Saturday, December 28, 2019

वर्ष 2019 के अंत में, आधार की संख्‍या 125 करोड़ से अधिक हो गई है

27th December 2019 3:45 PM by PIB Delhi
प्रतिदिन लगभग 3 करोड़ प्रमाणीकरण अनुरोध प्राप्त हो रहे हैं
नई दिल्ली: 27 दिसंबर 201प्रतिदिन लगभग 3 करोड़ प्रमाणीकरण अनुरोध प्राप्त हो रहे हैं9: (पीआईबी)::
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने यह घोषणा की है कि आधार परियोजना ने 125 करोड़ के अंक को पार करके नई उपलब्धि हासिल की है। इसका मतलब यह है कि भारत के 125 करोड़ से अधिक निवासियों के पास 12 अंकों की विशिष्ट पहचान उपलब्‍ध है।

      यह उपलब्धि आधार धारकों द्वारा आधार के प्राथमिक पहचान दस्तावेज के रूप में तेजी से बढ़ते उपयोग के कारण हासिल हुई है। यह इस तथ्य से यह स्पष्ट है कि आधार-आधारित प्रमाणीकरण सेवाओं का शुरूआत से अब तक लगभग 37,000 करोड़ बार उपयोग हो चुका है। वर्तमान में यूआईडीएआई को प्रतिदिन लगभग 3 करोड़ प्रमाणीकरण अनुरोध प्राप्त हो रहे हैं।

      इसके अलावा आज नागरिक आधार में अपने विवरण को अद्यतन रखने के अधिक इच्छुक हैं। यूआईडीएआई ने अब तक लगभग 331 करोड़ सफल आधार अपडेट (बायोमेट्रिक और जनसांख्यिकीय) दर्ज किए हैं। वर्तमान में यूआईडीएआई को रोजाना लगभग 3-4 लाख आधार अपडेट अनुरोध प्राप्त हो रहे हैं।
(आरकेमीणा/आरएनएम/एएम/आईपीएस/एसके–4981
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Friday, December 27, 2019

शहरी गरीबों के लिए एक करोड़ घरों की मंजूरी

 राज्य मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी मीडिया को संबोधित करते हुए
नई दिल्ली: 27 दिसंबर 2019: (पीआईबी)::
आवासन एवं शहरी कार्य, नागर विमानन (स्वतंत्र प्रभार) और वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी 27 दिसंबर 2019 को नई दिल्ली में पीएमएवाई(शहरी) के अंतर्गत शहरी गरीबों के लिए एक करोड़ घरों की मंजूरी पर मीडिया को संबोधित करते हुए। इस अवसर पर आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्रा भी उपस्थित।

