Thursday, April 17, 2014

1984 दंगे--जगदीश टाइटलर केस

श्री एच. एस. फूल्का दिल्ली उच्च न्यायलय में उपस्थित हुए
नयी दिल्ली 17 अप्रैल 2014: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
1984 दंगों के मुकदमे में जगदीश टाइटलर आज दिल्ली उच्च न्यायलय के माननीय न्यायाधीश श्री वी. पी. वैश के समक्ष उपस्थित हुए। श्री एच्. एस. फूल्का विशेष रूप से लुधियाना से इस मामले के लिए दिल्ली पहुंचे। कुछ हफ़्तों पहले, अकाली दल ने यह अफवाह उड़ाई थी कि श्री फूल्का जी ने टाइटलर केस से अपना हाथ पीछे खीच लिया है। हालांकि, आज श्री फूल्का जी इस अनिर्णीत केस में उपस्थित हुए एवं माननीय न्यायाधीश श्री वैश से इस मामले में २९ मई तक का स्थगनकाल लिया, क्यूंकि इस केस में लम्बे समय तक चलने वाली बहस कई घंटों तक खीच सकती है। 
एक अन्य १९८४ सिख दंगों का केस दिल्ली उच्च न्यायलय के कोर्ट न. ३३ में सूचीबद्ध था। इस केस में बलवान कोखर, सज्जन कुमार के सह-अभियुक्त ने अंतरिम जमानत कि याचिका दायर कि थी। श्री फूल्का इस केस में भी उपस्थित थे एवं यह मामला भी स्थगनकाल में डाल दिया गया है। अतः श्री फूल्का आज इन दोनों मुकदमों में उपस्थित थे और बहस भी की। राजनीति में प्रवेश करने के साथ उन्होंने अपने जीवन का लक्ष्य नहीं बदला है। 

