Saturday, May 20, 2017

यू पी में दलितों पर हुए अत्याचार के विरोध में तेज़ी


बाबा साहिब दलित फ़ोर्स ने फूंका मोदी व योगी का पुतला 
लुधियाना: 20 मई 2017:(वी के बत्तरा//पंजाब स्क्रीन)::

गत दिनों उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के शबीरपुर गांव में उच्च जाति के समुदाय द्वारा दलितों पर किये अत्याचार महिलाओं का अनादर व उनके घरों को जलाए जाने के विरोध में बाबा साहिब दलित फ़ोर्स ने आज यहां तीखा विरोध व्यक्त किया।संगठन के प्रधान अजय पाल दिसावर, प्रशांत मूंग, संजीव जदेजा व अशोक सिद्धू की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंक कर रोष प्रदर्शन किया।  इस मौके पर केंद्र सरकार के विरुद्ध जम कर नारेबाजी की गयी। इस अवसर पर प्रधान अजय पाल ने कहा कि आज भारत के आजाद होने के बावजूद देश में जात-पात के नाम पर भेदभाव होना व् मौजूदा सरकार का इस मामले मे चुपी साधना एक दुर्भाग्यपूर्ण बात है। उन्होंने कहा कि शबीरपुर गाँव में दलित समाज की महिलाओं के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया व् उनके घरों तक को जला दिया गया और वहां की सरकार व पुलिस प्रशासन मूक दर्शक बन कर तमाशा देखते रहे और आज आरोपी खुले घूम रहे है जिसकी जिम्मेदार योगी सरकार है। अजय पाल ने कहा कि बेशक आज संविधान में सभी नागरिको को समान अधिकार दिए गए है परन्तु आज भी देश के दलित वर्ग को दूसरे दर्ज के नागरिक माना जाता है। प्रधान अजय पाल ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि दलित परिवार के जलाये गए घरों का सरकार पुनः निर्माण करे व् आरोपियों पर केस दर्ज कर एस टी एक्ट व् एन एस ए के तहत मुकदमा दर्ज करके फास्ट ट्रैक पर केस चला कर दोषियों को सजा दी जाए नहीं तो बाबा साहिब दलित फ़ोर्स अपने आंदोलन को तेज कर पुरे देश में रोष प्रदर्शन करेगी। इस अवसर पर साहिल सिंह शैंकी,धर्मेंदर, अमित, विजय, विक्की बिरला, कर्ण मूंग, विजय, पंकज सभरवाल,वीरू मिंकल,रिक्की बिरला, रोहित फूलवाल,निक्का मेहरवान, राहुल जगीरपुर, कुणाल, कर्ण कनौजिया, साहिल,छोटे लाल, अजय सहोता, अखिल, सूरज, लंकेश, योगराज, कर्ण कल्याण आदि उपस्थित हुए।

Friday, May 19, 2017

""ठाकुर दलीप सिंह जी की कृपा से ठीक हो गया दिल का सुराख"

