Saturday, March 08, 2014

नारी कोई ब्रेल शैली में लिखी किताब नहीं है

जिसको जानने /समझने के लिए छूना जरूरी हो
Naresh Matia Posted on Saturday 8th March 2014 at 2:25 AM

एक नारी कोई ब्रेल शैली में लिखी किताब नहीं है...जिसको जानने /समझने के लिए छूना जरूरी हो ....बड़ी अजीब सी बात है कि ...पर बहुत ज्यादा पुरुष इसे अपना अधिकार समझते है ...इसलिए महिला की सुरक्षा हमेशा खतरे में रहती है ... पर क्या छुए बिना किसी भी नारी को जाना नहीं जा सकता या समझा नहीं जा सकता या उस से बात नहीं की जा सकती.....ऐसा तो नहीं है ...क्योकि ईश्वर ने इंसान को दिमाग दिया है..जिस से वो किसी को भी समझ सकता है ...तो ऐसा क्यों है कि ..उसे छूने की चाह रह जाती है ...इसका सीधा कारण मुझे नैतिक शिक्षा की कमी लगता है..... बचपन से लडको को ऐसी शिक्षा नहीं दी जाती जिसमे उसे प्रकृति से प्यार करना सिखाया जाए...उसे बताया जाए कि स्त्री और पुरुष का शरीर भी इसी प्रकृति का हिस्सा है ...उसमे भी उम्र के साथ बदलाव होते है..और खासकर स्त्री के शरीर में बदलाव हमेशा आकर्षण का कारण रहते है ...इसलिए लड़कों में लड़कियों में होते हुए इस बदलाव को देखकर उत्सुकता रहती है ..पर समझने की बात ये है कि ...उस बदलाव को जानने के लिए समझने के लिए उसको छूने की कोई आवश्यकता नहीं है यह बात लडको को बताना बहुत जरूरी है ...उसे सिर्फ देखकरभी अपने दिमाग से समझा जा सकता है...पर ध्यान ये रखना है कि इसको करते हुए किसी भी कीमत में उसके सम्मान में कोई कमी नहीं आनी चाहिए.....ये बताना जरूरी है कि ..किसी भी प्राकृतिक चीज को अपनी ख़ुशी के लिए नोचने –खसोटने आदि ..से सिर्फ उसकी सुन्दरता को हम नष्ट करने का काम करते है ...और जैसे-२ यह नोचना खसोटना बढ़ता जाता है...वो चीज भी ख़त्म हो जाती है .... और यही बात एक नारी के लिए भी लागू होती है ...

इसलिए बेशक छोटी सी बात है ...पर बहुत जरूरी है....कि लड़कों को ये समझाना जरूरी है कि... नारी की सुन्दरता को देखे , उसका सम्मान करे .....उसे नष्ट करने का काम न करे....इस से समाज खूबसूरत और सुरक्षित हो जायेगा....इसलिए इस अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर ..हम कोशिश करे कि ..अपने घर में अपने बच्चो को खास कर लड़कों को ...प्रकृति का सम्मान करना सिखाएं ..जिसमे स्त्री और पुरुष का शरीर भी आता है....

सभी महिला मित्रों को अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर हार्दिक शुभकामनाये...

जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वे कहाँ हैं

3 comments:

naresh said...

Rector ji बहुत बहुत शुक्रिया आपका...मेरे इस महिला अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर लिखे लेख को पंजाब स्क्रीन में प्रकाशित करने के लिए ...

इस अवसर पर सभी महिला मित्रो को अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर हार्दिक शुभकामनाये...

naresh said...

रेक्टर जी ...आपका बहुत-२ शुक्रिया ...मेरे अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर लिखे इस लेख को पढने...पसंद करने और फिर पंजाब स्क्रीन में जगह देने के लिए .....


सभी महिला मित्रो को अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर हार्दिक शुभकामनाये...

poonam matia said...

धन्यवाद रेक्टर जी ........ आपने अच्छा किया नरेश के इस आलेख को पंजाब स्क्रीन पर शेयर किया ..... जियादा से जियादा लोग इसे पढ़ें .इसी में इस आलेख की सार्थकता और उपयोग है ........