अजनाला कुँए का मामला:कोछड़ के अतिरिक्त नहीं पहुँची कोई और रिपोर्ट

19 अप्रैल को अजनाला पहुँचेगीं पुरातत्व विभाग व विशेषज्ञों की टीमें
अमृतसर; 17 अप्रैल 2014:  (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो//तस्वीरें-गजिंदर सिंह किंग):
मीडिया से बात  करते
 इतिहासकार श्री सुरेंद्र कोछड़
अजनाला के कुँए में 157 वर्षों से दफन राष्ट्रीय विद्रोह के सैनिकों की निकाली गईं अस्थियां तथा वहां बनाए जाने वाले स्मारक के संबंध में पंजाब सरकार द्धारा  बनाई पाँच स्दसीय सलाहकार कमेटी के सदस्यों में से नियत किए दिन तक मात्र इतिहासकार एवं शोधकर्ता श्री सुरेंद्र कोछड़ ने ही अपनी रिपोर्ट जमा कराई है। बुधवार दोपहर पंजाब सचिवालय चंडीगढ़ में प्रिंसीपल सचिव (होम) श्री एस.एस. चन्नी की अध्यक्षता में हुई सलाहकार कमेटी के सदस्यों तथा विशेषज्ञों की मीटिंग के बाद यह उक्त जानकारी दी गई। मीटिंग की कार्रवाई के संबंध में कल्चरल, पुरातत्व एवं म्यूजीयम विभाग पंजाब के डायरैक्टर स. नवजोत सिंह रंधावा ने बताया कि सलाहकार कमेटी के सदस्यों डॉ. जसपाल सिंह (उप-कुलपति पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला), इतिहासकार प्रीथपाल सिंह, प्रो. हरीश शर्मा, इतिहासकार श्री सुरेंद्र कोछड़, प्रो. मुज्जफर आलम (जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली) तथा आर्कोलॉजी सर्वे ऑफ इंडिया को पंजाब सरकार द्वारा 11 मार्च को पत्र न. 2139-2144 जारी करके अजनाला के कुँए के संबंध में अपनी रिपोर्ट 30 मार्च तक जमा कराने के आदेश दिए थे। श्री कोछड़ के अतिरिक्त किसी अन्य की रिपोर्ट न प्राप्त होने पर यह समय अवधि बढ़ाकर 15 अप्रैल तक कर दी गई थी। श्री रंधावा ने कहा कि उक्त कुँए की खोज करके उसमें से सन् 1857 के राष्ट्रीय विद्रोह के सैनीकों की अस्थियां निकालवाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले इतिहासकार श्री कोछड़ ने अपनी तैयार की रिपोर्ट कमेटी के चेयरमैन तथा मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल को 26 मार्च को ही सौंप दी, जबकि शेष कोई भी सदस्य नियत दिन तक अपनी रिपोर्ट जमा नहीं करा सका। उन्होंने कहा कि शेष इतिहासकारों ने रिपोर्ट पूरी करने के लिए पंजाब सरकार से अब और अत्याधिक समय मांगा है।
19 अप्रैल को अजनाला पहुँचेगीं पुरातत्व विभाग व विशेषज्ञों की टीमें
प्रिंसीपल सचिव श्री एस.एस. चन्नी ने मीटिंग में सलाहकार कमेटी, विशेषज्ञों तथा अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में स्मारक तथा कुँए में से निकली अस्थियों के रख-रखाव व अन्य जाँच के लिए 19 अप्रैल को अजनाला में पुरातत्व विभाग के माहिरों के साथ अस्थियों की जाँच करने में माहिरों की एक टीम को भेजने का निर्णय लिया है। श्री कोछड़ ने अंर्तरार्ष्टीय स्तर तक पहुँच चुके अजनाला के शहीदी कुँए के उक्त मामले में राज्य व केंद्र सरकार की कारगुजारी के प्रति नराज़गी प्रक्ट करते हुए कहा था कि कुँए में से निकली अस्थियों तथा मिट्टी की अभी तक न तो कोई जाँच ही करवाई गई है और न ही अस्थियों को सरक्षंण देने के लिए पुरातत्व विभाग ने ही कोई पहल की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि विशेषज्ञों द्वारा अस्थियों का रख-रखाव न रखे जाने के कारण कुँए में से साबुत निकाली गई अस्थियां तथा खोपरियां भुरनी शुरू हो गई हैं और अगर भविष्य में इन अस्थियों को कोई बड़ा नुकसान पहुँचता है अथवा इनकी प्रमाणिकता को लेकर कोई विवाद खड़ा होता है, तो उसकी जवाबदेह केंद्र तथा राज्य सरकार होगी।
अलग से डिब्बी में लगाने के लिए
इंडीयन वर्कज़ ऐसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन) को भी दी जानकारी
इंडीयन वर्कज़ ऐसोसिएशन, ग्रेट ब्रिटेन तथा शहीद ऊधम सिंह वेलफेयर ट्रस्ट, ब्रिमिंगम की मांग पर भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार को 26 मार्च को पत्र न. डी.डी. न. 4/16012/08/2014-सी.एस.आर.-2 जारी करके सलाहकार कमेटी से अजनाला के उक्त कुँए के संबंध में जानकारी मंगवाई थी, तांकि ब्रिटिश सरकार से उक्त सैनिकों की पहचान पता करने तथा इस नरसंहार के लिए मौजूदा ब्रिटिश सरकार से माफी मंगवाई जा सके। इस संबंध में श्री कोछड़ ने उक्त कुँए की पृष्ठ-भूमि तथा सन् 1857 के उक्त हिंदूस्तानी सिपाहियों के साथ हुए अमानविय वर्ताव तथा कुँए की खुदाई के पैदा हुई मौजूदा स्थिति की सारी जानकारी तस्वीरों सहित उक्त संस्थायों सहित कल्चरल, पुरातत्व एवं म्यूजीयम विभाग पंजाब को भेज दी है। 