Fri, May 19, 2017 at 10:33 AM
जालंधर की प्रिंसिपल राजपाल कौर ने किया सभी सबूत पास होने का दावा 
बच्ची प्रेम कौर और उसके माता पिता करणबीर सिंह और राजिंदर कौर 
जालंधर: 19 मई 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
आजकल नवजन्मे या छोटे बच्चों के दिल में सुराख होने की समस्या लगातार बढ़ रही है। ऐसा ही कुछ हुआ जम्मू के एक नामधारी परिवार के साथ। इस परिवार की बच्ची के दिल में भी सुराख था। जालंधर की प्रिंसिपल राजपाल कौर ने दावा किया है कि यह सुराख ठाकुर दलीप सिंह जी की कृप से बिना किसी इलाज के ठीक हो गया है। उनकी भेजी रिपोर्ट हम यहां प्रकाशित कर रहे हैं। इस रिपोर्ट पर आपके विचारों की भी इंतज़ार रहेगी।-सम्पादक 
राजपाल कौर की रिपोर्ट:::
सतगुरु शब्द सत्य और गुरु के सुमेल से बना है। जो अज्ञान के अन्धेरे से ज्ञान के प्रकाश की तरफ ले चले तथा जो शिष्यों को सच की राह दिखाये उसे सतगुरु कहते हैं। गुरबाणी में भी लिखा है "सति पुरखु जिनि जानिआ सतगुरु तिस का नाउ" तथा "सतिगुरु सभना दा भला मनाइदा, तिस दा बुरा किउ होई"---क्योंकि ऐसे सतगुरु रूप संसार में सभी का कल्याण करने के लिए तथा सदमार्ग दिखाने के लिए ही आते हैं और जो सच्चे मन से सतगुरु जी के चरणों से जुड़ जाता है, वह भवसागर से पार हो जाता है।                       
सतगुरु की कृपा से असम्भव काम भी हो जाते हैं सम्भव 
इस बच्ची के दिल में था सुराख 
वर्तमान समय में नामधारी प्रमुख सतगुरु दलीप सिंह जी, जो विनम्रता तथा त्याग की मूरत हैं, अपने अलौकिक रूप से सबका मन मोह लेते हैं तथा शरण आये हुए पर अपनी कृपा - मेहर करते हैं। ऐसे अनेक अलौकिक कृपाओं को मैने देखा-सुना भी है तथा अनुभव भी किया है, उनमें से केवल एक का ही जिक्र करने जा रही हूँ, जो वाकई सभी को अचंभित कर देने वाली है कि ऐसे कलयुग के समय में भी सतगुरु की कृपा से तथा नाम जपने से असम्भव कार्य भी सम्भव हो जाते हैं। जम्मू के कृष्णानगर में रहने वाले कुलदीप सिंह जी ने मुझसे मुलाकात होने पर अपनी आपबीती वार्ता के बारे में बताया ,उनके साथ उनका परिवार; उनकी पत्नी सुखविंदर कौर, बेटा करणबीर सिंह, बहु रजिन्दर कौर तथा उनकी पोती प्रेम कौर भी थे। उन्होंने बताया की जब उनकी पोती प्रेम कौर जब केवल दो महीने की ही थी तो वह बहुत बीमार रहती थी, उन्होंने उसे जम्मू के डॉक्टर सी.डी.गुप्ता से चेक करवाया तो उन्होंने बताया की आपकी पोती के दिल में सुराख़ है और इसका अभी कोई इलाज नहीं हो सकता ,जब आपकी बच्ची पाँच साल की हो जाएगी तो एक नई तकनीक द्वारा, जिसमें पैर का मांस काट कर वहां लगा कर ऑपरेट किया जा सकता है या फिर धीरे-धीरे बड़े होने पर भर सकता है। सारे परिवार वाले बहुत निराश हुए और सोच में पड़ गए कि अब क्या किया जाये क्योंकि वो मासूम बच्ची दिल में सुराख़ होने की वजह से उसे बुखार भी अक्सर हो जाया करता था तथा उसके शरीर का उचित विकास भी नहीं हो रहा था।लेकिन निराशा और दुःख में तो केवल परमात्मा ही पुकार सुन सकते है उनकी भी पुकार सुनी गई और उन्हें अपने आराध्य गुरु, सतगुरु दलीप सिंह जी के दर्शन करने का मौका मिला, उन्होंने दर्शन करके सतगुरु जी के चरणों में विनती करके अपनी पोती की हालत के बारे में बताया। सतगुरु जी ने बड़े ध्यान से सारी बात सुनी, फिर बचन किया कि बच्ची की माता उसे अपनी गोद में लेकर पांच मिनट प्रतिदिन नाम सिमरन करे और ऐसा लगातार चालीस दिन तक करे, वे सत्यवचन कहकर, सतगुरु जी को नमस्कार कर घर आ गए और उनकी बहु ने बताया की ऐसा उसने लगातार करना शुरू कर दिया और चालीस दिन के बाद बच्ची की हालत में सुधार आना शुरू हो गया और उसका  ग्रोथ (विकास) होना भी शुरू हो गया, बुखार आना भी धीरे-धीरे बंद हो गया। उसके बाद वे थोड़ा निश्चिंत हो गए और दुबारा टैस्ट कराने भी नहीं गए क्योंकि उन्हें अपने गुरु पर पूरा भरोसा था फिर भी उन्होंने सभी की तसल्ली करवाने के लिए लगभग दो साल बाद बच्ची का टैस्ट करवाने के