका निभा रहा है। "पंजाब स्क्रीन" के साथ बात करते हुए उन्होंने कहा कि सस्ता और निरंतर नेट दे कर उसके ज़रिये जिस तरह से अश्लीलता परोसी जा रही है वास्तव में वह आज की युवा पीढ़ी का ध्यान मुख्य मुद्दों से हटाने की एक गहरी साज़िशों का ही एक हिस्सा है। युवा वर्ग को इस साज़िशी जाल से बचते हुए तकनीक का फायदा उठा कर स्वस्थ समाज बनाने की तरफ जुटना चाहिए।  
बेलन ब्रिगेड सुप्रीमो अनीता शर्मा ने पंजाब स्क्रीन के साथ बात करते हुए कहा कि वर्ष में एक दिन महिला दिवस मना कर हमें संतोष नहीं करना चाहिए।  इससे कुछ नहीं संवरने वाला।  इस मकसद के लिए हमें हर पल हर कदम पर सक्रिय हो कर खुद ही आगे आना होगा। उन्होंने मंच से भी कहा था कि हर महिला अगर पूरा दिन नहीं तो कम से कम दो घंटे हर रोज़,  तो सप्ताह में एक बार या महीने में एक बार समाज के लिए वक़्त अवश्य निकाले।  
गौरतलब है कि अनीता शर्मा ने मंच से बोलते हुए कामरेडों को भी अपनी आलोचना का निशाना बनाया था जिसका जवाब देते हुए जसवंत जीरख ने कहा कि इस संबंध में अनीता मैडम के सुझावों को ध्यान में रखा जायेगा और प्रेक्टिस में भी लाया जायेगा। 
मंच से महिला वर्ग से जुड़े बहुत से मुद्दों की चर्चा हुई और इनका हल तलाश करने के लिए विचार विमर्श भी हुआ। जान दिल्ली से आयी मौसमी बासु ने जे एन यू और पंजाब यूनिवर्सिटी के ख़र्चों का अंतर् बताया तो सारा हाल सन्न रह गया। पढ़ाई लिखाई को केवल अमीरों का आरक्षित अधिकार बनाने की साज़िश सभी को समझ भी आयी। मंच से भी शांत और सांस्कृतिक भाषा में बहुत तीखे सवाल हुए।  श्रोतायों ने भी अपने सवाल खुल कर पूछे। प्रशासन की तरफ से अपनाये जाते रवैये की भी चर्चा हुई। मंच पर सुशोभित मेहमानों ने सभी के सवालों का जवाब दिया।  कुल मिला कर यह एक बहुत ही यादगारी आयोजन रहा। इस सारे आयोजन में महिला वर्ग की शमूलियत उत्साह वर्द्धक थी। 

