Saturday, November 05, 2011

पद्मश्री मुकुटधर पांडेय स्मृति रचना शिविर रायगढ़ में

7, 8 और 9 जनवरी के शिविर की तैयारियां शुरू 
रायगढ़ । रचनाकारों की संस्था, प्रमोद वर्मा स्मृति संस्थान, रायपुर, छत्तीसगढ़ द्वारा इंटरनेट पर सक्रिय तथा युवा ब्लॉगरों (कवियों/लेखकों/निबंधकारों/कथाकारों/लघुकथाकारों/गीतकारों/ग़ज़लकारों/ बाल साहित्यकारों) को देश के विशिष्ट और वरिष्ठ रचनाकारों द्वारा साहित्य के मूलभूत सिद्धातों, विधागत विशेषताओं, परंपरा, विकास और समकालीन प्रवृत्तियों से परिचित कराने, उनमें संवेदना और अभिव्यक्ति कौशल को विकसित करने, प्रजातांत्रिक और शाश्वत जीवन मूल्यों के प्रति उन्मुखीकरण तथा स्थापित लेखक तथा उनके रचनाधर्मिता से तादात्मय स्थापित कराने के लिए तृतीय अ.भा.त्रिदिवसीय/रचना शिविर (7, 8, 9 जनवरी, 2012) सृजनात्मक लेखन कार्यशाला का आयोजन छायावाद के जनक कवि पद्मश्री मुकुटधर पांडेय और कत्थक सम्राट राजा चक्रधर की नगरी रायगढ़, (अग्रोहा भवन, गौरीशंकर मंदिर के पास), छत्तीसगढ़ में किया जा रहा है जिसमें देश के महत्वपूर्ण रचनाकार और विशेषज्ञ मार्गदर्शन हेतु उपस्थित रहेंगे । इसके पूर्व मुक्तिबोध स्मृति रचना शिविर और श्रीकांत वर्मा स्मृति रचना शिविर का सफल आयोजन क्रमशः राजनांदगांव और कोरबा में किया जा चुका है । इस तृतीय अखिल भारतीय स्तर के कार्यशाला में देश के 150 युवा रचनाकारों तथा उभरते हुए रचनाकारों को सम्मिलित किया जायेगा ।
संक्षिप्त ब्यौरा निम्नानुसार है-
1. प्रतिभागियों को 25 दिसंबर, 2011 तक अनिवार्यतः निःशुल्क पंजीयन कराना होगा । पंजीयन फ़ार्म संलग्न है ।
2.प्रतिभागियों का अंतिम चयन पंजीकरण में प्राप्त आवेदन पत्र के क्रम से होगा ।
पंजीकृत एवं कार्यशाला में सम्मिलित किये जाने वाले रचनाकारों का नाम ई-मेल से सूचित किया जायेगा ।
3. प्रतिभागियों की आयु 18 वर्ष से कम एवं 45 वर्ष से अधिक ना हो ।
4. प्रतिभागियों में 20 स्थान हिन्दी के स्तरीय ब्लॉगर के लिए सुरक्षित रखा गया है ।
5. प्रतिभागियों को संस्थान/कार्यशाला में एक स्वयंसेवी रचनाकार की भाँति, समय-सारिणी के अनुसार अनुशासनबद्ध होकर कार्यशाला में भाग लेना अनिवार्य होगा ।
6. प्रतिभागी रचनाकारों को प्रतिदिन दिये गये विषय पर लेखन-अभ्यास करना होगा जिसमें वरिष्ठ रचनाकारों द्वारा मार्गदर्शन दिया जायेगा ।
7. कार्यशाला के सभी निर्धारित नियमों का आवश्यक रूप से पालन करना होगा ।
8. प्रतिभागियों को सैद्धांतिक विषयों के प्रत्येक सत्र में भाग लेना अनिवार्य होगा । अपनी वांछित विधा विशेष के सत्र में वे अपनी इच्छानुसार भाग ले सकते हैं । प्रतिभागियों के आवास, भोजन, स्वल्पाहार, प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिन्ह, संदर्भ सामग्री की व्यवस्था संस्थान द्वारा की जायेगी ।
9.प्रतिभागियों को अपना यात्रा-व्यय स्वयं वहन करना होगा ।
10. प्रतिभागियों को 6 जनवरी, 2012 शाम 6 बजे के पूर्व कार्यशाला स्थल – अग्रोहा भवन, गौरी शंकर मंदिर के पास, रायगढ़, छत्तीसगढ़ में अनिवार्यतः उपस्थित होना होगा ।
पंजीयन हेतु आवेदन-पत्र नमूना
01.नाम -
02. जन्म तिथि व स्थान (हायर सेंकेंडरी सर्टिफिकेट के अनुसार) -
03. शैक्षणिक योग्यता –
04. वर्तमान व्यवसाय -
05. लेखन की केंद्रीय विधा -
05. प्रकाशन (पत्र-पत्रिकाओं के नाम) –
06. प्रकाशित कृति का नाम –
07. ब्लॉग्स का यूआरएल – (यदि हो तो)
08. अन्य विवरण ( संक्षिप्त में लिखें)
09. पत्र-व्यवहार का संपूर्ण पता -
10. मो. नं.
11. ई-मेल –
10. हस्ताक्षर
संपर्क सूत्र
जयप्रकाश मानस
कार्यकारी निदेशक
प्रमोद वर्मा स्मृति संस्थान, छत्तीसगढ़
एफ-3, छगमाशिम, आवासीय परिसर, पेंशनवाड़ा, रायपुर, छत्तीसगढ – 492001
ई-मेल-pandulipipatrika@gmail.com
मो.-94241-82664

