Thursday, October 13, 2016

देश भर में ज़ोरदार रहा इप्टा पर हमले का विरोध

अभिव्यक्ति की आज़ादी के लिए इप्टा के  आए बहुत से संगठन 
दिल्ली//लुधियाना//इंदौर: 13 अक्टूबर 2016: (रेक्टर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):  
हमला करने वालों ने सोचा होगा बस थोड़ी सी गुंडागर्दी और इप्टा खत्म। जो लोग बचेंगे उन के दिलों में भी हमारी दहशत। फिर डरे हुए कलाकार करेंगे हमारे फाशी  इरादों की प्रशंसा। पर हमला उल्टा पड़ा। इप्टा के साथ जुड़े हुए लोग भी एक बार फिर एकजुट हो गए और जो नहीं जुड़े थे वे भी इप्टा के समर्थन में आ गए। जम्मु, रांची, भिलाई, आगरा, दिल्ली, इंदौर और आंध्रप्रदेश में कलाकारों ने अपनी  कवितायों और गीतों से बुलन्द की फाशीवाद की गुंडागर्दी के खिलाफ आवाज़। 
दिल्ली में कर्यक्रम हुआ शाम चार बजे। जन समर्थक कला संगठन अभिव्यक्ति  के हक में खुल कर आए। इनमें इप्टा दिल्ली के साथ साथ जन नाटय मंच, जनवादी लेखक संघ, जुम्बिश आर्टस, निशांत नाटय मंच, मजमा, खिलौना, प्रोग्रेसिव राईटर्स एसोसिएशन  सहित बहुत से संगठन और मंच इस मकसद के लिए एकजुट हुए। 
इसी तरह आगरा में भी इप्टा के हक में कलाकार खुलकर आगे आए। आगरा और आसपास के  क्षेत्रों से जुड़े लोग अपने सभी काम छोड़ कर इस विरोध दिवस में शामिल हुए। अभिव्यक्ति की आज़ादी पर मंडराते खतरे के खिलाफ हर सच्चे कलाकार ने आवाज़ बुलन्द की। यहाँ भी भाषण थे, कविता थी, संगीत था और संकल्प का सागर। गुंडागर्दी के खिलाफ कलम ने मोर्चा सम्भाला। 
इंदौर वह जगह है जहाँ इस खतरे ने खुलकर अपना चेहरा दिखाया। इंदौर में भी कला और संस्कृति के क्षेत्रों सक्रिय लोग बढ़ चढ़ कर आगे आए। कलाकारों ने हमले के उस काले दिन चर्चा की। इसके जवाब में लगे इंक़लाब ज़िंदाबाद के नारे की चर्चा की और  जता दिया कि हम इस तरह के हमलों से डरने वाले नहीं।  साबित किया कि आम साधारण लोगों से जुड़े संगठन इस तरह डरा नहीं करते।  वे इस  तरह  कायरतापूर्ण हमलों से और मज़बूत होकर निकलते हैं। 
जम्मू में भी गूंजी इप्टा की आवाज़: युद्ध और अशांति जैसा माहौल होने के बावजूद यहाँ भी इप्टा के हक में ज़ोरदार आवाज़ गूंजी। कलाकार खुल कर सामने आए और इप्टा पर  हुए हमले का खुलकर विरोध किया। इस विरोध के बहाने दूर दूर रहने वाले कलाकार भी एक दुसरे के नज़दीक आए। देश विदेश का हर कलाकार सिद्धांत सूत्र में बंधा महसूस हुआ। इस विरोध दिवस से अहसास हुआ कि  कितनी प्यारी है हर कलाकार को अभिव्यक्ति की आज़ादी।  

Wednesday, October 12, 2016

यौमे आशूरा का दिन बड़ी ही बरकतों और रहमतों वाला है

Wed, Oct 12, 2016 at 3:52 PM

जो कौमे अपने शहीदों को भूल जाती हैं, उनका बजूद खत्म हो जाता है 
शाही इमाम पंजाब ने की आयोजन की अध्यक्षता 

लुधियाना: 12 अक्तूबर 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):


आज यहां पंजाब की इतिहासिक जामा मस्जिद लुधियाना में  10 मुर्हरम यौमे आशूरा के मौके पर एक धार्मिक समारोह का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब-उर-रहमान सानी लुधियानवी ने की। समारोह की शुरूआत करते हुए कारी मोहतरम साहिब ने पवित्र कुरान शरीफ की तिलावत की और गुलाम हसन कैसर, हस्सान नसीरावादी ने अपना नातिया कलाम पेश किया। 