Wednesday, April 16, 2014

जुर्म: शिकायतकर्ता ही हट जाते हैं शिकायत से पीछे

लूट की शिकायत करने वालों ने कहा मिल गए हैं उनके पैसे 
लुधियाना: 16 अप्रैल 2014: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
जुर्म की घटनायों में वृद्धि लगातार जारी है। लोग पुलिस के पास शिकायत भी करते हैं लेकिन जाँच पड़ताल का काम शुरू होते ही अधिकतर लोग पीछे हट जाते हैं। इस तरह का नया मामला एक लूट के संबंध में भी सामने आया। किसी लुटेरा गिरोह के सदस्यों ने हरगोबिंद नगर इलाके में मंगलवार की देर रात लुटेरों ने एक घर में घुसकर महिला पर हमला कर दिया और तीन लाख रुपये व दस तोला सोने के जेवरात लेकर फरार हो गए। इस सारी घटना का पता तब चला जब हमले में घायल महिला को होश आया और उसने शोर मचाया। लूट की घटना का पता चलने पर थाना डिवीजन नंबर 6 की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। इस  इलाके में सनसनी फ़ैल गई। 
इस संबंध में घटना का शिकार हुए हरजीत सिंह ने बताया कि उनका हौज़री का काम है। उनका बेटा कुछ दिनों से बीमार था और मंगलवार को ही उसे अस्पताल से छुट्टी मिली थी। इसी बीच मंगलवार देर रात को उनके घर में लुटेरे घुस आए। इत्तफ़ाक़ से इसी दौरान उनकी पत्नी हरप्रीत कौर बाथरूम जाने के लिए उठी थी। हरप्रीत ने लुटेरों को देख लिया तो लुटेरों ने उसके सिर पर किसी हथियार से वार कर दिया जिसके बाद वह वहीं गिर पड़ी और बेहोश हो गई। उसके बेहोश होते ही लुटेरे पूरी तरह से निश्चिन्त हो गए होंगें। प्राप्त विवरण के मुताबिक इसके बाद लुटेरों ने घर में पड़ी तीन लाख की नगदी व जेवरात उड़ा लिए और फरार हो गए। इस बीच बेहोश पड़ी हरप्रीत होश में आई तो उसने शोर मचा दिया। जिस पर हरप्रीत का पति और घर की ऊपरी मंजिल पर रहने वाले किरायेदार जागे। घर के अंदर सामान बिखरा पड़ा था। इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने सरे मामले की पड़ताल भी शुरू कर दी। इसके बी आड़ ही घटना में नाटकीय मोड़ आया। थाना डिवीजन नंबर 6 के एसएचओ संदीप वढेरा के अनुसार सुबह हरजीत सिंह ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर शिकायत की थी। मगर उसके बाद कोई बयान दर्ज कराने नहीं आया। शाम होने पर उन लोगों ने लिखकर दे दिया कि उनके पैसे मिल गए हैं। बहरहाल, पूरे मामले की जांच की जा रही है। अब देखना है कि हकीकत कब सामने आती है। लूट की वारदात फ़र्ज़ी थी या फिर लूट का शिकार हुए लोग किसी दबाव, घबराहट या झमेले के डर से पीछे हट गए। 

Tuesday, April 15, 2014

धर्मकर्म: श्री अर्धनागेश्वर एवं शिव परिवार का मूर्ती स्थापना दिवस

 बलदेव गुप्ता कोयले वाले करेंगे पूजा और मूर्ती स्थापना

लुधियाना: 17 अप्रैल 2014: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो): 
लुधियाना में धर्म कर्म के आयोजनों में तेज़ी जारी है। कहीं मूर्ति स्थापना, कहीं लंगर, कहीं भजन संध्या और कहीं कलश स्थापना।  कथा और कीर्तन से एक बार फिर पूरे माहौल को धार्मिक रंग में रंगने के प्रयास जोरों पर हैं। महंत कृष्ण बावा और महंत गौरव बावा के कृपा पूर्ण प्रयासों  से

लुधियाना में प्राचीन हनुमान मंदिर ठाकुर द्धारा नौहरिया की तरफ से एक शानदार आयोजन 20 अप्रैल को किया जा रहा है।  इस शुभ अवसर पर श्री अर्धनागेश्वर एवं शिव परिवार का मूर्ती स्थापना दिवस  धूमधाम से होगा। इस में श्री गणेश जी, पार्वती जी और नंदी जी की भव्य मूर्तियां स्थापित कीं जाएंगी।  इस  मौके पर श्री बलदेव गुप्ता कोयले वाले मूर्ती स्थापना और पूजा अर्चना करेंगे। पूजा और मूर्ती स्थापना सुबह 9 बजे होगी जबकि भंडारा दोपहर को 12 बजे होगा। मंदिर प्रबंधकों ने सभी भक्तों को इस अवसर पर प्रेम से निमंत्रित किया है। शिव परिवार का गुणगान पूरी श्रद्धा से होगा। प्रबंधन कमेटी ने याद दिलाया है कि शिव परिवार का गुणगान करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।  को लेकर भक्तों में बहुत उत्साह है। 