Friday, November 04, 2011

पूनम माटिया की कविताओं के संग चलना मुझे अच्छा लगा

पूनम माटिया जैसी ढेर सारी माओं के आँचल की छाँव में "स्वप्न श्रृंगार" करती हैं ये कविताएं-खुर्शीद हयात
किसी भी कवयित्री  की कीर्ती कविता की पोशाक में हो या ग़ज़ल के आवरण में लिपटी हुई   . तभी सार्थक मानी जायेगी , जब आम आदमी कुछ पल के लिए ही सही , उस के माध्यम से , अपने आस पास के मंज़र से रु ब रु हो जाये और उसकी संवेदनाएं उस से जुड़ जाएँ . तेज़ धूप में भी नीम की ठंडी छाँव सा एहसास जब कविता जगा जाये , बर्फ की तरह पिघलती जिंदगी को नया ऐतबार दे जाये ,हमारे ज़हन को बेदार कर जाये ,तब कविता के सायेबाँ में चहलक़दमी करना अच्छा लगता है .
धनक- रंग जिंदगी की पगडण्डी पर, पूनम माटिया की कविताओं के संग चलना मुझे अच्छा लगा , वजह यह रही की इनकी कवितायें बड़ी ख़ामोशी से एक आम आदमी की ख्वाब- ख्वाब निगाहों में एक नया मंजर रख जाती हैं . और फिर  यह मंज़र अलग अलग रंगों के चेहरों से यह कहता दिखाई देता  है ...आगे का रास्ता अभी खुला है , बढे चलो ....!
"यही दस्तूर ऐ ज़माना है 
जो बदल कर हमें दिखाना है 
औरत नहीं मजबूर यहाँ 
आज यही विश्वास जगाना है .."(पूनम )

कवितायें जब पूनम माटिया जैसी ढेर सारी माओं के आँचल की छाँव में "स्वप्न श्रृंगार" करती हैं , किचन से बाहर निकल कर संवरती हैं, निखरती हैं, सावन के मौसम में झुला झूलती हैं, तब सूखते वृक्षों को नया जीवन मिल जाता है, और"पीपल "दूर खड़ा मुस्कुराता रहता है .
मेरे सामने बैठी पूनम माटिया की कवितायेँ बातें कर रही हैं, कवितायेँ जब पाठक से बातें करती हैं ,सौंदर्य -चेतना को कलात्मक स्पर्श के सहारे जगा जाती हैं ,पूनम माटिया आम जिंदगी में,चहल पहल वाली एक ज़िम्मेदार माँ हैं अपनी शबनम की बूंदों जैसी दो प्यारी प्यारी बेटियों की .तो दूसरी तरफ "पति दोस्त" नरेश माटिया की शरीक ऐ सफ़र .जब रिश्ते सच्चे अच्छे दोस्त की तरह हों , जब रिश्ते पाकीजगी की पोशाक में लिपटे हों , तब जिंदगी "रचनाकार '' की दुलारी बन जाती है .
अपनी कविताओं में पूनम माटिया  चहल पहल को दूर रखती हैं ,एक माँ के अन्दर बैठी  कवयित्री की सोच गुफा में जिंदगी की उभरती हुई लहरें आबाद हैं .पूनम के शब्द जब चांदनी पोशाक में बातें करते हैं तब एक अलग समां होता है :-
आजकल ‘उसका’ भी ये आलम है ‘पूनम’
चाँद आसमां में रहता है, मगर 
जिक्र उसका जाने क्यों सरे आम होता 

