Saturday, December 01, 2012

देश में शोक की लहर

पूर्व प्रधानमंत्री श्री इंद्र कुमार गुजराल के निधन पर गहरा दुःख 
पूर्व प्रधानमंत्री श्री इंद्र कुमार गुजराल के निधन पर  देश में शोक की लहर दौड़ गयी है।  है की पंजाब के साथ उनका गहरा लगाव था। प्रधानमंत्री सहित बहुत  वरिष्ठ नेतायों ने उनके निधन पर दुःख व्यक्त किया है।ने श्री इंद्र कुमार गुजराल के निधन पर शोक व्‍यक्‍त किया 
प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री इंद्र कुमार गुजराल के निधन पर शोक व्‍यक्‍त किया है। 
प्रधानमंत्री के संदेश का पाठ इस प्रकार है: 
' मुझे श्री आई.के.गुजराल के निधन का बेहद अफसोस है। उनके निधन से देश ने एक बुद्धिजीवी, विद्वान व्‍यक्ति और एक कुशल राजनेता खोया है। उनका उदारवादी और मानवतावादी दृष्टिकोण हमारे स्‍वतंत्रा आंदोलन के नेताओं की शिक्षाओं पर आधारित था। मुझे वयक्तिगत तौर पर लगता है कि मैंने एक खास दोस्‍त खोया है जिसके ज्ञान, आदर्शवाद और सामाजिक समानता के प्रति उनकी गंभीर चिंता ने मेरे ज़हन में गहरी छाप छोड़ी। मैं अक्‍सर उनके परामर्श और राय लेता था तथा उसे काफी महत्‍व भी देता था। 
श्री गुजराल एक शांत और आदर्शवादी व्‍यक्ति थे जो अपने सिद्धांतो पर चलते थे । वे एक बुद्धिजीवी और संवदेनशील व्‍यक्ति थे। उन्‍होंने अपने लंबे और उत्‍कृष्‍ट करियर के दौरान कई राजनीतिक और राजनयिक जिम्‍मेदारियां निभाईं। उन्‍होंने जो भी पद ग्रहण किया उस पर पूरी निष्‍ठा से काम किया। वे अपने साथ कार्य करने वाले व्‍यक्तियों के प्रति बेहद स्‍नेहशील और दयालु थे। युवा जीवन में अपने अनुभवों से वे पक्‍के समाजवादी धारणा के विचारक थे। 
अपनी इन विशेषताओं के कारण उन्‍होंने जो भी कार्यालय संभाला उस पर अपनी छाप छोड़ी। वे एक राजनयिक थे जिन्‍होंने रूस और तटस्‍थ विश्‍व के साथ भारत के रिश्‍ते प्रगाढ़ किए। विदेश मंत्री के रूप में उन्‍होंने गंगा जल समझौते के साथ भारत-बांग्‍लादेश के संबंधों को फिर से मजबूत किया। उन्‍होंने पाकिस्‍तान के साथ वार्ता का माहौल बनाया तथा भारत-श्रीलंका के ऐतिहासिक मुक्‍त व्‍यापार समझौते पर बातचीत शुरू की। एक समृद्ध दक्षिण एशिया के उनके दृष्टिकोण के लिए उन्‍हें हमेशा याद रखा जाएगा। 
उन्‍होंने प्रधानमंत्री के रूप में दबाव और कठिन परिस्थितियों में धैर्य से काम करने का उदाहरण दिया तथा अपने सिद्धांतो के प्रति निष्‍ठा का प्रदर्शन किया। 
पंजाब में विद्यार्थी के रूप में राजनीतिक सक्रियता और गतिविधियों से शुरूआत करते हुए उनके सार्वजनिक सेवा के लंबे वर्ष का समापन उच्‍च कार्यकारी कार्यालय में पदभार ग्रहण करने के साथ हुआ। 
भारत सरकार और अपनी ओर से मैं श्री गुजराल के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्‍यक्‍त करता हूं और प्रार्थना करता हूं कि ईश्‍वर उन्‍हें यह दुख सहने की शक्ति और धैर्य प्रदान करे।' 
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रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने श्री इन्‍दर कुमार गुजराल के निधन पर शोक व्‍यक्‍त किया 
रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने श्री इन्‍दर कुमार गुजराल के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया। 
अपने संवेदना संदेश में श्री पवन बंसल ने बताया कि ‘’श्री आई.के.गुजराल दक्ष राजनेता थे, उन्‍होंने राष्‍ट्र निर्माण में उल्‍लेखनीय योगदान दिया’’। 
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डॉ. फारूक अब्‍दुल्‍ला ने श्री आई.के.गुजराल के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया 
केन्‍द्रीय नवीन और नवीकरणीय उर्जा मंत्री डॉ. फारूक अब्‍दुल्‍ला ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री आई.के.गुजराल के निधन पर गहरा शोक व्‍यक्‍त किया। अपने संवेदना संदेश में उन्‍होंने श्री गुजराल को ‘’कुशल राजनीतिज्ञ, राजनयिक और मानवतावादी बताया। श्री गुजराल ने भारत और पाकिस्‍तान के बीच बेहतर सम्‍बन्‍ध बनाने के लिए अथक प्रयास किए’’।
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Monday, November 26, 2012

राष्ट्रपति 27 नवम्बर 2012 को पंजाब दौरे पर

26-नवंबर-2012 20:00 IST
राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी कल 27 नवम्बर 2012 को पंजाब (लुधियाना) की एक दिन की यात्रा पर जाएंगे। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी यात्रा के दौरान पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह के एक हिस्से के रूप में 'खाद्य एवं आजीविका सुरक्षा के लिए सतत कृषि' पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा राष्ट्रपति सत पौल मित्तल स्कूल, लुधियाना में एक सभागार की आधारशिला भी रखेंगे। (PIB)

वि.कासोटिया/अनिल/चित्रदेव-5546