Saturday, November 03, 2018

जालंधर स्कूल के छात्र वर्ग ने कुंग-फु में दिखाए जौहर

मार्शल आर्ट को हर घर तक पहुंचने का संकल्प 
जालंधर:3 नवम्बर 2018:(राजपाल कौर//पंजाब स्क्रीन)::
जालंधर विदियक सोसायटी की ओर से चल रहे जालंधर स्कूल गदाईपुर के छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण  विकास के लिए किए जा रहे प्रयास बच्चों की सफलता में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। यह प्रयास बच्चों को ज़िंदगी की बुलंदियां छूने की ओर अग्रसर करने में भी सहायक सिद्ध हो रहे हैं। एक छोटे से गांव में रहने वाले साधारण से परिवारों के बच्चे खास कर लड़कियाँ मार्शल आर्ट के सभी खेलो को करने में सक्षम हो गई हैं। अब इन छात्र छात्रों ने स्टेट लेवल प्रतियोगिता तक पहुँच कर भी अपनी प्रतिभा दिखाई है। इन बच्चों ने  गोल्ड, सिल्वर और कांस्य पदक भी हासिल किए हैं। इनको कोचिंग देने और अभ्यास कराने में प्रवीण जी और मोहम्मद हैदर ने सक्रिय भूमिका निभाई है। इन कोच साहिबानों की मेहनत से जालंधर स्कूल गदाईपुर के दस बच्चों ने पदक और सर्टिफिकेट  हासिल किए हैं। इन परिणामों में लावण्या तीन फाइटों के मुकाबले के बाद प्रथम रही और स्वर्ण-पदक हासिल किया।  इसी तरह चुटुन ,हर्ष,नितेश ,चंदन और आदित्या ने सिल्वर पदक प्राप्त करके नाम रौशन किया। बरुन, भूमिका, आसिफ और अमन ने कांस्य पदक हासिल करके नई संभावनाओं का संकेत दिया। आज स्कूल में विजेता बच्चों को सारे स्टाफ की तरफ से बधाई दी गई और मुख्याध्यापिका राजपाल कौर ने बच्चों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ कर जीत हासिल करने की प्रेरणा दी। इस मौके पर मैडम मीनाक्षी, जसवीर कौर, संदीप कौर, सोनम, सेसा श्रेष्ठा, संगीता, मीना कुमारी, राधा, नीलम पाल और शिवानी हाजिर थी।   

Thursday, November 01, 2018

अपना पंजाब अब पंजाब कहां रह गया! ---कार्तिका सिंह

पहली नवम्बर को पंजाब दिवस पर विशेष काव्य रचना
अपना पंजाब अब पंजाब कहां रह गया!
साज़िशों की बाढ़ में पंजाब सारा बह गया। 
कहीं है हिमाचल, कहीं हरियाणा रह गया;
अपना पंजाब अब पंजाब कहां रह गया। 

खेत मिट रहे हैं-खतरे में बाग़ है। 
मक्की की रोटी कहां सरसों का साग है?
भेलपूरी छा गयी है; बर्गर पीज़ा रह गया! 
अपना पंजाब अब पंजाब  कहां रह गया। 

ख़ुदकुशी की खबरें हैं, जुर्मों का राज है। 
ठेके हैं शराब के बस नशे का ही राज है!
कहीं लाल परी, कहीं चिट्टा पाउडर रह गया। 
अपना पंजाब अब पंजाब  कहां रह गया। 

कौन देखे आ के जो पंजाब बना आज है!
रोज़ आती खबरों में लापता सी लाज है!  
सत्ता का यह ताज भी मज़ाक बन के रह गया!
अपना पंजाब अब पंजाब कहां रह गया। 

लूट गया पंजाब बचा क्या जनाब रह गया?
पानी और खेतों का हिसाब कहाँ रह गया?
प्रेम की निशानी वो चनाब कहाँ रह गया!
अपना पंजाब अब पंजाब कहाँ रह गया?
                                   --कार्तिका सिंह 
(शुक्रवार 12अक्टूबर 2018 को रात्रि 11:27 बजे)