Wednesday, December 16, 2009

दुनिया में अप्रत्यक्ष धूम्रपान के कारण भी होती है सालाना 6 लाख लोगों की मृत्यु

वॉयस ऑफ़ अमेरिका से एक अच्छी और महत्वपूर्ण खबर आई है . यह खबर है उन लोगों के लिए जो स्मोकिंग को बुरा समझते हैं लेकिन उन की बात और आक्रोश को   नज़रंदाज़ कर दिया जाता है. इस खबर में एक बार फिर इस बात की पुष्टि की गयी है कि दुनिया में अप्रत्यक्ष धूम्रपान के कारण सालाना 6 लाख लोगों की मृत्यु होती है. विश्व स्वास्थ संगठन ने कहा है कि सिगरेट न पीने वाले लोगों के लिए और संरक्षण जरूरी है. संयुक्त राष्ट्र के इस संगठन के अनुसार अप्रत्यक्ष धूम्रपान से कई जानलेवा बीमारियां होती हैं और सालाना 10 अरब डॉलर का नुकसान भी होता है. दुनिया के 17 देशों में सार्वजनिक जगहों पर धूम्रपान करने की मनाही है, 2008 में कोलंबिया, जिबुटी, ग्वाटेमाला, पनामा, तुर्की, और ज़ाम्बिया ने भी इस कानून को लागू किया था. लेकिन संगठन के अनुसार और देशों को इस कानून को अपनाना होगा. फिलहाल सबसे ज्यादा आबादी वाले सिर्फ 22 शहरों में सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान की मनाही है. दुनिया में ज्यादा आबादी वाले 100 शहर है जिनमें कई भारतीय शहर भी शामिल है. गौरतलब  है कि सिख धर्म में सदिओं पूर्व ही इस के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया गया था. अब पूरी दुनिया भी इस बुरी लत  की  बुरायिओं को जान  चुकी है. क्यूं है न एक अच्छी खबर...! 

1 comment:

alka sarwat said...

क्या करे भाई वातावरण ही प्रदूषित हो गया है ,हमारे शरीर में जहर भरता जा रहा है ,इसी जहर के विरुद्ध प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए और फेफड़े गुर्दे मजबूत करने के लिए तो अश्वगंधा +गिलोय खाना बहुत जरूरी हो गया है ,बच्चों को तो तुलसी के पत्तों से सुरक्षित रखा जा सकता है .
मैं तो दिनों-रात ये जागरूकता फैला रही हूँ