लिए उसी डॉक्टर के पास दुबारा  गए तथा जब डॉक्टर ने टैस्ट कर लिए तो वे हैरान हो गए कि बच्ची बिल्कुल ठीक थी ,उसके दिल में कोई सुराख़ नहीं था। डॉक्टर के पूछने पर कि आपने कोई इलाज करवाया था, बच्ची नॉर्मल कैसे हो गई तो कुलदीप सिंह जी ने उन्हें सारी बात बताई कि कैसे सतगुरु जी की आज्ञा से, नाम जपने से उनकी बच्ची ठीक हो गई। गुरबाणी में भी लिखा है" सरब रोग का अउखदु नामु" पर जो इसे श्रद्धा से मानता है वही इसका लाभ प्राप्त कर सकता है, सतगुरु जी के बचनों को जीवन में श्रद्धापूर्वक अपनाकर ही खुशियाँ प्राप्त की जा सकती है। डॉक्टर ने उन्हें रिपोर्ट भी दिखाई और वे ख़ुशी-ख़ुशी घर वापिस आ गए। उन्होंने मुझे भी दोनों रिपोर्टे दिखाई पहली वाली और बाद वाली भी। मैं भी उनके बचन सुनकर धन्य हो गई। मेरे मुँह से केवल यही शब्द निकले ;धन्य सतगुरु जी और धन्य हैं उनके सिक्ख! जो श्रद्धा से उनके बताये मार्ग पर चलकर उनके कृपा-पात्र बन जाते हैं। जम्मू में रहने वाले कुलदीप सिंह जी ने मुझसे मुलाकात होने पर अपनी आपबीती वार्ता के बारे में बताया, उनके साथ उनका परिवार; उनकी पत्नी सुखविंदर कौर, बेटा करणबीर सिंह, बहु रजिन्दर कौर तथा उनकी पोती प्रेम कौर भी थे। उन्होंने बताया की जब उनकी पोती प्रेम कौर जब केवल दो महीने की ही थी तो वह बहुत बीमार रहती थी, उन्होंने उसे जम्मू के डॉक्टर सी.डी.गुप्ता से चेक करवाया तो उन्होंने बताया की आपकी पोती के दिल में सुराख़ है और इसका अभी कोई इलाज नहीं हो सकता, जब आपकी बच्ची पाँच साल की हो जाएगी तो एक नई तकनीक द्वारा, जिसमें पैर का मांस काट कर वहां लगा कर ऑपरेट किया जा सकता है या फिर धीरे-धीरे बड़े होने पर भर सकता है। सारे परिवार वाले बहुत निराश हुए और सोच में पड़ गए कि अब क्या किया जाये क्योंकि वो मासूम बच्ची दिल में सुराख़ होने की वजह से उसे बुखार भी अक्सर हो जाया करता था तथा उसके शरीर का उचित विकास भी नहीं हो रहा था।लेकिन निराशा और दुःख में तो केवल परमात्मा ही पुकार सुन सकते है उनकी भी पुकार सुनी गई और उन्हें अपने आराध्य गुरु, सतगुरु दलीप सिंह जी के दर्शन करने का मौका मिला, उन्होंने दर्शन करके सतगुरु जी के चरणों में विनती करके अपनी पोती की हालत के बारे में बताया। सतगुरु जी ने बड़े ध्यान से सारी बात सुनी, फिर बचन किया कि बच्ची की माता उसे अपनी गोद में लेकर पांच मिनट प्रतिदिन नाम सिमरन करे और ऐसा लगातार चालीस दिन तक करे, वे सत्यवचन कहकर, सतगुरु जी को नमस्कार कर घर आ गए और उनकी बहु ने बताया की ऐसा उसने लगातार करना शुरू कर दिया और चालीस दिन के बाद बच्ची की हालत में सुधार आना शुरू हो गया और उसका  ग्रोथ (विकास ) होना भी शुरू हो गया ,बुखार आना भी धीरे-धीरे बंद हो गया। उसके बाद वे थोड़ा निश्चिंत हो गए और दुबारा टैस्ट कराने भी नहीं गए क्योंकि उन्हें अपने गुरु पर पूरा भरोसा था फिर भी उन्होंने सभी की तसल्ली करवाने के लिए लगभग दो साल बाद बच्ची का टैस्ट करवाने के लिए उसी डॉक्टर के पास दुबारा  गए तथा जब डॉक्टर ने टैस्ट कर लिए तो वे हैरान हो गए कि बच्ची बिल्कुल ठीक थी, उसके दिल में कोई सुराख़ नहीं था। डॉक्टर के पूछने पर कि आपने कोई इलाज करवाया था , बच्ची नॉर्मल कैसे हो गई तो कुलदीप सिंह जी ने उन्हें सारी बात बताई कि कैसे सतगुरु जी की आज्ञा से, नाम जपने से उनकी बच्ची ठीक हो गई। गुरबाणी में भी लिखा है"सरब रोग का अउखदु नामु " पर जो इसे श्रद्धा से मानता है वही इसका लाभ प्राप्त कर सकता है, सतगुरु जी के बचनों को जीवन में श्रद्धापूर्वक अपनाकर ही खुशियाँ प्राप्त की जा सकती है। डॉक्टर ने उन्हें रिपोर्ट भी दिखाई और वे ख़ुशी-ख़ुशी घर वापिस आ गए। उन्होंने मुझे भी दोनों रिपोर्टे दिखाई पहली वाली और बाद वाली भी। मैं भी उनके बचन सुनकर धन्य हो गई। मेरे मुँह से केवल यही शब्द निकले ;धन्य सतगुरु जी और धन्य हैं उनके सिक्ख! जो श्रद्धा से उनके बताये मार्ग पर चलकर उनके कृपा-पात्र बन जाते हैं। 

