Thursday, November 11, 2010

एक आयोजन और

लुधियाना में सड़कों पर लगे ट्रैफिक जाम और दिमाग में चलती परेशानियां. हर रोज़ सुबह से शाम तक ज़िन्दगी के बहुत से तनाव हमें जाने अन्जाने में झेलने ही पड़ते है. इस थकी टूटी ज़िन्दगी को नयी ताज़गी और नयी ऊर्जा देने के लिए बहुत से प्रयास बहुत बार बहुत से मंचों से किये गए पर उनका असर आयोजन समाप्त होने के बाद जल्द ही टूट जाता. आखिर 1999 में शुरू हुआ एक ऐसा सिलसिला जिसनें स्वस्थ मनोरंजन की एक नयी परम्परा शुरू की. इसके साथ ही सामने आने लगा एक ऐसा परिणाम जिसके अंतर्गत आम लोग भी अपने जाने पहचाने लेकिन दूर दराज रहने वालर कलाकारों के नज़दीक आने लगे. इसकी शुरूयात हुई एल एस एस अर्थात लुधियाना सांस्कृतिक  समागम के बैनर तले. इस तरह के आयोजनों की अब एक लम्बी सूची है जिस पर सभी लुधियाना निवासी गर्व कर सकते हैं. 
इन आयोजनों को सफल बनाने के लिए बहुत से और प्रमुख लोग भी खुल कर सामने आये. गौरतलब है कि एल एस एस के नाम से लोकप्रिय हुआ  लुधियाना सांस्कृतिक  समागम हर बार कोई न कोई ऐसा आयोजन लेकर आता है जिसकी मस्ती बहुत देर तक बनी रहती है. आम इन्सान और जानेमाने कलाकारों के इस सबंध को और मज़बूत करने का सिलसिला लगातार जारी है. हमेशां की तरह इस बार भी लुधियाना सांस्कृतिक  समागम  एक ऐसा आयोजन कर रहा है जो आपके दिलों में संगीत के छुपे हुए तारों को झंकृत कर देगा. इस आयोजन का ऐलान एक पत्रकार सम्मेलन में किया गया जहां एल एस एस के कई प्रमुख सदस्य और पदाधिकारी मौजूद थे.
 इसी सिलसिले में इस बार हो रहा है एक ख़ास प्रोग्राम 13 नवंबर 2010 दिन शनिवा को लुधियाना के गुरूनानक देव भवन में. मीडिया को इसकी जानकारी दी  एल एस एस के महासचिव एस के राये ने. उन्होंने बताया कि इस बार लुधियाना में लाया जा रहा है मद्रास चैम्बर ऑर्केस्ट्रा की एक यादगारी पेशकारी.  इसका अनद लेने के लिए आप प्रोग्राम देखने तो पहुंचेंगे ही पर अगर अभी तक आप इस संस्था के साथ नहीं जुड़े तो अब और देर मत कीजिये. इसकी सदस्यता और इसके शुल्क का सारा विवरण आपको मिल सकता है बस यहां क्लिक करके. --रेक्टर कथूरिया 

1 comment:

Navin C. Chaturvedi said...

साहित्य प्रेमी रेक्टर कथूरिया जी आपका साहित्य के प्रति समर्पण वंदनीय है|