लुधियाना में विभिन्न स्थानों पर सी.ए.ए के खिलाफ रोष प्रदर्शन

Friday: 27th December 2019 at 5:33 PM
काले कानून को रद्द करने की मांग, देश का संविधान धर्म निर्पेक्ष रहेगा
कुंदनपुरी , जमालपुर, ताजपुर रोड पर मुस्लिम समुदाय के लोग रोष प्रदर्शन करते हुए
लुधियाना: 27 दिसम्बर 2019: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
पंजाबी बाग टिब्बा रोड, रामनगर मुंडिया, जमालपुर चौंक, एल बलॉक रणधीर सिंह नगर, हरगोबिंद नगर, कुंदनपुरी, भामिया कालोनी ताजपुर रोड, पुनीत नगर में जुमा की नमाज के बाद अलग-अलग संस्थाओं की ओर से केंद्र सरकार के द्वारा बनाए गए नागरिकता कानून की विरोधता करते हुए जबरदस्त रोष प्रदर्शन किए गए। वर्णन योग है कि मुंडिया मस्जिद से रोष प्रदर्शन की अगुवाई सूरज अंसारी, शाही इमाम के सचिव मुस्तकीम अहरार, पंजाबी बाग मस्जिद से मुफ्ती आरिफ कासमी, कुंदनपुरी मस्जिद से प्रधान नूर उल हक, मस्जिद पीएयू से मुफ्ती खालिद, एल ब्लॉक मस्जिद से डाक्टर मुहम्मद इद्रीस, भामिया ताजपुर रोड से मुहम्मद खालिद की अगुवाई में रोष प्रदर्शन किए गए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में काला कानून मुर्दाबाद, हिन्दू-मुस्लिम-सिख-ईसाई, आपस में भाई-भाई, संविधान बचाओ देश बचाओ, फिर्कापरस्ती मुर्दाबाद के प्ले कार्ड उठाएं हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से धर्म के नाम पर शुरू की गई राजनीति अफसोसनाक है। उन्होंने कहा कि हमारा देश धर्म निरपेक्ष देश है हम अपने वतन के संविधान की हर कीमत पर रक्षा करेंगे, उन्होंने कहा कि दुख कि बात है कि काला कानून बनाने के बाद से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर यूपी पुलिस ने जो अत्याचार किया है उससे देश का सिर शर्म से झुक गया है। पुलिस जो कि हमेशा सब को बराबर की नजर से देखती है ने यूपी में अपना विश्वास खो दिया है। प्रदर्शनकरियों ने भारत के राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद जी से मांग की है कि पुलिस की तरफ से की गई हत्याओं पर कारवाई करते हुए यूपी पुलिस में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, खास बात यह है कि प्रदर्शनकारी जुमा की नमाज के बाद शांतिपूर्वक रोष प्रदर्शन करते हुए वापिस अपने घरों को लौटे। एक सवाल के जवाब में शाही इमाम के सचिव मुहम्मद मुस्तकीम ने कहा कि हम भारत के वासी है रोष प्रदर्शन में भी मर्यादा का ध्यान रखते हैं, किसी को गद्दार कह कर नहीं बोलते।

