Saturday, August 03, 2019

जैन गर्ल्ज़ स्कूल लुधियाना में हर्षोउल्लास से मनायी गई तीज

छात्राओं ने दिखाया रंगारंग कार्यक्रम का कमाल 
लुधियाना: 3 अगस्त, 2019: (कार्तिका सिंह// पंजाब स्क्रीन):: 
हिंदी की एक हिट फिल्म 'मिलन' का एक बहुचर्चित गीत है:--
सावन का महीना, पवन करे सोर। 
जियरा रे झूमे रे ऐसे, जैसे बनमा नाचे मोर।
एक ऐसा महीना जिसमे प्रकृति के साथ-साथ मन भी झूम उठता हैं। नई कोपलों के साथ मानवीय शरीर में भी नयी तरंगे उठती हैं। सावन  में जो साध लो जीवन भर के लिए सध जाता हैं।  और जब सावन की बात हो और तीज की चर्चा न हो ऐसा तो हो ही नहीं सकता। कहने को तो मनुष्य जाती ऐसे स्त्रियों का त्यौहार कहती है, परन्तु कोई भी जीव तीज के रंग में रंगने से खुद को रोक नहीं सकता।  ऐसा ही एक रंग चढ़ा जैन स्कूल की छात्राओं और अधियापको पर। स्कूल में +2 की छात्राओं द्वारा तीज के उपलक्ष्य में एक रंगारंग कार्यक्रम पेश किया गया। इसमें +2 की 43 छात्राओं ने 'ट्रेडिशनल ड्रेस कम्पीटीशन' में भाग लिया। मिस तीज का खिताब 'मुस्कान वर्मा' को दिया गया।  इस कार्यकर्म में छात्राओं ने गिद्दा, भंगड़ा और पंजाबी लोक-गीतों के द्वारा पंजाबी सभ्याचार की प्रस्तुति दी। 
इस अवसर पर स्कूल की मैनेजिंग कमेटी के चेयरमैन श्री सुखदेव राज जैन, प्रधान श्री नंद कुमार जैन, सेक्रेटरी श्री राजीव जैन, मैनेजर श्री अरविन्द कुमार जैन और स्कूल के प्रिंसिपल श्रीमती मीना गुप्ता जी मौजूद थे, जिन्होंने बच्चों को तीज की महत्ता बताते हुए उन्हें तीज की बहुत-बहुत बधाई दी। 

Wednesday, July 31, 2019

टैक्स टैरर ने ली वीजी सिद्धार्थ की जान?

36 घंटे तक लापता रहने के बाद मिला नदी में तैरता हुआ शव 
नई दिल्ली: 31 जुलाई 2019: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
कैफे कॉफ़ी डे अर्थात सीसीडी के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ का शव उसी नदी से मिल गया है जिसके पास वह लापता हुए थे। साफ़ हो गया है कि उन्होंने ख़ुदकुशी की थी। चर्चा है कि उनकी जान टैक्स टैरर ने ले ली। ख़ुदकुशी  मजबूरी का एक बड़ा कारण शायद यह भी था। वीजी सिद्धार्थ कर्नाटक के पूर्व सीएम एसएम कृष्णा के दामाद थे। खबरों के मुताबिक, सिद्धार्थ का शव मंगलुरू के हुइगेबाज़ार के पास नेत्रावती नदी के किनारे से बरामद हुआ है।
गौरतलब है कि इंडियन कॉफ़ी हाऊस के बाद अगर कॉफ़ी के मामले में किसी ने सबसे ज़्यादा ध्यान खींचा तो वह है "कैफे कॉफ़ी डे" अर्थात सीसीडी। वही सीसीडी जिसके संस्थापक वीजी सिद्धार्थ सोमवार रात को लापता हो गए थे। उनके एक संतुलित लेकिन भावुक पत्र  के बाद इस तरह लापता होने से अनहोनी की आशंका लगातार बढ़ रही थी। नेत्रावति नाम की जिस नदी के पास उन्होंने अपनी कार और ड्राइवर को छोड़ा वहां बहुत बड़े पैमाने पर उनकी तलाश की जा रही है जिनमें पुलिस वाले, गोताखोर और मछुआरे शामिल थे। उनके लापता होने का रहस्य लगातार गहराता जा रहा था।
मंगलुरु के पुलिस कमिश्नर संदीप पाटिल ने कहा कि सिद्धार्थ का शव बुधवार सुबह 6 बजे के आसपास हुइगेबाज़ार के पास बरामद हुआ है। शव हुइगेबाज़ार के पास सुबह तैरता हुआ दिखा था जिसे मछुआरे किनारे तक लेकर आए। सिद्धार्थ के लापता होने के बाद उनका एक पत्र सामने आया था। जिसमें उन्होंने आयकर विभाग पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था।
उन्होंने पत्र में लिखा है कि एक पूर्व डीजी ने माइंडट्री के साथ डील ब्लॉक करने के लिए उनके शेयर्स को दो बार अटैच किया, जबकि संशोधित रिटर्न्स उनकी ओर से फाइल किए जा चुके थे। सिद्धार्थ ने आईटी विभाग की इस कार्रवाई को अनुचित बताया है और लिखा है कि इसके कारण पैसे की कमी हो गई थी। शायद यहीं से उनकी वित्तीय परेशानियां शिखर छूने लगीं। 
इसी दौरान मंगलूरू पुलिस ने वीजी सिद्धार्थ के फोन की जांच के बाद खुलासा किया है कि 10 दिनों के अंदर वीजी सिद्धार्थ के पास आयकर की दर्जनों कॉल आई थी। अब देखना है कि कानूनन इस  रुख अख्तियार करता है।