पूनम का चंचल मन आज भी अपने बचपन की मीठी यादों , गाँव की मिटटी की सोंधी सोंधी खुशबुओं में रचा बसा है :
खुर्शीद हयात 
मन चंचल है हमारा 
बचपन तलाशता रहता है 
गुड्डे गुडिया न सही 
सपनों में चोर सिपाही खेलता रहता है
माँ का आँचल , पापा की ऊँगली 
मिलते नहीं 
अपने बच्चों की हंसी में 
अपनी मुस्कराहट खोजता रहता है 

(स्वप्न श्रृंगार - पृष्ट-१६)
"स्वप्न श्रृंगार "पूनम माटिया का पहला काव्य संग्रह है , अभी इन्हें और निखरना है ,संवरना है , मुझे आशा है ,आने वाले दिनों में हिंदी शायरी के फलक पर वह एक नई इबारत लिखने में कामयाब रहेंगी-खुर्शीद हयात 

Thursday, November 03, 2011

अमृतसर में विकास का एक और नया अध्याय

उप-मुख्यमंत्री ने किया एलीवेटिड रोड-2 का उदघाटन  
 अमृतसर//3 नवम्बर//गजिंदर सिंह किंग 
अमृतसर में 229 करोड की लागत से तैयार किया गया एलीवेटिड रोड -2  का उदघाटन पंजाब के उप-मुख्य मंत्री सरदार सुखबीर सिंह बादल ने किया, साथ ही उन्होंने विपक्ष की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, कि कांग्रेस के पास न कोई मुद्दा है, न ही कोई मिशन और न ही कोई एजेंडा है और पंजाब में कांग्रेस विकास के कामों को बंद करवाना चाहती है 
          अमृतसर में 229 करोड की लागत से तैयार किया गया एलीवेटिड रोड -2 जोकि सच्चखंड श्री हरिमंदिर साहिब के दर्शन करने वाले श्रद्धालू को  ट्राफिक की समस्या से मुक्ति दिलाए गा और श्रद्धालू सीधे इस रोड से आपनी गाडी को लेकर  सारा गाढ़ी पार्किंग में रख कर गुरु घर के दर्शन कर सके.
आज पंजाब के उप-मुख्य मंत्री सरदार सुखबीर सिंह बादल ने अमृतसर में 229 करोड की लागत से तैयार किया गया एलीवेटिड रोड -2 का उदघाटन आपने कर-कमलो द्वारा किया और इस रोड का दौरा भी किया, वहीँ इस मौके पर प्रेस वार्ता दौरान करते हुए उन्होंने इस  एलीवेटिड रोड -2  बारे जानकारी देते हुए बताया, कि आज पंजाब में अकाली दल की सरकार ने विकास किया है और कांग्रेस इस विकास के कार्यों को बंद करवाना चाहती है, चाहे वह कब्बडी का विश्व कप हो या भटिंडा रिफायनरी का काम हो या फिर पंजाब में बने पॉवर प्लांट का काम हो, पंजाब की आमदन के बारे उन्होंने ने कहा, कि कैप्टन की सरकार के समय पंजाब  की पांच साल की  आमदन 34000 करोड थी, जो कि अकाली दल की सरकार ने 76000   करोड रूपए किया है और कांग्रेस की सरकार ने सरकारी खजाने को लूटा है, वहीँ कैप्टन सिर्फ गालियाँ निकाल सकते है और उस के बिना उन को कोई काम नहीं है और जो वह उप शब्द का इस्तेमाल कर रहे है, वह गलत है, उन्होंने पंजाब के फंड बारे उन्होंने कहा, कि कांग्रेस जो अकाली दल की सरकार पर फंड न होने के आरोप लगा रहे है वह बिलकुल गलत है, क्यों कि जो आज पंजाब में विकास हुआ है वह पैसों के बल पर हुआ है और आने वाले पंजाब में उन की पार्टी बे-मिशाल विकास करेगी, उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, कि कांग्रेस के पास न कोई मुद्दा है, न ही कोई मिशन और न ही कोई एजेंडा है, पंजाब के विकास के कामो में केंद्र सरकार का रोल बहुत कम है