Tuesday, December 24, 2019

वाम के तो अब बस अवशेष बाकी हैं-ABVP

लुधियाना में ABVP का 51वां राज्य अधिवेशन शुरू 
लुधियाना: 24 दिसंबर 2019: (पंजाब स्क्रीन टीम)
पंजाब में अपना आधार और मज़बूत करने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने अपनी सरगर्मिया बढ़ा दी हैं। शीट लहर के प्रकोप से जब लोग रजाईयों और कंबलों में दबके पड़े हैं उस समय इस छात्र संगठन के सदस्य और नेता मैदान में आ गए हैं।  लगता है छुट्टियों का सीज़न भी रणनीती के तौर पर ही चुना गया है तांकि छात्र शक्ति स्कूलों कालेजों से ग़ैरहाज़र हुए बिना अपना पूरा समय और ध्यान संगठन की तरफ दे सके। इसके सक्रिय नेता चिरांशु रत्न ने  से बात करते हुए बहुत से मुद्दों पर बात की। वाम की चुनौती को लेकर किये गए सवाल का जवाब देते हुए उन्हीने कहा कि अब हम वाम को चुनौती ही नहीं मानते।  वे रहे ही कहां हैं? बस अब तो उनके अवशेष बाकी हैं। वे अवशेष भी अपने ही भार से खुद बी खुद समाप्त होने वाले हैं।  राष्ट्रीयता की लहर के सामने विदेश तत्व अब बेहद निर्बल और असहाय हो चुके हैं। शहीद भगत सिंह और शहीद ऊधम सिंह को अभी तक कौमी शहीद न माने जाने पर किये गए सवालों पर उन्होंने कहा कि हम कई दशकों से शहीदों के इस सम्मान के लिए प्रयासशील हैं। कुछ समय तक किसी ने नहीं सोचा था की कभी धारा 370 भी हटेगी लेकिन वह अब हट चुकी है। बाकि काम भी जल्द होंगें। शहीदों को उन सम्मान मिले यह बात मोदी जी की सरकार के प्राथमिक मुद्दों में है। उनको कौमी शहीद का दर्जा भी जल्द मिलेगा। इस तरह के नए इरादों और नई चुनौतियों के साथ ही शुरू हुआ है अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 51वां राज्य अधिवेशन। 
बाद दोपहर  ढाई बज चुके थे लेकिन धुंद और सर्दी की वजह से सुबह सुबह का समय ही लग रहा था। स्थान था  लुधियाना के जानेमाने दरेसी ग्राउंड के गहन आंतरिक इलाके में स्थित एस. ए. एन. जैन सीनियर सेकेंडरी स्कूल। निमंत्रण भेजने वाले व्यवस्था अधिकारी सतीश सैनी जी को हमारी मीडिया टीम में से कोई भी जानता पहचानता नहीं था। नेटवर्किंग समस्या के चलते उनका मोबाईल भी नहीं मिल रहा था। ऐसे में सक्रिय सहयोग दिया एबीवीपी के प्रबंधन कार्यकर्ता अर्जुन त्रेहन ने जो यहां अमृतसर से आए हुए थे। इसी सहयोग के चलते अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 51 वें अधिवेशन का आयोजन बहुत ही अपना अपना सा लगा। मन में आया काश हम भी छात्र होते  और इसमें शामिल हो पाते। हमारी टीम के सक्रिय सदस्य प्रदीप शर्मा जी तो इतने उत्साह में आये कि सेल्फी स्टैंड में आ कर उन्होंने बाकायदा अपना फोटो भी खिंचवाया। आप इन सभी तस्वीरों को फेसबुक पर भी देख सकते हैं। 
आंगन में ध्वजों के बड़े से गोल दायरे और जगह जगह लगे हुए छोटे छोटे माटो राष्ट्रीयता का संदेश दे रहे थे। बोले सो निहाल और वाहिगुरु जी का खालसा के जैकारे उन आरोपों की हंसी उड़ा रहे थे जिनमें कहा जाता है कि एबीवीपी केवल हिंदुत्व की ही प्रतिनिधि है। गौरतलब है वाम  जहाँ लेनिन, कार्ल मार्क्स, माओ-त्से-तुंग और चीगुवेरा जैसे सभी विदेशी है वहीँ एबीवीपी ने गुरुनानक और विवेकानंद को अपने नायकों में शामिल किया है। लगता है पंजाब में इस छात्र संगठन का भविष्य रौशन है। गुरुमुखी में लिखे नारों में  पर पूछे जाने पर इस संगठन के एक कार्यकर्ता ने कहा कि इस तर भी प्रयास जारी हैं।  इसके साथ ही नारे लग रहे थे भगत सिंह तेरी सोच ते पहरा दिआंगे ठोक के। ऊधम सिंह तेरी सोच ते पहरा दिआंगे ठोक के। मंच पर लगे बड़े बैनर पर जहां एक तरफ श्री गुरु नानक देव जी का बड़ा सा स्कैच बना था वहीँ दूसरी तरफ एक गोलक सी बना कर पानी की बचत का संदेश भी दिया गया था। 
गौरतलब है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पंजाब प्रांत का अधिवेशन आज यहां 24 दिसंबर को शुरू हो  गया और 26 दिसंबर तक चलेगा। इस आयोजन के चलते एस. ए. एन सीनियर सेकेंडरी स्कूल लुधियाना  पूरा माहौल ही धर्म और राष्ट्रीयता  रंगा हुआ था।  मुख्य अतिथि के रुप में माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री सोम प्रकाश थे जबकि मुख्य वक्ता अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील अंबेडकर और विशेष मेहमान लेखक एवं मशहूर गायक  किन्द्र देओल रहे। 
सबसे पहले सत्र में प्रदेश मंत्री चिरांशु रतन द्वारा उनके पूरे साल भर का किए गए कार्यों का बेरवा दिया जाएगा एवं उसके बाद ही चुनाव अधिकारियों द्वारा 2019-20 के पंजाब प्रांत के अध्यक्ष एवं मंत्री के लिए चुनाव किया गया। इसके साथ ही दोपहर के भोजन और शाम की चाय का ब्रेक भी हुआ। भोजन का प्रबंध देर शाम तक जारी रहा। दूर दूर से आने वाले डेलीगेटों और सदस्यों के लिए सबसे पहले भोजन का प्रबंध होता। उनका आग्रह इतना स्नेह भरा था कि  हमारी टीम ने भी उस सात्विक से बने भोजन का आनंद लिया। दिलचस्प बात है कि भोजन किसी बाज़ार से नहीं आया बल्कि खुद स्कूल के परिसर में ही तैयार किया गया था। 
अगले दिन 25 दिसंबर को भाषा सत्र कार्य पद्धति के विषय पर पूर्व राष्ट्रीय संगठन मंत्री  सुनील अंबेडकर  द्वारा लिया जाएगा और साय 6:15 बजे  एन.आ.रसी एवम सी.ए.ए के विषय पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री  प्रफुल्ल आकात  द्वारा सतर लिया जाएंगा और दिन में 2:30 बजे भारी शोभायात्रा पूरे शहर में निकाली जाएगी जिसके बाद 3:30 बजे चौड़ा बाजार मे खुला अधिवेशन किया जाएगा और 26 दिसंबर को समापन से पहले भाषण सत्र पंजाब में वैचारिक चुनौतियां विषय पर प्रोफेसर एस.डी कॉलेज लुधियाना से डॉक्टर अश्वनी भल्ला जी द्वारा लिया जाएगा अंत अधिवेशन में पूरे पंजाब प्रांत से लगभग 600 विद्यार्थी एवं अध्यापक मौजूद रहेंगे। अब देखना है कि कल क्रिसमिस के अवसर पर इस संगठन की शोभा यात्रा शहर में क्या प्रभाव डालती है?
(इस कवरेज के लिए पंजाब स्क्रीन की टीम में थे रेक्टर कथूरिया//प्रदीप शर्मा और कुछ अन्य सहयोगी)

