Saturday, May 19, 2012

गौ हत्या पर एक रचना और

गौ माता की ह्त्या कब तक ???????
गौ को माता कह कर उसकी पूजा करने की संस्कृति के साथ साथ गौ की हत्या का निंदनीय सिलसिला भी जारी है। इस पर बहुत बार बहुत कुछ कहा जा चूका  है पर   समस्या लगातार गंभीर  होती जा  है।   एक बहुत ही पुराने मित्र और पत्रकार  विपन कथूरिया ने एक फोटो और रचना शायर/पोस्ट की है. पढिये यह रचना,देखिये यह तस्वीर.
आपको गो-माता की कसम इसे Share(साँझा) जरूर करें!
हाल ही में हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविधालय में गो-माँस
उत्सव का आयोजन हुआ!
मुझे ये जानकर बहुत दुःख हुआ कि इस आयोजन का विरोध
करने की किसी की भी हिम्मत नहीं हुई!
इस गम्भीर और आत्मसम्मान को ठेस... पहुचाने वाले मुद्दे पर भी-
जिस हिन्दू की भुजा न फडकी,
खून न खौला सीने का।
वो "हिन्दू का खून" नहीं,
अरे होगा किसी "कमीने" का!
मैं हैदराबाद के साथ ही सम्पूर्ण विश्व के हिन्दुओं से ये पूछना चाहताहूँ कि-
आखिर कब तक कायरों की भाँति जुल्म सहते रहोगे?
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प्रश्नो का उत्तर मिल जाए और सोये हुए हिन्दू शेर
पुनः जाग्रत हो जायें! वन्देमातरम्! —क्रप्या ईश picपर किसी भि धर्म
या जाति के लोगो को गालिया ना दे — पैज एडमिन :::
भगीरथ भाई मारवाङी

2 comments:

सुज्ञ said...

कईं हिंसकवृति के ब्लॉगर लेखक अब भी इसका समर्थन करने में लिप्त है।

Anonymous said...

हम हिन्दुओ के लिए शर्म की बात हे की हमारे देश में गौ माँस उत्सव मनाया गया साले कसइयो का खत्म कर देना चाहिए