श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर में कलश स्थापना 

लुधियाना: श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर (निजानन्द धाम) सभा के  तत्वविधान में 18 से 20 अप्रैल 2014 तक कलस स्थापना के लिए एक विशेष आयोजन हो रहा है। इसके साथ ही परमहंस बाबा दया राम स्मृति महोत्स्व भी होगा। गौरतलब है कि यह मंदिर गिल नहर के साथ साथ दोराहा रोड पर पाम एन्क्लेव, सिधवां केनाल बाईपास, लुधियाना में सुशोभित है। दिनांक 18 अप्रैल शुक्रवार को श्री श्री 108 महाराज जी जगत राज जी के करकमलों द्धारा अखंड परायणों का शुभरंभ होगा जबकि पूर्णाहूति 20 अप्रैल 2014 को प्रात 11 बजे होगी।इसके बाद 12 बजे कलश स्थापना होगी और 12 बजे से बाद दोपहर 2 बजे तक महाराज श्री जी के प्रवचन होंगें। भजन कीर्तन भी होगा और दोपहर 2 बजे भण्डारा भी होगा जिसमें महाराज की कृपा से प्रसाद का अटूट वितरण होगा। संगत बहुत दूर दूर से आएगी इस लिए अपना स्थान समय पर ग्रहण करें।  