इस मौके पर पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने मुसलमानों के भारी जनसमूह को संबेाधित करते हुए कहा कि करबला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन शहीद (रजि.) ने इनसानियत को जालिमों के खिलाफ हक की आवाज बुलंद करने का वो सबक दिया है जिसे रहती दुनिया तक याद किया जाता रहेगा। 
शाही इमाम ने कहा कि आज आशूरा का दिन बड़ी ही बरकतों और रहमतों वाला दिन है। उन्होंने कहा कि आज के दिन रोजा रखना अल्लाह के रसूल हजरत मुहम्मद साहिब (स.) की सुन्नत है। उन्होंने कहा कि आज का दिन हमें ज्यादा से ज्यादा इबादत में लगाना चाहिए। शाही इमाम ने कहा कि जो लोग यह समझते हैं कि सिर्फ दान देकर वह रब को राजी करना चाहते हैं तो वह गलत सोचते हैं। दान देने से पहले अपने कर्म अल्लाह के हुकम अनुसार करने होंगे। 
शाही इमाम पंजाब ने कहा कि यौमे आशूरा के दिन ही अल्लाह पाक ने जमीन, आसमान, हवा, पानी, इंसान और हर चीज को बनाया और 10 मुहर्रम यौमे आशूरा के दिन ही कयामत आयेगी। शाही इमाम ने कहा कि आज के दिन हमें अपने घरवालों पर दिल खोलकर खर्च करना चाहिए और इस दिन गरीबों की मदद भी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भी मुसलमान किसी यतीम को अच्छा खाना खिलाता है, अच्छे कपड़े पहनाता है और बाद में उसी यतीम के सिर पर प्यार से हाथ फेरता है तो जितने भी बाल उस हाथ के नीचे से निकलेंगे अल्लाह पाक उसको हर बाल के बदले में नेकियां देते हैं। 
उन्होंने कहा कि करबला के मैदान में जो कुछ भी हुआ, उससे नौजवान नस्ल को सबक लेना चाहिए। शाही इमाम ने कहा कि हमारे बच्चों को यह जानकारी होनी चाहिए कि इस्लाम धर्म के लिए हजरत इमाम हुसैन (रजि.) ने कैसी-कैसी कुर्बानियां दी हैं। उन्होंने कहा कि जो कौमे अपने शहीदों को भूल जाया करती हैं, उनका बजूद खत्म हो जाया करता है। शाही इमाम ने कहा कि मुसलमान इस बात को अच्छी तरह समझ लें कि करबला के शहीदों की कुर्बानियों को कभी भी भूलाया नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन (रजि.) का दर्जा बहुत बड़ा है इमाम हुसैन (रजि.) हजरत मुहम्मद साहिब (स.) के नवासे हैं और हजरत मुहम्मद साहिब (स.) को इनसे बहुत प्यार था। उन्होंने कहा कि शहीद सब के होते, वो कौम का सरमाया होते हैं, उन्हें बांटा नहीं जा सकता। शाही इमाम मौलाना हबीब-उर-रहमान ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन (रजि.) ने करबला के मैदान से जो शिक्षा हमें दी है, उस पर अमल करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हक की आवाज बुलंद करने वाले, जालिमों के खिलाफ आवाज उठाने वाले ही इमाम हुसैन (रजि.) के सच्चे आशिक हैं। 
शाही इमाम ने कहा कि आज यौमे आशूरा का दिन जहां हमें हजरत इमाम हुसैन (रजि.) की कर्बुानियों से सबक देता है, वहीं अपने देश के प्रति भी कुर्बानी देने की प्रेरणा देता है। इस मौके पर शाही इमाम पंजाब ने देश में आपसी भाईचारे और अमन शांति के लिए दुआ भी करवाई।
इस मौके कारी अलताफ-उर-रहमान लुधियानवी, कारी मुहम्मद मौहतरम सहारनपुरी, मौलाना अतीक-उर-रहमान फैजाबादी, नायब शाही इमाम पंजाब मौलाना उसमान रहमानी, मुफ्ती मुहम्मद जमालुद्दीन, मौलाना कारी मुहम्मद इब्राहिम, अंजुम असगर, तनवीर खान, शाकिर आलम, मुहम्मद खालिद, परवेज आलम व शाही इमाम के सचिव मुहम्मद मुस्तकीम आदि विशेष रूप से उपस्थित थे।