Monday, December 16, 2019

निर्दोष छात्रों पर दिल्ली व अलीगढ़ पुलिस का अत्याचार लोकतंत्र की हत्या

Monday: Dec 16, 2019, 3:31 PM
पूरा देश जामिया के बच्चों के साथ:शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान
 देश में हर इंसान को अपनी बात कहने का हक है
 छात्रों पर दिल्ली व अलीगढ़ पुलिस द्वारा की गई अमानवीय कारवाई का विरोध करते हुए लुधियाना में अहरार कार्यकर्ता
लुधियाना:16 दिसम्बर 2019: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
नागरिकता कानून में किए गए संशोधन के बाद देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली व अलीगढ़ पुलिस की तरफ से जे.एम.यू और ऐ.एम.यू के विद्यार्थियों पर किए गए लाठीचार्ज से देश के लोकतंत्र हक को दबाने की कोशिश की जा रही है , यह बात आज यहां फील्डगंज चौक में 
केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ मजलिस अहरार इस्लाम की ओर से किए गए रोष प्रदर्शन में शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कही। शाही इमाम ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने जिस बर्बरता से बच्चों को पीट-पीट कर घायल किया है उससे इंसानियत शर्मिंदा हो गई है। उन्होंने कहा कि यह वही दिल्ली पुलिस है जो अभी कुछ दिन पहले वकीलों के साथ हुए झगड़े के बाद रो-रो कर अपना दुखड़ा सुना रही थी। शाही इमाम ने कहा कि पूरा देश जामिया के बच्चों के साथ है यह किसी एक धर्म के विद्यार्थी नहीं, देश के बच्चे है जो लोग नागरिकता बिल के विरोध को धार्मिक रंग देकर बदनाम करना चाहते हैं वह यह बात समझ लें कि भारत में जीत लोकतंत्र की होगी। शाही इमाम ने भारत के राष्ट्रपति जी श्री राम नाथ कोविंद साहिब से अपील की है कि दिल्ली पुलिस के उन अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए जिन्होंने विद्यार्थियों के शांतिपूर्वक प्रदर्शन को जान बूझ कर हिंसक बना कर अत्याचार किया है। शाही इमाम ने कहा कि आज़ाद भारत में हर इंसान को हक है कि वह चुनी हुई सरकार की नीतियों की विरोधता कर सकता है, इसलिए ही भारत विश्व का सबसे बड़ा प्रजातंत्र है । इस अवसर पर फील्ड गंज चौक में केंद्र सरकार का पुतला फूंक प्रदर्शन किया गया। 
फोटो कैप्शन:

