Sunday, May 05, 2013

सरबजीत की पत्नी, लोगों के जूठे बर्तन उठाती है


शहीद का दर्जा देकर सरकार ने पकड़ाया झुनझुना!--Comrade Aman Mishra Dyfi
BJP , Akali , Congress Exposed (Shame On Them , )
वेतन वीसी साहब के टैम्परेरी फंड से 
3000 रु. में लगी थी नौकरी
भले ही पंजाब सरकार ने शहीद का दर्जा दे दिया हो और केंद्र सरकार की ओर से करोड़ों रुपये दिए जाने का ऐलान हुआ हो, लेकिन उनकी पत्नी सुखप्रीत कौर पिछले सात साल से अमृतसर की गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में चपरासी की नौकरी कर रही हैं। उनका काम कर्मचारियों को चाय-पानी पिलाना और जूठे बर्तन उठाना है। उन्हें वॉटर वूमेन की पोस्ट दी गई है। 3000 रु. में लगी थी नौकरी
असिस्टेंट रजिस्ट्रार एग्जामिनेशन (वन) सुलखन सिंह ने कहा कि सुखप्रीत लगभग सात साल से नौकरी कर रही हैं। उन्हें 3000 रुपए वेतन पर रखा गया था। उनका वेतन अब बढ़कर 6000 रुपए हो गया है। वह अस्थाई पोस्ट पर हैं। वीसी साहब के टैम्परेरी फंड से उन्हें वेतन दिया जाता है। नौकरी पक्की करने या वेतन बढ़ाने के बारे में उन्होंने जो भी चिट्ठियां लिखीं, वह हमने एस्टेब्लिश ब्रांच को भेजी हुई हैं।

2 comments:

संगीता पुरी said...

ओह ...

संजय अनेजा said...

अनुकंपा आधार पर नौकरी पात्रता देखकर ही दी जाती है। इसके अलावा किसी भी काम को छोटा सिद्ध कर रहे हैं आप, ये उचित नहीं है।