मोदी जी के पाकिस्तान जाने के बाद भी हमले तेज़-INTUC

Fri, May 19, 2017 at 3:47 AM
डा. अग्रवाल ने किये भाजपा सरकार पर कई सवाल 

लुधियाना: 19 मई 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
पंजाब की सत्ता मिलते ही कांग्रेस और कांग्रेस से जुड़े संगठन पूरी तरह सक्रिय हो कर दिन रात एक कर रहे हैं। इन संगठनों में ही एक संगठन है इंटक का। कांग्रेस का यह ट्रेड यूनियन विंग जहां राज्य भर के मज़दूरों को इंटक से जोड़ रहा है वहीँ सियासी मोर्चे पर भी लोहा ले रहा है। सुविज्ञ सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस समर्थक मज़दूर संगठन इंटक के के तीन प्रमुख गुट हैं। इनमें से एक गुट दिनेश सुंदरियाल के नेतृत्व में सरगर्म है। इस गुट ने हाल ही में जहां बेलन ब्रिगेड प्रमुख अनीता शर्मा को अपने साथ जोड़ा वहीं वाम नेता मास्टर फ़िरोज़ को भी अपने साथ लाने में सफलता हासिल की। अब यह गुट उस काम में बाज़ी मार रहा है जिसमें कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस की राज्य सरकार भी पूरी तरह से मैदान में नहीं आ पायी। 
इस गट के प्रवक्ता डॉ प्रदीप अग्रवाल ने केंद्र सरकार के 3 साल पूरे होने पर मोदी सरकार  की तीखी आलोचना की है। डाक्टर अग्रवाल ने कहा कि पीएम मोदी ने हर साल 2 करोड़ नौकरी देने का वादा किया पर हालत यह है जिन नौजवानों के पास नौकरी है उन्हें निकाल दिया गया है।
साथ ही यह भी कहा कि कच्चे तेल की कीमत में लगातार कमी आने के बावजूद सरकार ने तेल पर टैक्स 70 फीसदी से बढ़ाकर 150 फीसदी कर दिया। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के तीन साल पूरे हो रहे हैं। इन तीन सालों में सरकार के कामकाज, नक्सल, बेरोजगारी, क्राइम आदि समस्याअों को लेकर ट्विटर पर  फेसबुक पर व्हाटसअप पर भी लोगो ने मोदी सरकार को घेरा है। इसके अलावा कांग्रेस ने भी मोदी सरकार को विफल करार दिया है। अग्रवाल ने कहा सांप्रदायिक सौहार्द्र, दलित सुरक्षा और भाईचारे के नुकसान का आरोप लगाया। उन्हीने कहा कि सरकार ने किसानों से किए वायदे भी पूरे नहीं किए। फसल बीमा योजना का वादा भी पूरा नहीं हुआ। फसल पर न्यूनतम समर्थन मूल्य का वादा भी पूरा नहीं किया गया।  डॉक्टर अग्रवाल ने कहा कि वो 15 लाख रुपये कहां हैं जो लोगों के खाते में आने वाले थे। गौरतलब है की अमित शाह इस वायदे को चुनावी जुमला करार दे चुके हैं। 