Saturday, December 14, 2019

नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ रोष की लहर और तेज़

Saturday:Dec 14, 2019, 2:17 PM
लुधियाना में लाखों मुसलमानों ने निकाला रोष मार्च
अपने वतन में किसी काले कानून को थोपने नहीं देंगे:शाही इमाम पंजाब
लुधियाना: 14 दिसम्बर 2019: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता कानून में किए गए बदलाव के बाद देश भर के अल्पसंख्यकों की तरफ से विरोध प्रदर्शन जारी है, आज यहां लुधियाना की ऐतिहासिक जामा मस्जिद से डिप्टी कमिश्नर दफ्तर तक शहर की सभी मस्जिदों के सदस्यों ने शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी की अगुवाई में जोरदार रोष प्रदर्शन किया।
आज सुबह से शहर की विभिन्न मस्जिदों से बड़ी संख्या में मुसलमान फील्ड गंज जामा मस्जिद पहुंचना शुरू हो गए, प्रदर्शनकारियों ने हाथों में कैब नामंजूर है, कौमी ऐकता जिंदाबाद, एनआरसी मुर्दाबाद, हिन्दू-मुस्लिम -सिख-ईसाई आपस में हैं भाई-भाई, काला कानून वापिस लो, लिखी तख्तियां उठाई हुई थी। 
इस मौके पर मजलिस अहरार इस्लाम हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष व शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि धर्म के नाम पर बनाया गया नागरिकता संशोधन बिल देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा है इससे भारत के धर्म निरपेक्ष ढांचे को नुकसान होगा। यह बिल देश के संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि इतिहास गवाह है कि भारत में कभी भी नफरत की राजनीति कामयाब नहीं हुई। उन्होंने कहा कि हमें इस बात पर कोई ऐतराज़ नहीं है कि विभिन्न धर्मों को मानने वालों को नागरिकता संशोधन बिल में राहत दी गई है बल्कि ऐतराज़ यह है कि मुसलमानों को ही क्यों निशाना बना के बाहर रखा गया है। शाही इमाम ने कहा कि हमने अपने वतन भारत की आज़ादी, एकता और अखंडता के लिए बेमिसाल कुर्बानियां दी हैं, हम अपने ही वतन में अपने ऊपर किसी काले कानून को थोपने नहीं देंगे। शाही इमाम ने कहा कि यह देश सब का बराबर है और कोई भी ताकत मुसलमानों को दूसरे दर्जे का शहरी नहीं बना सकती। उन्होंने कहा कि भारत देश धर्म निर्पेक्षता का रखवाला है। इस देश में किसी की मनमर्जी नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि सम्प्रदायिक ताकते देश में हिन्दू-मुस्लिम-सिख-ईसाई और दलित भाईचारे को तोडऩा चाहती हैं। शाही इमाम ने कहा कि नागरिकता बिल में संशोधन करने वाली सरकार क्या आने वाले समय में मुसलमानों के बाद ऐसा ही संशोधन किसी और धर्म के लिए नहीं करेगी? नागरिकता संशोधन बिल में आने वाले लोगों को भी ज्यादा खुश होने की जरुरत नहीं आजकल राजनीति में कोई धर्म नहीं रहा सिर्फ सत्ता का लालच है तभी तो आए दिन देश में गठजोड़ की सरकारें बन रही हैं और यह सरकारे क्या पता कब क्या संशोधन कर कब किस कौम को बाहर निकाल दें? शाही इमाम ने कहा कि नागरिकता बिल में संशोधन संवेदनशील मामला है इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, इस मामले को लेकर जल्दी ही पंजाब भर की मस्जिदों के इमामों और प्रबंधकों की लुधियाना में मीटिंग बुलाई जाएगी, जिसमें राज्यस्तरीय रोष प्रदर्शन की रणनीति तय की जाएगी। वर्णनयोग है कि आज प्रदर्शन के बाद डी सी लुधियाना को भारत के राष्ट्रपति महामहिम श्री राम नाथ कोविंद जी के नाम ज्ञापन दिया गया। इस रोष मार्च में हिन्दू- सिख और दलित भाइयों ने भी हिस्सा लेकर देश की धर्मनिरपेक्षता को बरकरार रखने की अपील की है।
फोटो में लुधियाना के लाखों मुसलमान शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी की अगुवाई में नागरिकता बिल में संशोधन के खिलाफ मार्च करते हुए। 

Friday, December 06, 2019

धर्म के आधार पर भारतीय नागरिकता बिल का तीखा विरोध

Friday:Dec 6, 2019, 3:10 PM
शाही इमाम पंजाब ने इसे संविधान और मूल सिद्धांतों के खिलाफ कहा
पाकिस्तान द्धारा शरणार्थियों के भेस में आतंकवाद फैलाने की आशंका
जामा मस्जिद में पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी व अन्य

लुधियाना: 6 दिसम्बर 2019:(पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
केंद्र की भाजपा सरकार की ओर से कैबिनेट में पारित करने के बाद अब संसद में पेश किए जाने वाले नागरिकता बिल का स्वतंत्रता सैनानियों की जमात मजलिस अहरार की ओर से विरोध करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने आज पत्रकार सम्मेलन में कहा कि धर्म के आधार पर किसी को भारतीय नागरिकता देना किसी भी तरह से उचित नहीं है, यह सरासर देश के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि भारत के संविधान में ये बात स्पष्ट रूप से कही गई है कि देश की सरकार किसी धर्म विशेष की नहीं बल्कि धर्म निरपेक्ष है और यही भारत का सिद्धांत रहा है। शाही इमाम पंजाब ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार का यह कहना कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में वहां के अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हैं इसलिए गैर मुस्लिमों को भारतीय नागरिकता दी जानी चाहिएं, तो क्या चाइना, म्यांमार, नेपाल और श्रीलंका में अगर किसी मुसलमान पर अत्याचार हो उसे भारत की नागरिकता का अधिकार नहीं होगा? क्या यह गैर मुस्लिम देश भारत के पड़ोसी नहीं है? क्या इन देशों में मानवता पर अत्याचार नहीं हो रहे हैं? शाही इमाम ने कहा कि म्यांमार में वहां के अल्पसंख्यकों पर बहुत अत्याचार हुए हैं उसे कौन नहीं जानता, लेकिन फिर भी धर्म के आधार पर राजनीति की जा रही है। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने कहा कि दुनिया इस वक्त आतंकवाद से जूझ रही है। आतंक का कोई धर्म नहीं होता, वोट की राजनीति में कहीं हम इन पड़ोसी देशों से आए पाकिस्तानी घुसपैठियों के लिए दरवाजा तो नहीं खोलने जा रहे, क्योंकि अब तक जो भी जासूस और आतंकी भारत में पकड़े गए हैं उन सब का किसी एक धर्म से संबंध नहीं है। शाही इमाम ने कहा कि सरकार देश में बढ़ रही महंगाई और बेरोजगारी पर ध्यान केंद्रित करने की बजाए धर्म के नाम पर सियासत कर रही हैं। एक सवाल के जवाब में शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने कहा कि 6 दिसम्बर के दिन बाबरी मस्जिद को कानून की परवाह ना करते हुए शहीद कर दिया गया था जिसे आज भी सुप्रीम कोर्ट ने गलत कहा है इस लिए बाबरी मस्जिद की शहादत को भुलाया नहीं जा सकता।