Saturday, February 03, 2018

लक्ष्णों के बावजूद ऑपरेशन में देरी करना जानलेवा भी हो सकता है

[17:22, 2/3/2018]
पित्ते की पथरी पर डा. नरोत्तम दीवान ने किया सावधान  
लुधियाना: 3 फरवरी 2018: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
दीवान अस्पताल एंड एडवांस्ड लेप्रोस्कोपिक सजर्री  सेंटर के सेमिनार रूम में शनिवार को सीएमई का आयोजन किया गया। सीएमई में पित्ते की पथरी के इलाज व दूरबीन से ऑपरेशन के प्रसिद़्ध जनरल एंड लेप्रोस्कोपिक सजर्न डॉ.नरोत्तम दीवान ने ‘पित्ते की पथरी का समय पर ऑपरेशन कराने से होने वाली समस्याएं’ विषय पर संबोधित किया। 
डॉ.दीवान ने कहा कि वैसे तो पित्ते की पथरी के बारे में पता चलने के तुरंत बाद ऑपरेशन करना जरूरी नहीं है लेकिन पेट में मामूली दर्द, हाजमा खराब होना, गैस ज्यादा बनने, उलटी आने या बुखार चढ़ने जैसे लक्ष्णों के बावजूद ऑपरेशन में देरी करना जानलेवा भी हो सकता है।
 कई बार पित्ते की पथरी पित्ते से फसलकर पित्त की नलकी में फंसकर पित्त का रास्ता रोक देती है। इससे पित्त आंतड़ियों की बजाय रक्त में जाने लगता है। इससे मरीज की आंखें त्वचा व पेशाब पीला व शौच का रंग सफेद हो जाता है। मरीज के सारी त्वचा पर खुजली होने है।  शरीर में विटामिन के की कमी हो जाती है। विटामिन के की कमी से खून जमने में खराबी आ जाती है और थोड़ी सी चोट पर भी बहुत ज्यादा रक्त बहता है।
इसके अलावा कई बर पित्ते की पथरियां ज्यादा देर रहने तक से पित्ते में सोजिश पड़ने से आसपास की आंतड़ियां उससे चिपक जाती हैं और एक गांठ का आकार ले लेती है। इससे मरीज का एक दम ऑपरेशन नहीं हो पाता है। उसे कुछ महीने दवा लेनी पड़ती है व दाखिल भी होना पड़ता है। 
अगर पथरी एक और बड़ी हो तो वह सालों साल रहने के बाद पित्ते में कैंसर पैदा कर देती है। यह कैंसर जानलेवा होता है, क्योंकिा पित्ता जिगर के पास होने की वजह से कैंसर जिगर में बहुत तेजी से दाखिल हो जाता है, जिससे मरीज एकदम से कैंसर की आािखरी स्टेज में पहुंच जाता है।
 इसी तरह पित्ते की पथरी के ऑपरेशन में देरी करने से पित्ते में मवाद पड़ जाता है या पित्ता गल जाता है। मवाद का प्रेशर ज्यादा पड़ने से पित्ता फब्ट जाता है जोकि खतरनाक स्थिति है। इसके इलाज में रिस्क भी रहता है।
इसी तरह मरीज को कोलेंजाइटिस बीमारी भी हो सकती है, जिसमें कुछ अर्सा पहले तक शत प्रतिशत मरीजों की मौत हो जाती थी। हालांकि अभी भी  सात फीसदी डेथ रेट है।
इसमें मरीज को पीलिया, तेज बुखार व पेट के दाहिने में ऊपरी तरफ दर्द, तेज कंपकंपी होने लगती है। पित्ते की नलकियों में कीटाणु बहुत बढ़ जातो है और मवाद पैदा हो सकता है। वह कीटाणु व मवायद जिगर से होते हुए खून में चले जाते हैं, और सारे शरीर में मवाद, कीटाणाु व उसका जहर फैल जाता है। मरीज का ब्लड प्रेशन बहुत तेजी से गिर सकता है और उसके गुर्दे अैर फेफड़े फेल हो सकते हैं। इसके लिए बहुत तेजी से इलाज की जरूी रहीत है। 
पित्ते की पथरी के इलाज में देरी से पेनक्रियाज ग्रंथी में सोजिश से पेनक्रिएटाइटिस बीमारी हो जाती है। पेनक्रियाज से निकलने वलो द्रव्य गुर्दे व फेफड़ों को फेल कर सकते हैं। इससे पेट में पानी व मवाद भर सकता है। मरीज का ब्लड प्रेशर गिर सकता है व उसकी रक्त की धमनियों में ही ब्लड जम जाता है। पेट में खून की धमनियों के जमने से रक्त बहना भी शुरू हो सकता है। पेनक्रियाज में सोजिश से मवाद पड़ जाने पर बार-बार ऑपरेशन करने पड़ते हैं। इसमें भी मरीज को बहुत लंबे समय तक अस्ताल या आईसीयू में दाखिल रहकर बार-बार ऑप्रेशन कराने पड़ सकते हैं। लेकिन फिर भी दस फीसदी मरीज बच नहीं पाते हैं।

