Tuesday, August 31, 2010

आजाद के एनकाउंटर पर सवाल जारी

पत्रकार हेम पांडे का शव 
माओवादी नेता आज़ाद का शव 
रिपोर्ट बताती है कि नागपुर से आज़ाद को पकड़ने से लेकर उसके एनकाउंटर की खबर आने के बाद तक महाराष्ट्र की नक्सल विंग को कोई जानकारी नहीं थी कि आंध्र प्रदेश एसआईबी कैसे महाराष्ट्र में बिना जानकारी के घुसी। कैसे नागपुर में आकर उसने अपने ऑपरेशन को अंजाम दिया। कैसे महाराष्ट्र के चार जिलों को पार कर आंध्र के अदिलाबाद तक आजाद को बिना जानकारी ले जाया गया। रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि आंध्र एसआईबी के अधिकारी 27 जून को ही नागपुर आ गये थे। 
 यह दिन रविवार का था। यानी उन्हें आजाद के नागपुर पहुंचने की जानकारी पहले से थी। और इसके लिये पहले से व्यूह रचना की गयी। जितनी गाड़ियों ने महाराराष्ट्र की सीमा पार की और नागपुर से आंध्र की सीमा पर कदम रखने से पहले दो जगहों पर टोल टैक्स दिया, उसमें आंध्र की किसी पुलिस जीप के नंबर का कोई जिक्र नहीं है। अन्य गाड़ियों को लेकर जांच रिपोर्ट ने सिर्फ तीन वाहनों पर संदेह जाहिर किया है, जिसमें टाटा इंडिका कार, बुलेरो और टाटा सूमो हैं। लेकिन इन गाडियो के नंबरों की वैधता पर जांच रिपोर्ट में संदेह किया गया है। जो रिपोर्ट महाराष्ट्र के गढचिरोली से आयी है, उसमें इन तीनो गाड़ियों के फर्जी नंबर होने के संकेत भी दिये गये हैं। यानी संकेत यह भी है कि जिन तीन गाड़ियों के नंबर प्लेट संदेहपूर्ण पाये गये, उन्हीं को जांच के दायरे में लाया गया है। इस तरह के कई सवाल  हैं जो इस रिपोर्ट में उठाये गए हैं. हिंदी लोक में प्रकाशित इस खबर को आप पढ़ सकते हैं यहां क्लिक करके
पत्रकार हेम पांडे  की  पत्नी  और  भाई गृहमंत्री के साथ  
और जिस गाड़ी में आजाद को ले जाया गयावह गाड़ी कार थी. यानी सरकारी पुलिस जीप नहीं थी. सबकुछ योजना के तहत हआ. लेकिन तीसरा व्यक्ति कौन था और उस पर अगर आजाद को भरोसा थातो फ़िर वह व्यक्ति उसके बाद से गायब क्यों है?यह आजाद की मौत के बाद नागपुर में तैनात नक्सल विरोधी पुलिस एंटी नक्सल ऑपरेशन की अपनी रिपोर्ट है. अपनी पहल पर नागपुर के एंटी नक्सल ऑपरेशन विंग की यह रिपोर्ट कई मायने में महत्वपूर्ण है. रिपोर्ट तैयार करने का मतलब है कि समूचे रेड कॉरिडोर में सिर्फ़ नागपुर ही वह जगह है,जहां एडीजी रैंक के आइपीएस की तैनाती एंटी नक्सल ऑपरेशन के तहत है और वही जांच करा रहे हैं कि नागपुर से आजाद को बिना उनकी जानकारी के कैसे उठा लिया गया. यानी एंटी नक्सल ऑपरेशन भी मान रहा है कि आजाद को नागपुर से आंध्रप्रदेश के अदिलाबाद में ले जाया गया.
रिपोर्ट के अंश यह भी संकेत दे रहे हैं कि हाल के दौर में आंध्रप्रदेश की एसआइबीमहाराष्ट्र पुलिस या एंटी नक्सल ऑपरेशन के अधिकारियों को जानकारी दिये बगैर दो दर्जन से ज्यादा लोगों को उठा चुकी है . इससे पहले महाराष्ट्र के इस एंटी नक्सल ऑपरेशन ने कभी आंध्रप्रदेश पुलिस की ऐसी कारवाइयों के लेकर कोई पहल की नहीं. लेकिन आजाद के एनकाउंटर के बाद जब राजनीतिक तौर पर इसे फ़रजी बताते हए इसकी जांच की मांग की जा रही हैतो एंटी नक्सल ऑपरेशन के सामने यह भी सवाल खड़ा हआ है कि इसमें उसकी भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो सकते हैं. प्रभात खबर ने इस रिपोर्ट को महत्व दे कर प्रकाशित किया है. इसे पढ़ने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.
गौरतलब है कि हेम पांडे की मौत को लेकर संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिकवैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन यूनेस्को की महानिदेशक इरिना बोकोवा ने कहा, हेम चंद्र पांडे की जिन परिस्थितियों में मौत हुईमैं उन्हें लेकर चिंतित हूं. मैं अधिकारियों से अपील करती हूं कि वे सारी परिस्थितियों पर प्रकाश डालें. हेम पण्डे को जहर का इंजेक्शन दे कर मारने का खुलासा भड़ास ने जुलाई में ही कर दिया था. ओम प्रकाश तिवारी ने समालोचना में भी हेम पांडे की मौत के मुद्दे को उठाया था. इसी बीच आज़ाद की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट भी सामने आ चुकी है. उत्तर भारत के जानेमाने समाचार पत्र पंजाब केसरी ने भी इस मामले को एक बार फिर प्रमुखता से उठाते हुए अपने प्रथम पृष्ठ पर इस खबर को जगह दी. इस खबर कि कतरन भी इस खबर के साथ प्रकाशित की गयी है जिस पर क्लिक करके आप पूरी खबर पढ़ सकते हैं.

रिपोर्ट की फोटो 

इसी बीच नक्सल विरोधी प्रचार अभियान भी तेज़ी से जारी है. इस सम्बन्ध में बताया गया है कि जहां एक ओर 
माओवादियों ने अपनी भर्ती तेज़ कर दी है वहीं छात्रों ने नक्सलवादियों की ओर से लगाये गए काले झंडे को उतार फेंका. आने वाला समय शान्ति की खबर कब लेकर आता है इसका पता वक्त ही बता सकेगा.--रेक्टर  कथूरिया

क्या कहते हैं न्याय विशेषज्ञ 
 Azad Encounter: No Point-Blank Justice


क्या यही है सच्ची कहानी

Azad Encounter: Mountain Of Lies

तथ्यों पर एक नज़र
Azad Encounter: Holes In The 




बहुत ही पास से मारा गया
Death By An Inch… Lies By The Mile

पोस्ट रिपोर्ट
Post-mortem indicates Azad was shot from close range