अग्रवाल ने यह भी कहा कि आज महिलाओं के खिलाफ क्राइम बढ़ता जा रहा है। आजाद भारत के बाद इतना क्राइम पहली बार हो रहा है बेरोजगारी तो लगातार बढ़ती जा रही है।  उन्होंने पूछा की क्या सब कुछ महंगा हो गया है या मैं गरीब हो गया हूं?  साथ ही यह सवाल भी दागा कि बीजेपी अपने 3 साल पूरे होने का जश्न मना रही है पर जनता के कल्याण के लिए इस सर्कार ने किया ही क्या है? डाक्टर अग्रवाल ने कहा कि  मोदी सरकार घरेलू व विदेशी हर मोर्चे पर बुरी तरह विफल रही है।  डाक्टर अग्रवाल ने यह सवाल कई बार दोहराया कि आखिर 3 साल में बीजेपी सरकार क्या किया है? डाक्टर अग्रवाल ने कहा की डॉ. मनमोहन सिंह कभी पाकिस्तान नहीं गये, मोदी जी के पाकिस्तान जाने के बाद भी हमले हो रहे हैं, क्या यही राष्ट्रवाद है? 

Monday, May 15, 2017

क्रान्तिकारी संगठनों ने मनाया अमर शहीद सुखदेव का जन्म दिन


शहीद सुखदेव के जन्म स्थान नौघरा में हुआ श्रद्धांजलि कार्याक्रम

लुधियाना:15 मई, 2017: (पंजाब स्क्रीन टीम):: Click to see More Pics on Facebook
नगर निगम के ए ज़ोन, माता रानी चौंक, चौड़ा बाजार और साथ लगते अन्य इलाकों में आज इंकलाबी नारों की गूंज थी। अम्र शहीद सुखदेव के जन्मदिन पर कुर्बानियों का इतिहास याद किया और कराया जा रहा था। सरकारी कार्यक्रम और पारिवारिक कार्यक्रम से अलग रहते हुए सक्रिय वाम संगठनों ने आज अपने अंदाज़ में शहीद का जन्मदिन मनाया। शहीद सुखदेव की जन्मस्थली नौघरा मौहल्ला में पहुंच कर इन संगठनों ने गीत संगीत के साथ साथ अपने भाषणों में भी अपनी विचारधारा को व्यक्त किया। गीत वही चुने गए थे जो आम जनता के हक की बात करते थे। Click to see More Pics on Facebook
लोक मोर्चा पंजाब के कस्तूरी लाल ने स्पष्ट किया कि हम यहां माथे टेकने नहीं बल्कि शहीदों के विचारों की चर्चा करने आए हैं। बाद में बोले वक्ताओं ने भी शहीदों के अधूरे सपनों की खुल कर चर्चा की। 