Monday, January 29, 2018

धरना-प्रदर्शनों पर जारी पक्की रोक के खिलाफ़ विशाल रोष प्रदर्शन कल

Mon, Jan 29, 2018 at 5:00 PM
ज़िला प्रशासन की जनविरोधी रोक के खिलाफ हुई विशेष बैठक 
लुधियाना: 29 जनवरी 2018: (पंजाब स्क्रीन टीम):: 
कभी किसी शायर ने बहुत पहले कहा था। शायद शाद लखनवी साहिब ने कि
न तड़पने की इजाज़त है न फ़रियाद की है 
घुट के मर जाऊँ ये मर्ज़ी मिरे सय्याद की है

कुछ इसी तरह के हालात बनाये जा रहे हैं आज के इस आधुनिक दौर में उन लोगों के लिए जो अपना दर्द सरकार के दरबार तक पहुंचाना चाहते हैं। इसका बरसों पुराना ढंग तरीका यही है कि  शांतमयी ढंग से अपना रोष व्यक्त किया जाये। रोष व्यक्त करने वाले लोग जिले में सरकार के प्रमुख प्रतिनिधि अर्थात डिप्टी कमिश्नर को देते हैं या जिला पुलिस प्रमुख। लुधियाना में इन दोनों के कार्यालय लघु सचिवालय अर्थात में साथी हैं।  इस कम्प्लेक्स को नयी कचहरी के तौर पर भी जाना जाता है। शायद ही कोई दिन हो जब यहाँ कोई  कोई संगठन अपना रोष व्यक्त करने न आता हो। लुधियाना जिला प्रशासन इसको लेकर नाराज़ लग रहा है। 
लुधियाना प्रशासन द्धारा अनिश्चितकालीन तौर पर धारा 144 लगाकर धरना-प्रदर्शनों-हड़तालों पर लगाई पक्की रोक और सरकार के काले कानूनों के खिलाफ़ 70 से अधिक जनवादी जनसंगठनों द्धारा डीसी कार्यालय पर होने वाले विशाल रोष प्रदर्शन की तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। 
इस सम्बन्धी आज तालमेल कमेटी की मीटिंग बीबी अमर कौर मैमोरियल लाईब्रेरी हाल में हुई। मीटिंग के बाद जारी ब्यान के जरिए संगठनों ने लोगों को जनआवाज़ कुचलने के लिए लुधियाना प्रशासन/सरकार द्धारा लागू तानाशाह फरमान/काले कानूनों के खिलाफ बड़ी से बड़ी संख्या में रोष प्रदर्शन में पहुँचने की अपील की है। डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन से पहले शहीद करतार सिंह सराभा पार्क (भाई बाला चौंक) में रैली की जाएगी। वहाँ से पैदल मार्च करके डीसी कार्यालय पहुँचकर प्रदर्शन करके मांग पत्र दिया जाएगा।
इन संगठनों ने कासगंज में हिन्दुत्वी कट्टरपंथिओँ की तरफ से मुस्लिम भाईचारे पर किए गए कातिलाना हमले, अगजनी, हिंसा, उल्टा मुस्लमानों को ही दोषी ठहराए जाने के साम्प्रदायिक प्रचार, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हिन्दुत्वी कट्टरपंथियों के खिलाफ़ कोई कार्रवाई न करने की सख्त शब्दों में निन्दा की है। 