Sunday, April 13, 2014

पंजाब में भी छाया केजरीवाल का जादू

जगह जगह हुए गर्मजोशी से स्वागत-सड़कों पर जुटी लाखों की भीड़
लुधियाना, अप्रैल 13, 2014: (रेक्टर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):
लगता है दिल्ली और देश के अन्य भागों की तरह अब पंजाब में भी केजरीवाल का जादू छाने लगा है। लोग सैलाब की तरह केजरीवाल की एक झलक पाने के लिए उमड़े आये। गर्मी के इस मौसम में साईकल कई कई किलोमीटर पैदल चल कर तो कई साईकल पर सवार होकर केजरीवाल की एक झलक पाने चले आये।  इनमें बच्चे भी थे और बज़ुर्ग भी। यूं लगता था जैसे लुधियाना की सड़कों पर जनता का सागर लहरा रहा हो जो अपने विरोध में आई हर चीज़ को बहा ले जायेगा। इस रोड शो के सामने बड़े बड़े स्टार प्रचारक फीके पड़ते नज़र आये। "नायक" फिल्म का वह सीन जिसमें हार पकड़ कर रास्ते में बैठा एक अपाहिज बच्चा बहुत मुश्किल ज़रा सा खिसकता है और हार उठा कर अनिल कपूर से कहता है कि यह देश भी मेरी तरह लंगड़ा हो गया है इसे उठा कर चला दीजिये। वह सीन लुधियाना में अलग अलग रूप लेकर बार बार साकार होता नज़र आया। और तो और पल के ऊपर से गुज़रे तो नीचे बने चतर सिंह पार्क में जमा सीटू कार्यकर्तायों ने केजरीवाल को कामरेड अरविन्द ख कर अभिवादन किया और नीचे उनके दरम्यान आने को भी ही कहा। जवाब में केजरीवाल केवल मुकराये और आगे बढ़ गए लेकिन इस मुस्कराहट में बहुत कुछ था जो समय आने पर सामने आएगा।
गौरतलब है कि लुधियाना से लोक सभा प्रत्याशी श्री फुलका ने लुधियाना में विशाल रोड शो का आयोजन किया, जिसमें लगभग दो लाख की संख्या में लोक उपस्थित हुए और श्री अरविंद केजरीवाल का लुधियाना में स्वागत किया। श्री केजरीवाल एवं श्री फुलका से मिलने के लिए इतनी तादाद में भीड उमड आई कि रोड शो का आगे बढना बहुत मुश्किल हो गया था।
यह रोड शो 25 स्टाप पर रुका। हर एक स्टाप पर हजारो की तादाद में लोग एकत्रित हुए। ना केवल सदस्य और स्वयंसेवक वहां पर मौजूद थे किंतु लोग अपनी दुकानों और घरों से दौडते हुए केजरीवाल जी से मिलने को आए।
श्री केजरीवाल लोगों का प्यार और समर्थन देख कर बहुत खुश हुए और पूरे रोड शो के उपरांत उन्होनें सभी से हाथ मिलाया एवं फूलों की मालाऐं और सिरोपे भी स्वीकार किए। कुछ सर्मथक श्री केजरीवाल जी से मिलकर इतने प्रसन्न हुए कि उनकी आंखों से भावुकता में अश्रुधारा बह निकली।
औरतों और बच्चों की प्रतिक्रिया अपरिहार्य थी। बहुत से बच्चे श्री केजरीवाल जी की जीप पर चढ गये और उन्हें मालाएं पहना कर सम्मानित करते हुए फोटो खिंचवाने लगे। उन्होनें केजरीवाल जी का ऑटोग्राफ भी लिया। बस्ती जोधेवाल में एक युवती दौडती हुई श्री केजरीवाल जी की जीप की तरफ आई और कहा ‘‘देश को बचा लो !’’ शुरु से लेकर आखिर तक केजरीवाल जी की जीप के पीछे लगभग 4 किलोमीटर तक काफिला था जो उनके समर्थकों का पार्टी के प्रति समर्पण का परिचय दे रहा था।
आप प्रत्याशी श्री एच.एस.फुलका ने कहा यह कोई रैली नहीं, यह एक क्रांति है। इस रोड शो के द्वारा पंजाब में भ्रष्ट नेताओं के अंत का आरंभ किया जाता है। लुधियाना में लोगों की प्रतिक्रिया यह है कि अब उन्हें बदलाव चाहिए और वह इसके लिए अपने घरों से बिना डरे बाहर निकलने को तत्पर हैं।
13 अप्रैल की सुबह श्री फुलका जी लुधियाना से, केजरीवाल जी के साथ अहमदगढ में होने वाले रोड शो के लिये रवाना हुये। वहां पर भी लोगों की प्रतिक्रिया काफी अच्छी रही।  गुरदासपुर ने भी 12 अप्रैल को अपने समय काल की बहुत बडी रैली देखी।
पंजाब में लोगों की प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि आम आदमी वर्तमान सरकार से तंग आ चुका है और वह हर हाल में बदलाव चाहता है। लोगों को केजरीवाल में बदलाव का नायक नज़र आ रहा है। फिल स्टारों को अपना स्टार प्रचारक बनाने वाले राजनीतिक दल सकते में हैं।  उनके पास शायद अब कोई स्वच्छ सियासी चेहरा नहीं बचा है। मोदी की जगराओं रैली में साडी सरकारी ताकत झौंक देने की बाद भी कुर्सियां खली पड़ीं थीं।
लोगों ने जो गर्मजोशी केजरीवाल के प्रति दिखाई उसे देख कर नेहरू और शास्त्री का ज़माना याद आने लगा है। अब देखना है कि केजरीवाल उन उम्मीदों पर कहाँ तक खरा उतर पाते हैं। अगर इस बार भी उम्मीद टूट गयी तो लोग वोट पर्ची को भूल कर बंदूक के रास्ते पर आ सकते हैं। इस लिए मामला केवल जीत हार का नहीं हिंसक क्रांति को रोकने का भी है। लोग जब तंग आते हैं तो बहुत कुछ कर गुज़रते हैं। उन्हें माओवादी रास्ते पर बढ़ने से अगर कोई रोक सकता है तो वह फ़िलहाल केवल केजरीवाल का जादू ही है। यह लम्बी देर तक नहीं चला तो देश के हालत अँधेरे हो सकते हैं। 