अमृतसर जेल में एक कैदी की संदिग्ध परिस्थितयों में हुई मौत

पिछले तीन साल से बंद था इस जेल में 
अमृतसर//2 नवम्बर//गजिंदर सिंह किंग
अमृतसर जेल एक बार फिर उस समय  सुर्ख़ियों में आ गई है, जब आज जेल में एक कैदी की संदिग्ध परिस्थितयों में मौत हो गयी, दरअसल यह कैदी जेल में पिछले तीन साल से बंद था, परिवार वाले जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे है, वही जेल प्रशासन इस मौत को मरीज़ की बीमारी को बता रहा है.
राजन नामक कैदी की जेल में संदिग्ध परिस्थितयों में मौत हो जाने के कारण उस की पत्नी महक आज सड़कों पर आपने पति की मौत पर  रो रही है, दरअसल राजन अमृतसर की जेल में एन,डी,पी,एस एक्ट के तहत दस साल की सजा काट रहा था और वह पिछले तीन साल से जेल में बंद था, मृतक राजन के परिवार वालों का कहना है, कि पिछले कुछ दिनों से राजन की तबियत खराब थी और वह हर रोज उस को जेल में मिलने के लिए जाते थे. तबियत खराब होने की वजह से ही उन्होंने जेल प्रशासन को कई बार यह दरखास्त दी थी, कि राजन को जेल से हस्पताल में भर्ती करवाया जाए, लेकिन उन की कोई भी बात नहीं सूनी गयी, जिस के चलते आज राजन की तबियत ज्यादा खराब हो गई और उस की मौत हो गयी, वहीँ राजन की पत्नी महक इस मौत के लिए जेल प्रशासन को जिम्मेदार बता रही है और  उन का कहना है, कि अगर सही समय पर उस का इलाज़ हो जाता तो शायद उन का पति आज जिंदा होता, वहीँ राजन के भाई का भी कहना है, कि उस की तबियत खराब थी और उस का सही समय पर इलाज़ नहीं हो सका, जिस के चलते उस की मौत हुई है.
वहीँ दुसरे और अमृतसर जेल प्रशासन के सुपरिडेट तेजिंदर सिंह मोड़  इस पूरे मामले में आपने ऊपर लगे आरोपों को नकार रहा है, उनका कहना है, कि यह कैदी उन की जेल में बंद था और आज उस की तबियत खराब हो जाने के कारण उस को हस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहाँ  उस की मौत हो गयी, वहीँ अब  इस मामले की जांच  की जा रही है, कि इस की मौत का क्या कारण है और इस का पोस्ट  मार्टम  करवाया जा  रहा है, साथ ही अधिकारीयों का कहना है, कि जो उस के घर वाले काफी दिनों से बीमार होने के आरोप लगा रहे है वह बे-बुनियाद है

Wednesday, November 02, 2011

देश की अर्थ व्यवस्था को कमजोर करने की एक और साजिश बेनकाब

पकिस्तान की मालगाड़ी से पकड़ी दो लाख की जाली करंसी 
 अमृतसर//2 नवम्बर//गजिंदर सिंह किंग  
भारत और पाकिस्तान के बीच चलने वाली माल-गाडी को एक बार फिर तस्करों ने आपना निशाना बनाया है, पकिस्तान से आई माल-गाडी से आज कस्टम विभाग ने दो लाख की जाली करंसी बरामद की है, यह करंसी माल-गाडी के निचले हिस्से में चुम्बक के साथ चिपका कर रखी गयी थी
          देश की अर्थ व्यवस्थता को कमज़ोर करने की पकिस्तान की साजिश एक बार फिर सामने आई है. गौरतलब है की अभी हाल ही में सीमा पर भारी संख्या में जाली करंसी पकड़ी गई थी.
अब यह करंसी एक ट्रेन के रास्ते भारत आई है, पकिस्तान और भारत के बीच चलने वाली माल-गाडी जब आज भारत पहुँची, तब इस की रेमजिंग करते वक़्त कस्टम के अधिकारीयों को शक हुआ कि माल-गाडी के निचले हिस्से से कोई चीज़ रखी हुई है, जब तलाशी की गई, तो माल-गाडी के निचले हिस्से में चुम्बक के साथ चिपका कर दो लाख की जाली करंसी बरामद हुई, इस दौरान कस्टम विभाग के सहायक कमिश्रनर अटारी के वी.के. खोसला का कहना है कि आज जब 68 डाउन पकिस्तान से भारत आयी तब यह बरामदगी हुई. 
उन्होंने बताया कि उन को पिछले कुछ दिनों से उन को कुछ शक पद रहा था, कि उन को ट्रेन के  निचले हिस्से से कुछ संदिग्ध सामान मिल रहा था , जिस के चलते यहाँ पर सख्ती रखी गयी थी और जिस के तहत आज यह कामयाबी मिली है, उन्होंने बताया, कि जब यह रेमजिंग कर रहे थे, तब उन का एक अधिकारी घायल हो गया था और उन्होंने रेल के अधिकारीयों को उन्होंने एक विशेष रेल पिट बनाने के लिए कहा है, जिस से कि इस तरह आसानी से ट्रेन की रेमजिंग की जायेगी,  इस पूरे मामले में कस्टम विभाग ने ममला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है
       फिलहाल अब देखना होगा, कि क्या हमारे अधिकारी उस व्यक्ति को पकड़ने में कामयाब हो पाते है, जो इस जाली करंसी के खेप को यहाँ से लेने के लिए आया था

गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी के पुन: निर्माण के लिए होगा संघर्ष

गुरचरन सिंह बब्बर फिर "पंथक संघर्ष"के मैदान में 
  अमृतसर//2  नवम्बर//गजिंदर सिंह किंग
आल इंडिया सिख कांफ्रेंस के प्रधान गुरचरन सिंह बब्बर ने नवंबर 1984 में ध्वस्त हुए हरिद्वार के गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी के पुन:निर्माण के लिए संघर्ष शुरू करने का ऐलान किया है, यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया, कि इसके लिए 7 नवंबर को श्री दरबार साहिब से हरिद्वार तक रोष मार्च निकाला जाएगा 
        नवंबर 1984 में ध्वस्त हुए हरिद्वार के गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी के पुन:निर्माण के लिए आल इंडिया सिख कांफ्रेंस के प्रधान गुरचरन सिंह बब्बर ने संघर्ष शुरू करने का ऐलान किया है, इसके लिए 7 नवंबर को श्री दरबार साहिब से हरिद्वार तक रोष मार्च निकाला जाएगा,यह मार्च अमृतसर से शुरू होकर लुधियाना पहुंचने के बाद रात्रि ठहराव करेगा. 
आठ को लुधियाना से चलकर पटियाला में विश्राम होगा, मार्च 9 को पटियाला से यमुनानगर पहुंचेगा, इसी दिन पाऊंटा साहिब होते हुए वाया देहरादून 10 नवंबर को हरि की पौड़ी हरिद्वार पहुंचेगा, जहा हजारों सिख हरिद्वार में विरोध प्रदर्शन करेंगे, आल इंडिया सिख कांफ्रेंस के प्रधान गुरचरन सिंह बब्बर ने प्रेस वार्ता दौरान यह जानकारी देते हुए बताया, कि कुछ माह पहले उत्तराखंड सरकार से संपर्क करने पर जिला प्रशासन ने तीन माह में काम शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित समय के बाद भी कोई कदम नहीं उठाया गया, ऐतिहासिक गुरुद्वारा 450 वर्ष पुराना है, उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन नामधारी सिंह भी मसला सुलझाने में असफल रहे हैं, उन्होंने कहा, कि इस काम के लिए जनमत जुटाने की आवश्यकता नहीं हैं, जब कि प्रशासन और अन्य सिख संगठन जनमत की मांग कर मामला उलझा रहे हैं, उन्होंने एस,जी,पी,सी और कौम से मार्च में शमूलियत करने की अपील की है

