Thursday, January 19, 2012

पर्यटन पर विशेष लेख

अतुल्‍य भारत - नये क्षितिज
भारत में पर्यटन लगातार बढ़ रहा है, पर्यटकों की संख्‍या की दृष्टि से और विदेशी पर्यटकों से होने वाली आय की दृष्टि से भी। वर्ष 2009 के मुकाबले 2010 में विदेशी पर्यटकों की संख्‍या में 11.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि वर्ष 2011 में जनवरी से नवम्‍बर तक की अवधि के दौरान पर्यटकों की संख्‍या में और 9.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई । वर्ष 2009 में विदेशी मुद्रा से रुपयों में जो आय हुई, उसके मुकाबले वर्ष 2010 में 18.1 प्रतिशत अधिक आय हुई और वर्ष 2011 में जनवरी से नवम्‍बर तक की अवधि में पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले इस आय में 18.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2010 के दौरान घरेलू पर्यटकों की संख्‍या 74 करोड़ 2 लाख से अधिक रही, जो इससे पिछले वर्ष के मुकाबले 10.7 प्रतिशत अधिक है।

पर्यटन मंत्रालय का लक्ष्‍य 12वीं पंचवर्षीय योजना के अंत तक विश्‍व में पर्यटकों की संख्‍या में भारत के हिस्‍से को 1 प्रतिशत बढ़ाना है। इस लक्ष्‍य की प्राप्ति के लिए मंत्रालय ने महत्‍वपूर्ण नगरों और पर्यटकों की अधिक संख्‍या वाले नगरों से पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कार्यक्रम चलाए हैं।

मंत्रालय ने 4 से 14 अगस्‍त 2011 तक जिनेवा में आयोजित जिनेवा उत्‍सव में भाग लिया, जिसमें भारत सम्‍मानित अतिथि देश था। उत्‍सव में एक भारतीय ग्राम का निर्माण किया गया, जहां योग, स्‍वास्‍थ्‍य, संस्‍कृति और भारतीय व्‍यंजनों आदि की प्रस्‍तुतियां की गईं। भारत की उल्‍लेखनीय मौजूदगी और इसके शानदार कार्यक्रम के परिणाम स्‍वरूप जिनेवा उत्‍सव बहुत सफल रहा और वहां लगभग 18 लाख स्‍थानीय और अंतर्राष्‍ट्रीय दर्शक पहुंचे। 6 से 9 सितम्‍बर 2011 तक भारत में नई दिल्‍ली में पाटा (प्रशांत एशिया यात्रा एसोसियेशन) ट्रैवल मार्ट 2011 का आयोजन किया। इस मार्ट में 302 खरीदारों और 625 विक्रेताओं के अलावा दुनियाभर से पर्यटन अधिकरणों, टूर ऑपरेटरों, पर्यटन व्‍यापार और अतिथि संगठनों तथा मीडिया आदि के प्रतिनिधि आये। मंत्रालय ने 7 से 10 नवम्‍बर 2011 तक लंदन में आयोजित वर्ल्‍ड ट्रैवल मार्केट 2011 में भी सफलतापूर्वक भाग लिया। वर्ल्‍ड ट्रैवल मार्केट 2011, अंतर्राष्‍ट्रीय यात्रा उद्योग का प्रमुख कारोबार मंच है। अतुल्‍य भारत ब्रांड के अंतर्गत मंत्रालय ने दुनिया भर के प्रमुख टेलीविजन चैनलों के माध्‍यम से एक विश्‍वव्‍यापी टेलीविजन अभियान (ग्‍लोबल टेलीविजन कैम्‍पेन) के साथ-साथ यूरोप एशिया प्रशांत और अमरीकी प्रदेशों में ग्‍लोबल प्रिंट कैम्‍पेन भी चलाया है। अतुल्‍य भारत अभियानों को विश्‍वव्‍यापी सफलता मिली है। और पिछले वर्षों में कई अंतर्राष्‍ट्रीय प्रशस्‍तियां और पुरस्‍कार भी मिले हैं।

वर्ष 2011 के दौरान अतुल्‍य भारत अभियान को जो महत्‍वपूर्ण पुरस्‍कार मिले, वे हैं :- पाटा गोल्‍ड अवार्ड 2011, ‘एडवेन्‍चर डाउन अंडर’ नाम से विज्ञापन अभियान के लिए, पाटा गोल्‍ड अवार्ड 2011, ‘इंडिया इज ऑसम’ नाम की प्रमोशनल वीडियो फिल्‍म के लिए और वर्ल्‍ड ट्रैवल अवार्ड 2011, ‘लीडिंग डेस्‍टीनेशन’ और ‘लीडिंग टूरिज्‍़म बोर्ड’ अभियानों के लिए।

पर्यटन मंत्रालय पर्यटन के विकास और संवर्धन क लिए समन्वित प्रयास करने के उद्देश्‍य से केन्‍द्र सरकार के अन्‍य मंत्रालयों, राज्‍य सरकारों और अन्‍य संबद्ध पक्षों के साथ भी मिलकर उपाय कर रहा है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय तथा हीरे जवाहरात एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद के साथ इसने सफलतापूर्वक कार्य किया है। पर्यटन मंत्रालय ने ‘एक्‍सपीरियंस इंडिया सोसाइटी’ के साथ सहमति पत्र का भी नवीकरण किया है। यह संस्‍था पर्यटन मंत्रालय के साथ सरकार – निजी भागीदारी के जरिए भारत की छवि को निखारने वाली प्रमुख होटल श्रृंखलाओं और टूर ऑपरेटरों की संस्‍था है।

पर्यटन मंत्रालय के प्रयासों से पर्यटन क्षेत्र के लिए एक अंतर- मंत्रालय समन्‍वय समिति भी बनाई गई है, जिसके अध्‍यक्ष प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव हैं। यह समिति देश में पर्यटन के विकास के‍लिए विभिन्‍न मंत्रालयों से संबंधित मुद्दों को तथा पर्यटन क्षेत्र की उद्योग एसोसियशनों द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों को निपटाएगी।

एक महत्‍वपूर्ण पहलू, जिसका हमारे देश में अंतर्राष्‍ट्रीय और घरेलू पर्यटन पर प्रभाव पड़ता है, वह है महत्‍वपूर्ण पर्यटन स्‍थलों पर स्‍वास्‍थ्‍य और सफाई की असंतोषजनक व्‍यवस्‍था । मंत्रालय ने ‘स्‍वच्‍छ भारत अभियान’ के अंतर्गत पर्यटन स्‍थलों पर सफाई के लिए एक व्‍यापक नीति बनाई है। स्‍वच्‍छता के लक्ष्यों को प्राप्‍त करने के लिए इस अभियान के अंतर्गत जागरूकता लाने के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण, प्रदर्शन और नियमन के तरीके अपनाए जाएंगे। यह अभियान केन्‍द्र और राज्‍य सरकार के मंत्रालयों, कार्पोरेट क्षेत्र, यात्रा व्‍यापार संगठनों, गैर-सरकारी संगठनों, शिक्षा संस्‍थाओं, मीडिया और अन्‍य संबद्ध पक्षों के साथ मिलकर चलाया जाएगा।

(पर्यटन मंत्रालय से प्राप्‍त संदर्भ सामग्री के आधार पर) 
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