HSJ ने भेजा आरोप लगाने वालो को एक करोड़ की मानहानि का नोटिस

 कहा--झूठे आरोप लगाने वाले हुए बेनकाब
* पुलिस जांच में नहीं प्रस्तुत कर पाए तथाकथित व्यापारी आरोप 
* आरोपियों पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का मामला दर्ज न हुआ तो होगा आंदोलन 
लुधियाना: 13 अप्रैल 2014: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
खुद को तथाकथित व्यापारी बताकर हिन्दू सिख जागृति सेना पर वसूली करने के आरोप पुलिस जांच में झूठे साबित हुए हैं। वसूली के आरोप लगाने वाले लोग जांच अधिकारियों के समक्ष आरोप सिद्ध करने तो दूर तथ्य तक पेश नहीं कर पाए। हिन्दू सिख जागृति सेना ने पुलिस द्धारा की जांच की आरटीआई के माध्यम से हासिल की रिपोर्ट को आधार बनाकर हिन्दू सिख जागृति सेना पर आरोप लगाने वाले बंसत नगर निवासी अजय बहल पुत्र राम कृष्ण,चंडीगढ़ रोड स्तिथ एलआईजी फ्लैट निवासी दीपक तनेजा पुत्र सिकंदर लाल तनेजा,इस्लामिया स्कूल रोड निवासी सुखविन्द्र सिंह पुत्र चनन सिंह, निक्का मल चौंक निवासी सौरभ खन्ना पुत्र चरणजीत खन्ना को संगठन के लीगल एडवाईजर एडवोकेट संजीव मल्हौत्रा के माध्यम से भेजकर एक करोड़ की मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। रविवार को शिवपुरी स्थित टूटीयां वाले मंदिर में हिन्दू सिख जागृति सेना और सहयोगी संगठनो के एकत्रित हुए सैंकड़ों कार्यकर्ताओ ने पुलिस कमिश्नर से आग्रह किया कि वे हिन्दू सिख जागृति सेना पर वसूली के झूठे आरोप लगाने वाले आरोपियों के खिलाफ की गई जांच के आदार पर उन पर आईपीसी की धारा 499,500,420,304,102 और 295-ए के तहत हिन्दू समाज की धार्मिक भावनाए आहत करने के आरोप में मामला दर्ज करें। हिन्दू सिख जागृति सेना के अध्यक्ष प्रवीण डंग और चेयरमैन अश्वनी कत्याल ने सैंकड़ों पदाधिक्कारियों व कार्यकर्ताओ की मौजूदगी में प्रशासनिक अधिकारियों को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर पुलिस प्रशासन ने झूठे आरोप लगाने वालों पर मामला दर्ज न किया तो संगठन के सदस्य सडक़ों पर उतर कर रोष प्रर्दशन करेंगे। उन्होने आरोप लगाया कि झूठे आरोप लगाने वालों का असली मकसद संगठन की तरफ से सनातन धर्म के प्रचार के लिए आयोजित किए जा रहे हनुमान चालीसा के पाठ के आयोजनों में विघ्न डाल कर सनातन धर्म के प्रचार को प्रभावित करना है। इसलिए इस बात की भी जांच की जाए कि इस साजिश के पीछे तथाकथित व्यापरियों के पीठे कौन सी ताकतें काम कर रहीं है। इसके लिए उन्होनें महानगर में धर्म परिवर्तन के लिए प्रयत्नशील एक तथाकथित बाबा का हाथ होने की शंका भी जाहिर की। उन्होनें बताया कि वसूली के आरोप लगाने वाले अजय बहल, दीपक तनेजा, सौरभ खन्ना के अतीत की भी जांच की जाए कि इन पर कौन कौन से मामले दर्ज है। इससे पूर्व संगठन सदस्यों ने हनुमान जंयती पर टूटीयां वाला मंदिर मे आयोजित होने वाले हनुमान चालीसा के पाठ की तैयारियों संबधी विचार विमर्श किया।

अरविन्द केजरीवाल ने लोगों के दिलों को छूया

केजरीवाल को लेकर लोगों में भावनाओं का तूफ़ान 

My letter to Arvind Kejriwal
अरविंद,  
आपकी खाँसी ठीक नहीं हो रही है ,पंजाब में भी पूरे दिन आप रोड शो के दौरान खांसते रहे .यह ठीक नहीं है सर ! आपके पास रिसोर्स नहीं हैं,उम्मीदवार अपने थोडे बहुत पैसों से और गरीब जनता से मिले थोडे से चंदे से लड रहे हैं ! हरिद्वार की उम्मीद कंचन भट्टाचार्य चौधरी बता रही हैं कि ग्रामीन भारत में आप CULT का स्टेटस लेते जा रहे हैं !सुना है आप के लगभग ४५० उम्मीदवारों में से हर एक चाहता है कि अरविंद एक बार कुछ घंटों के लिये ही सही उनके चुनाव क्षेत्र में आ जायें ...पैसे नहीं हैं,समय नहीं है ...मध्य प्रदेश में खंडवा के लोगों ने तो घर-घर दान लेके इतना इकट्ठा किया कि एक बार आप भी हेलिकोप्टर से fatafat उनसे मिल लो !