हम नहीं तो कौन रोकेगा भ्रष्टाचार को--एडवोकेट श्रीपाल शर्मा

Wed, Oct 12, 2016 at 12:44 PM
सूचनाधिकार लागू हुए हो गए 11 वर्ष रिश्वत व कमीशन आज भी जारी 
लुधियाना: 12 अक्टूबर 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
भारत में 12 अक्तूबर को  सूचनाधिकार को लागू हुए 11 वर्ष हो गए है लेकिन आज भी आम जनता  इस अधिकार का प्रयोग बखूबी नही कर पा रही  है जिस कारण सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा और  खत्म होने का नाम नही ले रहा है। 
आर टी आई एंड ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट संस्था के अध्यक्ष श्रीपाल शर्मा एडवोकेट ने एक ब्यान में बताया कि जब तक जन साधारण लोग आर टी आई कानून को नही अपनाएंगे तब तक समाज में सुधार संभव नही होगा। सरकारी हस्पतालों में, सरकारी स्कूलों में सरकारी दफ्तरों में जनता के टैक्स का रुपया बिना सही  योजना  व रोक टोक के अफसरशाही की जेबों में जा रहा है उन्हें कोई पूछने वाला नही है। 
नगर निगम शहर में सीवरेज, सडक़े, पार्क, पीने का पानी, लाइट आदि का कार्य करता है। जनता से हाउस, पानी, सीवरेज आदि टैक्स लेता है लेकिन शहर की बुरी हालत किसी से छुपी नही है और सभी विभागों में नगर निगम पहले नंबर पर भ्रष्टाचार व बेईमानी वाला विभाग है। यहां पर  हर अफसर रिश्वत व कमीशन लेकर काम करता है दूसरी तरफ  सिविल सर्जन विभाग भी किसी से कम  नही है यहां के अफसर भी लोगों की जिंदगी से सरेआम खिलवाड़ करते है ये खाने पीने की वस्तुओं के सैंपल तो हर साल लेते है लेकिन किस हलवाई पर क्या कारवाई हुई इसका ब्यौरा बाद में जनता को कभी नही मिलता। दूध व मिठाइयों में, हल्दी मिर्च मसालों में मिलावट, नकली दवाइयां शहर में आम बिक रही है लेकिन स्वास्थ्य विभाग अपनी रिश्वत व कमीशन लेकर आराम कर रहा है।
एडवोकेट श्रीपाल शर्मा ने कहा कि जब तक हर गली मुहल्ले गांव के लोग कलम पकड़ कर इन बेईमान अफसरों से उनके कार्य का लेखा जोखा आर टी आई के तहत नही पूछते तब तक लोगो के टैक्स का रुपया यू ही इन अफसरों की जेबो में जाता रहेगा। आज देश में कुछ लोग ही आर टी आई कानून का सहारा लेकर अफसरों को उनके कार्यों का एहसास करा रहे है। आज 11 वर्ष हो गए है सूचनाधिकार लागू हुए लेकिन कोई भी व्यक्ति समाज हित के लिए आर टी आई लगा कर अफसरों से उनके कार्यो का हिसाब किताब नही पूछ रहा। यही कारण है कि अफसरशाही आज भी बिना रोक टोक रिश्वत व कमीशन खा रही है और हम लोग चुपचाप अपने टैक्स का रुपया लूटते देख रहे हैं। 

Monday, October 10, 2016

केन्द्र सरकार शरीयत में दखलअंदाजी की कोशिश न करे

मुस्लमान किसी भी काले कानून को नहीं मानेगे : शाही इमाम पंजाब
लुधियाना: 10 अक्तूबर 2016:  (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो): 
आज यहां मजलिस अहरार इस्लाम हिंद के कार्यलय जामा मस्जिद लुधियाना में मीटिंग से संबोधित करते हुए पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने दो-टूक कहा कि केन्द्र सरकार शरीयत में दखल अंदाजी की कोशिश न करे। क्योंकि मुसलमान अपने धर्म में हस्तक्षेप करने वाले किसी भी कानून को नहीं मानेगा। शाही इमाम ने कहा कि सुप्रीमकोर्ट ने मुस्लिम पर्सनल ला के विषय में हो रही सुनवाई के दौरान केन्द्र सरकार की ओर से दायर किया गया जवाब भारत के 26 करोड़ मुसलमानों की भावनाओं के खिलाफ है। मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि भारत का सविधान प्रत्येक भारतीय को अपने धर्म के मुताबिक जीवन व्यतीत करने का अधिकार देता है और केन्द्र सरकार संविधान के इस भाग को भूल चुकी है। शाही इमाम ने कहा कि मुसलमानों को अपने शादी-विवाह और तलाक के विषय में किसी सरकारी सुझाव की जरूरत नहीं। उन्होनें कहा कि कुरआन शरीफ में अल्लाह ताआला ने एक मुक्म्मल दस्तूर हमें दिया जो कि हर लिहाज से पूरा है। शाही इमाम ने कहा कि कुछ लोग मुस्लिम पर्सनल ला को लेकर सियासी रोटियां सेकने में लगे है, ऐसे लोगों ने दरअसल कुरआन को पढ़ा ही नहीं है। कुरआन शरीफ में मर्द के साथ-साथ औरत को भी पूर्ण हक दिए है। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि मोदी सरकार को चाहिए कि वह धर्म के नाम राजनीति करना छोड़े और विकास की ओर ध्यान दें। लोगो को अमन-शांति, भाईचारे और अच्छे दिनों की जरूरत है ना कि मन की बातें करके जनता का ध्यान भटकाएं। शाही इमाम पंजाब ने कहा कि भारत के सभी मुसलमान अपने अधिकारों के लिए एकजुट है, वह किसी भी काले कानून को नहीं मानेगें। शाही इमाम ने कहा कि केन्द्र सरकार में बैठे मुस्लिम प्रतिनिधियों का चाहिए कि वह चमचागिरी छोड़े और सरकार को मुसलमानों की भावनाओं से अवगत करवाए। उन्होनें कहा कि मुस्लिम पर्सनल ला को लेकर अगर जरूरत हुई तो दिल्ली में भारत की सभी मुस्लिम संस्थाएं एक-जुट होकर सरकार के सामने अपनी बात रखेगी। एक प्रशन का उत्तर देते हुए शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि शरीयत मुसलमानों की रूह है और दुनिया की कोई भी ताकत उसे बदल नहीं सकती।
फोटो कैप्शन- शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी।