Friday, May 26, 2017

गालिब रणसिंह वाल में मस्जिद हजरत अबू बकर का उद्घाटन


गांव के लोगो ने कौमी एकता का सबूत दिया है : शाही इमाम पंजाब

लुधियाना: 25 मई 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
जहां स्वार्थी सियासतदान आज भी लोगों में फुट डाल कर अपना उल्लू सीधा करने में लगे है वहां नेक लोग अभी भी भाईचारक सांझ को मज़बूत बनाने में लगे हैं। गांव गालिब रण सिंह में आज हुआ आयोजन इस मैत्री की ही एक झलक थी।  

जगराओं तहसील के गांव गालिब रण सिंह में आज मजलिस अहरार इस्लाम हिन्द की ओर से बनाई गई भव्य मस्जिद का उद्घाटन पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने अपने कर कमलों द्वारा किया। इस मौके पर नाइब शाही इमाम मौलाना उस्मान रहमानी, गांव के सरपंच हरसिमरन सिंह बाली, पंचायत मैंबर राजिन्द्र सिंह, दविन्द्र सिंह, सुखविन्द्र सिंह,हरजिन्द्र कौर, भगवंत सिंह, नरिन्द्र कौर, बलजीत सिंह, नंबरदार वीरइन्द्र सिंह व अन्य भी मौजूद थे। गौरतलब है कि गालिब रणसिंह वाल में एक दर्जन से अधिक मुस्लिम परिवार है जोकि पिछले लंबे समय से गांव में मस्जिद बनाने की कोशिश कर रहे थे, इन परिवारों की जरूरत को देखते हुए गांव के सरपंच हरसिमरन सिंह बाली ने शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी के साथ सम्पर्क कर गांव में एक भव्य मस्जिद का निर्माण करवाया। गांव में बनी यह मस्जिद अपनी खूबसूरती स्वयं ही ब्यां करती है।
 
इस मौके पर शाही इमाम पंजाब ने कहा कि मस्जिद खुदा का घर है और इसके दरवाजे हर इंसान के लिए खुले है। उन्होंने कहा कि गांव के हिन्दू-सिख भाइयों ने मस्जिद के निर्माण में योगदान डाल कर कौमी एकता को मजबूत किया है। शाही इमाम ने कहा कि इस्लाम अमन का मजहब है और समाज में बराबरी का संदेश देता है तांकि किसी के साथ भेदभाव न किया जाए। इस मौके पर अल हबीब ट्रस्ट के महासचिव व नाइब शाही इमाम मौलाना उस्मान रहमानी ने सरपंच ंच हरसिमरन सिंह बाली और पंचायत मैंबरों को सम्मानित किया। उस्मान रहमानी ने बताया कि गांव में मस्जिद के निर्माण के दौरान वह जब भी लुधियाना से आये तो उनका हिन्दू-सिख भाईयों की तरफ से गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया और कभी भी किसी चीज की कमी नहीं आने दी गई। 

Monday, May 22, 2017

सत्ता के बावजूद 21 मई को कांग्रेस नहीं कर सकी कोई बड़ा आयोजन

इंटक के दिनेश गुट ने दी राजीव गांधी को श्रद्धांजलि 
लुधियाना: 21 मई 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
जून 1984 के बाद जब समुचित सिख समुदाय कांग्रेस से टूट गया था और 31 अक्टूबर को तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद अलगाव की यह खायी और गहरी हो गई थी। न सिख श्री अकाल तख्त साहिब की तबाही भूल सके और न ही कांग्रेस सुश्री इंदिरा गाँधी की हत्या को भूल सकी। नवंबर-84 की घटनाओं ने तो देश के इतिहास में दर्द से भरे वो पन्ने जोड़ दिए जिन्हें लाख कोशिशों के बाद भी अब तक हटाया नहीं जा सका। ऐसे नाज़ुक हालात में पंजाब समझौता करने वाले राजीव गांधी में जो जो सियासी खूबियां थीं उनको उनके विरोधी भी मानते हैं। संत लोंगोवाल और राजीव गाँधी के दरम्यान समझौते `की तस्वीर एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ बन कर सामने आयी। विवादों और विरोधों के बावजूद राजीव गांधी का सत्ता काल ऐतिहासिक बना रहेगा।  अमेरिका के साफ़ इंकार के बावजूद भारत ने अगर दुनिया में अपना पहला सुपर कंप्यूटर बना लिया था तो इस सारे प्रयास में राजीव गांधी की चाहत जनून की तरह काम कर रही थी। सभी विकसित देशों ने  जब इसका प्रदर्शन देखा तो मुंह में उंगलियां दबा ली थी। पहले सुपर कंप्यूटर को “8000 परम”का नाम दिया गया था। इन सभी बातों को कांग्रेस पार्टी उनकी पुण्यतिथि पर उठाने में भी नाकाम रही। 
पायलट के हवाई आकाश को छोड़ कर राजनीति में आए राजीव गांधी के प्रशंसकों ने कभी सपने में नहीं सोचा होगा कि आतंकवादी हमले में हुई हत्या के बाद उनकी पार्टी कांग्रेस धीरे धीरे भुला देगी। बेशक देश में कांग्रेस की सत्ता नहीं है लेकिन पंजाब में तो है। इसके बावजूद राजीव गाँधी की स्मृति में लुधियाना में कोई बड़ा कार्यक्रम होने की जानकारी नहीं मिली।  
इंटक के दिनेश सुंदरियाल इस संबंध में एक आयोजन अवश्य किया लेकिन इसकी जानकारी भी कार्यक्रम होने के बाद दी गयी। इसमें भी इंटक के बहुत से कार्यकर्ता और नेता नज़र नहीं आए। कुछ अन्य संगठनों ने भी इसी तरह अलग अलग आयोजन किये। 
इस आयोजन के ज़रिये कांग्रेस समर्थक मज़दूर संगठन इंटक ने आज समराला चौक स्थित डॉ प्रदीप अग्रवाल के कार्यालय में श्री राजीव गांधी जी को श्रदांजलि दी। डॉ अग्रवाल ने कहा कि रजीव गांधी विश्व के सबसे बड़े लोकतन्त्र भारत के एकमात्र ऐसे युवा प्रधानमन्त्री थे, जिनकी उदार सोच, स्वप्नदर्शी व्यापक दृष्टि ने भारतवर्ष को एक नयी ऊर्जा और एक नयी शक्ति दी  कि देश को विश्व के अन्य उन्नत राष्ट्रों की श्रेणी में लाकर खड़ा कर देने वाले सबसे कम उम्र के वे ऐसे प्रधानमन्त्री थे, जिन्होंने इक्कीसवीं सदी का स्वप्न देते हुए भारत को वैज्ञानिक दिशा दी।  इंटक के महिला विंग की अध्यक्षा अनीता शर्मा ने कहा कि आज भी श्री राजीव गांधी हम में हैं। इस मौके पर इंटक टीम के अन्य लोगों ने भी अपने महबूब नेता को श्रद्धांजलि दी। इंटक के राज्य उप प्रधान जोगिन्दर सिंह टाइगर, स्टेट जनरल सेक्टरी फिरोज मास्टर,शिव चरण थापर कोर  मेंबर, विकास गुप्ता, राजीव शर्मा, अशोक बंसल ,रविंदर कौर थापर, विशाल पराशर, संजीव जोल्ली, अशवनी शर्मा और अन्य सदस्य भी शामिल थे। अब देखना यह है कि सत्ता के बावजूद नया नेता पैदा किये बिना पुराने नेताओं को भूलने की यह सोच कांग्रेस को किस अंजाम की तरफ ले जाएगी? अगर यही सब होता रहा तो गुटबंदियों और व्यक्तिगत रंजिशों में उलझी कांग्रेस शायद सत्ता का लाभ उठा कर भी खुद को मज़बूत न कर सके। 
सत्ता के बावजूद 21 मई को कांग्रेस नहीं कर सकी कोई बड़ा आयोजन