खाँसी ही नहीं ,आपको सांस की भी दिक्कत है,मुझसे ज्यादा कौन जानेगा...मुझे भी है...आप कैसे दिल्ली के लिये ३ डिग्री तापमान में सड़क पर सो गए ऐसे में यह इतिहास है ! जिनको डियाबिटीस (मधुमेह) है वो भी बतायेंगे की १४ दिन तो क्या २ दिन का उपवास रखना अपनी जान को हथेली पे रखने जैसा है ! आपका schedule बनारस,हरियाणा,दिल्ली, चंडीगढ़, गुजरात,महाराष्ट्र,कर्नाटक,दिल्ली,पंजाब चल ही रहा है...रुक नहीं रहा....आप छह घंटे बीमार पड जाते हो तो विरोधियों की सांस में सांस आती है...स्याही, आरोप, किचड,

थप्पड , घूंसा,अंडे...सब चल रहा है और इसी के साथ आप लाली और नाचिकेता जैसे घोर विरोधियों से मिल उनका मन भी जीत रहे हो....

देश में मुझ जैसो का जोश,उम्मीद चरम पर है,मेरे विदेश में रहने वाले देसी दोस्तों का भी ...

अब तो बदलेंगे,अब तो खडे होंगे,अब तो अपनी सड़क नलियां खुद बनायेंगे,अब तो अपना और अपने वतन का भाग्य स्वयम लिखेंगे !!

लोकमान्य तिलक को स्वराज मांगने पर बर्मा में 6 वर्ष कैद व मौत नसीब हुई ....आज 106 साल बाद हम वो स्वराज लेके रहेंगे !! आप निश्चिन्त रहो !!

बस अपना ख्याल रखो अपनी सेहत का ख्याल रखो,नहीं कह सकता की आराम करो पर अपना ख्याल रखो....अभी बहुत कुछ होना है,यह सपना भारत ही नहीं हर उस देश में जाना है जहाँ भारत जैसे हालात है..जहाँ भी मैं और आप जैसे आम आदमी हैं !!

Obviously,
Kishlay Sharma 

(Twitter : @kishlaysharma एक आम आदमी (आपको ऐसे खत कोई और नहीं लिखेगा)

बाबा साहेब डॉ० भीमराव अम्बेडकर की 123 वीं वर्षगाँठ पर :

Sun, Apr 13, 2014 at 6:13 PM
दलित वर्ग की राजनैतिक चेतना और परिपक्वता से  मुख्यधारा के समाज को सीखने की जरुरत है !
14 अप्रैल इस तथ्य की गहराई को समझने के लिये सबसे प्रासंगिक दिन 
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यह शीर्षक थोड़ा सा अतिशयोक्तिपूर्ण लग सकता है लेकिन यदि पूर्वाग्रहों से मुक्त होकर इस पक्ष पर थोड़ा सा गंभीर चिन्तन करें तो निश्चितरूप से वास्तविक जनतंत्र की परिकल्पना दलित वर्ग के नेतृत्व में एक व्यापक राष्ट्रीय आन्दोलन के माध्यम से सम्भावित हो सकती है।  
बाबा साहेब डॉ० भीमराव अम्बेडकर शायद देश के एक मात्र ऐसे व्यक्तित्व और मार्गदर्शक हैँ जो आज भी दबे कुचले वर्गों के बीच जीवंत हैं। डॉ० अम्बेडकर के विचार समाज के जिस वर्ग के सम्मान ,समानता और अधिकारों को सुनिश्चित करके देश की मुख्यधारा से जोड़ने की पैरवी करते हैं, वह वर्ग सीधे सीधे उनके विचारों को आत्मसात करता है, प्रेरणा और दिशा लेता है। वह दलित वर्ग के आत्मविश्वास और ऊर्जा का माध्यम  है।

दलित और आदिवासी मात्र दो ऐसे  वर्ग या समुदाय हैं जो अपने मुक्तिदाताओ डॉ ० अम्बेडकर और बिरसा मुण्डा को अपने जीवन में सबसे ज्यादा महत्व देते हैं जबकि देश के अधिकतर अन्य समुदाय अपने वैचारिक विश्वासों से ज्यादा अपने धार्मिक आस्थाओ को महत्व देते हैं। विचार और आस्था का यह असहज रिश्ता ही आज मुख्यधारा के समाज की  सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। जबकि दलित और आदिवासी समुदाय के अन्दर इस  मुद्दे पर गहरी स्पष्टता है।  इस तथ्य के अन्दर एक व्यापक सन्देश छिपा हुआ है।
14 अप्रैल का दिन इस तथ्य की गहराई को समझने के लिये सबसे प्रासंगिक दिन है।प्रत्येक वर्ष  14 अप्रैल को दिल्ली का संसद मार्ग , 14 अक्टूबर को नागपुर की दीक्षा भूमि और 6  दिसम्बर को मुम्बई का चैत्य भूमि स्थल इसके गवाह होते हैं। जहाँ लाखों की तादाद में स्वतः स्फूर्त तरीके से देश भर के दलित अपने पूरे परिवारों के साथ अपने मुक्तिदाता को नमन करने पूरे जोशखरोश के साथ पहुँचते है। इन आयोजनो का  कोई केंद्रीय आयोजक नहीं होता है और न कोई अपील या निमन्त्रण भेजा जाता है। यह गुलामी के खिलाफ मुक्ति का महापर्व जैसा आभास कराता है।5  से 15 लाख की तादाद में अपने मुक्तिदाता को नमन करने पहुँचा  दलित वर्ग का यह स्वतः स्फूर्त और स्वानुशसित जन समुदाय समानता और आत्मसम्मान की भावना से भरा होता है। आज़ादी के 66 वर्षो में इस महापर्व जैसा कोई भी दूसरा उदाहरण आज तक नहीं मिला है।  
इन तीन महापर्वो में बिकने वाला आंबेडकर साहित्य पूरे देश में दूसरे महापुरुषों के पूरे साल में बिकने वाले साहित्य से कई गुना होता है। जिसे खरीदनेवाले कोई दलित बुद्धिजीवी वर्ग न होकर आम निम्न दलित व्यक्ति महिला ,पुरुष और बच्चे होते हैं। यह पुरे देश के सामने सम्मान, समानता और अधिकार के संघर्ष का एक जीवंत उदाहरण है। जिसे  14 अप्रैल को दिल्ली के संसद मार्ग में , 14 अक्टूबर को नागपुर की दीक्षा भूमि में या फिर 6 दिसम्बर को मुम्बई के चैत्य भूमि स्थल में महसूस किया जा सकता है।
इतना ही नहीं देश भर में शायद आंबेडकर जयंती एक मात्र ऐसा पर्व है जिसे पूरे देश में समुदाय के द्वारा सामूहिक रूप से मनाया जाता है। प्रभातफेरी से शुरू होकर देर रात तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन देश भर में गॉवो से लेकर शहरो की दलित बस्तीओ में नए वस्त्रो से सजे धजे स्त्री पुरुष और बच्चे इस महापर्व के महत्त्व का अहसास बहुत आसानी से करा देंगे।
यह महज़ संयोग नहीं है बल्कि प्रत्यक्ष सत्य है कि देश भर में डॉ ० आम्बेडकर की 98 % प्रतिमाएँ दलित समुदाय ने लगवाई हैं जबकि गांधीजी की 98 % प्रतिमाएँ सरकार के द्वारा स्थापित की गई हैं। यह दलित वर्ग की राजनैतिक चेतना और परिपक्वता का ज्वलंत उदाहरण है। 

 गांधी से लेकर मार्क्स तक की  विचारधारायें किताबों में बंद हैं या फिर कुलीन वर्ग की बैठको में बुद्धि विलास के काम आती हैं। लेकिन आम जनता या फिर मुख्यधारा के समाज न तो उससे कोई दिशा ले पाते हैं और न ही प्रेरणा !!!!!!
डॉ अम्बेडकर का विचार और साहित्य अपने वर्ग से सीधे संवाद करता है।  उसे प्रेरणा और ऊर्जा देता है।
अब समय आ गया है जब यदि हमें वास्तविक जनतंत्र चाहिये जो समानता, सबको बराबरी के अधिकार और अवसर देने की गारन्टी देता हो तो वह मुक्ति की वास्तविक और अन्तिम लड़ाई दलितों के नेतृत्व में ही सम्भव है।
फैसला हम सबको मिलकर करना है। ।!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!
डॉ ०  अम्बेडकर की 123 जयन्ती पर आप सभी को अभिनन्दन !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!

ARUN KHOTE
राष्ट्रीय भूमिश्रम  एवं न्याय आन्दोलन
National Movement For Land, Labor & Justice-NMLLJ
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