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शहीद सुखदेव के जन्म स्थान नौघरा मोहल्ला में बिगुल मज़दूर दस्ता, लोक मोर्चा पंजाब, और इंकलाबी केन्द्र पंजाब द्वारा संयुक्त तौर पर शहीद सुखदेव का जन्मदिन मनाया गया। घण्टा घर चौंक के नज़दीक नगर निगम कार्यालय से लेकर नौघरा मोहल्ला तक पैदल मार्च किया गया। शहीद सुखदेव की यादगार पर लोगों ने श्रद्धांजलि के फूल भेंट किए। इलाके में संगठनों द्वारा जारी एक पर्चा भी बाँटा गया। जगह-जगह नुक्कड़ सभाएँ की गई। इस अवसर पर बिगुल मज़दूर दस्ता की नेता बलजीत, लोक मोर्चा पंजाब के नेता कस्तूरी लाल और इंकलाबी केन्द्र पंजाब के नेता जसवंत जीरख ने अपने विचार पेश किए। मोल्डर एण्ड स्टील वर्कर्ज यूनियन के हरजिन्दर सिंह, इंकलाबी नौजवान विद्यार्थी मंच के हर्ष ने भी विचार पेश किए। मंच संचालन बिगुल मज़दूर दस्ता के राजविन्दर ने किया।
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वक्ताओं ने कहा कि उनके लिए शहीद सुखदेव को याद करना कोई रस्मपूर्ति नहीं है। क्रान्तिकारी शहीदों की कुर्बानियाँ मानवता की लूट, दमन, अन्याय के खिलाफ़ जूझने वालों के लिए हमेशा से प्रेरणा का स्रोत रही हैं। उन्होंने कहा शहीद सुखदेव और उनके साथी सिर्फ अंग्रेज हकूमत से आजादी के लिए नहीं लड़ रहे थे। शहीद सुखदेव व उनके साथियों के विचारों के जितने बड़े दुश्मन अंग्रेज हाकिम थे, उतने ही बड़े दुश्मन भारतीय हाकिम भी हैं। अपनी फाँसी से तीन दिन पहले पंजाब के गवर्नर को लिखे खत में सुखदेव, भगतसिंह और राजगुरु ने लिखा था - ''... युद्ध छिड़ा हुआ है यह लड़ाई तब तक चलती रहेगी जब तक कि शक्तिशाली व्यक्तियों ने भारतीय जनता और श्रमिकों की आय के साधनों पर अपना एकाधिकार कर रखा है। चाहे ऐसे व्यक्ति अंग्रेज पूँजीपति या सर्वथा भारतीय ही हों या दोनों मिले हुए...इस स्थिति में कोई फर्क नहीं पड़ता।''
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वक्ताओं ने कहा कि सुखदेव का यह स्पष्ट मानना था कि सिर्फ अंग्रेजी गुलामी से मुक्ति से ही मेहनतकशों की जिन्दगी बेहतर नहीं हो जाएगी, कि जब तक समाज के समूचे स्रोत-संसाधनों पर मेहनतकश लोगों का कब्जा नहीं हो जाता तब तक जनता बदहाल ही रहेगी। वे समाज के स्रोत-साधनों पर चंद धन्नाढ्यों का कब्जा नहीं चाहते थे बल्कि उनकी लड़ाई तो समाजवादी व्यवस्था कायम करने के लिए थी। सुखदेव ने लिखा था- ''हिन्दुस्तानी सोशियलिस्ट रिपब्लिकन पार्टी के नाम से ही पता साफ पता चलता है कि क्रान्तिवादियों का आदर्श समाज-सत्तावादी प्रजातंत्र की स्थापना करना है।''
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वक्ताओं ने शहीद सुखदेव को धर्म, जाति, बिरादरी, क्षेत्र आदि से जोड़कर उनकी कुर्बानी के महत्व को घटाने व उनके विचारों पर्दा डालने की जाने-अनजाने में हो रही कोशिशें का विरोध करते हुए कहा कि उनकी लड़ाई तो समूची मानवता को हर तरह की आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक गुलामी, लूट, दमन, अन्याय से मुक्त करने की थी। मेहतनकश लोगों का गरीबी-बदहाली, बेरोज़गारी से छुटकारा धर्मों, जातियों, क्षेत्रों आदि के भेद मिटाकर एकजुट होकर लुटेरे हाकिमों के खिलाफ क्रान्तिकारी वर्ग संघर्ष के जरिए ही हो सकता है।   Click to see More Pics on Facebook
वक्ताओं ने कहा कि अमीरी-गरीबी की बढ़ती खाई, बेरोजगारी, इलाज योग्य बीमारियों से भी मौतें, बाल मज़दूरी, स्त्रियों के विरुद्ध बढ़ते अपराध, गरीबों की शिक्षा से बढ़ती दूरी, वोटों के लिए लोगों को धर्म-जाति आधारित साम्प्रदायिकता की आग में झोंक देने की तेज़ हो रही घिनौनी साजिशें, कदम-कदम पर साधारण जनता पर बढ़ता जा रहा ज़ोर-जुल्म-यही वो आज़ादी है जिसके गुणगान देश के हाकिम पिछले 70 वर्षों से करते आएँ हैं। देशी-विदेशी धन्नासेठ मालामाल हैं, लेकिन लोग कंगाल हैं। गरीबी-बदहाली के महासागर में अमीरी के कुछ टापू- यही है आज़ाद भारत की भयानक तस्वीर। जनता के हकों के लिए संघर्षशील लोगों को देशद्रोही करार देकर दमन किया जा रहा है। जब से केन्द्र में मोदी सरकार बनी है तबसे जनाधिकारों पर हमला और भी तेज़ हो गया है। उन्होंने कहा कि शहीद सुखदेव और उनके साथियों के सपनों का समाज बनना अभी बाकी है। उन्होंने शहीद सुखदेव के जन्मदिन पर इंकलाबी शहीदों की सोच अपनाने व फैलाने का प्रण करने व उनके सपनों के समाज के निर्माण की ज़ोरदार तैयारी में जुट जाने का आह्वान किया।