Tuesday, November 01, 2011

कामयाबी के लिए माँगा गुरु घर का आर्शीवाद

सच्च्खंड श्री हरिमंदिर साहिब में नमस्तक हरभजन सिंह 
 अमृतसर// 1 नवम्बर//गजिंदर सिंह किंग
सच्च्खंड श्री हरिमंदिर साहिब में आज भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह  नए रणजी सीजन में पंजाब की टीम की कमान सौंपे जाने के बाद आपनी कामयाबी के लिए गुरु घर का आर्शीवाद लेने के आए, शरोमाणी गुरुद्वारा की तरफ से उन्हें सन्मानित यादगारी धार्मिक पुस्तक देकर सन्मानित भी किया गया
         राष्ट्रीय चयन समिति की ओर से टीम इंडिया से बाहर किए गए भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह को पंजाब रणजी टीम की कमान सौंपी गई है, नए रणजी सीजन में पंजाब की टीम 3 नवंबर से चार दिवसीय मैच में उत्तर प्रदेश के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी, मैच का आयोजन मोहाली के पी,सी,ए स्टेडियम में किया जाएगा, राज्य टीम की कमान सौंपे जाने के बाद हरभजन सिंह सच्च्खंड श्री हरिमंदिर साहिब में गुरु घर का आर्शीवाद लेने के आए, उन्होंने सच्च्खंड श्री हरिमंदिर साहिब के दर्शन कर शीश निभा कर माथा टेक नमस्तक हुए. 
उन्होंने गुरु घर में आपनी कामयाबी के लिए अरदास कर गुरु घर का आर्शीवाद लिया, शिरोमणि गुरुद्वारा की तरफ से उन्हें यादगारी धार्मिक पुस्तक देकर सन्मानित भी किया गया, इस दौरान उन्होंने बताया, कि मै बहुत खुश-किस्मत हूँ, कि बाबा जी ने मुझे बुलाया है और मै सच्च्खंड श्री हरिमंदिर साहिब में गुरु घर का आर्शीवाद लेने के लिए आया हूँ और मै बाबा जी का खुश-गुजार हूँ, कि उन्होंने मुझे मान-सन्मान सब कुछ दिया है, मै बाबा जी के आर्शीवाद से सिख कौम को ऊचाइयो तक लेकर जाऊ गा और आने वाले समय को बाबा जी सब कुछ ठीक करेगे.

Sunday, October 30, 2011

पहले फिल्म फिर राजनीति: पासवान

फिर मिलें न मिलें हम की टीम श्री हरिमंदिर साहिब में 
   अमृतसर//30 अक्टूबर//गजिंदर सिंह किंग 
चार नवंबर को प्रदर्शित होने वाली हिंदी फिल्म फिर मिले न मिले  हम फिल्म में नायक की भूमिका राजनेता राम विलास पासवान के बेटे चिराग पासवान निभा रहे हैं, इस फिल्म की कामयाबी के लिए इस फिल्म की टीम ने सच्च्खंड श्री हरिमंदिर साहिब के दर्शन कर शीश नवाकर माथा टेक नमस्तक होकर गुरु घर में फिल्म के सफल होने की अरदास की
        सच्च्खंड श्री हरिमंदिर साहिब में चार नवंबर को प्रदर्शित होने वाली हिंदी फिल्म फिर मिले न मिले हम की टीम ने फिल्म की कामयाबी के लिए शीश नवाकर माथा टेक नमस्तक होकर सच्च्खंड श्री हरिमंदिर साहिब के सरोवर की चारो तरफ परिक्रमा कर गुरु घर में फिल्म के सफल होने की अरदास की,  इस दौरान लोक जनशक्ति पार्टी के पंजाब प्रधान ने इस फिल्म की टीम को तलवार और सिरोपा देकर सन्मानित भी किया, उधर दूसरी  तरफ शरोमाणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से इस फिल्म टीम को धार्मिक पुस्तक देकर भी सन्मानित किया गया, इस फिल्म की हीरोइन की भूमिका निभा रही नीरू बाजवा इस फिल्म के बारे जानकारी देते हुए बताया, कि   नायक चिराग पासवान की पहली हिन्दी फिल्म की सफलता के लिए सच्च्खंड श्री हरिमंदिर साहिब में  बाबा जी का आर्शीवाद लेने के लिए आए है और इस फिल्म में नायक की भूमिका राजनेता राम विलास पासवान के बेटे चिराग पासवान निभा रहे हैं, चिराग पासवान फिल्म की जानकारी देते हुए बताया, कि फिल्म युवा वर्ग को काफी पसंद आएगी, फिल्म में कामेडी है, रोमांस है और कहानी हिंदी फिल्मों से कुछ हटकर है,  उन्होंने राजनीतिक बारे कहा, कि राजनीति तो उनके खून में है, उनके लिए पहले फिल्म है बाद में राजनीति, पिता राम विलास पासवान की रैलियों में वह जाते रहे हैं, चुनाव प्रचार में भी हिस्सा लेते रहे हैं, उन्होंने कहा, कि अब वह बालीवुड में अपनी जगह बनाने में लगे हैं