Thursday, June 23, 2011

हमने चिराग रख दिया तूफां के सामने.....!

नफरत की आंधी कहीं भी चले यह हमेशां अपने साथ दुःख दर्द, आंसू और उदासियाँ ही लेकर आती हैं. हंसते भरे घरों को उजाड़ देना, घरों के चिराग बुझा देना इस के लिए बहुत ही मामूली बातें होती हैं. तबाही पर खिलखिलाती हुयी इन आँधियों को चलाने वाले अक्सर इसकी मार से बच जाते हैं और मासूम लोग इसका निशाना बन जाते हैं. आस्ट्रेलिया में भी यही हुआ जहाँ बहुत से भारतीय नौजवानों को मौत के घाट उतार दिया गया. पर कहते हैं न रात के काले घने अँधेरे में भी कहीं न कहीं रौशनी कौंध ही जाती है. आस्ट्रेलिया के मामले में एक मशाल रौशन की है वहां के एक कलाकार ने. नफरत की ह्वयों के खिलाफ मोहब्बत के चिराग जलाने की हिम्मत भी उसे उस मिहब्बत से ही मिली जो उसे भारत नें रहते हुए नीली. लीजिये आ भी देखिये इस वीडियो में वो सारी कहानी:
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आस्ट्रेलियन टीवी नैट वर्क  पर प्रसारित इस शुभ संदेश की शानदार और जानदार वीडियो को आप यूं ट्यूब पर भी देख सकते हैं    इसको दुनिया के सामने लाने में ब्रिटिश सिक्ख फैडरेशन ने भी प्रमुख भूमिका अदा की है.  
हम उनके आभार से इसे आपके लिए भी यहाँ दिखा रहे हैं तन की मोहब्बत का यह संदेश अधिक से अधिक लोगों तक फैले.....खास तौर पर उन लोगों तक की जो भारतियों, खास कर पंजाबियों और सिक्खों की जान के दुश्मन बने हैं.. यदि आपके पास भी कोई ऐसा ही वीडियो हो या फिर कोई एनी तस्वीर या आलेख तो उसे अवश्य भेजिए. हम उसे आपके नाम के साथ प्रकाशित करेंगे.--रेक्टर कथूरिया 

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