इस अभियान से जुड़ने के लिए आप अरुण कुमार से भी सम्पर्क कर सकते हैं 9646150249 पर 

प्रदेश के बाकी गैंगस्टरों के साथ भी यही सलूक किया जाए:पंचानंद गिरी

 श्री हिन्दु तख्त के वरुण मेहता ने जारी किया तीखा ब्यान 
लुधियाना: 29 जनवरी 2018: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
पंजाब  के शांतमय माहौल को खराब करने के लिए खालिस्तान समर्थक आंतकी संगठनों व कुख्यात गैंगस्टरों में मिलीभगत होने की आंशका व्यक्त करते हुए श्री हिन्दू तख्त ने हमेशा जो आरोप लगाए वो अब जांच में भी सामने आ रहे है उपरोक्त बातें श्री हिन्दू तख्त के धर्माधीश जगतगुरु पंचानंद गिरी जी व प्रमुख प्रदेश प्रचारक वरुण मेहता ने आज यह तख्त के नवनियुक्त प्रदेश प्रचारक चेतन बवेजा के कार्यलय में विशेष बातचीत में लगाये।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार की माफिया समर्थक नीतियों के कारण प्रदेश में गैंगस्टरों की तादाद बढ़ी और इनके द्वारा राज्य में वर्चस्व कायम करने के लिए सरेआम हत्याए व लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दिया गया व कई घटनाओं में बेटियो की इज़्ज़त बचाने की खातिर पुलिस कर्मचारियों को निशाना बनाने से उक्त गैंगस्टरों के हौसले बढ़ गए थे   पूर्व सरकार के दबाव में  पुलिस विभाग इनके खिलाफ ठोस एक्शन लेने में नाकाम रहा और इन लोगो की गतिविधियां बढ़ती गई।
जगतगुरु पंचानंद गिरी व वरुण मेहता ने कहा कि पिछले 2 वर्षों के दौरान  विभिन्न संगठनों के नेताओ सहित तख्त के जिला प्रचारक शहीद अमित शर्मा की हत्या में भी अलगवादी खालिस्तानी कट्टरपंथियों तथा गैंगस्टरों की मिलीभगत की आशंका भी हमने जताई जोकि इन हत्याओं के पर्दाफाश होने पर सच साबित हुई 
कैप्टन सरकार ने शपथ लेते ही गैंगस्टरों के खात्मे के ऐलान किया था व जाबाज़ अधिकारियों को शामिल कर विशेष टीमें बनाई थी जिसके द्वारा गैंगस्टर विक्की गोंडर व प्रेमा लाहौरिया व अन्य को मारा गया जोकि सराहनीय कार्य है वरना जांच में गोंडर व उसके साथियों के विदेशी खालिस्तानी  आकाओ के साथ मिलकर पंजाब के हालात खराब करने के लिए बड़ी साज़िशें रचने की तैयारियों का खुलासा हुआ है 
उन्होंने गोंडर के अन्य साथियों सहित बाकी कुख्यात गैंगस्टरों के साथ भी यही सलूक करने की मांग करते हुए कहा कि श्री हिन्दू तख्त प्रदेश के अमन चैन के लिए गैंगस्टरों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान में पुलिस विभाग को पूर्ण सहयोग करेगा ।
पंचानंद गिरी व वरुण ने कैप्टन।सरकार द्वारा प्रदेश से माफिया व  गैंगस्टरों के खात्मे के लिए पुलिस महानिदेशक श्री सुरेश अरोड़ा जी के नेतृत्व में काउंटर इंटेलिजेंस विग को खुली छूट देने की सराहना करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में ला एंड ऑर्डर की स्थिति मजबूत होगी उन्होंने सरकार से शोशल मीडिया पर चेतावनियां देने व इस मुड़भेड़ को लेकर दुष्प्रचार करने वाले तत्वों को भी नुकेल डालने की मांग की। 
श्री हिन्दू तख्त विक्की गोंडर व प्रेमा लाहौरिया को गोली मारने वाले पुलिस अधिकारी गुरमीत चौहान व विक्रम बराड़ को जल्द शांति रक्षक अवार्ड से सम्मानित करेगा । इस अवसर पर सर्वश्री आरडी पूरी चेयरमैन तख्त पंजाब , परविंदर भट्टी उत्तर भारत अखिल भारतीय हिन्दू स्टूडेंट फेडरेशन प्रमुख ,एस डी पूरी उप चैयरमेन , जिला प्रमुख प्रचारक शिवम कुमार , प्रचारक धरमिंदर जज , प्रचारक मनमोहन कुमार , इंद्रजीत पासी , बबल कुमार व अन्य भी उपस्थित थे।
इस सम्बन्ध में और जानकारी ली जा सकती है श्री हिन्दू तख्त के प्रमुख प्रदेश प्रचारक वरुण मेहता से 9888409090